Bikram Majithia Bhagwant Mann: चंडीगढ़ में 5 मई को शिरोमणि अकाली दल के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने राष्ट्रपति से मीटिंग के दौरान पंजाब का कोई भी मुद्दा न उठाने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी निंदा की है।
देखा जाए तो Bikram Majithia Bhagwant Mann पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज पूरे पंजाब और विपक्षी राजनीतिक पार्टियों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर पंजाब के गंभीर मुद्दे उठाएंगे।
लेकिन मुख्यमंत्री को पंजाब से ज्यादा AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सदस्यों और अपनी सरकार गिरने की चिंता थी।
जेल में बंद सिख, SYL, ड्रग्स – कोई मुद्दा नहीं उठाया
Bikram Majithia Bhagwant Mann की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को राष्ट्रपति के सामने जेल में बंद सिखों की रिहाई, SYL (सतलुज यमुना लिंक), पंजाब में ड्रग्स की महामारी, गैंगलैंड, खराब कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और कर्ज समेत पंजाब के गंभीर मुद्दे उठाने चाहिए थे।
समझने वाली बात यह है कि मजीठिया ने कहा, “लेकिन उन्हें पंजाब की जरा भी चिंता होती तो वे ऐसा करते। राष्ट्रपति से मिलकर बाहर आने के बाद उन्होंने खुद यह बात कही कि उन्हें अपनी सरकार गिरने की चिंता है।”
दिलचस्प बात यह है कि मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री की बातचीत से यह भी साफ हो गया कि उन्होंने राष्ट्रपति के सामने पंजाब के कितने मुद्दे उठाए हैं – शायद एक भी नहीं।
साढ़े 4 साल में एक बार भी राष्ट्रपति से नहीं मिले
Bikram Majithia Bhagwant Mann पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने न तो राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा और न ही पंजाब के मुद्दों को लेकर एक बार भी उनसे मिले।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि मजीठिया ने कहा, “लेकिन अब जब उनकी सरकार जाने वाली है, तो पंजाब के मुद्दों पर बात करने के बजाय वे अपनी गिरती सरकार को बचाने की चिंता में राष्ट्रपति से मिलने चले गए हैं, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।”
हैरान करने वाली बात यह है कि मजीठिया के अनुसार सारे पंजाबियों की नजरें आज राष्ट्रपति के साथ मुख्यमंत्री की मीटिंग पर थीं। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री को पंजाब की कोई चिंता होगी।
विधानसभा स्पेशल सेशन भी ड्रामा था
मजीठिया ने कहा कि विधानसभा का स्पेशल सेशन भी अपनी गिरती सरकार को बचाने के लिए ड्रामा के तौर पर बुलाया गया था।
“उस दौरान भी मुख्यमंत्री ने सदन में अपने व्यवहार से देश और विदेश में पंजाब को बदनाम किया था,” मजीठिया ने कहा।
Bikram Majithia Bhagwant Mann पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज राष्ट्रपति के साथ मीटिंग के दौरान पंजाब का कोई भी मुद्दा न उठाकर उन्होंने अपना दोहरा चरित्र दिखाया है।
“उन्होंने पंजाबियों के सामने अपना चेहरा बेनकाब कर दिया है कि उनको पंजाब के मुद्दों की नहीं बल्कि अपनी और अपनी सरकार की चिंता है। अब वह महाराजा रणजीत सिंह बन चुके हैं और पंजाबी उनकी प्रजा।”
पंजाब का हर वर्ग सरकार उखाड़ने को तैयार
मजीठिया ने चेतावनी देते हुए कहा, “अब जहां चाहो भाग जाओ, पंजाब का हर वर्ग जिसमें कर्मचारी, किसान, युवा, महिलाएं शामिल हैं, झाड़ू सरकार को जल्दी से जल्दी उखाड़ फेंकने के लिए तैयार है।”
समझने वाली बात यह है कि मजीठिया ने AAP सरकार को “झाड़ू सरकार” कहा और कहा कि इस सरकार ने लोगों से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया।
“बल्कि अपने झूठे विज्ञापन और दिल्ली के आकाओं के साथ पंजाब का खजाना लूटकर पंजाब को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा किया है,” मजीठिया ने आरोप लगाया।
जंगल राज, भ्रष्टाचार, गैंगलैंड से परेशान लोग
Bikram Majithia Bhagwant Mann सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा कि पंजाब के लोग इस निकम्मी और नेगेटिव सरकार के कई मुद्दों से परेशान हैं:
पहला – जंगल राज बन चुकी लॉ एंड ऑर्डर की हालत
दूसरा – बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार
तीसरा – गैंगलैंड की समस्या
चौथा – बिजली के बड़े-बड़े पावर कट
पांचवां – झाड़ू पार्टी के मंत्रियों और MLAs की गुंडागर्दी और लूटपाट
मजीठिया ने कहा, “पंजाब के पास अब झूठ पर टिकी इस पार्टी को सत्ता से हटाने के लिए पंजाबी अब जल्दबाजी में हैं।”
करोड़ों रुपए सरकार बचाने में फूंके
मजीठिया ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्पेशल सेशन और दिल्ली के चक्करों में पंजाब के खजाने का करोड़ों रुपया इन्होंने फूंक दिया है।
सवाल उठता है कि क्या सच में सरकार ने अपनी सुरक्षा के लिए सरकारी पैसा बर्बाद किया?
मजीठिया का कहना है कि सरकार बचाने के चक्कर में ही पंजाब के खजाने के करोड़ों रुपये फूंक दिए गए।
अन्य राज्यों के CM और पंजाब के CM में फर्क
Bikram Majithia Bhagwant Mann की तुलना अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से करते हुए कहा, “एक मुख्यमंत्री पंजाब का है जो पंजाब के मुद्दों की जगह पहले अपने आप को रखता है।”
“और दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री अपने राज्य के लिए सारा कुछ करते हैं और दिल्ली से कुछ न कुछ लेकर आते हैं,” मजीठिया ने कहा।
यह तुलना दिखाती है कि मजीठिया के अनुसार भगवंत मान अपने राज्य के लिए वैसा काम नहीं कर रहे जैसा अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री करते हैं।
पंजाब निराश हुआ
मजीठिया ने कहा कि सारे पंजाबियों की नजरें आज राष्ट्रपति के साथ मुख्यमंत्री की मीटिंग पर थीं। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री को पंजाब की कोई चिंता होगी और वे पंजाब के ज्वलंत मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति से अपील करेंगे।
“लेकिन आज राष्ट्रपति के साथ मुख्यमंत्री की मीटिंग से पूरा पंजाब निराश हुआ है,” मजीठिया ने कहा।
दिलचस्प बात यह है कि मजीठिया के अनुसार यह मीटिंग पंजाब के लिए एक खोया हुआ अवसर था।
मुख्य बातें (Key Points):
• बिक्रम सिंह मजीठिया ने भगवंत मान पर आरोप लगाया कि राष्ट्रपति से मिलकर पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए
• जेल में बंद सिखों की रिहाई, SYL, ड्रग्स, गैंगलैंड, खराब लॉ एंड ऑर्डर पर एक शब्द नहीं बोले
• मान को पंजाब से ज्यादा अपनी गिरती सरकार और AAP छोड़ने वाले सांसदों की चिंता
• साढ़े 4 साल में एक बार भी पंजाब के मुद्दों पर राष्ट्रपति से नहीं मिले थे
• स्पेशल सेशन और दिल्ली चक्करों में करोड़ों रुपए फूंके, पंजाब का हर वर्ग सरकार उखाड़ने को तैयार
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