ED Raid on Ashok Mittal : पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आज सुबह साढ़े सात बजे एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की टीमें दिल्ली से रवाना होकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के 9 ठिकानों पर पहुंचीं। जालंधर में उनके घर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), गुरुग्राम स्थित फार्म हाउस और फगवाड़ा समेत कई जगहों पर एक साथ छापेमारी शुरू हुई।
देखा जाए तो यह रेड सिर्फ एक नियमित जांच नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि करीब 12 दिन पहले ही AAP ने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाकर अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। और अब जैसे ही मित्तल उपनेता बने, उनके ठिकानों पर ED की टीमें पहुंच गईं।
ED सूत्रों के मुताबिक यह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला है, जिसे अशोक मित्तल और उनके बेटे से जोड़ा जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और घर के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
जालंधर के घर में मौजूद हैं अशोक मित्तल
अशोक मित्तल इस वक्त अपने जालंधर स्थित घर में मौजूद हैं। ED की टीमें सुबह से ही दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई हैं। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कैंपस में भी ED के अधिकारी पहुंचे और वहां के रिकॉर्ड्स खंगालने लगे। समझने वाली बात यह है कि अशोक मित्तल LPU के फाउंडर और चांसलर हैं, जो पंजाब की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में से एक है।
गुरुग्राम में भी ED की टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर दस्तक दी। जानकारी के मुताबिक यह रेड मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर की जा रही है। हालांकि, अभी तक ED ने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
AAP ने BJP को घेरा, कहा- टिपिकल मोदी स्टाइल
रेड की खबर आते ही AAP के नेता मैदान में उतर आए। सबसे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- “भाजपा द्वारा पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू… आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ED की रेड.. टिपिकल मोदी स्टाइल..। हम वो पत्ते नहीं, जो शाख से टूट कर गिर जाएंगे। आंधियों को कह दो अपनी औकात में रहे।”
भगवंत मान की यह पोस्ट तुरंत वायरल हो गई। AAP का सीधा आरोप है कि केंद्र सरकार चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
केजरीवाल बोले- पंजाब के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- “मोदी जी ने पंजाब में चुनावों की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन पंजाब के लोग ये बर्दाश्त नहीं करेंगे। बीजेपी को इसका करारा जवाब देंगे।”
अगर गौर करें तो AAP ने इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। पार्टी का कहना है कि यह रेड चुनावी रणनीति का हिस्सा है, न कि कोई वास्तविक जांच।
बिट्टू का पलटवार- AAP चोरों और लुटेरों की पार्टी
CM भगवंत मान की पोस्ट पर केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने तुरंत जवाब दिया। उन्होंने लिखा- “भगवंत मान, आपकी पार्टी तो चोरों और लुटेरों की पार्टी है। पंजाब की जनता राज्य के मंत्रियों के खिलाफ मामले दर्ज करवा रही है और जांच एजेंसियां कुछ भ्रष्ट सांसदों को पकड़ रही हैं। PM मोदी की नीति स्वच्छ भारत है। इसके तहत गंदगी निश्चित रूप से साफ हो जाएगी।”
बिट्टू का यह बयान साफ करता है कि भाजपा इस मामले में पीछे हटने वाली नहीं है। उनका तर्क है कि अगर कोई गड़बड़ी है तो जांच होनी ही चाहिए।
सिसोदिया ने कहा- चुनावी फौज का पहला दस्ता
AAP के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा- “जब भी किसी राज्य में चुनाव होता है तो मोदी अपनी चुनावी फौज का पहला दस्ता भेजते हैं- ED और CBI का। रेड करने का ड्रामा चलता है। फिर दंगे भड़काने वाली फौज जाती है। इसके बाद अमित शाह और मोदी के दौरे होते हैं। लेकिन मोदी ध्यान रखियेगा। ये पंजाब है। यहां बाबा साहेब और भगत सिंह से नफरत करने वालों की दाल नहीं गलने वाली।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सिसोदिया खुद भी दिल्ली शराब नीति मामले में ED और CBI की जांच का सामना कर चुके हैं। उन्हें 9 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया गया था।
संजय सिंह ने कहा- पंजाब में BJP बुरी तरह हारेगी
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा- “जहां-जहां चुनाव होता है BJP अपनी एजेंसियों को पहले भेज देती है। पंजाब चुनाव से पहले राज्यसभा में AAP के उपनेता अशोक मित्तल के घर ED की छापेमारी उसी की एक शुरुआत है। इस खेल से कोई फायदा नहीं। पंजाब में BJP बुरी तरह हारेगी।”
संजय सिंह भी दिल्ली शराब नीति मामले में 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार हुए थे। इसलिए उनकी प्रतिक्रिया में एक व्यक्तिगत अनुभव की झलक भी दिखती है।
AAP के मंत्रियों ने भी की निंदा
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने लिखा- “भाजपा द्वारा आम आदमी पार्टी को कुचलने के लिए शर्मनाक और असंवैधानिक हथकंडे बेशर्मी से जारी रखे जा रहे हैं। अब पिंजरे में बंद पिटबुल (ED) को हमारे सांसद अशोक मित्तल पर छोड़ दिया गया है। हमारी पार्टी पर पिछली ED रेड से क्या हासिल हुआ? हमें परेशान करने और हमारे अधिकारों की हत्या करने के अलावा? कुछ नहीं। हम जीतेंगे।”
वहीं मंत्री हरभजन सिंह ETO ने लिखा- “जब-जब भाजपा डरती है, ED को आगे करती है।”
मंत्री हरजोत बैंस ने लिखा- “एजेंसियों का असंवैधानिक दुरुपयोग आम आदमी पार्टी के खिलाफ भाजपा का पसंदीदा हथियार (गो-टू टैक्टिक) है। अब हमारे राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल पर ED को छोड़ दिया गया है। पिछली छापेमारी? कोई सबूत नहीं, कोई मामला नहीं, बस दबाव बनाने की रणनीति। अगर कुछ है, तो मोदी को अब तक कम से कम यह सीख लेना चाहिए था कि हम पीछे नहीं हटेंगे। सत्य की जीत होगी।”
चुनाव से पहले नेताओं पर एक्शन का ट्रेंड
AAP ने इस रेड को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़ा है। इससे पहले भी चुनावी राज्यों में एजेंसियों की कार्रवाई तेज होने के कई उदाहरण सामने आ चुके हैं।
13 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल में चुनावी रणनीतिकार संस्था आईपैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को कोयला तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल में ही 9 अप्रैल 2026 को कृष्णा दमानी पर साउथ पॉइंट एजुकेशन सोसाइटी फंड हेराफेरी और 28 मार्च 2026 को अमित गांगुली पर जमीन कब्जाने और जालसाजी के मामले में कार्रवाई की गई।
इससे पहले 21 मार्च 2024 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी ED ने चुनाव से पहले शराब नीति में गड़बड़ी के आरोप लगा गिरफ्तारी की थी। इसी मामले में तेलंगाना की नेता कविता पर 15 मार्च 2024 को रेड और गिरफ्तारी हुई थी।
झारखंड से लेकर दिल्ली तक- ED रेड की लंबी फेहरिस्त
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और JMM नेता हेमंत सोरेन पर 31 जनवरी 2024 को जमीन घोटाला मामले में ED ने कार्रवाई की थी। दिल्ली शराब नीति मामले में ही AAP के नेता संजय सिंह पर 4 अक्टूबर 2023 और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर 9 मार्च 2023 को रेड और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई थी।
पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और झारखंड से जुड़े इन नेताओं पर चुनाव से पहले रेड हुई हैं। ये वो राज्य थे जहां पर गैर-भाजपा सरकारें थीं।
ED रेड और चुनावी नतीजे- क्या है पैटर्न?
दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले नई शराब नीति को लेकर ED के केस और कार्रवाई का भाजपा को फायदा मिला। विधानसभा चुनाव से पहले मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अरविंद केजरीवाल पर रेड और गिरफ्तारियां हुईं। 70 में से 48 सीटें जीतकर 27 साल बाद भाजपा ने सत्ता में वापसी की।
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चुनाव से कुछ महीने पहले गिरफ्तारी हुई। इस कार्रवाई को पार्टी ने आदिवासी अपमान से जोड़कर प्रचारित किया, जिसके परिणामस्वरूप JMM-कांग्रेस गठबंधन ने वापसी की और फिर से अपनी सरकार बनाई। विधानसभा चुनाव में JMM को 34 सीटें मिलीं।
छत्तीसगढ़ में नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले महादेव एप और कोयला घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री के करीबियों पर रेड हुई। यहां भ्रष्टाचार के आरोपों से कांग्रेस सरकार गिर गई और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सत्ता हासिल की।
तेलंगाना में विधानसभा के चुनाव 30 नवंबर 2023 को हुए थे। कांग्रेस ने 119 में से 64 सीटें जीतकर राज्य में पहली बार अपनी सरकार बनाई। चुनाव के आसपास दिल्ली शराब नीति मामले में कविता की गिरफ्तारी चर्चा में रही। 2014 में राज्य बनने के बाद से लगातार यहां 2 बार (2014 और 2018) में भारत राष्ट्र समिति (BRS) की सरकार रही। लेकिन 2023 के चुनाव में इसे हार का सामना करना पड़ा।
पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान और उससे ठीक पहले TMC के कई बड़े नेताओं पर ED की छापेमारी हुई थी। हालांकि, इन कार्रवाइयों के बावजूद ममता बनर्जी ने इसे बाहरी बनाम बंगाल की लड़ाई बना दिया और उनकी छवि और भी मजबूत होकर उभरी, जिससे TMC ने दोबारा बड़ी जीत हासिल की। अब दोबारा ED की रडार पर TMC के नेता हैं।
2023 में PM मोदी से की थी मुलाकात
दिलचस्प बात यह है कि 2023 में अशोक मित्तल ने अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान मित्तल ने प्रधानमंत्री को 2019 में उनके LPU दौरे की याद दिलाई। यह मुलाकात अब चर्चा का विषय बन गई है कि आखिर किस संदर्भ में यह मुलाकात हुई थी।
कौन हैं अशोक मित्तल- मिठाई की दुकान से यूनिवर्सिटी तक का सफर
अशोक मित्तल के पिता बलदेव राज मित्तल ने 1961 में 500 रुपए का कर्ज लेकर जालंधर कैंटोंमेंट एरिया में एक मिठाई की दुकान खोली थी। इसका नाम लवली स्वीट हाउस रखा। सबसे पहले 1968 में बड़े बेटे रमेश मित्तल ने पिता के इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 11वीं के बाद पढ़ाई ही छोड़ दी।
इसके बाद 1977 में दूसरे बेटे नरेश भी व्यवसाय से जुड़ गए। देखते ही देखते लवली स्वीट फेमस हो गई। 1986 में ये जालंधर की सबसे प्रतिष्ठित और बड़ी मिठाई की दुकान हो गई। 1984 में अशोक ने भी पिता के व्यवसाय में कदम रख दिया। 2004 में बलदेव राज मित्तल का निधन हो गया था।
1991 में ऑटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार शुरू किया
अशोक पढ़ाई के साथ-साथ पिता की मिठाई के दुकान पर भी काम करते थे। वह अपने बड़े भाई की मदद करते थे। पढ़ाई पूरी हुई तो 1991 में अशोक ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार शुरू किया। बजाज कंपनी की डीलरशिप ले ली। 1996 में मारुति सुजुकी की डीलरशिप ली। देखते ही देखते अशोक पंजाब के टॉप ऑटोमोबाइल डीलर बन गए।
3.5 एकड़ जमीन से शुरू हुआ LPU का सफर
2001 में अशोक ने फगवाड़ा में 3.5 एकड़ जमीन लेकर कॉलेज की स्थापना की। 2005 में लवली कॉलेज को प्राइवेट यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल गया। अब ये लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के नाम से पूरी दुनिया में जानी जाती है।
करीब 50 देशों के 40 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं यहां पढ़ते हैं। अब इसका 600 एकड़ में विस्तार हो चुका है। 3600 से ज्यादा शिक्षक यहां पढ़ाते हैं। लवली ग्रुप का सालाना टर्न ओवर करीब 850 करोड़ का हो गया है।
अशोक मित्तल 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे। वे AAP के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं और पंजाब में पार्टी के लिए एक अहम चेहरा हैं।
पंजाब में 2027 चुनाव की तैयारी शुरू?
यह सवाल उठता है कि क्या वाकई यह रेड चुनावी रणनीति का हिस्सा है? पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। AAP फिलहाल सत्ता में है और भाजपा को पंजाब में अपनी जड़ें मजबूत करनी हैं।
अगर पिछले चुनावों के पैटर्न को देखें तो चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं पर ED और CBI की कार्रवाई तेज हो जाती है। कहीं यह काम करता है, कहीं उल्टा पड़ जाता है। पंजाब में क्या होगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- AAP सांसद अशोक मित्तल के 9 ठिकानों पर ED की रेड हुई, जिसमें जालंधर का घर, LPU और गुरुग्राम शामिल हैं।
- यह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला बताया जा रहा है।
- करीब 12 दिन पहले ही राघव चड्ढा को हटाकर अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाया गया था।
- AAP ने इसे चुनावी रणनीति बताया और भाजपा पर आरोप लगाए।
- भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने AAP को चोरों और लुटेरों की पार्टी बताया।
- अशोक मित्तल ने 500 रुपए की मिठाई की दुकान से शुरुआत करके 850 करोड़ टर्नओवर वाला बिजनेस खड़ा किया।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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