Health Insurance Premium बढ़ने वाला है और यह खबर करोड़ों policyholders के लिए चिंताजनक हो सकती है। अगले 12 से 18 महीनों में health insurance के premium में 10 से 15% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी एक साथ नहीं बल्कि policy renewal के समय धीरे-धीरे लागू की जाएगी।
देखा जाए तो यह सिर्फ एक छोटी-मोटी बढ़ोतरी नहीं है। पिछले कुछ सालों में health insurance पहले ही काफी महंगा हो चुका है। और अब यह और महंगा होने वाला है।
कितनी बढ़ सकती है आपकी Policy?
Industry experts के मुताबिक यह बढ़ोतरी सबके लिए एक जैसी नहीं होगी। उम्र, शहर, sum insured और claim history के आधार पर यह अलग-अलग हो सकती है।
खासकर metro cities में रहने वाले और senior citizens को ज्यादा असर झेलना पड़ सकता है। यह समझने वाली बात है।
अगर आप Delhi, Mumbai, Bangalore जैसे शहरों में रहते हैं तो आपका premium tier 2-3 cities के मुकाबले पहले से ही ज्यादा है। और अब यह और बढ़ेगा।
Healthcare Inflation है सबसे बड़ी वजह
Health Insurance Premium बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है तेजी से बढ़ती medical inflation। भारत में healthcare cost लगातार हर साल करीब 14 से 15% की दर से बढ़ रही है।
दिलचस्प बात यह है कि यह rate सामान्य महंगाई से कहीं ज्यादा है। जहां general inflation 5-6% है, वहीं medical inflation 14-15% है।
अस्पतालों के बढ़ते charges, महंगे इलाज, advanced diagnostic tests और post-COVID बढ़े हुए claims ने insurance companies पर दबाव बढ़ा दिया है। इसके चलते companies अब premium बढ़ाने को मजबूर हैं।
Claim Ratio पहुंच गया 90% के पार
Industry data के मुताबिक हाल के वर्षों में claim ratio 90% के पार पहुंच चुका है। इसका मतलब यह है कि companies जितना premium ले रही हैं, उसका बड़ा हिस्सा claim में चला जाता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि insurance business तभी चलता है जब claim ratio 70-75% के आसपास हो। 90% claim ratio का मतलब है कि companies को नुकसान हो रहा है।
यही वजह है कि insurance companies अब premium में structural reset कर रही हैं। यानी लंबे समय के लिए premium बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही हैं।
पिछले सालों में कितना बढ़ा Premium?
हाल के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच individual health policy premium करीब 23% तक बढ़ चुके हैं।
वहीं family floater plan की औसत लागत 2021 में जहां करीब ₹15,000 थी, अब 2025 में बढ़कर ₹22,000 से ज्यादा हो गई है। यानी करीब 46% की बढ़ोतरी।
चिंता का विषय यह है कि यह trend आगे भी जारी रहने वाला है।
Lifestyle Diseases और Aging Population
भारत में तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और diabetes, heart disease, cancer जैसी lifestyle diseases के मामलों में इजाफा भी Health Insurance Premium बढ़ने की बड़ी वजह है।
WHO के अनुसार India में 2050 तक 60 साल से ऊपर की आबादी 20% हो जाएगी। और senior citizens को सबसे ज्यादा medical care की जरूरत होती है।
इसके अलावा public health system की limitations के कारण लोग निजी अस्पतालों पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं। जिससे इलाज का खर्च और भी बढ़ रहा है।
Post-COVID का असर
COVID-19 pandemic के बाद से health insurance claims में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। लोग अब ज्यादा जागरूक हो गए हैं और छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी claim कर रहे हैं।
उम्मीद की किरण यह है कि जागरूकता बढ़ी है। लेकिन insurance companies के लिए यह burden बन गया है।
Metro Cities में ज्यादा असर क्यों?
Metro cities में medical cost पहले से ही बहुत ज्यादा है। Delhi, Mumbai, Bangalore के top hospitals में एक दिन का ICU charge ₹10,000 से ₹50,000 तक हो सकता है।
वहीं tier 2-3 cities में यही charge ₹3,000 से ₹15,000 के बीच है। इसलिए metro cities के लोगों का premium naturally ज्यादा होता है।
और जब बढ़ोतरी होगी तो metro cities के लोगों को percentage के हिसाब से ज्यादा देना पड़ेगा।
Senior Citizens को सबसे ज्यादा झटका
Senior citizens के लिए तो यह और भी बड़ी समस्या है। 60 साल के ऊपर के लोगों का premium वैसे भी बहुत ज्यादा होता है।
अगर गौर करें तो एक 65 साल के व्यक्ति का annual premium ₹40,000 से ₹80,000 तक हो सकता है (₹5-10 lakh cover के लिए)। और अब इसमें 10-15% बढ़ोतरी का मतलब है ₹4,000 से ₹12,000 extra per year।
क्या करें Policyholders?
इस बढ़ती महंगाई के बीच policyholders के लिए सही strategy अपनानी जरूरी है:
1. समय पर Policy Renew करें:
Policy lapse न होने दें। Renewal के समय थोड़ी देर हो जाए तो waiting period फिर से शुरू हो जाता है।
2. Adequate Cover बनाए रखें:
कम premium बचाने के लिए cover amount कम न करें। Medical emergency में यह बहुत भारी पड़ सकता है।
3. Portability का Option देखें:
अगर कोई company बहुत ज्यादा premium बढ़ा रही है तो policy portability का option check करें।
4. Co-payment और Deductible:
अगर budget tight है तो co-payment या deductible वाले plans देखें। इनमें premium कम होता है।
5. Top-up Plans:
Base cover के ऊपर top-up या super top-up plans लें। ये बहुत सस्ते होते हैं।
Under Insurance का खतरा
सबसे बड़ा खतरा है under insurance का। कम cover लेने या policy छोड़ने से medical emergency में जेब से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
मान लीजिए आपका cover ₹3 lakh है लेकिन hospital bill आया ₹8 lakh। तो ₹5 lakh आपको अपनी जेब से देना पड़ेगा।
इसलिए premium बढ़ने के बावजूद adequate cover बनाए रखना बहुत जरूरी है।
IRDAI की भूमिका
IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) premium hikes को regulate करता है। Companies को premium बढ़ाने से पहले justification देना होता है।
लेकिन अगर medical inflation data और claim ratio के आंकड़े support करते हैं तो IRDAI approval दे देता है।
हाल ही में IRDAI ने कुछ नए नियम भी बनाए हैं जो policyholders के हित में हैं। जैसे कि सभी pre-existing diseases को 48 महीने बाद cover करना mandatory कर दिया गया है।
क्या करेगी Government?
Government की योजना Ayushman Bharat के तहत गरीबों को ₹5 lakh तक का free health cover मिलता है। लेकिन middle class के लिए कोई खास राहत नहीं है।
कुछ experts की मांग है कि health insurance premium पर tax deduction की limit बढ़ाई जाए। अभी section 80D के तहत maximum ₹25,000 (senior citizens के लिए ₹50,000) की छूट मिलती है।
मुख्य बातें (Key Points)
• Health Insurance Premium अगले 12-18 महीनों में 10-15% तक बढ़ सकता है, renewal के समय धीरे-धीरे लागू होगा
• Healthcare inflation 14-15% annually है जो normal inflation से दोगुना है, यही मुख्य कारण है
• Claim ratio 90% के पार पहुंच गया है, insurance companies को नुकसान हो रहा है इसलिए premium बढ़ाना जरूरी
• FY 2023-25 में individual health policy premium 23% बढ़े, family floater plan 2021 में ₹15k से 2025 में ₹22k+ (46% increase)
• Metro cities और senior citizens को सबसे ज्यादा असर, adequate cover बनाए रखना और समय पर renewal जरूरी













