Punjab Tobacco Tax Evasion को लेकर भगवंत मान सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने 27 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में जानकारी देते हुए बताया कि कर विभाग ने पूरे पंजाब में तंबाकू से जुड़ी टैक्स चोरी पर शिकंजा कसते हुए बड़े पैमाने पर समन्वित प्रवर्तन अभियान चलाया है। इस अभियान में करीब 1.5 करोड़ रुपये का बिना हिसाब-किताब वाला सामान बरामद किया गया है। यह कार्रवाई उन व्यापारियों के लिए सीधा संदेश है जो टैक्स चोरी को अपनी आदत बना चुके हैं।
टैक्स बढ़ने के बाद चोरी का नेटवर्क हुआ सक्रिय
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों पर हाल ही में टैक्स दरों में बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से विभाग को सूचना मिलने लगी कि इस सेक्टर में Punjab Tobacco Tax Evasion की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। कई व्यापारी बिना बिल के माल का लेन-देन कर रहे थे और टैक्स चुकाने से बच रहे थे।
इस खुफिया जानकारी पर तुरंत एक्शन लेते हुए पंजाब सरकार ने चार स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स को सक्रिय किया। ये यूनिट्स अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और जालंधर में तैनात हैं।
8 ठिकानों पर एक साथ पड़े छापे
इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी बात यह रही कि छापेमारी एक साथ आठ अलग-अलग ठिकानों पर की गई ताकि कोई भी व्यापारी पहले से अलर्ट न हो सके। इन आठ ठिकानों में पांच ऐसे कारोबार शामिल थे जो विभाग में रजिस्टर्ड थे, जबकि तीन कारोबार तो बिना किसी रजिस्ट्रेशन के ही चल रहे थे।
बिना रजिस्ट्रेशन वाले कारोबार का मतलब यह है कि ये व्यापारी सरकार की नजरों से पूरी तरह छिपकर काम कर रहे थे और एक रुपये का भी टैक्स नहीं दे रहे थे। यह Punjab Tobacco Tax Evasion के उस गहरे नेटवर्क का हिस्सा था जिसे अब तोड़ा गया है।
लुधियाना और अमृतसर में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां मिलीं
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सबसे बड़ी गड़बड़ियां लुधियाना और अमृतसर में सामने आई हैं। इन दोनों शहरों में प्रवर्तन टीमों को गुप्त स्टोरेज लोकेशन मिलीं, जहां भारी मात्रा में बिना हिसाब का स्टॉक छिपाकर रखा गया था।
जांच टीमों ने सिर्फ मुख्य दुकानों की ही तलाशी नहीं ली, बल्कि उनसे जुड़े गोदामों की भी गहराई से जांच की। इन गोदामों में बड़ी मात्रा में सामान बिना किसी वैध बिल या इनवॉइस के रखा हुआ मिला। यह सामान बिना टैक्स चुकाए बाजार में बेचा जा रहा था, जिससे सरकारी खजाने को सीधा नुकसान हो रहा था।
जब्त सामान का पूरा ब्योरा
इस बड़ी कार्रवाई में जो सामान जब्त किया गया, उसका विवरण चौंकाने वाला है:
- भारत में निर्मित सिगरेट के लगभग 1.32 लाख पैकेट
- बीड़ी के 18,472 पैकेट
- जर्दा के 302 पैकेट
- विदेशी सिगरेट के 13 पैकेट और 95 डिब्बे
- विदेशी निर्मित हुक्का सामग्री के 148 पीस
- 13,000 लाइटर
- कूललिप के 18 पैकेट
इतनी बड़ी मात्रा में बिना बिल का सामान मिलना यह साबित करता है कि Punjab Tobacco Tax Evasion किसी छोटे-मोटे स्तर पर नहीं बल्कि एक संगठित ढंग से चल रहा था।
50 लाख से ज्यादा टैक्स वसूली का आदेश, 12 लाख पहले ही वसूले
वित्तीय आकलन के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जब्त सामान पर लागू कानूनों के तहत जुर्माने के अलावा 50 लाख रुपये से अधिक की टैक्स देनदारी सख्ती से वसूली जाएगी। अब तक 12 लाख रुपये की राशि वसूल भी की जा चुकी है और बाकी वसूली की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
यह रकम सीधे राज्य के खजाने में जाएगी, जिसका इस्तेमाल पंजाब के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा। जो व्यापारी सरकार को टैक्स देने से बच रहे थे, वे दरअसल पंजाब के आम लोगों के हक की रकम मार रहे थे।
भगवंत मान सरकार का साफ संदेश: टैक्स चोरी बर्दाश्त नहीं
हरपाल सिंह चीमा ने Punjab Tobacco Tax Evasion के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि टैक्स अनुपालन सुनिश्चित करने और राज्य के राजस्व की सुरक्षा के लिए ऐसे समन्वित प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे। यह कोई एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि अब यह एक नियमित प्रक्रिया बन चुकी है।
उन्होंने व्यापारियों को सख्त चेतावनी देते हुए सलाह दी कि वे अपने कारोबार के उचित दस्तावेज बनाए रखें, हर लेन-देन का बिल बनाएं और सभी नियमों का पूरी तरह पालन करें। अगर कोई व्यापारी कानून का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम व्यापारियों के लिए क्या सबक है?
यह कार्रवाई सिर्फ तंबाकू कारोबार तक सीमित नहीं रहेगी, इसकी झलक साफ दिख रही है। भगवंत मान सरकार ने पिछले कुछ समय में टैक्स वसूली के मामले में अपना रुख काफी सख्त किया है। जो व्यापारी अभी तक यह सोचते थे कि छोटे-मोटे स्तर पर टैक्स चोरी करने से कुछ नहीं होगा, उनके लिए यह एक आंखें खोलने वाली कार्रवाई है। आठ जगहों पर एक साथ छापेमारी यह दिखाती है कि विभाग के पास अब पहले से कहीं बेहतर खुफिया तंत्र और समन्वय क्षमता है।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
पंजाब सरकार ने हाल ही में सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स दरों में बढ़ोतरी की थी। टैक्स बढ़ने के बाद से कई व्यापारियों ने पुराने स्टॉक को बिना बिल के बेचना शुरू कर दिया और नए माल पर भी टैक्स चुकाने से बचने की कोशिश की। कुछ व्यापारी तो बिना रजिस्ट्रेशन के ही कारोबार चला रहे थे। विभाग को खुफिया सूचनाओं के जरिए इस नेटवर्क का पता चला, जिसके बाद अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और जालंधर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन टीमों ने मिलकर एक साथ आठ ठिकानों पर छापेमारी की और करीब 1.5 करोड़ रुपये का बिना हिसाब का सामान बरामद किया।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Tobacco Tax Evasion के खिलाफ भगवंत मान सरकार ने पंजाब में 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करीब 1.5 करोड़ रुपये का बिना बिल का तंबाकू सामान जब्त किया।
- जब्त सामान में 1.32 लाख सिगरेट पैकेट, 18,472 बीड़ी पैकेट, विदेशी सिगरेट, हुक्का सामग्री और 13,000 लाइटर शामिल हैं।
- 50 लाख रुपये से अधिक की टैक्स देनदारी वसूली जाएगी, जिसमें से 12 लाख रुपये पहले ही वसूल किए जा चुके हैं।
- वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने व्यापारियों को चेतावनी दी कि टैक्स चोरी के खिलाफ ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।








