Punjab AAP Government Corruption – पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार इन दिनों भारी संकट में फंस गई है। एक तरफ कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है, वहीं दूसरी तरफ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय पर CBI ने रात को छापा मारकर पूरे प्रशासन को हिला दिया है। देखा जाए तो यह AAP के लिए दोहरा झटका है – एक मंत्री ED की गिरफ्त में और भ्रष्टाचार रोकने वाला विभाग खुद भ्रष्टाचार के दलदल में फंसा हुआ।
जिस पार्टी ने कभी अन्ना हजारे के साथ बैठकर भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाई थी, आज उसी पार्टी की सरकार में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि भगवंत मान खुद विजिलेंस विभाग संभाल रहे हैं, लेकिन उसी विभाग पर CBI को रेड मारनी पड़ी।
संजीव अरोड़ा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका
शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को उनके चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। अरोड़ा ने अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
लेकिन राहत की बात नहीं है – हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को तुरंत खारिज कर दिया और अगली सुनवाई 14 मई को तय की है। अरोड़ा को गिरफ्तारी के बाद देर रात गुरुग्राम की विशेष PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट ने ED की दलीलें सुनकर अरोड़ा को 7 दिनों की रिमांड पर भेज दिया, जो 16 मई तक जारी रहेगी।
अदालत में क्या हुआ? वकील ने रखे ये तर्क
सुनवाई के दौरान संजीव अरोड़ा के वकील ने कहा कि उनकी फर्म पूरी तरह रजिस्टर्ड है। जितने भी मोबाइल फोन खरीदे गए हैं, उनके बिल मौजूद हैं। GST का भुगतान किया गया है और कंपनी की कैश बुक और बैंक खाते पूरी तरह मैच करते हैं। उनकी कंपनी की तरफ से कोई फ्रॉड नहीं हुआ है।
जब ED के वकील से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अरोड़ा के वकील ने कहा कि इस केस को अर्जेंट सुना जाए। इसके बाद अदालत ने 14 मई को सुनवाई तय की।
₹100 करोड़ का फर्जी GST बिल और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
यह पूरा मामला 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी GST बिल और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ED का आरोप है कि संजीव अरोड़ा की कंपनी ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ ने दिल्ली की ऐसी फर्जी फर्मों से मोबाइल फोन की खरीद दिखाई, जिनका वास्तव में कोई अस्तित्व नहीं था।
समझने वाली बात यह है कि इन फर्जी इनवॉइस के जरिए करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और GST रिफंड गलत तरीके से हासिल किया गया। जांच एजेंसी ने इस मामले में ‘राउंड ट्रिपिंग’ का भी संदेह जताया है। आरोप है कि मोबाइल फोन के निर्यात का झूठा नाटक रचकर दुबई (UAE) जैसे देशों से अवैध धन को वापस भारत लाया जा रहा था।
ED के अनुसार, 5 मई 2026 को दर्ज की गई नई FIR में इन संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और फर्जी सप्लायर्स के साथ सांठगांठ के पुख्ता सबूत मिले हैं।
तीन मंत्रियों में बांटे गए अरोड़ा के विभाग
संजीव अरोड़ा लुधियाना वेस्ट से विधायक और पंजाब के सबसे ताकतवर मंत्रियों में से एक थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके सभी विभाग अब तीन मंत्रियों को सौंप दिए गए हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे केंद्र सरकार की ‘राजनीतिक साजिश’ बताया है। वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि यह पंजाब के सरकारी खजाने की लूट का मामला है। फिलहाल, ED अरोड़ा से पूछताछ कर रही है ताकि इस घोटाले के अन्य लाभार्थियों का पता लगाया जा सके।
पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर CBI की रात की रेड
और बस यहीं से शुरू हुई दूसरी बड़ी कहानी। सोमवार देर रात सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की टीम ने मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर छापा मारा। मंगलवार सुबह टीम दोबारा विजिलेंस चीफ के दफ्तर पहुंची और जांच जारी रखी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि CBI की टीम विजिलेंस ऑफिस के फर्स्ट फ्लोर में विजिलेंस चीफ के रीडर ओपी राणा के ऑफिस में बैठकर डॉक्यूमेंट्स चेक कर रही है। पहली मंजिल पर CBI के करीब 15 सदस्य मौजूद हैं।
पंजाब विजिलेंस प्रमुख शरद सत्य चौहान का ऑफिस भी पहली मंजिल पर रीडर के ऑफिस के पास है। वह अपने ऑफिस में बैठे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक सीधी पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया है। हालांकि, जल्द ही CBI उन्हें भी पूछताछ के लिए बुला सकती है।
विजिलेंस ब्यूरो का पहला आधिकारिक बयान
इसी बीच पंजाब विजिलेंस ब्यूरो का इस मामले में पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। ब्यूरो के प्रवक्ता ने कहा कि एक निजी व्यक्ति को CBI ने पकड़ा है और मामले की जांच जारी है। यदि जांच के दौरान ब्यूरो के किसी अधिकारी या कर्मचारी का नाम सामने आता है, तो पंजाब विजिलेंस ब्यूरो पूरी तरह CBI के साथ सहयोग करेगा और कानून को अपना काम करने दिया जाएगा।
अगर गौर करें, तो यह बयान बहुत सावधानी से दिया गया है। इसमें न तो पूरी तरह से इनकार है और न ही स्वीकारोक्ति।
चंडीगढ़ के फाइव स्टार होटल में ₹20 लाख की डील पकड़ी
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला ₹20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने से जुड़ा है। CBI ने चंडीगढ़ के एक पांच सितारा होटल में छापा मारा, जहां एक सीनियर विजिलेंस अधिकारी का रीडर ओपी राणा और बिचौलिये राघव गोयल और विकास गोयल कथित तौर पर एक शिकायतकर्ता के साथ सौदा कर रहे थे।
यह सौदा 20 लाख रुपये का था, लेकिन व्यक्ति 13 लाख रुपये लेकर आया, जिसे CBI की टीम ने बरामद कर लिया। CBI के एक अधिकारी ने बताया कि राघव गोयल को गिरफ्तार किया गया है। वह मुक्तसर के मलोट का निवासी है और विजिलेंस अधिकारी का करीबी है। उसे पंजाब सरकार की ओर से पुलिस सुरक्षा दी गई थी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज
CBI अधिकारियों के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत रीडर ओपी राणा और राघव गोयल के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। सोमवार देर रात CBI की टीम ने मोहाली स्थित विजिलेंस ऑफिस में दबिश देकर विजिलेंस के सीनियर ऑफिसर के रीडर ओपी राणा को हिरासत में लिया। इसके अलावा टीम ने मलोट स्थित कृष्णा कॉलोनी में रहने वाले राघव गोयल और विकास गोयल पर भी रेड की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
विपक्ष का हमला: “विजिलेंस खुद भ्रष्टाचार का अड्डा”
CBI की इस कार्रवाई के बाद पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के अंदर हड़कंप मच गया है। कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां ED और CBI पंजाब में भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई कर रही हैं, जबकि विजिलेंस ब्यूरो सीधे मुख्यमंत्री भगवंत और मुख्य सचिव कैप सिन्हा को रिपोर्ट करता है। वह न सिर्फ सोता हुआ नजर आया, बल्कि खुद भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है।
पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पंजाब के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हुआ है कि जब मुख्यमंत्री खुद विजिलेंस विभाग संभाल रहे हों, और उसी विजिलेंस चीफ का रीडर भ्रष्टाचार के आरोपों में फरार हो और पंजाब विजिलेंस मुख्यालय पर CBI छापा मारकर उसे सील कर दे। पंजाब के लिए यह बेहद शर्मनाक दिन है।
भाजपा का तंज: “सब पकड़े जाएंगे”
पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ ने लिखा कि बीती रात CBI द्वारा पंजाब विजिलेंस दफ्तर पर की गई रेड के बाद अफसर तो अफसर, मंत्रियों और लीडरों में भी भगदड़ मची। खुद को बचाने के रास्ते ढूंढने लगे। पर भ्रष्टाचारी बचेंगे नहीं, पकड़े सारे जाएंगे। अब सब का हिसाब का समय नजदीक आ गया है।
बिक्रम मजीठिया ने लिखा कि AAP सरकार, भगवंत मान और मुख्य सचिव कैप सिन्हा के राज में पंजाब विजिलेंस ऑफिस कथित भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। पंजाब में भ्रष्टाचार अब ऊपर से नीचे तक परत दर परत सामने आ रहा है। भगवंत मान को मुख्यमंत्री और गृह मंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
AAP का पलटवार: “भाजपा नेता के घर हुई रेड”
AAP के नेता बलतेज पन्नू ने CBI रेड पर अब भाजपा को घेरा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर फोटो शेयर करते हुए लिखा कि CBI की रेड भाजपा नेता राघव गोयल के घर हुई है, लेकिन भाजपा पंजाब प्रधान जाखड़ साहिब ट्वीट कर रहे हैं कि सब पकड़े जाएंगे।
AAP के मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि चाहे कोई भाजपा का हो, कांग्रेस या आम आदमी पार्टी का हो, किसी को भी भ्रष्टाचार करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। लेकिन मैं केंद्र सरकार से एक बात जरूर कहना चाहूंगा कि संघीय ढांचे की भी कोई गरिमा होनी चाहिए।
क्या CBI को पहले से मिली थी सूचना?
सूत्रों का कहना है कि CBI को कुछ दिनों से इस डील की जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही CBI टीम ने विजिलेंस ऑफिस में ट्रैप लगाया, लेकिन राणा मौके से फरार हो गया, जबकि कथित बिचौलिया राघव गोयल और उसका पिता CBI के हत्थे चढ़ गए।
कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने बिचौलिए राघव से कथित तौर पर 13 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है। एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि इस कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। कई अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
सिस्टम पर बड़े सवाल: क्या और खुलासे होंगे?
जिस विभाग पर भ्रष्टाचार रोकने की जिम्मेदारी है, उसी के दफ्तर में CBI की रेड ने सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच अब सिर्फ एक रीडर तक सीमित नहीं रहने वाली। एजेंसी उन अफसरों और बिचौलियों की भी भूमिका खंगाल रही है, जिनके जरिए कथित तौर पर डील सेट की जाती थी।
विजिलेंस विभाग के अंदर हुई इस कार्रवाई को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार ब्यूरो के भीतर इस स्तर पर CBI की एंट्री हुई है। सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में कुछ और अफसरों या बिचौलियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
केजरीवाल-मान की छवि पर गहरा असर
यह दोनों घटनाएं अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के लिए बड़ी राजनीतिक मुसीबत बन गई हैं। जिस पार्टी ने अपनी पहचान भ्रष्टाचार विरोधी पार्टी के रूप में बनाई थी, आज उसी पार्टी के मंत्री और विभाग भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हैं।
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सवाल उठाया कि आखिर यह नेटवर्क कितना बड़ा है और किसके संरक्षण में चल रहा है? पंजाब की जनता जवाब चाहती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- संजीव अरोड़ा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली, अगली सुनवाई 14 मई को
- अरोड़ा को 7 दिन की ED रिमांड, ₹100 करोड़ से अधिक के फर्जी GST बिल का मामला
- पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर CBI ने सोमवार रात छापा मारा
- चंडीगढ़ के फाइव स्टार होटल में ₹20 लाख की रिश्वत डील पकड़ी, ₹13 लाख बरामद
- विजिलेंस चीफ के रीडर ओपी राणा और बिचौलिये राघव गोयल गिरफ्तार
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज
- विपक्ष ने AAP सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
- AAP ने इसे केंद्र की राजनीतिक साजिश बताया













