Today in History March 24: इतिहास के पन्नों में 24 मार्च की तारीख इतनी बड़ी-बड़ी घटनाओं से भरी है कि एक पूरी किताब लिखी जा सकती है। 1603 में इसी दिन इंग्लैंड की महान महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम की मृत्यु हुई और ट्यूडर राजवंश का अंत हो गया, तो 1882 में जर्मन वैज्ञानिक रॉबर्ट कोख ने ट्यूबरक्लोसिस (TB) के बैसिलस की खोज की घोषणा कर दुनिया को एक नई दिशा दी। 1944 में द्वितीय विश्व युद्ध का सबसे दुस्साहसिक फ़रार हुआ जिसे “The Great Escape” कहा जाता है, तो 1989 में अलास्का में Exxon Valdez तेल रिसाव ने इतिहास की सबसे भयावह पर्यावरणीय आपदाओं में से एक को जन्म दिया। आइए जानते हैं Today in History March 24 की सभी प्रमुख और चौंकाने वाली घटनाएं, जन्मदिन, निधन और शादियां विस्तार से।
1603: महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम का निधन, ट्यूडर राजवंश का अंत
24 मार्च 1603 को इंग्लैंड की सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली शासकों में से एक महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम ने 69 वर्ष की आयु में रिचमंड पैलेस में अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु के साथ ही ट्यूडर राजवंश का 118 साल पुराना शासन समाप्त हो गया। एलिज़ाबेथ ने 45 वर्षों तक इंग्लैंड पर राज किया और उनके शासनकाल को “एलिज़ाबेथन युग” कहा जाता है, जिसमें शेक्सपियर जैसी प्रतिभाओं ने साहित्य और कला को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
उनकी मृत्यु के तुरंत बाद स्कॉटलैंड के राजा जेम्स षष्ठम को इंग्लैंड के राजा जेम्स प्रथम के रूप में घोषित किया गया, जिससे इतिहास में पहली बार इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के ताज एक ही व्यक्ति के सिर पर आए। इस घटना को “यूनियन ऑफ द क्राउन्स” कहा जाता है। एलिज़ाबेथ ने आजीवन अविवाहित रहकर “वर्जिन क्वीन” की उपाधि अर्जित की थी और उनकी मृत्यु ने यूरोप की राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया।
1765: ब्रिटेन का क्वार्टरिंग एक्ट, अमेरिकी क्रांति की एक और चिंगारी
Today in History March 24 में एक और ऐतिहासिक घटना दर्ज है जिसने अमेरिकी स्वतंत्रता आंदोलन की आग को और तेज़ किया। 24 मार्च 1765 को ब्रिटिश संसद ने क्वार्टरिंग एक्ट पास किया, जिसके तहत अमेरिकी उपनिवेशवासियों को ब्रिटिश सैनिकों को अपने घरों में ठहराना और उनका खर्च उठाना अनिवार्य कर दिया गया। इस कानून ने अमेरिकियों में ब्रिटिश शासन के खिलाफ आक्रोश को और गहरा किया। स्टैम्प एक्ट के साथ मिलकर इस एक्ट ने “No taxation without representation” की भावना को और मज़बूत किया जो अंततः 1776 की अमेरिकी क्रांति का कारण बनी।
1882: TB की खोज का ऐतिहासिक दिन, इसीलिए मनाया जाता है World TB Day
चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में 24 मार्च 1882 का दिन एक क्रांतिकारी मोड़ है। जर्मन वैज्ञानिक रॉबर्ट कोख ने बर्लिन में एक सभा में ट्यूबरक्लोसिस (TB) के कारक बैक्टीरिया माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस की खोज की घोषणा की। उस समय TB दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में से एक थी और हर सातवें यूरोपीय व्यक्ति की मौत इसी बीमारी से होती थी। कोख की इस खोज ने TB के इलाज और रोकथाम का रास्ता खोल दिया।
इसी ऐतिहासिक खोज की याद में हर साल 24 मार्च को विश्व TB दिवस (World Tuberculosis Day) मनाया जाता है। रॉबर्ट कोख को इस खोज के लिए 1905 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आज भी TB दुनिया की सबसे घातक संक्रामक बीमारियों में से एक बनी हुई है और भारत में सबसे ज़्यादा TB के मरीज़ पाए जाते हैं।
1944: द ग्रेट एस्केप: युद्ध इतिहास का सबसे दुस्साहसिक फ़रार
Today in History March 24 में द्वितीय विश्व युद्ध की सबसे रोमांचक और दर्दनाक घटनाओं में से एक दर्ज है। 24 मार्च 1944 की रात को जर्मनी के स्टैलैग लुफ्ट III युद्ध बंदी शिविर से 76 मित्र राष्ट्रों के युद्ध बंदी (POWs) एक सुरंग के ज़रिए फ़रार हो गए। इस घटना को “द ग्रेट एस्केप” के नाम से जाना जाता है। युद्ध बंदियों ने महीनों की मेहनत से तीन सुरंगें खोदी थीं जिन्हें “टॉम”, “डिक” और “हैरी” नाम दिया गया था।
दुर्भाग्य से अधिकांश फ़रार बंदी पकड़ लिए गए और हिटलर के सीधे आदेश पर 50 युद्ध बंदियों को गोली मार दी गई। केवल तीन बंदी सफलतापूर्वक भागने में कामयाब हुए। इस घटना पर 1963 में स्टीव मैक्वीन अभिनीत हॉलीवुड फ़िल्म “The Great Escape” बनी जो आज भी क्लासिक मानी जाती है।
इसी दिन 24 मार्च 1944 को रोम के पास आर्डिएटाइन नरसंहार भी हुआ, जिसमें नाज़ी जर्मन सैनिकों ने इटालियन पार्टिज़न हमले के बदले में 335 इटालियन नागरिकों और राजनीतिक कैदियों की हत्या कर दी। युद्ध के इतिहास में एक ही दिन दो इतनी बड़ी घटनाओं का घटना बेहद असाधारण है।
1958: Elvis Presley की सेना में भर्ती, रॉक एंड रोल को लगा झटका
संगीत और पॉप कल्चर की दुनिया में 24 मार्च 1958 का दिन एक भूचाल जैसा था। “किंग ऑफ रॉक एंड रोल” एल्विस प्रेस्ली को अमेरिकी सेना में भर्ती कर लिया गया। उस वक्त एल्विस दुनिया के सबसे लोकप्रिय गायक और अभिनेता थे और उनकी सेना में भर्ती से लाखों प्रशंसक दुखी हो गए। एल्विस ने किसी भी तरह की विशेष छूट लेने से इनकार कर दिया और एक आम सैनिक के रूप में सेवा की। उन्हें जर्मनी में तैनात किया गया और लगभग दो साल बाद 1960 में वे सेना से लौटे। उनकी इस देशभक्ति ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया।
1976: अर्जेंटीना में खूनी तख्तापलट, शुरू हुआ “गंदा युद्ध”
24 मार्च 1976 को अर्जेंटीना में सेना ने तख्तापलट कर राष्ट्रपति इसाबेल पेरोन को सत्ता से बेदखल कर दिया। जनरल जॉर्ज राफेल विदेला के नेतृत्व में सैन्य जुंटा ने सत्ता संभाली और जो दौर शुरू हुआ उसे “गंदा युद्ध” (Dirty War) कहा जाता है। इस दौरान अनुमानित 30,000 लोग “गायब” हो गए, जिनमें छात्र, बुद्धिजीवी, पत्रकार और आम नागरिक शामिल थे। सैन्य शासन ने विरोधियों को गुप्त कैदखानों में रखा, यातनाएं दीं और “डेथ फ्लाइट्स” में विमानों से समुद्र में फेंक दिया। यह सैन्य शासन 1983 तक चला और आज भी 24 मार्च को अर्जेंटीना में “नेशनल डे ऑफ मेमोरी फॉर ट्रुथ एंड जस्टिस” के रूप में मनाया जाता है।
1980: आर्कबिशप ऑस्कर रोमेरो की गोली मारकर हत्या
Today in History March 24 की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक 1980 में हुई जब अल सल्वाडोर के आर्कबिशप ऑस्कर रोमेरो की चर्च में प्रार्थना करते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। रोमेरो गरीबों और मानवाधिकारों के मुखर पैरोकार थे और उन्होंने अल सल्वाडोर की सरकार और सेना द्वारा की जा रही हिंसा और अत्याचारों का खुलकर विरोध किया था। उनकी हत्या से ठीक एक दिन पहले उन्होंने सेना से अपील की थी कि “भगवान के नाम पर, दमन बंद करो।” उनके अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल हुए लेकिन वहां भी गोलीबारी और भगदड़ में 40 से ज़्यादा लोग मारे गए। 2018 में पोप फ्रांसिस ने रोमेरो को संत घोषित किया।
1989: Exxon Valdez तेल रिसाव: पर्यावरण इतिहास की सबसे बड़ी तबाही
24 मार्च 1989 को अलास्का के प्रिंस विलियम साउंड में तेल टैंकर Exxon Valdez एक रीफ से टकरा गया और लगभग 11 मिलियन गैलन (करीब 37,000 मीट्रिक टन) कच्चा तेल समुद्र में बह गया। यह अमेरिकी इतिहास की सबसे भयावह पर्यावरणीय आपदाओं में से एक थी। तेल रिसाव ने 2,100 किलोमीटर से अधिक तटरेखा को प्रदूषित कर दिया। लाखों मछलियां, हज़ारों समुद्री पक्षी, सैकड़ों सील और व्हेल मारे गए।
जांच में पता चला कि टैंकर का कप्तान जोसेफ हेज़लवुड शराब पीकर ड्यूटी पर था और उसने जहाज़ की कमान एक अनुभवहीन तीसरे अधिकारी को सौंप दी थी। इस हादसे ने अमेरिका में तेल परिवहन के नियमों को पूरी तरह बदल दिया और ऑयल पॉल्यूशन एक्ट 1990 बनाया गया। दशकों बाद भी प्रिंस विलियम साउंड का पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है।
1999: NATO ने शुरू की यूगोस्लाविया पर बमबारी
24 मार्च 1999 को NATO ने यूगोस्लाविया (सर्बिया) पर बमबारी शुरू कर दी। यह कोसोवो में अल्बानियाई नागरिकों पर सर्बियाई बलों द्वारा किए जा रहे नरसंहार और जातीय सफाई को रोकने के लिए किया गया। ऑपरेशन अलाइड फ़ोर्स के तहत 78 दिनों तक लगातार बमबारी जारी रही। यह पहला मौका था जब NATO ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंज़ूरी के बिना किसी संप्रभु देश पर सैन्य कार्रवाई की। इस अभियान में सर्बियाई राष्ट्रपति स्लोबोदान मिलोसेविच को अंततः हार माननी पड़ी और कोसोवो पर से सर्बियाई नियंत्रण समाप्त हुआ।
2015: Germanwings Flight 9525 क्रैश: सह-पायलट ने जानबूझकर गिराया विमान
Today in History March 24 की सबसे भयावह घटनाओं में 2015 का Germanwings Flight 9525 विमान हादसा शामिल है। 24 मार्च 2015 को बार्सिलोना से डसेलडॉर्फ जा रहा यह एयरबस A320 विमान फ्रांसीसी आल्प्स में जा गिरा और बोर्ड पर मौजूद सभी 150 लोगों की मौत हो गई। जांच में जो सच सामने आया वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था: विमान के सह-पायलट एंड्रियास लुबिट्ज़ ने जानबूझकर विमान को पहाड़ से टकरा दिया था। लुबिट्ज़ गंभीर डिप्रेशन से पीड़ित था लेकिन उसने अपनी मानसिक स्थिति एयरलाइन से छुपाई थी। इस हादसे के बाद दुनियाभर में एविएशन नियमों में बड़े बदलाव किए गए और कॉकपिट में हमेशा कम से कम दो व्यक्तियों की मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई।
2016: बोस्नियाई नरसंहार का दोषी करार, राडोवान कराज़िच को सज़ा
24 मार्च 2016 को हेग में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने बोस्नियाई सर्ब नेता राडोवान कराज़िच को स्रेब्रेनित्सा नरसंहार सहित मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया और 40 साल की सज़ा सुनाई (बाद में आजीवन कारावास में बदली गई)। 1995 के स्रेब्रेनित्सा नरसंहार में 8,000 से अधिक बोस्नियाई मुसलमान पुरुषों और लड़कों की हत्या कर दी गई थी, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे बड़ा नरसंहार था।
24 मार्च को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति
24 मार्च को दुनिया की कई महान हस्तियों ने जन्म लिया जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में इतिहास रचा।
1834 में ब्रिटिश टेक्सटाइल डिज़ाइनर और कलाकार विलियम मॉरिस का जन्म हुआ जिन्होंने “आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स मूवमेंट” की नींव रखी। 1874 में दुनिया के सबसे महान जादूगर हैरी हुडिनी का जन्म बुडापेस्ट, हंगरी में हुआ। हुडिनी अपने अविश्वसनीय एस्केप एक्ट्स के लिए विश्वप्रसिद्ध हुए और आज भी उनका नाम जादू का पर्याय माना जाता है।
1930 में हॉलीवुड के “किंग ऑफ कूल” स्टीव मैक्वीन का जन्म हुआ जिन्होंने “The Great Escape”, “Bullitt” और “The Thomas Crown Affair” जैसी क्लासिक फ़िल्मों में अभिनय किया। 1951 में अमेरिकी फ़ैशन डिज़ाइनर टॉमी हिलफ़िगर का जन्म हुआ जिन्होंने एक वैश्विक फ़ैशन साम्राज्य खड़ा किया।
1973 में “The Big Bang Theory” के शेल्डन कूपर जिम पार्सन्स का जन्म हुआ। 1974 में “How I Met Your Mother” की लिली ऑल्ड्रिन एलीसन हैनिगन का जन्म हुआ। 1976 में NFL के महानतम क्वार्टरबैक्स में गिने जाने वाले पेटन मैनिंग का जन्म हुआ जिन्होंने दो सुपर बाउल जीते। 1977 में ऑस्कर नॉमिनी अभिनेत्री जेसिका चैस्टेन का जन्म हुआ।
24 मार्च को हुए प्रमुख निधन
24 मार्च को दुनिया ने कई ऐसी हस्तियों को खोया जिन्होंने इतिहास की धारा बदली।
1603 में इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम का 69 वर्ष की आयु में निधन हुआ, जिनके बारे में ऊपर विस्तार से बताया गया है। 1882 में अमेरिका के महान कवि हेनरी वड्सवर्थ लॉन्गफ़ेलो का 75 वर्ष की आयु में निधन हुआ। “Paul Revere’s Ride” और “The Song of Hiawatha” जैसी अमर कविताओं के रचयिता लॉन्गफ़ेलो अपने समय के सबसे लोकप्रिय अमेरिकी कवि थे।
1905 में फ्रांसीसी लेखक जूल्स वर्ने का 77 वर्ष की आयु में निधन हुआ। “ट्वेंटी थाउज़ेंड लीग्स अंडर द सी”, “अराउंड द वर्ल्ड इन एटी डेज़” और “जर्नी टू द सेंटर ऑफ द अर्थ” जैसी उनकी रचनाओं ने विज्ञान कथा साहित्य की नींव रखी। वर्ने ने पनडुब्बी, अंतरिक्ष यात्रा और हेलीकॉप्टर जैसे आविष्कारों की कल्पना अपनी किताबों में दशकों पहले कर ली थी।
1976 में द्वितीय विश्व युद्ध के ब्रिटिश फ़ील्ड मार्शल बर्नार्ड मॉन्टगोमरी का 88 वर्ष की आयु में निधन हुआ। “मॉन्टी” के नाम से मशहूर मॉन्टगोमरी ने उत्तरी अफ्रीका में अल अलामीन की लड़ाई में जर्मन जनरल रोमेल को हराकर युद्ध का रुख बदल दिया था।
1980 में अल सल्वाडोर के आर्कबिशप ऑस्कर रोमेरो की हत्या की गई। 2016 में डच फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों में से एक योहान क्रूफ़ का 68 वर्ष की आयु में फेफड़ों के कैंसर से निधन हुआ। क्रूफ़ ने एफ.सी. बार्सिलोना और अजाक्स दोनों क्लबों को खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उन्हें “टोटल फुटबॉल” का जनक माना जाता है और तीन बार बैलोन डी’ओर से सम्मानित किया गया।
24 मार्च का दिन क्यों है इतिहास में सबसे अलग
24 मार्च को एक तरफ जहां TB की खोज जैसी जीवनरक्षक उपलब्धि हासिल हुई, वहीं दूसरी तरफ Exxon Valdez जैसी पर्यावरणीय तबाही भी हुई। एक तरफ द ग्रेट एस्केप जैसी साहसिक घटना हुई तो दूसरी तरफ Germanwings जैसी मानवनिर्मित त्रासदी भी। महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम जैसी महान शासिका का अंत हुआ तो हैरी हुडिनी और स्टीव मैक्वीन जैसे किंवदंती कलाकारों का जन्म भी इसी दिन हुआ। यह तारीख हमें सिखाती है कि इतिहास हमेशा उम्मीद और त्रासदी, साहस और दुख का मिश्रण होता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 1603 में महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम का निधन हुआ और ट्यूडर राजवंश समाप्त हो गया, 1882 में रॉबर्ट कोख ने TB बैसिलस की खोज की घोषणा की जिसकी याद में World TB Day मनाया जाता है
- 1944 में स्टैलैग लुफ्ट III से 76 युद्ध बंदी फ़रार हुए (The Great Escape), 1958 में एल्विस प्रेस्ली अमेरिकी सेना में भर्ती हुए
- 1976 में अर्जेंटीना में सैन्य तख्तापलट हुआ, 1980 में आर्कबिशप ऑस्कर रोमेरो की हत्या हुई, 1989 में Exxon Valdez तेल रिसाव हुआ
- हैरी हुडिनी, स्टीव मैक्वीन, पेटन मैनिंग और जिम पार्सन्स जैसी हस्तियों का जन्म और जूल्स वर्ने, बर्नार्ड मॉन्टगोमरी, योहान क्रूफ़ का निधन 24 मार्च को हुआ








