PSEB 10th Result 2026 – आखिरकार वह दिन आ ही गया जिसका इंतजार लाखों छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों को था। Punjab School Education Board (PSEB) ने 10वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है। और इस बार की सबसे बड़ी बात – टॉप 3 में 2 लड़कियां हैं।
पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। सभी छात्रों के रिजल्ट को बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। छात्र अपना रोल नंबर डालकर रिजल्ट देख सकते हैं।
फरीदकोट की हरलीन शर्मा ने रचा इतिहास: 650 में से 650 अंक
Faridkot की छात्रा हरलीन शर्मा ने स्टेट में टॉप किया है। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जैतो में पढ़ने वाली हरलीन ने 650 में से पूरे 650 अंक हासिल किए हैं। यानी 100% मार्क्स।
यह उपलब्धि सिर्फ अंकों की नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और सरकारी स्कूल की शिक्षा व्यवस्था की ताकत का प्रमाण है। दिलचस्प बात यह है कि हरलीन एक सरकारी स्कूल की छात्रा हैं, जो यह साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से कोई भी शिखर छू सकता है।
मनिमहेश शर्मा को दूसरा स्थान: 645 अंक
वहीं, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल चनौली बस्सी, Rupnagar के छात्र मनिमहेश शर्मा 650 में से 645 अंक हासिल कर दूसरे नंबर पर रहे। उन्होंने 99.23 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
मनिमहेश भी एक सरकारी स्कूल से हैं, जो यह दिखाता है कि सरकारी शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता की कोई कमी नहीं है। बस जरूरत है सही दिशा और छात्रों की प्रतिबद्धता की।
रिया रानी को तीसरा स्थान: होशियारपुर की बेटी ने लहराया परचम
इसके अलावा श्री गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल खालसा दीवान मॉडल, Hoshiarpur की छात्रा रिया रानी को स्टेट में तीसरा स्थान मिला है। उन्होंने भी 645 अंक हासिल किए हैं। उनके भी 99.23 प्रतिशत अंक हैं।
समझने वाली बात यह है कि टॉप 3 में दो लड़कियों का होना यह दर्शाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियां न केवल लड़कों के बराबर हैं, बल्कि कई मामलों में आगे भी हैं।
ऐसे देखें अपना रिजल्ट: स्टेप बाय स्टेप गाइड
अगर आप भी अपना रिजल्ट देखना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बेहद आसान है:
- पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की साइट pseb.ac.in पर जाएं
- होम पेज पर रिजल्ट के लिए लिंक दिया गया है
- उसे खोलने के बाद 10वीं कक्षा के रिजल्ट का चयन करें
- रोल नंबर और नाम दर्ज करें
- आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा
- इसे सेव या डाउनलोड करके प्रिंट निकाल सकते हैं
हेल्पलाइन नंबर: समस्या हो तो यहां करें संपर्क
पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की तरफ से छात्रों को रिजल्ट देखने के लिए वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। अगर किसी भी छात्र को वहां रिजल्ट देखने में दिक्कत आती है, तो उसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
छात्र सीधे 9549161161 पर कॉल कर अपना रिजल्ट या उससे संबंधित कोई भी जानकारी पूछ सकते हैं। यह सुविधा खासकर उन छात्रों के लिए मददगार है जो तकनीकी रूप से इतने सक्षम नहीं हैं या जिनके पास इंटरनेट की सुविधा सीमित है।
पिछले साल की तुलना में रिजल्ट गिरा: 94.52% पास
इस साल परीक्षा में कुल 2,69,505 नियमित परीक्षार्थी बैठे थे, जिनमें से 2,54,744 स्टूडेंट पास हुए हैं। इस बार पास स्टूडेंट्स का प्रतिशत 94.52% रहा, जो पिछले साल की तुलना में कम है।
देखा जाए तो पिछले साल 95.61% बच्चे पास हुए थे। यानी इस बार 1.09% की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट चिंताजनक हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षा पैटर्न में बदलाव या प्रश्नपत्रों की कठिनाई स्तर में बदलाव के कारण हो सकता है।
लड़कियों ने फिर मारी बाजी: 95.96% पास
परीक्षा में इस बार लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों के मुकाबले थोड़ा बेहतर रहा। कुल पास स्टूडेंट्स में लड़कियों का पास 95.96% रहा। जबकि 93.23% लड़के पास हो पाए।
यह आंकड़ा साफ करता है कि शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं, ट्रांसजेंडर श्रेणी का परिणाम 100% रहा, जो समावेशी शिक्षा का सकारात्मक संकेत है।
ग्रामीण क्षेत्रों ने शहरी क्षेत्रों को पीछे छोड़ा
इसी प्रकार क्षेत्रों के हिसाब से देखें तो ग्रामीण इलाकों ने इस बार शहरी क्षेत्रों को पीछे छोड़ दिया। इस बार के परीक्षा परिणामों में जहां ग्रामीण क्षेत्र के 95.35% बच्चे पास हुए, वहीं शहरी क्षेत्रों के बच्चों का पास प्रतिशत 92.98% रहा।
यह एक चौंकाने वाला आंकड़ा है। आमतौर पर यह माना जाता है कि शहरी क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं होने के कारण परिणाम अच्छे आते हैं। लेकिन इस बार ग्रामीण छात्रों ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।
सरकारी vs प्राइवेट स्कूल: किसका प्रदर्शन बेहतर?
इसके अलावा, यदि स्कूलों के हिसाब से देखें तो:
• सरकारी स्कूल: 94.45% पास
• प्राइवेट स्कूल: 95.97% पास
• सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूल: 89.68% पास
हालांकि प्राइवेट स्कूलों का प्रतिशत थोड़ा बेहतर रहा, लेकिन सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन भी काबिले तारीफ है। खासकर यह देखते हुए कि टॉप 2 छात्र सरकारी स्कूलों से ही हैं।
जिलावार प्रदर्शन: अमृतसर सबसे आगे
रिजल्ट में जिलेवार प्रदर्शन की बात करें तो सबसे बढ़िया प्रदर्शन Amritsar ने किया है। यहां के 98.41% बच्चे पास हुए हैं।
इस कड़ी में 98.39% के साथ Firozpur दूसरे और 97.99% के साथ Pathankot तीसरे नंबर पर रहा।
सबसे कम परिणाम Ludhiana का रहा, जहां 89.20% बच्चे पास हुए हैं। यह थोड़ा आश्चर्यजनक है क्योंकि लुधियाना पंजाब का सबसे बड़ा शहर है और यहां शिक्षा की बेहतर सुविधाएं हैं।
बॉर्डर एरिया के छात्रों ने किया कमाल
सबसे ज्यादा पास प्रतिशत बॉर्डर एरिया के जिलों का रहा है। इनमें अमृतसर, फिरोजपुर, पठानकोट, तरनतारन और गुरदासपुर शामिल हैं।
वहीं, मेरिट सूची में सबसे ज्यादा छात्र लुधियाना, अमृतसर, होशियारपुर, संगरूर और जालंधर जिलों से शामिल हुए हैं। यह दिखाता है कि भले ही लुधियाना का ओवरऑल प्रतिशत कम रहा हो, लेकिन मेरिट में वहां के सबसे ज्यादा छात्र हैं।
विषयवार प्रदर्शन: अंग्रेजी सबसे कमजोर
अंग्रेजी विषय का परिणाम इस बार अन्य मुख्य विषयों की तुलना में सबसे कमजोर रहा:
• अंग्रेजी: 97.71% पास (6,170 फेल)
• विज्ञान: 98.18% पास (4,897 फेल)
• सामाजिक विज्ञान: 98.66% पास (3,601 फेल)
• गणित: 98.70% पास (3,484 फेल)
• पंजाबी: 99.31% पास (1,859 फेल) – सबसे बेहतर
• हिंदी: 99.06% पास (2,516 फेल)
यह आंकड़े साफ करते हैं कि छात्रों को अंग्रेजी विषय में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। जबकि पंजाबी में सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा।
कंपार्टमेंट में 16,362 छात्र
इस बार कुल 16,362 छात्रों की कंपार्टमेंट आई है। इनमें नियमित श्रेणी के 2,69,505 परीक्षार्थियों में से 13,126 छात्र रि-अपीयर श्रेणी में आए हैं।
जबकि ओपन स्कूल के 7,952 विद्यार्थियों में से 3,236 छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। इस तरह नियमित और ओपन स्कूल दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 16,362 छात्र कंपार्टमेंट में आए हैं।
जिलेवार मेरिट छात्र: लुधियाना में सबसे ज्यादा
इस बार मेरिट में कुल 272 छात्र हैं। इनमें 52 लड़के और 220 लड़कियां हैं। यह आंकड़ा फिर से साबित करता है कि लड़कियां शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
जिलेवार मेरिट में टॉप 5:
- लुधियाना: 38 छात्र
- अमृतसर: 31 छात्र
- होशियारपुर: 27 छात्र
- संगरूर: 19 छात्र
- जालंधर: 17 छात्र
हालांकि लुधियाना का ओवरऑल पास प्रतिशत सबसे कम रहा, लेकिन मेरिट में यहां के सबसे ज्यादा छात्र हैं। इसका मतलब है कि यहां मेधावी छात्रों की संख्या अच्छी है, लेकिन औसत प्रदर्शन में सुधार की जरूरत है।
हरलीन, मनिमहेश और रिया की सफलता से क्या सीखें?
इन तीनों टॉपर्स की सफलता से एक बात साफ है – मेहनत, लगन और सही दिशा में प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। हरलीन का 100% अंक लाना यह साबित करता है कि सरकारी स्कूलों में भी उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि टॉप 3 में दो लड़कियों का होना और मेरिट लिस्ट में 220 में से 272 का लड़कियां होना – यह पंजाब में लड़कियों की शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।
पंजाब शिक्षा व्यवस्था के लिए क्या मायने रखता है यह रिजल्ट?
इस रिजल्ट से कुछ महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकलते हैं:
• सरकारी स्कूल पीछे नहीं: टॉप 2 सरकारी स्कूलों से आना यह साबित करता है कि सरकारी शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता है
• ग्रामीण छात्रों का बेहतर प्रदर्शन: यह दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार हुआ है
• लड़कियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन: यह पंजाब में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं की सफलता का संकेत है
• अंग्रेजी में सुधार की जरूरत: इस विषय में सबसे कम पास प्रतिशत चिंताजनक है
मुख्य बातें (Key Points)
• हरलीन शर्मा (फरीदकोट) ने 650/650 अंक लाकर स्टेट टॉपर बनीं, सरकारी स्कूल से पहली बार 100% मार्क्स
• मनिमहेश शर्मा (रूपनगर) दूसरे और रिया रानी (होशियारपुर) तीसरे स्थान पर, दोनों को 645/650 (99.23%) अंक मिले
• कुल 94.52% छात्र पास, पिछले साल के 95.61% से 1.09% की गिरावट दर्ज
• लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन: 95.96% पास vs लड़कों का 93.23%, मेरिट में 272 में से 220 लड़कियां
• ग्रामीण क्षेत्र शहरी से आगे: ग्रामीण 95.35% vs शहरी 92.98%, बॉर्डर एरिया जिलों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
• अमृतसर जिला टॉप पर: 98.41% पास, फिरोजपुर 98.39% दूसरे स्थान पर, लुधियाना सबसे कम 89.20%












