Punjab University Shooting मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर पंजाब विश्वविद्यालय में छात्र नेता जशनप्रीत सिंह जवंड़ा पर हुई गोलीबारी के मुख्य शूटर को 26 मार्च 2026 को फतेहगढ़ साहिब में एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के पास से .32 बोर की देसी पिस्तौल, एक मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और चार खाली खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने पुष्टि की कि गिरफ्तार शूटर कुख्यात डॉनी बल्ल/बंबीहा गैंग का एक प्रमुख सदस्य है।
कौन है गिरफ्तार शूटर: Bambiha Gang का अहम सदस्य
Punjab University Shooting के इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ जस के रूप में हुई है, जो फतेहगढ़ साहिब जिले के खेड़ी नौध सिंह, कोटला मसूद का निवासी है। DGP गौरव यादव ने बताया कि यह शूटर कुख्यात डॉनी बल्ल/बंबीहा गैंग का एक अहम और सक्रिय सदस्य है। यह गैंग पंजाब में पहले से ही कई गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है।
डीजीपी ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पंजाब विश्वविद्यालय में छात्र नेता जशनप्रीत सिंह जवंड़ा पर हुआ यह हमला गैंग के इशारे पर किया गया था। यानी यह कोई सामान्य व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि एक संगठित गैंगस्टर ऑपरेशन था। मामले के आगे-पीछे के सभी कनेक्शन स्थापित करने के लिए आगे की जांच जारी है।
कैसे हुई गिरफ्तारी: अमलोह-पातड़ा रोड पर मुठभेड़
Punjab University Shooting मामले में शूटर की गिरफ्तारी की कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) AGTF प्रमोद बान ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि AGTF पंजाब के इंस्पेक्टर विक्रमजीत सिंह और एसआई अमनदीप सिंह की समर्पित टीम ने एएसआई हरभजन सिंह (जिला क्राइम सेल) और एएसआई प्रदीप सिंह (AGTF चंडीगढ़) के साथ मिलकर घटना वाले दिन से ही लगातार सुरागों की जांच कर रही थी।
पुलिस टीमें चंडीगढ़, फतेहगढ़ साहिब और अमलोह क्षेत्र में छानबीन कर रही थीं। सूचनाओं के आधार पर जब आरोपी को अमलोह-पातड़ा रोड पर रोका गया तो उसने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर गोलीबारी कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया गया।
क्या बरामद हुआ: पिस्तौल, कारतूस और खोखे
Punjab University Shooting के मुख्य शूटर जसप्रीत सिंह उर्फ जस के पास से पुलिस ने कई अहम सबूत बरामद किए हैं। इनमें .32 बोर की एक देसी पिस्तौल, एक मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और चार खाली खोखे शामिल हैं। ये खाली खोखे इस बात की पुष्टि करते हैं कि इस पिस्तौल का इस्तेमाल पहले भी किसी घटना में किया गया है। फोरेंसिक जांच से यह स्पष्ट होगा कि क्या यही वो हथियार है जिसका इस्तेमाल पंजाब विश्वविद्यालय में छात्र नेता पर गोलीबारी में किया गया था।
दर्ज हुई FIR: कौन-कौन सी धाराएं लगाई गईं
इस मामले में FIR नंबर 72 दिनांक 26 मार्च 2026 को थाना अमलोह, जिला फतेहगढ़ साहिब में दर्ज की गई है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित गंभीर धाराएं लगाई गई हैं:
- धारा 109: हत्या का प्रयास
- धारा 132: सरकारी कर्मचारी पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग
- धारा 221: धमकी देना
इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25 भी लगाई गई है, जो बिना लाइसेंस के हथियार रखने से संबंधित है। ये धाराएं बताती हैं कि पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।
CM भगवंत मान का मिशन: पंजाब को गैंगस्टरों से मुक्त करना
Punjab University Shooting मामले में यह गिरफ्तारी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के उस मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत पंजाब को एक सुरक्षित राज्य बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। AGTF की स्थापना ही इसी उद्देश्य से की गई है कि पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए।
इस ऑपरेशन की सफलता यह दिखाती है कि पंजाब पुलिस का इंटेलिजेंस नेटवर्क और ऑपरेशनल क्षमता दोनों मजबूत हो रहे हैं। घटना के दिन से ही टीम लगातार सुरागों पर काम कर रही थी और कम समय में मुख्य शूटर तक पहुंचने में सफल रही।
पंजाब विश्वविद्यालय में गोलीबारी: क्या हुआ था
Punjab University Shooting की घटना ने पूरे चंडीगढ़ और पंजाब में हड़कंप मचा दिया था। पंजाब विश्वविद्यालय के कैंपस में छात्र नेता जशनप्रीत सिंह जवंड़ा पर अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियां चलाईं। यह घटना एक शैक्षणिक संस्थान के अंदर हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। एक यूनिवर्सिटी कैंपस में गैंगस्टर गतिविधियों का पहुंचना यह दिखाता है कि संगठित अपराध ने किस हद तक अपने पैर पसार लिए हैं।
बंबीहा गैंग: पंजाब का खतरनाक गैंगस्टर नेटवर्क
डॉनी बल्ल/बंबीहा गैंग पंजाब के सबसे खतरनाक गैंगस्टर नेटवर्क में गिना जाता है। यह गैंग पहले से ही हत्या, फिरौती, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। पंजाब पुलिस और AGTF पिछले कुछ समय से इस गैंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। कई सदस्य पहले भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, लेकिन गैंग का नेटवर्क इतना फैला हुआ है कि नए शूटर भर्ती होते रहते हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि इस गिरफ्तारी के बाद गैंग के पूरे नेटवर्क की गहरी जांच की जाएगी। कौन-कौन इस हमले में शामिल था, किसने ऑर्डर दिया, फंडिंग कहां से आई और हथियार कहां से आए: इन सभी सवालों के जवाब जांच में सामने आएंगे।
सवाल जो अभी भी अनुत्तरित हैं
Punjab University Shooting मामले में शूटर की गिरफ्तारी बड़ी सफलता है, लेकिन कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। पहला सवाल यह है कि छात्र नेता जशनप्रीत सिंह जवंड़ा को निशाना क्यों बनाया गया। क्या यह छात्र राजनीति से जुड़ा मामला है या इसके पीछे कोई और वजह है? दूसरा सवाल यह है कि एक यूनिवर्सिटी कैंपस में हथियारबंद शूटर कैसे पहुंच गया, सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई? तीसरा, बंबीहा गैंग का कैंपस में इतना दखल कैसे है और क्या छात्र संगठनों में गैंगस्टरों की पैठ है? ये सवाल सिर्फ पुलिस के लिए नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र और प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय हैं। जब तक शैक्षणिक संस्थानों को गैंगस्टर संस्कृति से मुक्त नहीं किया जाता, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति का खतरा बना रहेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab University Shooting के मुख्य शूटरजसप्रीत सिंह उर्फ जस को फतेहगढ़ साहिब में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया; .32 बोर की पिस्तौल, मैगजीन, कारतूस और खोखे बरामद।
- DGP गौरव यादव ने पुष्टि की कि आरोपी कुख्यात डॉनी बल्ल/बंबीहा गैंग का प्रमुख सदस्य है; हमला गैंग के इशारे पर किया गया।
- आरोपी ने अमलोह-पातड़ा रोड पर पुलिस टीम पर गोलीबारी की; जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ और अस्पताल में भर्ती।
- FIR नंबर 72 में BNS की धारा 109, 132, 221 और
आर्म्स एक्ट की धारा 25 लगाई गई; CM भगवंत मान के निर्देश पर AGTF का ऑपरेशन जारी।








