LPG Delivery Scam के नाम पर अब देशभर में एक नया धोखाधड़ी का खेल चल रहा है। आपने एलपीजी सिलेंडर बुक किया। कुछ देर बाद फोन आता है – “सर, मैं एचपी गैस का एग्जीक्यूटिव हूं, आपकी बुकिंग कंफर्म करने के लिए OTP चाहिए।” और बस, एक पल की लापरवाही में OTP शेयर करते ही आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।
देखा जाए तो यह महज कोई छोटा-मोटा स्कैम नहीं है। दरअसल पिछले दिनों मिडिल ईस्ट में जो तनाव हुआ, उसकी वजह से भारत में गैस सप्लाई बाधित हुई और उसके बाद सरकार ने एलपीजी की डिलीवरी को लेकर कुछ नए नियम निर्धारित किए। तेल कंपनियों ने तय किया कि अब से एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए कस्टमर्स को OTP यानी DAC (Delivery Authentication Code) नंबर शेयर करना होगा।
लेकिन जालसाजों ने इस नई व्यवस्था पर भी अपनी नजर रखी है। अब इसी OTP के माध्यम से लोगों को लूटा जा रहा है।
असल में यह स्कैम कैसे होता है?
मान लीजिए कि आपने एलपीजी का सिलेंडर बुक किया है। कुछ देर बाद कॉल आती है कि मैं HP Gas या फिर Indian Gas का एग्जीक्यूटिव बोल रहा हूं। आपकी बुकिंग कंफर्म करने के लिए OTP चाहिए।
थोड़ी सी लापरवाही। और बस।
OTP शेयर करते ही आपके अकाउंट से पैसे उठ सकते हैं। दरअसल एलपीजी डिलीवरी का पूरा सिस्टम अब OTP और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) पर आधारित हो गया है। DAC एक छह अंकों का OTP होता है जिसे बुकिंग के बाद सीधे ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है।
सिलेंडर तब तक डिलीवर नहीं होता जब तक कि डिलीवरी बॉय घर आकर यह कोड एंटर न कर दे। यह सिस्टम आमतौर पर कालाबाजारी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए तैयार किया गया था। लेकिन अब स्कैमर्स इसे अपना हथियार बना रहे हैं।
मुंबई से हैदराबाद तक फैला धोखे का जाल
हाल ही में Midday की एक रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने एक नए स्कैम की चेतावनी दी है। कैसे एलपीजी बुकिंग और डिलीवरी के लिए बने इस OTP सिस्टम का फायदा उठाकर स्कैमर्स लोगों को फंसा रहे हैं।
यहां तक कि हैदराबाद पुलिस ने एक और नए स्कैम की भी जानकारी दी है जिसमें लोगों को फर्जी एलपीजी ऐप या APK फाइल इंस्टॉल करने के लिए कहा जा रहा है। पीड़ितों के अकाउंट से ₹4 लाख तक की निकासी होने की रिपोर्ट भी सामने आई है।
दिलचस्प बात यह है कि Times of India की एक रिपोर्ट में राजस्थान पुलिस का कहना है कि स्कैमर्स नकली एलपीजी वेबसाइट बनाकर बैंकिंग डिटेल्स चुरा रहे हैं और OTP लेकर अकाउंट खाली कर रहे हैं।
समझने वाली बात यह है कि यह स्कैम अब पूरे देश में फैल चुका है। किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रहा। यह एक संगठित साइबर अपराध का रूप ले चुका है जहां ठगों के पास आपकी बुकिंग डिटेल्स, मोबाइल नंबर और समय की पूरी जानकारी होती है। इससे उनकी विश्वसनीयता बढ़ जाती है और आम ग्राहक आसानी से फंस जाता है।
स्कैमर्स के तीन खतरनाक तरीके
स्कैमर्स आखिर कैसे लोगों को लूट रहे हैं? यहां ध्यान देना होगा कि उनके पास तीन मुख्य तरीके हैं:
पहला तरीका – डर दिखाकर फंसाना:
लोगों के मन में डर पैदा करना। जैसे – “आपका एलपीजी कनेक्शन बंद हो जाएगा”, “KYC अपडेट नहीं है”, या “सब्सिडी का पैसा रोक दिया जाएगा”। ऐसा झूठा डर दिखाकर आपसे OTP, UPI पिन या बैंक डिटेल मांग लेते हैं।
दूसरा तरीका – लुभावना ऑफर:
कुछ ऐसा लुभावना ऑफर देना जिसे कोई मना ही न कर पाए। उदाहरण के तौर पर – “आज रात तक सिलेंडर चाहिए”, “एक्स्ट्रा सिलेंडर चाहिए”, “जल्दी डिलीवरी के लिए कोड चाहिए”। यह वो मामले हैं जहां स्कैमर्स आपात स्थिति का लाभ उठाते हैं।
तीसरा और सबसे खतरनाक – टेक्निकल तरीका:
स्कैमर्स फर्जी APK फाइल सीधे आपके WhatsApp या SMS पर भेजते हैं। अगर आप इसे इंस्टॉल कर देते हैं तो यह आपके फोन को पूरी तरह से कंट्रोल में ले लेती है और OTP, बैंक अलर्ट सब चुरा लेती है।
यह फाइलें इतनी एडवांस हैं कि ये UPI ट्रांजैक्शन को बिना आपके पूछे प्रोसेस कर सकती हैं।
गैस कंपनियों ने क्या कहा?
जबकि सच्चाई यह है कि HPCL, Indian Oil और BPCL ने सोशल मीडिया के जरिए साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि कोई भी गैस कंपनी का एजेंट आपसे कभी भी फोन पर OTP शेयर करने के लिए नहीं कहेगा।
यह स्कैमर्स की हरकत है जो डिलीवरी कंफर्मेशन या KYC अपडेट के नाम पर आपसे OTP हड़पने की कोशिश करते हैं।
जानें पूरा मामला – DAC सिस्टम क्या है?
Delivery Authentication Code (DAC) एक सुरक्षा व्यवस्था है जो तेल विपणन कंपनियों ने गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए शुरू की थी। इसके तहत जब आप सिलेंडर बुक करते हैं, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक 6 अंकों का OTP आता है।
डिलीवरी बॉय को यह कोड डालना जरूरी होता है ताकि सिस्टम में दर्ज हो कि सिलेंडर सही ग्राहक को मिला। यह कदम सही दिशा में था, लेकिन साइबर अपराधियों ने इसी सिस्टम को लूट का जरिया बना लिया। वे ग्राहकों से फोन पर ही यह कोड मांग लेते हैं और फिर उसी समय आपके बैंक डिटेल्स या UPI के जरिए पैसे निकाल लेते हैं।
स्कैमर्स से कैसे बचें? यहां है पूरा गाइड
आखिर में सवाल यह उठता है कि आखिर इन स्कैमर्स से बचा कैसे जाए? सिंपल सी बात है:
1. बिना सिलेंडर के OTP न दें:
जब तक डिलीवरी बॉय सिलेंडर लेकर आपके दरवाजे पर न खड़ा हो जाए, बिना सिलेंडर के OTP को भी न कहें। चाहे कॉल करने वाला कोई भी हो।
2. फोन पर कभी भी बैंकिंग डिटेल्स न दें:
न तो OTP, न UPI पिन और न ही बैंक डिटेल फोन पर बताएं। गैस कंपनी कभी भी फोन पर OTP नहीं मांगती।
3. केवल ऑफिशियल ऐप और वेबसाइट इस्तेमाल करें:
बुकिंग, KYC अपडेट या पेमेंट के लिए हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट या मोबाइल ऐप जैसे – HP, Indian Oil One, Hello BPCL ही यूज करें।
4. सोशल मीडिया लिंक से बचें:
सोशल मीडिया पर किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। WhatsApp या SMS पर आई किसी भी अनजान APK या फाइल को कभी भी इंस्टॉल न करें। कंपनियां ऐसा कोई सॉफ्टवेयर नहीं भेजतीं।
5. URL की जांच करें:
अगर आप ब्राउज़र से बुकिंग कर रहे हैं तो URL को जरूर चेक करें। असली वेबसाइट HTTPS से शुरू होती है और आधिकारिक नाम होता है।
अगर फ्रॉड हो जाए तो क्या करें?
दुर्भाग्यवश अगर आपके साथ फ्रॉड हो जाए तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। ऑनलाइन शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
इसके अलावा अपने बैंक को तुरंत सूचित करें और अपना अकाउंट फ्रीज करवा लें। जितनी जल्दी आप एक्शन लेंगे, उतनी ही संभावना है कि आपके पैसे वापस मिल सकें।
मुख्य बातें
- DAC सिस्टम: 6 अंकों का OTP जो बुकिंग के बाद मोबाइल पर आता है
- मुंबई, हैदराबाद, राजस्थान में पुलिस ने चेतावनी जारी की
- ₹4 लाख तक के केस रिपोर्ट हुए
- तीन तरीके: डर दिखाना, लुभावना ऑफर, फर्जी APK फाइल
- HPCL, Indian Oil, BPCL ने साफ किया – फोन पर OTP नहीं मांगते
- हेल्पलाइन: 1930 और cybercrime.gov.in
- सुरक्षा मंत्र: बिना सिलेंडर के OTP नहीं, फोन पर कोई बैंकिंग डिटेल नहीं













