Gold Silver Price: कल बड़ी तेजी के बाद आज सोने-चांदी में गिरावट देखी जा रही है। हालांकि यह गिरावट अभी इतनी बड़ी नहीं है। सुबह 9:42 बजे सोने में इस समय ₹210 प्रति 10 ग्राम की गिरावट है। वहीं चांदी में लगभग ₹1,500 प्रति किलो की गिरावट है।
अगर इसकी तुलना जनवरी में हुए All Time High से करें तो सोने में अब तक ₹41,400 की गिरावट आ चुकी है। जनवरी के अंत में सोने ने ₹1,93,000 प्रति 10 ग्राम पहुंचकर All Time High रिकॉर्ड बनाया था।
देखा जाए तो यह केवल एक दिन का उतार-चढ़ाव नहीं है। पिछले कुछ महीनों से सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। निवेशकों के मन में लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार ये कीमतें कहां पर जाकर रुकेंगी?
आज की ताजा कीमतें – MCX पर क्या चल रहा है?
सुबह 9:43 बजे MCX (Multi Commodity Exchange) में:
- वर्तमान कीमत: ₹1,51,500 प्रति 10 ग्राम
- गिरावट: ₹221 प्रति 10 ग्राम
- आज का Low: ₹1,51,500 प्रति 10 ग्राम
- आज का High: ₹1,51,802 प्रति 10 ग्राम
चांदी (Silver):
- वर्तमान कीमत: ₹2,40,536 प्रति किलो
- गिरावट: ₹1,288 प्रति किलो
- आज का Low: ₹2,40,218 प्रति किलो
- आज का High: ₹2,41,250 प्रति किलो
जनवरी के All Time High से कितनी गिरावट?
हैरान करने वाली बात यह है कि जनवरी 2026 के अंत में सोना ₹1,93,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। यह इतिहास का सबसे ऊंचा स्तर था।
लेकिन अब ₹1,51,500 पर आ चुका है। मतलब ₹41,400 की भारी गिरावट आ चुकी है। यह करीब 21% की गिरावट है।
यह दर्शाता है कि सोने में निवेश करने वालों को भारी नुकसान हुआ है। जिन्होंने जनवरी में खरीदा था, उन्हें अभी बड़ा घाटा झेलना पड़ रहा है।
कल बड़ी तेजी थी, आज फिर गिरावट क्यों?
इसी के साथ ही एक दिन पहले यानी कल सोने-चांदी में जोरदार उछाल देखा गया था।
चांदी में ₹3,500 का बड़ा उछाल आया और यह ₹2.5 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई थी। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,47,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
सोना भी ₹200 महंगा होकर ₹1,56,000 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। (99.9% शुद्धता वाला)
बाजार में ज्वैलर्स और खुदरा विक्रेताओं की नई खरीदारी ने इस तेजी को और ज्यादा मजबूती दे दी थी।
लेकिन आज फिर से गिरावट देखी जा रही है। यह Volatility (अस्थिरता) निवेशकों और एक्सपर्ट्स दोनों को परेशान कर रही है।
सोने-चांदी में इतना उतार-चढ़ाव क्यों?
यहां समझने वाली बात यह है कि सोने-चांदी की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं:
1. US Dollar की मजबूती/कमजोरी
डॉलर मजबूत होता है तो सोना सस्ता होता है। डॉलर कमजोर होता है तो सोना महंगा होता है।
2. US Fed की ब्याज दर नीति
अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं तो सोने में निवेश का आकर्षण कम होता है। अगर दरें घटती हैं तो सोने की मांग बढ़ती है।
3. भू-राजनीतिक तनाव
युद्ध, संघर्ष, अनिश्चितता के समय लोग सोने में निवेश करते हैं (Safe Haven Asset)। शांति के समय सोने की मांग घटती है।
4. तेल की कीमतें
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो महंगाई बढ़ती है, जिससे सोना महंगा होता है।
5. वैश्विक आर्थिक स्थिति
मंदी के डर से सोने में निवेश बढ़ता है। आर्थिक मजबूती से शेयर बाजार में पैसा जाता है और सोने से बाहर निकलता है।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
Global Market से मिले संकेतों के चलते बाजार का रुख थोड़ा सतर्क बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव ने भी बाजार को प्रभावित किया है।
दोनों देशों के रिश्तों में अनिश्चितता और बातचीत में धीमी प्रगति के कारण निवेशकों में सावधानी देखी जा रही है। यही वजह है कि वित्तीय बाजारों में भू-राजनीतिक जोखिम का असर बना हुआ है।
एक्सपर्ट्स का कहना है:
“अमेरिका-ईरान बातचीत में रुकावट की वजह से सोने पर दबाव बढ़ा है। जबकि तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता और भी ज्यादा गहरी हो गई है।”
अगर गौर करें तो यह विरोधाभासी स्थिति है:
- युद्ध के समय सोना बढ़ना चाहिए (Safe Haven)
- लेकिन तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ती है
- महंगाई बढ़ती है तो US Fed ब्याज दरें नहीं घटाएगा
- ब्याज दरें ऊंची रहेंगी तो सोने में निवेश का आकर्षण घटता है
इस उलझन में निवेशक सोना बेच रहे हैं।
29 अप्रैल – US Federal Reserve का फैसला सबसे अहम
बाजार की नजर 29 अप्रैल को आने वाले अमेरिकी Federal Reserve के मौद्रिक नीति फैसले पर टिकी है।
निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि तेल की बढ़ती कीमतों का ब्याज दरों में संभावित कटौती पर क्या असर होगा।
अगर US Fed ब्याज दरें घटाता है:
- सोने में निवेश आकर्षक होगा
- कीमतें बढ़ेंगी
- निवेशकों को फायदा होगा
अगर US Fed ब्याज दरें ऊंची रखता है:
- सोने में निवेश का आकर्षण घटेगा
- कीमतें और गिर सकती हैं
- निवेशकों को और नुकसान हो सकता है
यानी कि अब सोने-चांदी की कीमतें 29 अप्रैल को अमेरिका के फैसले पर निर्भर करती हैं।
क्या सोना ₹1 लाख के नीचे आ सकता है?
निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है। फिलहाल तो अभी ₹1,51,500 पर है। लेकिन अगर गिरावट जारी रही तो:
एक्सपर्ट्स का मानना है:
“अगर US Fed ब्याज दरें ऊंची रखता है और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो सोना ₹1.4 लाख तक जा सकता है। लेकिन ₹1 लाख से नीचे जाने की संभावना कम है।”
“हालांकि महंगाई बढ़ रही है, तेल महंगा हो रहा है। ये सब सोने को सपोर्ट करेंगे। तो बहुत ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है।”
चांदी की क्या स्थिति है?
चांदी की स्थिति सोने से भी अधिक अस्थिर है। कल ₹2.5 लाख को पार कर गई थी, आज फिर ₹2.40 लाख पर आ गई है।
चांदी औद्योगिक उपयोग में भी आती है, इसलिए:
- वैश्विक मंदी के डर से चांदी की मांग घटती है
- इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल में इस्तेमाल होती है
- औद्योगिक मांग कम होती है तो कीमतें गिरती हैं
निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?
1. Panic Selling से बचें:
अगर आपने लंबी अवधि के लिए निवेश किया है तो घबराकर बेचें नहीं।
2. SIP में निवेश करें:
सोने में Systematic Investment Plan के जरिए निवेश करें। कीमतें कम होने पर थोड़ा-थोड़ा खरीदते रहें।
3. Physical Gold vs Digital Gold:
डिजिटल गोल्ड (Gold ETF, Sovereign Gold Bonds) में निवेश अधिक सुरक्षित है।
4. 29 अप्रैल का इंतजार करें:
US Fed के फैसले के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। उसके बाद निर्णय लें।
5. Diversify करें:
सारा पैसा सोने में न लगाएं। शेयर, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट में भी निवेश करें।
ज्वैलर्स की खरीदारी से मिल रही मजबूती
बाजार में ज्वैलर्स और खुदरा विक्रेताओं की नई खरीदारी ने तेजी को और ज्यादा मजबूती दी है।
शादी का सीजन आ रहा है। अक्षय तृतीया जैसे त्योहार आ रहे हैं। इसलिए ज्वैलर्स स्टॉक बढ़ा रहे हैं। यह सोने को कुछ सपोर्ट दे रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- सोने में आज ₹210 प्रति 10 ग्राम की गिरावट, वर्तमान कीमत ₹1,51,500
- चांदी में ₹1,500 प्रति किलो गिरावट, वर्तमान कीमत ₹2,40,536
- जनवरी के All Time High (₹1,93,000) से सोना ₹41,400 गिरा – 21% की गिरावट
- कल चांदी में ₹3,500 का उछाल था, ₹2.5 लाख तक पहुंची थी
- सोना भी कल ₹200 महंगा होकर ₹1,56,000 पर पहुंचा था
- अमेरिका-ईरान तनाव और बातचीत में रुकावट से बाजार सतर्क
- तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की चिंता
- 29 अप्रैल को US Federal Reserve का मौद्रिक नीति फैसला सबसे अहम
- ब्याज दर कटौती पर तेल की कीमतों का असर देखा जा रहा है
- एक्सपर्ट्स के अनुसार सोना ₹1 लाख से नीचे जाने की संभावना कम
- ज्वैलर्स और खुदरा विक्रेताओं की खरीदारी से कुछ सपोर्ट मिल रहा
- शादी का सीजन और अक्षय तृतीया आने से मांग बढ़ने की उम्मीद













