IMD Weather Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अप्रैल 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में देशभर के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत काम करने वाले IMD के मुताबिक, इस हफ्ते दो लगातार Western Disturbances (पश्चिमी विक्षोभ) का असर उत्तर-पश्चिमी भारत पर पड़ने वाला है। इनकी सबसे ज्यादा सक्रियता 3 और 4 अप्रैल को रहेगी, और फिर 7 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा। कश्मीर घाटी में कुछ जगहों पर भारी बारिश और कई राज्यों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।

पिछले 24 घंटों में क्या रहा मौसम का हाल
IMD Weather Alert के अनुसार, 3 अप्रैल की सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों में बीते 24 घंटों के दौरान अरुणाचल प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के कुछ अलग-अलग स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी वर्षा दर्ज की गई। वहीं पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की सूचना भी मिली है।
आंधी-तूफान का असर और भी व्यापक रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, मध्य प्रदेश, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई स्थानों पर 50 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बनी रही।
तापमान ने तोड़े रिकॉर्ड: झारसुगुड़ा में 40.6°C, जैसलमेर में सबसे कम 16.2°C
IMD Weather Alert की रिपोर्ट बताती है कि देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 34°C से 40°C के बीच रहा, सिवाय पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत के। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.6°C झारसुगुड़ा (ओडिशा) में दर्ज किया गया, जो अप्रैल की शुरुआत में ही भीषण गर्मी का संकेत है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य से 5.1°C से भी ज्यादा ऊपर रहा। उत्तराखंड के कई स्थानों, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी तापमान सामान्य से 3.1°C से 5.0°C ज्यादा रहा।
रात के तापमान की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कुछ अन्य राज्यों में यह 12 से 18°C के बीच रहा। देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.2°C जैसलमेर (पश्चिमी राजस्थान) में दर्ज हुआ।
मौसम प्रणालियां: दक्षिणी अफगानिस्तान से चल रहा है पश्चिमी विक्षोभ
IMD Weather Alert में बताई गई मौसम प्रणालियों के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में दक्षिणी अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर निचले और ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों के बीच स्थित है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान, हरियाणा, उत्तरी गुजरात, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर-पूर्वी असम में भी ऊपरी-हवाई चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।
सबसे अहम बात यह है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ 7 अप्रैल 2026 से उत्तर-पश्चिमी भारत को फिर से प्रभावित कर सकता है, जिसका मतलब है कि इस पूरे हफ्ते मौसम अस्थिर बना रहेगा।
उत्तर-पश्चिम भारत: कश्मीर में भारी बारिश, दिल्ली-पंजाब में 70 kmph तक हवाएं
IMD Weather Alert के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत इस हफ्ते सबसे ज्यादा प्रभावित रहेगा। उत्तराखंड में 4 अप्रैल को और हिमाचल प्रदेश में 3 और 4 अप्रैल को गरज, बिजली और 40-50 kmph (झोंकों में 60 kmph) की तेज हवाओं के साथ काफी बड़े इलाके में हल्की से मध्यम बारिश होगी। उत्तर प्रदेश में 3 अप्रैल और पूर्वी राजस्थान में 4 अप्रैल को भी ऐसी ही स्थिति रहेगी।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में 3 और 4 अप्रैल को गरज के साथ 50-60 kmph (झोंकों में 70 kmph) की खतरनाक तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में 3 और 4 अप्रैल को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
ओलावृष्टि की बात करें तो जम्मू-कश्मीर में 3, 4, 7 और 8 तारीख को, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में 3 और 4 तारीख को, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 4 तारीख को ओले गिरने की संभावना है।
7, 8 और 9 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का एक और दौर आने की संभावना जताई गई है।
मध्य भारत में भी ओलावृष्टि और तूफान का खतरा
IMD Weather Alert के अनुसार मध्य भारत भी इस सप्ताह सुरक्षित नहीं है। 4 से 7 तारीख के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश, 3 और 4 तारीख को पूर्वी मध्य प्रदेश, और अगले 5 दिनों तक विदर्भ और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
3 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50-60 kmph (झोंकों में 70 kmph) की तेज हवाएं चलेंगी। ओलावृष्टि की बात करें तो 3 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश में, 3 और 4 तारीख को पूर्वी मध्य प्रदेश में और 4 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में ओले गिरने की आशंका है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी भारी बारिश की चेतावनी
अरुणाचल प्रदेश में 3 से 7 अप्रैल तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। असम और मेघालय में 5 और 6 अप्रैल को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 3 अप्रैल को गरज-बिजली के साथ बारिश होगी।
पूर्वी भारत में झारखंड में 5 और 6 अप्रैल को और बिहार में 6 और 7 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना है। बिहार में 5 से 8 तारीख के दौरान और झारखंड में 5-6 अप्रैल को 50-60 kmph (झोंकों में 70 kmph) की तेज हवाओं का झोंका आ सकता है।
पश्चिमी और दक्षिण भारत भी रहेगा प्रभावित
मध्य महाराष्ट्र में 3-4 अप्रैल और मराठवाड़ा में 3 से 5 अप्रैल तक बारिश की संभावना है। 3 अप्रैल को मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि भी हो सकती है। गुजरात में 3 अप्रैल को छिटपुट बारिश होगी।
दक्षिण भारत में केरल, तेलंगाना और कर्नाटक में 3 से 7 तारीख तक गरज-बिजली के साथ बारिश जारी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश में 4 से 7 तारीख और रायलसीमा में 5 से 7 तारीख के दौरान बारिश होगी। तमिलनाडु में 3 से 6 तारीख तक बिजली चमकने की संभावना है।
दिल्ली-NCR का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान: 3 से 6 अप्रैल
IMD Weather Alert में दिल्ली/NCR के लिए अलग से विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया गया है। बीते 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 36-37°C और न्यूनतम तापमान 21-22°C रहा। दिल्ली में कई जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.1°C से 5.0°C ज्यादा रहा।
3 अप्रैल: आसमान आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। दोपहर में गरज-बिजली और 30-40 kmph की तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी होगी। शाम से रात तक 50 kmph तक हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 31-33°C रहेगा।
4 अप्रैल: दोपहर से शाम तक बूंदाबांदी के एक-दो दौर आ सकते हैं। हवाएं 30-40 kmph (झोंकों में 50 kmph) रहेंगी। अधिकतम तापमान गिरकर 28-30°C और न्यूनतम 18-20°C रहेगा। अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहेगा।
5 अप्रैल: दोपहर बाद बादल घिरेंगे। गरज-बिजली के साथ 20-30 kmph (झोंकों में 40 kmph) हवाएं चलेंगी। अधिकतम 29-31°C और न्यूनतम 16-18°C रहेगा।
6 अप्रैल: आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम 31-33°C और न्यूनतम 17-19°C रहेगा।
दिल्लीवासियों के लिए राहत की बात यह है कि 4 अप्रैल को तापमान में अच्छी-खासी गिरावट आएगी और गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
अधिकतम तापमान का पूर्वानुमान: उत्तर-पश्चिम में गिरावट, महाराष्ट्र में बढ़ोतरी
IMD Weather Alert के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 4 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में 3-5°C की क्रमिक गिरावट होगी। 5 और 6 अप्रैल को 2-3°C की मामूली बढ़ोतरी के बाद 7-9 अप्रैल में फिर 3-5°C गिरावट आएगी। 6 अप्रैल तक तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहेगा।
मध्य भारत में कोई खास बदलाव नहीं होगा, सिवाय विदर्भ के जहां 4 अप्रैल तक 3-5°C की बढ़ोतरी होगी। पूर्वी भारत में 5-7 अप्रैल के दौरान 3-4°C गिरावट होगी। महाराष्ट्र में 5-9 अप्रैल के दौरान 2-3°C की क्रमिक वृद्धि होगी।
मछुआरों को अरब सागर में न जाने की चेतावनी
IMD ने मछुआरों को 3 से 8 अप्रैल 2026 के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। अरब सागर में 3 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी हिस्सों में और उत्तरी गुजरात तट के पास तथा उससे दूर न जाने की चेतावनी दी गई है। बंगाल की खाड़ी के लिए फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है।
गर्म और उमस भरा मौसम: ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सतर्कता
3 और 4 अप्रैल को गंगा-तटीय पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में और 3 अप्रैल को ओडिशा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की प्रबल संभावना है। ये इलाके पहले से ही भीषण गर्मी की चपेट में हैं और उमस बढ़ने से आम लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
किसानों के लिए कृषि-मौसम संबंधी जरूरी सलाह
IMD Weather Alert में किसानों के लिए भी विशेष कृषि-मौसम परामर्श जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसानों को फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
परिपक्व फसलों और फलों की कटाई तुरंत करके उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखना चाहिए। जम्मू-कश्मीर में कटी हुई सरसों, मसूर और चने को सुरक्षित स्थानों पर रखें। अरुणाचल प्रदेश में ग्रीष्मकालीन झूम धान, मक्का और सब्जियों की बुवाई स्थगित करें। केरल में केले के पौधों को सहारा दें और खड़ी फसलों के खेतों में जल निकासी चैनलों को साफ रखें।
आंधी-तूफान से बचाव के लिए IMD की सलाह
IMD ने आम लोगों के लिए कई जरूरी सावधानियां सुझाई हैं। घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। अगर बाहर हैं तो पेड़ों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के सहारे न खड़े हों। बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग तुरंत निकाल दें। संभव हो तो यात्रा टालें।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि से पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, सड़क किनारे लगे बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं, खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है, बिजली और संचार लाइनों को नुकसान हो सकता है, और कमजोर ढांचों को आंशिक नुकसान पहुंच सकता है।
क्यों है यह हफ्ता मौसम के लिहाज से बेहद अहम
इस हफ्ते लगातार दो पश्चिमी विक्षोभों का एक साथ सक्रिय होना असामान्य बात है। पहला विक्षोभ 3-4 अप्रैल को अपने चरम पर रहेगा, और अभी यह कमजोर भी नहीं पड़ेगा कि 7 अप्रैल को दूसरा विक्षोभ दस्तक दे देगा। इसका सीधा मतलब है कि उत्तर-पश्चिम भारत में पूरा हफ्ता मौसम अस्थिर रहेगा। किसानों, यात्रियों और आम लोगों को लगातार मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। अप्रैल की शुरुआत में ही इतनी मौसमी गतिविधि इस बात का संकेत है कि इस साल प्री-मॉनसून सीजन काफी सक्रिय रहने वाला है।
मुख्य बातें (Key Points)
- दो लगातार Western Disturbances का असर इस पूरे हफ्ते उत्तर-पश्चिमी भारत पर पड़ेगा, सबसे ज्यादा सक्रियता 3-4 अप्रैल और फिर 7 अप्रैल को रहेगी।
- कश्मीर घाटी में 3 और 4 अप्रैल को भारी बारिश और कई राज्यों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी।
- दिल्ली-NCR में 4 अप्रैल को अधिकतम तापमान गिरकर 28-30°C तक आएगा, 50 kmph तक हवाएं चलेंगी।
- झारसुगुड़ा (ओडिशा) में सबसे अधिक तापमान 40.6°C दर्ज, जबकि जैसलमेर में न्यूनतम 16.2°C रहा।
- किसानों को ओलावृष्टि से फसल बचाने के लिए हेल नेट का उपयोग करने और परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई करने की सलाह।













