Strait of Hormuz Internet Cables – यह सिर्फ एक तकनीकी शब्द नहीं, बल्कि आधुनिक वैश्विक अर्थव्यवस्था की धमनी है। और अब ईरान इसी धमनी पर हाथ रखने की तैयारी में है।
United States और Iran के बीच चल रहे संघर्ष को अब 72 दिन हो चुके हैं। अभी भी यह टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। और अब ईरान के सरकारी मीडिया ने हाल ही में एक ऐसा संकेत दिया है जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख सकता है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps) अब योजना बना रहा है कि Strait of Hormuz से गुजरने वाली 7 अति महत्वपूर्ण अंडरसी इंटरनेट केबल्स पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया जाए।
ईरानी मीडिया का बड़ा खुलासा: केबल्स पर कब्जे की योजना
यह न्यूज आज से एक महीने पहले आई थी, मगर उस वक्त अनकंफर्म्ड थी। उस समय बताया जा रहा था कि शायद हो सकता है कि ईरान अंडरवाटर केबल काट दे। लेकिन अब यह बात काफी हद तक कन्फर्म हो गई है कि ईरान के प्लान कुछ और हैं।
देखा जाए तो ईरान इन इंटरनेट केबल्स को तुरंत काटने वाला नहीं है। पहले तो इन केबल्स पर यह कब्जा कर लेगा। ईरानी सरकारी मीडिया ने लिखा है: “IRGC-linked media called for Iran to generate revenue from undersea internet cables.”
बात यह चल रही है कि ईरान सचमुच इन केबल्स के आसपास अपने अंडरवाटर डाइवर्स भेज सकता है। इस $50 ट्रिलियन डॉलर के चोकपॉइंट को घेर सकता है। और फिर देशों को कह सकता है कि देखो, अगर Strait of Hormuz को इस्तेमाल करना है अपनी इंटरनेट केबल्स के लिए, तो इसके लिए पैसा दो।
अगर वह पैसा नहीं मिलेगा, तो उस केस में बिल्कुल ईरान यह सात अंडरसी इंटरनेट केबल्स काट सकता है। जिसका बेहद भयानक आर्थिक प्रभाव पूरे गल्फ रीजन, भारत और काफी हद तक बाकी दुनिया पर भी देखने को मिलेगा।
ट्रंप की पीस टॉक्स, लेकिन Israel नहीं मान रहा
अभी भी जैसा मैंने पहले कहा था – Donald Trump चाहे जितनी भी बातचीत करवा लें, जो भी बोल दें कि “हम यह करेंगे, ऐसे करेंगे।” लेकिन हकीकत यह है कि जब तक Israel नहीं कहता कि यह वॉर अब समाप्त हो रही है, हम अब आगे कंटिन्यू नहीं करना चाहते – यह युद्ध खत्म नहीं होगी।
और हाल ही में इजराइल ने कहा है कि अभी तो ईरान का जो एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर है, उसको डिस्ट्रॉय करना चाहते हैं। अभी तो काफी काम बचा है इजराइल के लिए।
ईरान की चेतावनी: मिसाइल्स लॉक्ड ऑन US टारगेट्स
और इसलिए आपने देखा होगा – ईरान की तरफ से वार्निंग यह आई है कि “Missiles locked on US targets.” ये लोग कह रहे हैं कि इनकी मिसाइल्स बिल्कुल अभी तैयार हैं।
कहीं से भी अगर किसी भी ईरानियन एसेट पर अटैक होता है, ईरानियन शिप पर हमला होता है, फिर से आप देखेंगे – ईरान मिसाइलों की वर्षा कर देगा ऑल ओवर मिडिल ईस्ट। यह तेहरान का रिस्पांस है ट्रंप के पीस प्रपोजल को लेकर।
कुवैत और कतर के एयरस्पेस में ईरानी ड्रोन्स
इसी बीच यह भी न्यूज आ रही है कि Kuwait और Qatar यह भी रिपोर्ट कर रहे हैं कि हॉस्टाइल ड्रोन्स जो ईरान के ड्रोन्स हैं, वे इस वक्त उनके एयरस्पेस के आसपास हैं।
और आप इमेजिन कर सकते हैं कि ईरान इस वक्त कॉन्फिडेंट फील कर रहा है। उनको पता है कि अमेरिकन्स अब पीछे हट रहे हैं। ट्रंप नहीं चाहते कि Operation Epic Theory और आगे बढ़े।
अगर गौर करें तो USA के जो आज के समय विदेश मंत्री हैं Marco Rubio, इन्होंने तो यह भी कह दिया कि अब हमको Operation Epic Theory कंटिन्यू नहीं करना। अब तो हम यहां पर एक दूसरे ऑपरेशन की तरफ बढ़ चुके हैं जिसमें मिलिट्री का इतना रोल होगा नहीं।
ईरान आत्मविश्वास से भरा, अपनी शर्तों पर बात करने को तैयार
तो ईरान यह मानकर चल रहा है कि US अब ज्यादा लंबी कॉन्फ्लिक्ट नहीं चाहता। अब ईरान अपनी शर्तों पर बहुत सी बातें मनवा सकता है। वे बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंट महसूस कर रहे हैं।
और ऐसे समय में मुझे कहना पड़ेगा – ट्रंप की वजह से Strait of Hormuz लंबे समय तक बंद रहा। अब हम यह भी देख रहे हैं कि यहां पर इंटरनेट केबल पर भी अटैक का खतरा बना हुआ है।
16 साल पहले की भविष्यवाणी: Scott Horton थे सही
दिलचस्प बात यह है कि कई अमेरिकन जियोपॉलिटिकल एनालिस्ट ने आज से 16-17 साल पहले कह दिया था कि ईरान के अगेंस्ट अगर कोई वॉर होती है तो उसमें भारी लॉस होंगे।
Scott Horton – पर्सनली मैं मानता हूं वन ऑफ द बेस्ट जियोपॉलिटिकल थिंकर्स इन US। इनकी कई किताबें आ चुकी हैं। ये युद्ध के सख्त खिलाफ हैं। इन्होंने कई बार यह कहा है कि USA की जो आदत है कि यार 5-6 साल बाद ही एक नई वॉर स्टार्ट कर देते हैं – यह बहुत गलत है।
USA को इस टाइप की वॉर्स नहीं करनी चाहिए। इसके बारे में बहुत लिख चुके हैं। और इन्होंने आज से 16 साल पहले जो आज के समय हो रहा है, एग्जैक्ट वर्ड टू वर्ड प्रिडिक्ट कर दिया था।
Scott Horton ने कहा था: “A war with Iran would mean the deaths of thousands of American soldiers in Iraq and Afghanistan. It is also perfectly within the capability of the Iranians to close the Straits of Hormuz at the gates of the Persian Gulf. And the cost of oil over…”
Strait of Hormuz: ग्लोबल ट्रेड की जीवनरेखा
क्या आप विश्वास कर सकते हैं कि 16 साल पहले इन्होंने बता दिया था कि Strait of Hormuz का इशू रास्ते में आ जाएगा? यहां पर ग्लोबल ट्रेड की इतनी ज्यादा लाइनें गुजरती हैं।
इंटरनेट केबल्स यहां पर गुजर रही हैं। ऑयल रूट्स हैं। नेचुरल गैस के रूट्स हैं। वर्ल्ड इकॉनमी का जो भी बचा है, यह यहां पर अगर ईरान ने चोक कर दिया, तो वर्ल्ड इकॉनमी को बचा-खुचा झटका भी यहां पर लग जाएगा।
और इंटरेस्टिंग बात देखिए – Scott Horton ने यह भी कहा था कि जो नई White House की नीति है कि India को टैरिफ से दबाओ और टैरिफ से धमकियां दो वगैरह – यह भी फूलिश है। इससे India-US relations को भारी नुकसान होगा।
इंटरनेट केबल्स: मॉडर्न इकॉनमी की ब्लड लाइन्स
अब अगर हम बात करें उन इंटरनेट केबल्स की, तो आपको एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात समझनी होगी। आज के समय में आप इंटरनेट पर जो भी करते हैं – आप ऑनलाइन गेमिंग करते हैं, मल्टीप्लेयर की गेमिंग करते हैं।
आप India में बैठकर कोई आदमी बैठा है इटली में, उसके साथ गेमिंग कर रहे हो। या फिर कोई आदमी बैठा है Saudi Arabia में, उसके साथ कोई गेम खेल रहे हो। यह सब पॉसिबल है फाइबर ऑप्टिकल केबल्स के जरिए।
यह गेमिंग का तो मैं बस एक आपको उदाहरण दे रहा हूं। आप उससे वीडियो कॉल कर पा रहे हैं। आप कोई ट्रांजैक्शन कर पा रहे हैं। अगर भारत में कोई मर्चेंट है, कोई बायर है – यह बहुत सी चीजें परचेस कर पा रहा है पूरी दुनिया से।
इसकी ट्रांजैक्शन कैसे हो रही है? अंडरसी इंटरनेट केबल के जरिए। यह मैं कहूंगा आज के समय ब्लड लाइन्स हैं ऑफ मॉडर्न इकॉनमी।
अगर केबल कटी तो क्या होगा? पूरी दुनिया ठप
अगर इन इंटरनेट केबल्स को कल को कुछ हो जाता है, पर्सनली तो आपको काफी कुछ फील होगा। अचानक से आप महसूस करेंगे – इंटरनेट की स्पीड बहुत-बहुत ज्यादा कम हो जाएगी।
लेटेंसी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। बेसिक वेबसाइट्स को खोलना भी काफी मुश्किल हो जाएगा। अगर इन केबल्स को कुछ हो गया – और ईरान आज के समय धमकी यही दे रहा है कि Strait of Hormuz में जो यह सात इंटरनेट केबल्स बिछाई हुई हैं, उन पर यह कहेंगे कि यह केबल्स अब ईरान के प्रोटेक्शन के अंडर हैं।
अगर इन केबल्स को आपको रखना है सेफ, तो ईरान को पैसा दो। नहीं तो यह केबल्स डैमेज भी हो सकती हैं। This is a big threat.
$50 ट्रिलियन की ट्रांजैक्शन्स खतरे में
और हालांकि अभी ईरान ने ऑफिशियली ऐसा कहा नहीं है, इनके सरकारी मीडिया का भी यह बोल देना संकेत देता है कि यह ईरान के इवेंचुअल प्लान्स में से है। और $50 ट्रिलियन डॉलर की ट्रांजैक्शन्स यहां पर होती हैं।
वर्ल्ड इकॉनमी को इससे एक मैसिव लॉस होगा। अगर मान लीजिए हाइपोथेटिकली स्पीकिंग कहीं से भी न्यूज़ आ गई कि ईरान ने इन सात अंडरसी केबल्स में से एक केबल को भी डिस्ट्रॉय कर दिया है – कुछ ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है।
अंडरवाटर इनको भेजने के लिए – ये इतनी लंबी-लंबी केबल्स हैं, हर जगह इन केबल्स को प्रोटेक्ट कर पाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।
अंडरवाटर प्रोटेक्शन लगभग असंभव
अंडरवाटर वैसे ही आप समझ सकते हैं – स्थिति बहुत डिफरेंट होती है। आप लोग एयरफोर्स का यूज नहीं कर सकते। एयर डिफेंस सिस्टम का यूज नहीं कर सकते।
तो वहां पर बिल्कुल ईरान के कुछ मरीन डाइवर्स जाएंगे। यह जो अंडरसी केबल है, इसको यह सेबोटाज कर सकते हैं। एक केबल को भी डिस्ट्रॉय कर दिया, तो पूरी ग्लोबल स्टॉक मार्केट में इससे एक ऐसा क्रैश आएगा, सडनली ऐसा पैनिक मच जाएगा कि नो वन विल बी एबल टू सेव देयर कैपिटल।
तो इसलिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है कि हम जल्द से जल्द समझें कि यह वॉर अब 70 दिन से ऊपर चल चुकी है।
तेहरान नहीं गिरने वाला, अमेरिकन्स जा रहे वापस
कहीं से भी संकेत नहीं लग रहे कि तेहरान गिरने वाला है। तेहरान पर अमेरिकन्स अपना झंडा गाड़के आएंगे। उल्टा अमेरिकन्स के 25 ब्यूटीफुल और ग्लोरियस फाइटर जेट्स गिर चुके हैं और इनका भारी नुकसान हुआ है मिडिल ईस्ट में। वे वापस जा रहे हैं।
तो अभी नीड यह है आज के समय कि ईरान को भी बोला जाए कि आप अगर अंडरसी केबल को कुछ भी करते हैं, तो इससे बाकी सब कंट्रीज आपके अगेंस्ट एक्शन लेंगी।
क्योंकि यह जो एक अंडरसी केबल वाला इशू है, यह पूरी ग्लोबल इकॉनमी को इंपैक्ट करता है।
यूरोप से भारत होते हुए चाइना-जापान तक कनेक्टिविटी
यह अंडरसी केबल्स यूरोप से आती हैं पहले। फिर यहां पर कुवैत में जाती हैं। फिर कुवैत से भारत में। फिर उसके बाद आसियान देशों में। उसके बाद यहां पर चाइना में, जापान में। पूरे रीजन की कनेक्टिविटी इससे बुरी तरीके से हर्ट होगी।
और अगर यहां पर आपका यह कहना है कि इनकी जरूरत भी क्या है आज के समय – Elon Musk आ चुके हैं, उनके पास वो Starlink का इंटरनेट है।
Starlink भी नहीं है पूर्ण समाधान
वो बहुत ज्यादा महंगा पड़ेगा। आज भी मैं कहूंगा इंटरनेट रिलेटिवली सस्ता इसलिए है क्योंकि अंडरसी केबल्स एक्सिस्ट करती हैं। जैसे ही यह इंटरनेट सैटेलाइट से आना शुरू हुआ, आपको इक्विपमेंट में ही हजारों रुपए खर्चने पड़ेंगे।
उसके अलावा लेटेंसी की प्रॉब्लम आएगी। उतना अभी हमारे पास इंफ्रास्ट्रक्चर है नहीं कि लार्ज स्केल पर एक बड़ी आबादी को हम सैटेलाइट से इंटरनेट प्रोवाइड कर पाएं। किसी भी देश के पास नहीं है।
UAE ने फ्रस्ट्रेशन में छोड़ा OPEC
यह बहुत ही ज्यादा सीरियस इशू है और इसे प्रॉपर्ली हमें मॉनिटर करना होगा कि ईरान यहां पर क्या करने का प्लान कर रहा है? क्यों ईरान के हॉस्टाइल ड्रोन्स अभी भी कुवैत के आसपास हैं?
क़तर भी इतना ज्यादा नर्वस क्यों फील कर रहा है? UAE ने फ्रस्ट्रेशन में आकर OPEC छोड़ दिया। UAE के बारे में बताया जा रहा है बीच में कि हो सकता है कि खुद ही ईरान पर अटैक कर दे।
सबसे बड़ा इंपैक्ट पॉइंट होने वाला है यह
बहुत सी चीजें हो सकती हैं। और मैं मानता हूं कि जो यह $50 ट्रिलियन की पाइपलाइन है, अगर इसको कुछ हो जाता है तो यह मैं कहूंगा इस कॉन्फ्लिक्ट का सबसे बड़ा इंपैक्ट पॉइंट होने वाला है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ईरान ने सीधे युद्ध की बजाय डिजिटल चोकपॉइंट की रणनीति अपनाई है। यह 21वीं सदी का युद्ध है – जहां गोलियों से ज्यादा केबल्स मायने रखती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
• Strait of Hormuz से गुजरने वाली 7 अंडरसी इंटरनेट केबल्स पर ईरान की IRGC नियंत्रण करने की योजना बना रही है
• यह केबल्स $50 ट्रिलियन की वैश्विक ट्रांजैक्शन्स को हैंडल करती हैं और वर्ल्ड इकॉनमी की ब्लड लाइन्स हैं
• Scott Horton ने 16 साल पहले ही Strait of Hormuz के इस खतरे की भविष्यवाणी की थी
• Marco Rubio ने कन्फर्म किया कि Operation Epic Theory अब कंटिन्यू नहीं होगा, जिससे ईरान कॉन्फिडेंट हो गया है
• एक भी केबल डैमेज होने पर ग्लोबल स्टॉक मार्केट में मैसिव क्रैश आ सकता है और इंटरनेट स्पीड बेहद धीमी हो जाएगी
• Starlink जैसा सैटेलाइट इंटरनेट अभी बड़ी आबादी को सेवा देने में सक्षम नहीं है, इसलिए अंडरसी केबल्स ही मुख्य आधार हैं













