India Angola LPG Deal की खबर ऐसे वक्त में सामने आई है जब ईरान–इजराइल युद्ध के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक हो जाने से पूरी दुनिया में तेल और गैस का भयंकर संकट मंडरा रहा है। भारत पर इसका सीधा असर पड़ा है और देश का लगभग 90% LPG आयात ठप हो चुका है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए भारतीय तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और गेल (GAIL) अफ्रीकी देश अंगोला की सरकारी कंपनी सोनागोल (Sonangol) से रसोई गैस (LPG) और प्राकृतिक गैस (LNG) खरीदने के लिए शुरुआती बातचीत कर रही हैं।
मिंट अखबार के सूत्रों के मुताबिक अगर India Angola LPG Deal पक्की हो जाती है, तो यह पहली बार होगा जब यह मध्य अफ्रीकी देश भारत को LPG की आपूर्ति करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साफ कहा है कि अगर यह युद्ध ऐसे ही चलता रहा तो एक बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। इसी को देखते हुए भारत लगातार नए विकल्पों की तलाश में जुटा है।
हॉर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक होने से कैसे पैदा हुआ यह संकट
India Angola LPG Deal की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि ईरान-इजराइल युद्ध के चलते हॉर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक हो गया है। हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस का समुद्री रास्ता है, जिससे होकर दुनिया के तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया है।
भारत के लिए यह संकट इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि देश की LPG और LNG की जरूरतों का बड़ा हिस्सा कतर, यूएई और पश्चिम एशिया के अन्य देशों से आता है। जब इन देशों से आपूर्ति का रास्ता ही बंद हो गया, तो भारत के सामने विकल्प तलाशने की मजबूरी आ गई। आम घरों में रसोई गैस की किल्लत और उद्योगों में प्राकृतिक गैस की कमी ने सरकार को तेजी से कदम उठाने पर मजबूर किया।
क्या है India Angola LPG Deal का पूरा खाका
India Angola LPG Deal के तहत भारतीय कंपनियां बाजार से खरीदारी करने की बजाय अंगोला के साथ लंबी अवधि के अनुबंध करना चाहती हैं। इसमें LPG के लिए एक साल का अनुबंध और LNG के लिए कम से कम 10 सालों का अनुबंध प्रस्तावित है।
अंगोला पहले से ही भारत को कच्चा तेल और LNG की आपूर्ति करता रहा है। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, ओमान ने 1.04 बिलियन डॉलर की आपूर्ति के बाद अंगोला भारत का पांचवां सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता था, जिसने 924.26 मिलियन डॉलर मूल्य की गैस भारत को भेजी थी। लेकिन अगर यह नई डील पक्की होती है, तो यह पहली बार होगा जब अंगोला भारत को रसोई गैस यानी LPG की भी आपूर्ति करेगा, और यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम होगा।
भारत में LPG सिलेंडर बुकिंग पर लगी पाबंदी
India Angola LPG Deal की खबर के बीच यह समझना जरूरी है कि मौजूदा आपूर्ति संकट ने आम भारतीय परिवारों को किस हद तक प्रभावित किया है। सरकार ने आपूर्ति संकट को देखते हुए घरेलू स्तर पर कई बड़े बदलाव किए हैं। अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर ही LPG सिलेंडर बुक किए जा सकते हैं।
यह पाबंदी सीधे तौर पर करोड़ों भारतीय परिवारों की रसोई को प्रभावित कर रही है। जो परिवार पहले महीने में दो सिलेंडर इस्तेमाल करते थे, उन्हें अब कम गैस में गुजारा करना पड़ रहा है। खासकर बड़े परिवारों और ग्रामीण इलाकों में जहां खाना बनाने के लिए ज्यादा गैस लगती है, वहां यह समस्या और भी गंभीर हो गई है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता
India Angola LPG Deal की अहमियत तब और बढ़ जाती है जब हम भारत की ऊर्जा निर्भरता के आंकड़े देखते हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है और इसकी 60% जरूरतें आयात से पूरी होती हैं। वहीं, LNG के मामले में भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा आयातक है और प्राकृतिक गैस की कुल मांग का 50% हिस्सा आयात किया जाता है।
इसका ज्यादातर हिस्सा कतर, यूएई और पश्चिम एशिया के अन्य देशों से आता है, यानी ठीक उसी इलाके से जहां अभी युद्ध चल रहा है और हॉर्मुज स्ट्रेट बंद है। ऊर्जा के मामले में भारत की दूसरे देशों पर इतनी ज्यादा निर्भरता ही इस संकट की सबसे बड़ी वजह है। अगर भारत के पास पहले से वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत होते, तो यह संकट इतना गहरा नहीं होता।
उर्वरक और स्टील उद्योग पर मंडरा रहा खतरा
India Angola LPG Deal सिर्फ रसोई गैस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी औद्योगिक चिंता भी है। इस आपूर्ति संकट का सीधा असर भारत के उर्वरक (Fertilizer) और स्टील जैसे उद्योगों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ये उद्योग अपनी प्रक्रियाओं के लिए प्राकृतिक गैस पर काफी हद तक निर्भर हैं।
अगर इन उद्योगों को पर्याप्त गैस नहीं मिलती, तो उत्पादन प्रभावित होगा। उर्वरक का उत्पादन कम होने का मतलब है कि किसानों को खाद महंगी मिलेगी या उपलब्ध नहीं होगी, जो खेती की लागत बढ़ाएगा। वहीं, स्टील उत्पादन प्रभावित होने से निर्माण क्षेत्र और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर असर पड़ सकता है। यानी यह संकट सिर्फ रसोई तक नहीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था तक फैल सकता है।
भारत और अंगोला की दोस्ती कितनी पुरानी है
India Angola LPG Deal को समझने के लिए दोनों देशों के संबंधों की पृष्ठभूमि जानना जरूरी है। भारत और अंगोला के रिश्ते अंगोला की आजादी से पहले के समय से चले आ रहे हैं। भारत ने पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन के खिलाफ अंगोला की आजादी की लड़ाई में पूरा समर्थन दिया था। 1975 में जब अंगोला आजाद हुआ, तब भी भारत ने उसका साथ दिया।
दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध 1985 में औपचारिक रूप से स्थापित हुए। तब से भारतीय नेतृत्व ने अंगोला की सत्ताधारी पार्टी के साथ मजबूत और गहरे संबंध बनाए रखे हैं। दोनों देश विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का सहयोग करते रहे हैं और एक-दूसरे की उम्मीदवारियों का समर्थन भी करते आए हैं। अंगोला अफ्रीका का एक प्रमुख तेल उत्पादक देश है और भारत के साथ उसकी ऊर्जा साझेदारी काफी मजबूत और जीवंत रही है।
यह डील क्यों है भारत के लिए गेम चेंजर
India Angola LPG Deal अगर पक्की हो जाती है, तो यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति में एक बड़ा बदलाव होगा। अभी तक भारत अपनी LPG और LNG की जरूरतों के लिए मुख्य रूप से पश्चिम एशिया पर निर्भर रहा है। लेकिन ईरान-इजराइल युद्ध ने यह साबित कर दिया है कि किसी एक क्षेत्र पर ज्यादा निर्भरता खतरनाक हो सकती है।
अंगोला से LPG और LNG का लंबी अवधि का अनुबंध भारत को आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने में मदद करेगा। इससे भविष्य में अगर पश्चिम एशिया में कोई और संकट पैदा होता है, तो भारत के पास वैकल्पिक आपूर्ति का रास्ता पहले से तैयार रहेगा। 10 साल के LNG अनुबंध का मतलब है कि भारत को लंबे समय तक एक स्थिर आपूर्ति की गारंटी मिलेगी, जो उद्योगों और घरेलू जरूरतों दोनों के लिए फायदेमंद होगी।
आम लोगों के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि अगर यह डील सफल होती है, तो आने वाले समय में LPG सिलेंडर की उपलब्धता में सुधार हो सकता है और सिलेंडर बुकिंग पर लगी पाबंदियों में ढील मिल सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान-इजराइल युद्ध के कारणहॉर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक, भारत का 90% LPG आयात ठप, शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण में 45 दिन के अंतराल पर ही सिलेंडर बुकिंग संभव।
- Indian Oil, BPCL, HPCL और GAIL अंगोला की सरकारी कंपनी Sonangol से बातचीत कर रही हैं, LPG के लिए 1 साल और LNG के लिए 10 साल का अनुबंध प्रस्तावित।
- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता (60% आयात) और चौथा सबसे बड़ा LNG आयातक (50% आयात), अंगोला 2025 में $924.26 मिलियन के साथ पांचवां सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता रहा।
- आपूर्ति संकट का सीधा असर उर्वरक और स्टील उद्योग पर, भारत-अंगोला के संबंध 1975 से पहले के, राजनयिक संबंध 1985 में स्थापित।







