Shehbaz Sharif के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से एक ऐसी गलती हो गई जिसने पूरे Pakistan की किरकिरी करवा दी। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की पहली बैठक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई थी। इससे पहले अमेरिका और ईरान दोनों देशों ने दो हफ्ते की सीजफायर का ऐलान किया था।
पाकिस्तान इसी कूटनीतिक कोशिश में एक ऐसी बड़ी गलती कर बैठा जिससे एक बार फिर वो मजाक का पात्र बन गया है। दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री वजीर-ए-आजम शहबाज शरीफ के अकाउंट से सीजफायर को लेकर किए गए पोस्ट पर मैसेज के ऊपर “ड्राफ्ट” लगा था, जिससे कि यह पोस्ट अब विवादों के घेरे में आ गया।
डिजिटल प्रोटोकॉल में भारी चूक
देखा जाए तो शहबाज शरीफ के ऑफिशियल अकाउंट से शेयर हुए इस पोस्ट ने डिजिटल प्रोटोकॉल में कमियों को उजागर कर दिया। अब इस मामले में पाकिस्तान के एक जर्नलिस्ट ने आरोप लगाया कि शहबाज शरीफ के पसंदीदा निजी सहायक, जिनका सरनेम पहलवान है, वो ही इस्लामाबाद की इस शर्मिंदगी के पीछे का असली कारण हैं।
पाकिस्तान के जर्नलिस्ट की ओर से यह कमेंट ड्राफ्ट वाले मैसेज का मजाक उड़ाने के बाद आया। अब इस ड्राफ्ट के पोस्ट में आंतरिक निर्देश भी शामिल थे जिसे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के आधिकारिक अकाउंट से पोस्ट कर दिया गया था, जिससे पाकिस्तान को काफी कूटनीतिक शर्मिंदगी उठानी पड़ी है।
‘पहलवान’ पर लगे गंभीर आरोप
उस पत्रकार ने आरोप लगाया है कि शहबाज शरीफ के ऑफिशियल एक्स अकाउंट को संभालने वाला इंसान ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। लेकिन उसे यह जिम्मेदारी इसलिए दी गई क्योंकि उसे एक हाई रैंकिंग वाले संघीय मंत्री का संरक्षण प्राप्त है, जिससे उसे कोई कुछ नहीं कह सकता।
पत्रकार ने लिखा, “ज्यादा पढ़ा-लिखा न होने का मतलब यह नहीं कि वो बहुत होशियार नहीं हो सकता। कई बार जो लोग ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते, वे बहुत होशियार और चौकस होते हैं। लेकिन यह इंसान तब तक अपने कामों के प्रति बहुत सजग नहीं था जब उसने WhatsApp पर मिले पोस्ट को जस का तस कॉपी और पोस्ट कर दिया।”
‘पहलवान’ को मिली फटकार
समझने वाली बात यह है कि पत्रकार ने आगे लिखा कि पहलवान किसी मंत्री का तोता है। फिलहाल उसे कुछ दिनों तक प्रधानमंत्री के सामने अपना चेहरा न दिखाने के लिए कहा गया है। अब ऐसे में कहीं न कहीं देखें तो इस पोस्ट को देखने के बाद समझ में आता है कि वैश्विक स्तर पर किस तरीके से एक बार फिर पाकिस्तान की किरकिरी हुई।
इस्लामाबाद की विफल कूटनीति
देखिए, एक तरफ इस्लामाबाद में पाकिस्तान शांतिदूत बनने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहा था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ लगातार इस कोशिश में थे कि ईरान और अमेरिका इस शांति वार्ता में मान जाएं और इसके बाद पाकिस्तान शांतिदूत बनकर पूरी दुनिया में निकले।
लेकिन पहली बैठक फेल हो गई। बताया गया कि कुछ न कुछ मुद्दों पर ईरान और अमेरिका में फिर क्लैशेस हुए। अमेरिका की ओर से जेडी वैंस, जो कि अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट हैं, वो वहां पर मौजूद थे। ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास सराची वहां पर मौजूद थे। ईरान के कई डेलीगेशंस वहां पर थे, अमेरिका के भी डेलीगेशंस थे।
शांति वार्ता में भी नाकामी
लेकिन पाकिस्तान एक मेज पर यह बैठक सक्सेसफुल नहीं कर पाया, जिसके बाद पाकिस्तान की एक बार फिर खिल्ली उड़ी। और अब ऐसे में शहबाज शरीफ का यह पोस्ट अब जाकर शांति वार्ता के कुछ दिनों बाद वायरल हुआ।
जहां पर बताया गया है कि इसमें आप भी साफ तौर पर देख सकते हैं कि इसमें लिखा है “ड्राफ्ट – पाकिस्तान पीएम मैसेज ऑन एक्स”। अब ऐसे में समझ में आता है कि जिस भी व्यक्ति ने शहबाज शरीफ का यह पोस्ट एक्स पर पोस्ट किया था, उसने जरा सा भी एक बार ध्यान देने की कोशिश नहीं की।
दोहरी मार: कूटनीति और डिजिटल, दोनों में फेल
जिसके बाद एक बड़े स्तर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की किरकिरी हुई है। एक बार फिर पाकिस्तान की खिल्ली उड़ी है। हालांकि अब इसके बाद देखना होगा कि पाकिस्तान में एक बार फिर से यह बात वापस से उठ रही है कि ईरान और अमेरिका एक बार फिर दूसरी बार बातचीत को तैयार हैं।
और संभवतः पाकिस्तान में ही एक बार फिर से दूसरी बार बैठक शांति वार्ता की हो सकती है। लेकिन अब आने वाले वक्त में पता चलेगा कि क्या वापस से यह बैठक होगी।
सोशल मीडिया पर उड़ रहा मजाक
यहां ध्यान देने वाली बात है कि फिलहाल मध्य पूर्व में तनाव लगातार जारी है। लेकिन शहबाज शरीफ का यह पोस्ट अब एक बार दुनिया में चर्चा का केंद्र बन गया है। दूसरी ओर लोग इस पर काफी तंज भी कस रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की सरकारी मशीनरी ने ऐसी गलती की हो। लेकिन इस बार मामला काफी संवेदनशील था क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़ा था।
मुख्य बातें (Key Points):
• Shehbaz Sharif के ऑफिशियल अकाउंट से “ड्राफ्ट” वाला पोस्ट वायरल, Pakistan की किरकिरी
• ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के दौरान हुई यह शर्मनाक गलती
• पीएम के सहायक ‘पहलवान’ पर लगे आरोप, WhatsApp मैसेज को सीधे पोस्ट कर दिया
• इस्लामाबाद में पहली बैठक भी विफल, कूटनीतिक और डिजिटल दोनों मोर्चों पर झटका













