Illegal Arms Supply Punjab मामले में पंजाब पुलिस ने 26 मार्च 2026 को बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक खतरनाक अंतर-राज्यीय अवैध हथियार सप्लाई मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। काउंटर इंटेलिजेंस (CI) जालंधर ने उत्तर प्रदेश के दो आरोपियों को मथुरा से गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 7.65 एमएम की 10 देसी पिस्तौल और 20 मैगजीन बरामद कीं। पुलिस महानिदेशक (DGP) पंजाब गौरव यादव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी जर्मनी और अमेरिका में बैठे विदेशी अपराधियों के इशारे पर पंजाब में आपराधिक गिरोहों को हथियार सप्लाई करने का काम कर रहे थे।
यह Illegal Arms Supply Punjab का मामला इसलिए और भी गंभीर है क्योंकि ये दोनों आरोपी सिर्फ हथियार सप्लाई तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर गढ़शंकर में एक ट्रैवल एजेंट के घर पर फिरौती के लिए फायरिंग की घटना में भी शामिल थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के अभियान के तहत यह बड़ी कार्रवाई हुई है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी: अलीगढ़ और आगरा से कनेक्शन
Illegal Arms Supply Punjab मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान दलेश कुमार उर्फ सौरव कुमार उर्फ नन्नू निवासी पांदापुर, अलीगढ़ (यूपी) और अमित चाहर निवासी बसेरी चाहर, आगरा (यूपी) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश में रहकर जर्मनी और अमेरिका से संचालित विदेशी अपराधियों के निर्देशों पर काम कर रहे थे और पंजाब में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे।
DGP गौरव यादव ने बताया कि लगातार जांच और इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर दोनों आरोपियों को मथुरा से गिरफ्तार किया गया। आरोपी दलेश कुमार उर्फ नन्नू की ग्रैंड विटारा कार से पहले 5 पिस्तौल और 10 मैगजीन बरामद की गईं। फिर उसके खुलासे के आधार पर मथुरा-पलवल हाईवे से 5 और पिस्तौल तथा 10 और मैगजीन बरामद की गईं। इस तरह कुल मिलाकर 10 पिस्तौल और 20 मैगजीन पुलिस के हाथ लगीं।
जर्मनी और अमेरिका से चल रहा था पूरा ऑपरेशन
Illegal Arms Supply Punjab मामले का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि इस पूरे अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क को जर्मनी और अमेरिका में बैठे विदेशी अपराधी संचालित कर रहे थे। ये विदेशी हैंडलर पंजाब में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को हथियार उपलब्ध कराने के लिए यूपी के इन दोनों आरोपियों का इस्तेमाल कर रहे थे। विदेश में बैठकर भारत में अपराध की साजिश रचने का यह पैटर्न पिछले कुछ समय से पंजाब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
DGP गौरव यादव ने बताया कि ये दोनों आरोपी सिर्फ हथियार सप्लाई तक सीमित नहीं थे। विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर इन्होंने गढ़शंकर में एक ट्रैवल एजेंट के घर पर फिरौती के लिए फायरिंग की घटना को भी अंजाम दिया था। यानी ये आरोपी हथियार बेचने से लेकर एक्सटॉर्शन और फायरिंग जैसे गंभीर अपराधों में भी सीधे शामिल थे।
BKI कनेक्शन: ग्रेनेड और IED मामले से जुड़ा है तार
Illegal Arms Supply Punjab का यह ताजा मामला पिछले महीने हुई एक बड़ी गिरफ्तारी से सीधे जुड़ा हुआ है। लगभग एक महीने पहले बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के दो कार्यकर्ताओं सुखविंदर उर्फ सन्नी और रावल को उनके विदेशी हैंडलर जस्सी कुलम के निर्देश पर बलाचौर के पास तीन ग्रेनेड और एक IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) खरीदने और रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बाद में इसी IED का इस्तेमाल हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुए एक विस्फोट में किया गया था। यानी विदेशी हैंडलरों का नेटवर्क सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ है और ग्रेनेड, IED जैसे विस्फोटकों से लेकर पिस्तौल और मैगजीन तक की सप्लाई करा रहा है।
कैसे हुआ पूरा ऑपरेशन: CI जालंधर की सटीक कार्रवाई
Illegal Arms Supply Punjab मामले में काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर की टीम ने BKI कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद से लगातार जांच जारी रखी। इंटेलिजेंस इनपुट्स और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर दोनों यूपी-आधारित आरोपियों की पहचान की गई और मथुरा में उनके ठिकाने का पता लगाया गया।
पहले चरण में दलेश कुमार उर्फ नन्नू की ग्रैंड विटारा कार से 5 पिस्तौल और 10 मैगजीन बरामद हुईं। फिर उसकी पूछताछ में हथियारों के एक और ठिकाने का खुलासा हुआ, जिसके बाद मथुरा-पलवल हाईवे से 5 और पिस्तौल तथा 10 मैगजीन बरामद की गईं। इस तरह एक ही ऑपरेशन में 10 घातक हथियार बरामद हुए जो पंजाब के आपराधिक गिरोहों तक पहुंचने वाले थे।
FIR दर्ज: BNS और आर्म्स एक्ट के तहत मामला
Illegal Arms Supply Punjab मामले में थाना SSOC (स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल) अमृतसर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR नंबर 11, दिनांक 23 फरवरी 2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
DGP गौरव यादव ने कहा कि विदेश से संचालित अपराधिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए पंजाब पुलिस अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर रही है। जर्मनी और अमेरिका में बैठे हैंडलरों की पहचान पर भी काम चल रहा है।
पंजाब में विदेशी हैंडलर्स का बढ़ता नेटवर्क: कितनी बड़ी चुनौती
Illegal Arms Supply Punjab का यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि विदेश में बैठे अपराधी किस तरह भारत में, खासकर पंजाब में अपने नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। जर्मनी, अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों से बैठकर ये हैंडलर हथियारों की सप्लाई, एक्सटॉर्शन, फायरिंग और विस्फोट जैसी घटनाओं को अंजाम दिलवा रहे हैं। स्थानीय अपराधियों को पैसे और निर्देश दोनों विदेश से मिलते हैं, जिससे इस नेटवर्क को तोड़ना और भी मुश्किल हो जाता है।
हालांकि पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग पिछले कुछ समय से इस दिशा में लगातार सफलता हासिल कर रही है। BKI कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से लेकर इस ताजा हथियार मॉड्यूल के पर्दाफाश तक, पुलिस की जांच एक के बाद एक कड़ी जोड़ रही है। अगर पूरे नेटवर्क को सफलतापूर्वक तोड़ दिया जाता है, तो यह पंजाब की सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने मथुरा से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर अंतर-राज्यीय अवैध हथियार सप्लाई मॉड्यूल का पर्दाफाश किया, 10 पिस्तौल और 20 मैगजीन बरामद।
- दोनों यूपी-आधारित आरोपी जर्मनी और अमेरिका में बैठे विदेशी अपराधियों के इशारे पर पंजाब में आपराधिक गिरोहों को हथियार सप्लाई कर रहे थे।
- ये आरोपी गढ़शंकर में ट्रैवल एजेंट के घर पर फिरौती के लिए फायरिंग की घटना में भी शामिल थे, मामला BKI के ग्रेनेड-IED कांड से जुड़ा है।
- थाना SSOC अमृतसर में BNS और आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज, नालागढ़ विस्फोट में इस्तेमाल हुआ IED भी इसी नेटवर्क से जुड़ा था।








