Punjab Urban Development के क्षेत्र में पंजाब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने 2 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ में शहरी बुनियादी ढांचे, सेवा वितरण और नागरिकों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए कई बड़ी योजनाओं और सुधारों का ऐलान किया। स्थानीय सरकार, उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और बिजली विभाग के मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि पंजाब में ₹1,300 करोड़ की लागत से 2,120 किलोमीटर सड़कों का निर्माण, ₹131 करोड़ में अग्निशमन सेवाओं का आधुनिकीकरण, और सीवरेज व पेयजल पर हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं।
यह ऐलान पंजाब के शहरी इलाकों में रहने वाले लाखों नागरिकों के लिए सीधी राहत लेकर आएगा, क्योंकि बेहतर सड़कें, साफ पानी, मजबूत सीवरेज सिस्टम और बेहतर अग्निशमन सेवाएं उनके दैनिक जीवन की गुणवत्ता को काफी बेहतर करेंगी।
‘OTS स्कीम फिर शुरू: प्रॉपर्टी मालिकों को 50% तक छूट’
Punjab Urban Development के तहत जनता को राहत देने वाला एक बड़ा कदम उठाते हुए मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम को 30 अप्रैल 2026 तक दोबारा शुरू किया गया है। इस स्कीम के तहत नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस (NCF) पर लगभग 50 फीसदी की छूट दी जा रही है, जो प्रॉपर्टी मालिकों के लिए बड़ी आर्थिक राहत है। जिन लोगों ने बिना अनुमति के निर्माण किया है या जिनकी फीस लंबे समय से बकाया है, उनके लिए यह योजना एक सुनहरा मौका है कि वे कम भुगतान में अपना मामला सुलझा सकें।
इसके साथ ही एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि वित्त वर्ष 2025-26 में हाउस टैक्स कलेक्शन ₹600 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में ₹500 करोड़ था। ₹100 करोड़ की यह बढ़ोतरी शहरी स्थानीय निकायों में बेहतर दक्षता, पारदर्शिता और बेहतर अनुपालन को दर्शाती है।
‘₹1,300 करोड़ की लागत से 2,120 किमी सड़कों का निर्माण’
शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती देते हुए Punjab Urban Development के तहत मंत्री ने बताया कि नगर निगमों और काउंसिलों में 2,120 किलोमीटर सड़कों का निर्माण ₹1,300 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इन सड़कों को मई 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मानसून से पहले गड्ढा-मुक्त सड़कें सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है और टिकाऊ मरम्मत के लिए नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह पंजाब के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत होगी, क्योंकि बारिश के मौसम में टूटी सड़कें और गड्ढे हमेशा से नागरिकों की सबसे बड़ी शिकायत रही है। अगर यह लक्ष्य समय पर पूरा होता है तो इस बार मानसून में शहरी सड़कों की हालत पहले से काफी बेहतर रहेगी।
‘बिल्डिंग प्लान अप्रूवल हुआ आसान: एक बार में काम होगा पूरा’
Punjab Urban Development में व्यापार और निर्माण को आसान बनाने के लिए एक बड़ा सुधार किया गया है। अब बिल्डिंग प्लान अप्रूवल की प्रक्रिया को सरल कर दिया गया है। अब फाइल कमिश्नर के पास दो बार की बजाय सिर्फ एक बार जमा करनी होगी, जिससे प्रोसेसिंग समय काफी कम हो जाएगा। इसके अलावा STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) अप्रूवल अब सिर्फ आधे एकड़ और उससे ज्यादा के प्लॉट के लिए जरूरी होगा, जबकि पहले यह सीमा 500 स्क्वायर यार्ड थी।
अप्रूवल को और तेज करने के लिए जिला और मुख्यालय स्तर पर एक सिंगल-विंडो कमेटी सिस्टम शुरू किया गया है। इससे सभी संबंधित अधिकारी एक ही बार में अप्रूवल देंगे और देरी पूरी तरह खत्म होगी। यह सुधार प्रॉपर्टी डेवलपर्स और आम नागरिकों दोनों के लिए बड़ी राहत है।
‘₹131 करोड़ में अग्निशमन सेवाओं का आधुनिकीकरण, 13 नए स्टेशन’
आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करते हुए Punjab Urban Development के तहत सरकार ₹131 करोड़ के निवेश से अग्निशमन सेवाओं का आधुनिकीकरण कर रही है। इसमें अत्याधुनिक फायर टेंडर्स की खरीद और पूरे राज्य में 13 नए फायर स्टेशनों की स्थापना शामिल है। यह कदम शहरी इलाकों में आग जैसी आपातकालीन स्थितियों में तुरंत और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा।
पंजाब के कई शहरों में अभी तक आधुनिक फायर सर्विस का अभाव रहा है। 13 नए फायर स्टेशन बनने से कवरेज एरिया बढ़ेगा और आपातकालीन स्थिति में रेस्पॉन्स टाइम कम होगा, जिससे जान-माल का नुकसान रोकने में मदद मिलेगी।
‘सीवरेज और पेयजल पर ₹2,650 करोड़ से अधिक का निवेश’
मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि पूरे सीवरेज नेटवर्क की डीसिल्टिंग प्राथमिकता पर की जा रही है और इसे मानसून से पहले पूरा कर लिया जाएगा। जहां भी संभव है, सुपर सक्शन मशीनें लगाई जा रही हैं और इस काम के लिए 9 विशेष वेंडर तैनात किए गए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पूरे राज्य में ₹450 करोड़ की सीवरेज परियोजनाएं पहले ही आवंटित की जा चुकी हैं और इन्हें चालू वित्त वर्ष में ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा मौजूदा तिमाही में ₹700 करोड़ की और परियोजनाएं आवंटित की जाएंगी।
जल प्रबंधन के मोर्चे पर Punjab Urban Development के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में सतही जल परियोजनाओं के लिए ₹700 करोड़ के कार्य आवंटित किए गए, जिनका उद्देश्य भूजल का संरक्षण और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके अलावा मौजूदा तिमाही में लगभग ₹800 करोड़ की लागत से 30 वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTPs) भी आवंटित किए जाएंगे। कुल मिलाकर सीवरेज और पेयजल पर ₹2,650 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है।
‘पंजाब शहरी बदलाव के नए दौर में: मंत्री संजीव अरोड़ा’
अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “पंजाब शहरी बदलाव के नए दौर का गवाह बन रहा है। बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर अप्रूवल प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नागरिक सेवाओं में सुधार तक, हर पहल का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, तेज सेवाएं और बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है।”
Punjab Urban Development के तहत किए गए ये सुधार सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर दिखने लगे हैं। हाउस टैक्स कलेक्शन में ₹100 करोड़ की बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि शहरी निकायों की दक्षता में सुधार हो रहा है। ₹1,300 करोड़ की सड़कें, ₹131 करोड़ का फायर सर्विस आधुनिकीकरण और सीवरेज-पेयजल पर ₹2,650 करोड़ से ज्यादा का निवेश: ये आंकड़े बताते हैं कि पंजाब सरकार शहरी विकास को गंभीरता से ले रही है। अगर ये सभी परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो पंजाब के शहरी इलाकों में रहने वाले नागरिकों के जीवन स्तर में वाकई बड़ा बदलाव आ सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब में ₹1,300 करोड़ की लागत से 2,120 किमी सड़कों का निर्माण, मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य।
- OTS स्कीम 30 अप्रैल 2026 तक दोबारा शुरू: NCF पर लगभग 50% की छूट।
- ₹131 करोड़ में अग्निशमन सेवाओं का आधुनिकीकरण और 13 नए फायर स्टेशनों की स्थापना।
- सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं पर ₹2,650 करोड़ से अधिक का निवेश, बिल्डिंग प्लान अप्रूवल प्रक्रिया सरल की गई।













