Meri Rasoi Scheme: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज गरीब परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक योजना का ऐलान किया है। संगरूर जिले के गांव भलवान से ‘मेरी रसोई’ स्कीम की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के करीब 40 लाख गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अब हर तीन महीने में विशेष राशन किट मिलेगी। इस किट में सरसों का तेल, चने की दाल, चीनी, नमक और हल्दी जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजें शामिल होंगी।
देखा जाए तो यह देश भर में जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खुराक देने की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह योजना उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी जो रोज की रसोई चलाने में संघर्ष कर रहे हैं।
हर किट में क्या-क्या मिलेगा, जानिए पूरी डिटेल
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत हर लाभार्थी परिवार को तीन महीने में एक बार विशेष रूप से तैयार की गई राशन किट मिलेगी।
इस किट में शामिल होगा:
- 2 किलो चने की दाल
- 2 किलो चीनी
- 1 किलो नमक
- 200 ग्राम हल्दी
- 1 लीटर सरसों का तेल
अगर गौर करें तो ये वही चीजें हैं जो हर घर की रसोई में रोज इस्तेमाल होती हैं। पहले की सरकारों ने सिर्फ गेहूं और दाल तक खुद को सीमित रखा था, लेकिन अब पंजाब सरकार ने इसे और व्यापक बना दिया है।
CM ने कहा—पिछली सरकारों ने कल्याणकारी उपायों को सिर्फ गेहूं और दालों की वितरण तक सीमित कर दिया था। लेकिन हमने यह सुनिश्चित किया है कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की रसोइयों में रोजाना जरूरतों के लिए आवश्यक सभी चीजें उपलब्ध रहें।
बच्चों का पोषण बचाना सबसे बड़ा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह योजना केवल राशन बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद बच्चों में कुपोषण को खत्म करना है।
उन्होंने कहा—बच्चों के लिए पौष्टिक खुराक उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलों में भागीदारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार चाहती है कि हर घर में पौष्टिक और जरूरी भोजन पदार्थों की पहुंच हो ताकि बच्चे प्रोटीन की कमी के कारण कमजोरी का शिकार न हों।
दिलचस्प बात यह है कि यह योजना खासतौर पर उन महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो घरेलू जिम्मेदारियां संभालती हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मजबूत और खुशहाल पंजाब तभी बनाया जा सकता है जब हर घर की रसोई चलती रहे और कोई बच्चा भूखा न सोए।
90% घरों को जीरो बिजली बिल, किसानों को दिन में बिजली
भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पंजाब के करीब 90% घरों को अब जीरो बिजली बिल मिल रहे हैं।
समझने वाली बात यह है कि यह केवल राजनीतिक वादा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बन चुका है। परिवारों को पैसे बचाने और घरेलू खर्च चलाने में काफी मदद मिल रही है।
किसानों के लिए भी बड़ी राहत का ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने किसानों के लिए दिन में निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की है। अब किसानों को रात की मुश्किलों की बजाय दिन में अपने खेतों की सिंचाई करने की सुविधा मिल रही है।
उन्होंने आगे बताया—हमारी सरकार ने पूरे पंजाब में लगभग 14,000 किलोमीटर लंबी रजवाहों, खालों और पाइपलाइनों को बहाल कर और बिछाकर नहरी सिंचाई प्रणाली को फिर से जीवित किया है। इस ऐतिहासिक पहल ने सिंचाई सुविधाओं में सुधार किया है और भूजल को संरक्षित करने में मदद की है।
यह ध्यान देने वाली बात है कि नहरी पानी की बेहतर उपलब्धता ने किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता कम की है। इससे पंजाब में तेजी से कम हो रहे भूजल स्तर के भंडारण को बचाने में बड़ी सहायता मिलेगी।
मावां-धीयां योजना: महिलाओं को हर महीने 1000-1500 रुपये
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि “मावां-धीयां सत्कार योजना” के लिए रजिस्ट्रेशन प्रगति पर है।
इस योजना के तहत:
- जनरल वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह
- अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह
मुख्यमंत्री ने 18 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाओं से अपील की कि वे आगे आकर इस स्कीम के लिए रजिस्टर करवाएं।
उन्होंने कहा—इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं के लिए सम्मान, आत्मविश्वास और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना है ताकि वे अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें।
10 लाख का मुफ्त इलाज, 35 लाख हेल्थ कार्ड जारी
स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़े सुधार किए गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पंजाब सरकार ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत 10 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज प्रदान कर रही है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा—इस योजना के तहत लोग सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नकद रहित इलाज प्राप्त कर सकते हैं। पंजाब में किसी भी परिवार को चिकित्सा इलाज के लिए जमीन या कीमती चीजें बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
अब तक 35 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं। सरकार पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का विस्तार कर रही है।
बायोमेट्रिक झंझट खत्म, अब फोटो से होगा वेरिफिकेशन
कल्याणकारी योजनाओं में पहले नौकरशाही द्वारा पैदा की गई अनावश्यक बाधाओं की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने असुविधा का कारण बनने वाली जटिल बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणालियों को हटा दिया है।
अब रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं को सरल बना दिया गया है, खासकर महिलाओं और बुजुर्ग नागरिकों के लिए।
मुख्यमंत्री ने समझाया—घरेलू काम करने वाली बहुत सी महिलाओं को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है क्योंकि उनकी उंगलियों के निशान समय के साथ फीके पड़ जाते हैं। इसलिए पंजाब सरकार ने फोटो-आधारित सत्यापन के माध्यम से प्रक्रिया को सरल बनाया है।
बेअदबी कानून पर सख्ती, उम्रकैद और 50 लाख जुर्माने का प्रावधान
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हाल ही में लागू किए गए बेअदबी विरोधी कानून से पंजाब के लोगों को बेहद राहत और संतोष मिला है।
उन्होंने कहा—सालों तक लोगों को बेअदबी की घटनाओं के कारण दुख सहना पड़ा। बेअदबी में शामिल दोषी अक्सर कमजोर कानूनी प्रबंधों के कारण जमानत प्राप्त कर लेते थे।
नए कानून में सख्त सजा, भारी जुर्माना, लंबी कैद और उम्रकैद तक की व्यवस्था की गई है। साथ ही 50 लाख रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान है।
कानून को पहले ही राज्यपाल से सहमति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि कानून को वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने आगे कहा—दुनिया भर की सिख संगत द्वारा इस कानून को भरपूर समर्थन मिला है। सिर्फ कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं।
खंभा-मुक्त पंजाब: बिजली के तार होंगे अंडरग्राउंड
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली के तारों को जमीनदोज करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। बहुत जल्द पूरे पंजाब से बिजली के खंभे हटा दिए जाएंगे।
उन्होंने गांव सतौज से इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की घोषणा की। इससे न केवल पंजाब की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि बिजली सप्लाई भी बेहतर होगी।
CM ने X पर शेयर की योजना की झलकियां
इस समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने X (पूर्व में Twitter) पर लिखा: “आज संगरूर में, हमने 40 लाख परिवारों की भलाई के लिए ‘मुख्यमंत्री मेरी रसोई योजना’ शुरू की है, जिसके तहत बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए साल में चार बार राशन किटें वितरित की जाएंगी।”
उन्होंने आगे लिखा—हमारी सरकार मुफ्त बिजली, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’, किसानों को दिन में निर्बाध बिजली सप्लाई और नहरी पानी जैसी सुविधाएं प्रदान करके समाज के हर वर्ग के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।
पोस्ट में आगे लिखा—पिछली सरकारों ने बेअदबी की घटनाओं पर सिर्फ सियासत की, लेकिन हमने उम्रकैद और 50 लाख रुपये के जुर्माने वाला सख्त कानून लाकर गुरु मर्यादा की रक्षा को सुनिश्चित किया है। ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में यह सफर निरंतर जारी रहेगा।
समारोह में खाद्य मंत्री और बड़ी संख्या में लोग मौजूद
इस समारोह के दौरान खाद्य एवं सिविल आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक, सीनियर सिविल एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी, पंचायतों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने सरकार के प्रति लोगों के भारी समर्थन और प्यार के लिए उनका धन्यवाद करते हुए कहा—हमारी सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों का पैसा स्कूलों, अस्पतालों, कल्याणकारी स्कीमों और बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाए।
आम परिवारों के लिए राहत का संकेत
ऐसे समय में जब बढ़ते घरेलू खर्च देश भर के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रभावित कर रहे हैं, भगवंत मान सरकार ने लगभग 40 लाख परिवारों को रोजाना जीवन के लिए रसोई की जरूरी सप्लाई की सीधी सहायता करके एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
पिछली सरकारों के विपरीत, जो कल्याण को सिर्फ ऐलानों तक सीमित रखती थी, ‘आप’ सरकार ने खाद्य सुरक्षा के दायरे का विस्तार करते हुए गरीब परिवारों को गेहूं और राशन सहायता के अलावा पौष्टिक जरूरी भोजन पदार्थ उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है।
पारदर्शी डिलीवरी प्रणालियों, मानक भोजन किटों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक व्यापक पहुंच के माध्यम से, भगवंत सिंह मान सरकार ने स्वस्थ, मजबूत और संतुष्ट पंजाब बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है।
‘रंगला पंजाब’ का सपना साकार करने की कोशिश
भगवंत मान सरकार का दावा है कि वह ‘रंगला पंजाब’ यानी खुशहाल पंजाब बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, महिला कल्याण योजनाएं, किसानों के लिए दिन में बिजली, नहरी पानी की बहाली और अब ‘मेरी रसोई योजना’—ये सभी कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं।
हालांकि यह भी सच है कि पंजाब करीब ₹5 लाख करोड़ के कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। विपक्षी दलों ने इन योजनाओं पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह राजनीतिक स्टंट से ज्यादा कुछ नहीं है।
लेकिन सरकार का कहना है कि यह वादों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम हैं। अंतिम फैसला तो 2027 के विधानसभा चुनावों में पंजाब की जनता ही करेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब के 40 लाख गरीब परिवारों को हर तीन महीने में मुफ्त राशन किट मिलेगी
- किट में 2 किलो दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी और 1 लीटर सरसों का तेल
- ‘मेरी रसोई योजना’ का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण रोकना और रसोई का बोझ कम करना
- पंजाब के 90% घरों को जीरो बिजली बिल, किसानों को दिन में बिजली सप्लाई
- 14,000 km लंबी नहरी सिंचाई प्रणाली बहाल की गई
- ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को ₹1,000-1,500 प्रति माह
- ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ में ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज, 35 लाख कार्ड जारी
- बेअदबी कानून में उम्रकैद और ₹50 लाख जुर्माने का प्रावधान, राज्यपाल की मंजूरी मिली












