Beadbi Law Punjab Amendment को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान किया है। फतेहगढ़ साहिब में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए CM मान ने कहा कि 13 अप्रैल यानी बैसाखी के पावन अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब में विशेष विधानसभा सत्र बुलाया जाएगा, जिसमें जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतकार एक्ट, 2008 में संशोधन किया जाएगा। इस Beadbi Law Punjab Amendment के बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वाले को न्यूनतम 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की कड़ी सजा का प्रावधान होगा।
बैसाखी पर श्री आनंदपुर साहिब में विशेष विधानसभा सत्र
Beadbi Law Punjab Amendment के लिए CM भगवंत मान ने जो रास्ता चुना है वह अपने आप में बेहद खास और भावनात्मक है। बैसाखी का दिन सिख इतिहास में सबसे पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। इसी दिन साल 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। अब उसी पावन धरती पर विशेष विधानसभा सत्र बुलाकर बेअदबी कानून को और सख्त बनाने का फैसला लिया गया है।
CM मान ने साफ शब्दों में कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने की हिम्मत कोई न करे। जो भी ऐसा करेगा उसे कम से कम 10 साल की सजा होगी और अधिकतम उम्रकैद तक की सजा दी जा सकेगी। इसके लिए देश के सबसे अच्छे कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है ताकि कानून इतना मजबूत बने कि कोई भी बेअदबी का दोषी बचकर न निकल सके।
सुखबीर बादल और अकाली दल पर जमकर बरसे CM मान
Beadbi Law Punjab Amendment की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सुखबीर सिंह बादल और शिरोमणि अकाली दल पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल बड़े-बड़े दावे करते हैं कि सब कुछ उन्होंने बनवाया, लेकिन कोटकपूरा और बेहबल कलां जैसी जगहों पर जो कुछ हुआ उस पर वह आंखें मूंद लेते हैं।
CM मान ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि बादल सरकार के शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और निर्दोष लोगों की हत्या की गई। यह सब उनके राज में हुआ। बादल परिवार इसमें शामिल था और जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि बादल परिवार ने इन बेअदबी की घटनाओं को भुला दिया है और सोचते हैं कि जनता भी भूल जाएगी, लेकिन जनता कभी नहीं भूलेगी।
पंजाब की सबसे दर्दनाक यादों पर छिड़ी सियासी जंग
Beadbi Law Punjab Amendment के पीछे पंजाब का एक बेहद दर्दनाक इतिहास छिपा है। साल 2015 में पंजाब के कई हिस्सों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं ने पूरे सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाई थी। इसके बाद कोटकपूरा और बेहबल कलां में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें निर्दोष लोगों की जान गई।
यह सब तत्कालीन अकाली दल-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल में हुआ था। तब से यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में सबसे संवेदनशील और भावनात्मक विषय बना हुआ है। आम आदमी पार्टी ने शुरू से ही बेअदबी के दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया था और अब CM मान इसी वादे को पूरा करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।
संत समाज से भी हो रही है सलाह
CM भगवंत मान ने बताया कि Beadbi Law Punjab Amendment के लिए सिर्फ कानूनी विशेषज्ञों से ही नहीं, बल्कि संत समाज से भी सलाह ली जा रही है। यह इसलिए अहम है क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब सिख धर्म में सर्वोच्च सम्मान रखते हैं और इनकी बेअदबी से जुड़ा कोई भी कानून संत समाज की राय के बिना अधूरा माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि यह काम सिर्फ उनकी सरकार ही कर सकती है और किसी दूसरी सरकार से इसकी उम्मीद नहीं की जा सकती। उनके इस बयान का सीधा इशारा अकाली दल और कांग्रेस की पिछली सरकारों पर था, जिन पर बेअदबी के मामलों में कोई ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगता रहा है।
आम सिख समुदाय के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला
Beadbi Law Punjab Amendment का सबसे बड़ा असर पंजाब के आम सिख समुदाय पर पड़ेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब हर सिख के लिए जीवित गुरु का दर्जा रखते हैं और उनकी बेअदबी किसी भी सिख के लिए सबसे बड़ा दुख है। पिछले कई सालों से लोग मांग कर रहे थे कि बेअदबी के खिलाफ कड़ा कानून बने ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके।
अगर यह संशोधन पास हो जाता है तो बेअदबी करने वालों को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा होगी, जो मौजूदा कानून से कहीं ज्यादा कठोर होगी। यह कदम न सिर्फ न्याय की दिशा में बड़ा कदम होगा, बल्कि आने वाले समय में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने में कारगर साबित हो सकता है।
पंजाब की राजनीति में बेअदबी का मुद्दा सबसे बड़ा दांव
Beadbi Law Punjab Amendment की यह घोषणा पंजाब की राजनीति में एक मास्टरस्ट्रोक की तरह है। बेअदबी का मुद्दा पंजाब में चुनावी और भावनात्मक दोनों नजरिए से सबसे संवेदनशील है। जिस सरकार ने भी इस मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाए, उसे जनता ने माफ नहीं किया। अकाली दल को 2017 और 2022 दोनों चुनावों में इसी मुद्दे पर भारी जनाक्रोश का सामना करना पड़ा।
अब भगवंत मान सरकार ने बैसाखी जैसे पावन दिन पर, श्री आनंदपुर साहिब जैसी ऐतिहासिक जगह पर विशेष सत्र बुलाकर यह संदेश दिया है कि वह इस मुद्दे को सबसे ज्यादा गंभीरता से लेती है। यह कदम राजनीतिक रूप से कितना प्रभावी होता है यह तो समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि इस फैसले ने पूरे पंजाब का ध्यान खींच लिया है और विपक्ष को भी जवाब देने की स्थिति में ला दिया है।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
पंजाब में साल 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की कई घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने पूरे सिख समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया। इसके बाद कोटकपूरा और बेहबल कलां में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर पुलिस गोलीबारी में निर्दोषों की जान गई। यह सब तत्कालीन अकाली दल-भाजपा सरकार के शासनकाल में हुआ था। तब से बेअदबी का मुद्दा पंजाब की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। 2022 में सत्ता में आने के बाद आम आदमी पार्टी ने बेअदबी के दोषियों को सजा और कानून को मजबूत करने का वादा किया था। अब CM भगवंत मान ने 13 अप्रैल 2026 को बैसाखी के दिन श्री आनंदपुर साहिब में विशेष विधानसभा सत्र बुलाकर जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतकार एक्ट, 2008 में संशोधन करने की घोषणा की है, जिसमें बेअदबी की सजा को 10 साल से उम्रकैद तक बढ़ाया जाएगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- CM भगवंत मान ने ऐलान किया कि 13 अप्रैल (बैसाखी) को श्री आनंदपुर साहिब में विशेष विधानसभा सत्र बुलाकर बेअदबी कानून में संशोधन किया जाएगा।
- श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को न्यूनतम 10 साल से उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान होगा।
- CM मान ने सुखबीर बादल और अकाली दल पर जमकर हमला बोला, कहा कि कोटकपूरा और बेहबल कलां की बेअदबी और गोलीकांड उनके राज में हुआ, बादल परिवार शामिल और जवाबदेह है।
- संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है, CM मान ने कहा यह काम सिर्फ AAP सरकार ही कर सकती है।








