Punjab Free Sanitary Pad वितरण को लेकर पंजाब सरकार ने महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने चालू वर्ष के दौरान लगभग ₹28 करोड़ की लागत से 7.37 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड मुफ्त वितरित किए हैं, जिनका लाभ 13.65 लाख से अधिक महिलाओं तक पहुंचा है। यह जानकारी चंडीगढ़ में 26 मार्च को पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
‘नई दिशा’ योजना: हर महीने 9 मुफ्त सैनिटरी पैड का वादा
Punjab Free Sanitary Pad पहल का सबसे मजबूत आधार ‘नई दिशा’ योजना है। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना के तहत पूरे राज्य में फैले 27,314 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से हर महीने जरूरतमंद महिलाओं को 9 सैनिटरी पैड मुफ्त प्रदान किए जा रहे हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गरीब या आर्थिक रूप से कमजोर महिला इस बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे।
आंगनवाड़ी केंद्रों को इस वितरण का माध्यम बनाया गया है क्योंकि ये केंद्र गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले तक फैले हुए हैं। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की महिलाओं को भी बिना कहीं दूर जाए अपने नजदीकी केंद्र से हर महीने यह सुविधा आसानी से मिल रही है।
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₹28 करोड़ का निवेश, 13.65 लाख महिलाओं की जिंदगी बदली
Punjab Free Sanitary Pad योजना पर पंजाब सरकार ने अब तक लगभग ₹28 करोड़ खर्च किए हैं। इस राशि से 7.37 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड खरीदे और वितरित किए गए हैं। डॉ. बलजीत कौर के मुताबिक इस योजना का सीधा लाभ 13.65 लाख से अधिक महिलाओं को मिला है।
इन आंकड़ों की गहराई में जाएं तो पता चलता है कि यह सिर्फ सैनिटरी पैड बांटने की योजना नहीं है बल्कि इसने लाखों महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी को बदलने का काम किया है। खासतौर पर ग्रामीण और पिछड़े वर्गों की महिलाओं को न केवल आर्थिक राहत मिली है बल्कि वे अपने स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति पहले से कहीं ज्यादा जागरूक हुई हैं।
मासिक धर्म से जुड़ी झिझक और सामाजिक धारणाओं को तोड़ने की पहल
Punjab Free Sanitary Pad वितरण का एक और बड़ा मकसद समाज में मासिक धर्म से जुड़ी झिझक और पुरानी धारणाओं को तोड़ना है। डॉ. बलजीत कौर ने जोर देकर कहा कि यह पहल महिलाओं और किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।
भारत के ग्रामीण इलाकों में आज भी बड़ी संख्या में महिलाएं और किशोरियां आर्थिक तंगी या सामाजिक झिझक के कारण सैनिटरी पैड का इस्तेमाल नहीं कर पातीं। वे पुराने और अस्वच्छ तरीकों पर निर्भर रहती हैं जिससे कई तरह के संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना रहता है। पंजाब सरकार की यह योजना इसी समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जब आंगनवाड़ी केंद्रों पर खुलेआम सैनिटरी पैड वितरित होते हैं तो इससे महिलाओं में इस विषय पर बात करने का भरोसा बढ़ता है और धीरे-धीरे सामाजिक धारणाएं भी बदलती हैं।
आगे का लक्ष्य: ₹14.60 करोड़ से 3.68 करोड़ और पैड वितरित होंगे
Punjab Free Sanitary Pad योजना को आगे और विस्तार देने की तैयारी भी पूरी है। डॉ. बलजीत कौर ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान ₹14.60 करोड़ की लागत से 3.68 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका मकसद अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ना है ताकि कोई भी जरूरतमंद महिला इस सुविधा से वंचित न रहे।
यह आंकड़े बताते हैं कि पंजाब सरकार इस योजना को सिर्फ एक बार की पहल नहीं बल्कि एक स्थायी व्यवस्था के रूप में चलाना चाहती है। हर साल बजट में इसके लिए अलग से राशि आवंटित की जा रही है जिससे योजना की निरंतरता बनी रहे।
मंत्री बोलीं: कोई भी महिला बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे
डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भगवंत मान सरकार का मुख्य उद्देश्य यही है कि हर महिला को स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन के लिए जरूरी सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि कोई भी महिला बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित नहीं रहनी चाहिए और सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने दृढ़ता से कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए इस प्रकार की महिला-केंद्रित और जनहितैषी योजनाओं को लगातार जारी रखेगी। Punjab Free Sanitary Pad जैसी योजनाएं यह साबित करती हैं कि जब सरकारी नीतियां सही दिशा में काम करें तो करोड़ों महिलाओं की जिंदगी में बदलाव लाना संभव है।
क्यों अहम है यह योजना आम महिलाओं के लिए
Punjab Free Sanitary Pad योजना की अहमियत को समझने के लिए जमीनी हकीकत देखनी होगी। देश में आज भी करोड़ों महिलाएं मासिक धर्म के दौरान सैनिटरी पैड खरीदने में सक्षम नहीं हैं। एक पैकेट सैनिटरी पैड की कीमत भले ही बहुत ज्यादा न लगे लेकिन हर महीने इसका खर्च उठाना कई गरीब परिवारों के लिए बोझ बन जाता है। ऐसे में जब सरकार हर महीने 9 पैड मुफ्त देती है तो यह न सिर्फ पैसों की बचत है बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और आत्मसम्मान की रक्षा भी है। पंजाब ने इस मामले में जो मॉडल तैयार किया है, वह दूसरे राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब सरकार ने ₹28 करोड़ की लागत से 7.37 करोड़ सैनिटरी पैड मुफ्त वितरित किए, 13.65 लाख महिलाओं को मिला लाभ।
- ‘नई दिशा’ योजना के तहत 27,314 आंगनवाड़ी केंद्रों पर हर महीने जरूरतमंद महिलाओं को 9 सैनिटरी पैड मुफ्त दिए जा रहे हैं।
- चालू वित्तीय वर्ष में ₹14.60 करोड़ से 3.68 करोड़ और सैनिटरी पैड वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह पहल मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक झिझक तोड़ने और महिलाओं को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में बड़ा कदम है।








