IMD Weather Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 मार्च 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में देश के कई हिस्सों के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन काम करने वाले IMD के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक करीब 10 से ज्यादा राज्यों में छिटपुट ओलावृष्टि, गरज-चमक, बिजली गिरने और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं का अलर्ट दिया गया है। साथ ही, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 मार्च को बहुत भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
सबसे राहत की बात यह है कि IMD ने स्पष्ट किया है कि अगले एक सप्ताह के दौरान देश में किसी भी महत्वपूर्ण Heat Wave की स्थिति की संभावना नहीं है।

पिछले 24 घंटों में क्या-क्या हुआ: 81 kmph की आंधी, 11 सेमी बारिश
IMD Weather Alert के अनुसार 20 मार्च 2026 की सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम ने जबरदस्त तांडव मचाया। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में छिटपुट स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई।
जलपाईगुड़ी जिले के मोराघाट टी एस्टेट में सबसे ज्यादा 10 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि तमिलनाडु के सलेम जिले में एडापडी में 9 सेमी और तटीय आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में कुकुनूर में 7 सेमी बारिश दर्ज हुई।
इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, ओडिशा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में कई जगहों पर ओलावृष्टि की खबरें भी मिलीं।
81 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं तूफानी हवाएं
पिछले 24 घंटों का सबसे डरावना आंकड़ा तूफानी हवाओं का रहा। IMD के आंकड़ों के अनुसार सौराष्ट्र और कच्छ के बोटाद (भावनगर) में 81 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जो किसी भी इलाके में सबसे तेज थीं। इसके बाद गुजरात क्षेत्र के धोलेरा (अहमदाबाद) में 76 किमी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर में 74 किमी प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज हुई।
मध्य महाराष्ट्र के धुले में 63 किमी, विदर्भ के अकोला में 59 किमी, ओडिशा के बालासोर में 56 किमी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथरस में 52 किमी और मराठवाड़ा के परभणी में भी 52 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफानी हवाएं चलीं। वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, कोंकण, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं रिकॉर्ड की गईं।
तापमान में भारी गिरावट: झारखंड में 38.2°C, पंजाब में न्यूनतम 10°C
IMD Weather Alert में तापमान से जुड़े आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। कल झारखंड के डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 38.2°C दर्ज किया गया, जो देश में सबसे ज्यादा था। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भी अधिकतम तापमान 36°C से 38°C के बीच रहा। मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल और माहे के कुछ स्थानों पर भी ऐसी ही स्थिति रही।
दूसरी तरफ, भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.0°C पंजाब के गुरदासपुर में दर्ज किया गया। उत्तर-पश्चिम भारत में बड़े पैमाने पर गरज-चमक की वजह से कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 2 से 4°C तक गिर गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश को छोड़कर उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी कम (-5.1°C या उससे अधिक) रहा।
पश्चिमी विक्षोभ है इस सब की वजह
IMD ने बताया कि इन सभी मौसमी गतिविधियों के पीछे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता प्रमुख कारण है। यह विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान से दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक पंजाब और राजस्थान से होते हुए निचले से ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों में एक गर्त के रूप में दिखाई दिया।
हरियाणा के ऊपर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ था, जो उत्तरी गुजरात तक फैला था। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना था, जो विदर्भ और नागालैंड तक फैला हुआ था। पूर्वी भारत में समुद्र तल से 12.6 किमी ऊपर लगभग 95 समुद्री मील की रफ्तार वाली उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी चल रही है।
IMD ने आगे की चेतावनी देते हुए बताया कि 22 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और 26 मार्च 2026 से एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जो मौसम को और अस्थिर बना सकता है।
आगे के लिए कहां-कहां है खतरा: क्षेत्रवार पूर्वानुमान
उत्तर-पश्चिम भारत: 20 मार्च को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (60 किमी तक के झोंके) की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश/बर्फबारी की प्रबल संभावना है। 20 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-बिजली के साथ बारिश होगी। पूर्वी राजस्थान में बिजली गिरने की संभावना है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत: 20 मार्च को असम और मेघालय तथा 20-21 मार्च को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। 20 और 24 मार्च को असम-मेघालय में और 24 मार्च को अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। 20 मार्च को त्रिपुरा में ओलावृष्टि की भी संभावना है।
पूर्वी और मध्य भारत: 20 से 24 मार्च के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं के साथ बारिश होगी। 20 और 21 मार्च को भारी बारिश और 21 मार्च को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सबसे खतरनाक बात यह है कि 20 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में तथा 20-21 मार्च को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 60 से 70 किमी प्रति घंटे (80 किमी तक के झोंके) की रफ्तार से आंधी की प्रबल संभावना है।
मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।
दक्षिण भारत: 20 से 22 मार्च के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और माहे में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
पश्चिमी भारत: मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 20 मार्च को ओलावृष्टि की संभावना है। केरल, कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक में 21 से 23 मार्च के बीच गर्म और आर्द्र मौसम की चेतावनी भी जारी की गई है।
दिल्ली-NCR का हाल: तापमान 7°C गिरा, 23 मार्च तक कैसा रहेगा मौसम
IMD Weather Alert में दिल्ली/NCR के लिए अलग से विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान में 5 से 7°C और न्यूनतम तापमान में 1 से 2°C की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में अधिकतम तापमान 25 से 27°C और न्यूनतम 15 से 16°C रहा। आसमान बादलों से घिरा रहा और दक्षिण-पश्चिम दिशा से 20 किमी प्रति घंटे (झोंकों में 36 किमी तक) की रफ्तार से हवाएं चलीं।
20 मार्च: आसमान बादलों से घिरा रहेगा। दोपहर से शाम के दौरान गरज-बिजली के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश का दौर आ सकता है। अधिकतम तापमान 19°C से 21°C रहेगा, जो सामान्य से काफी नीचे (-5.1°C या उससे कम) होगा।
21 मार्च: आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। अधिकतम तापमान 27°C से 29°C और न्यूनतम 13°C से 15°C रहने की संभावना है। दोनों ही सामान्य से कम रहेंगे।
22 मार्च: आसमान आंशिक रूप से बादलों वाला रहेगा, शाम को और बादल छाएंगे। अधिकतम 29°C से 31°C और न्यूनतम 15°C से 17°C रहेगा, जो सामान्य के आसपास होगा।
23 मार्च: आसमान बादलों वाला रहेगा। गरज-बिजली के साथ बहुत हल्की बारिश की संभावना है। अधिकतम 30°C से 32°C और न्यूनतम 16°C से 18°C रहने की उम्मीद है।
अगले 7 दिनों में तापमान का पूर्वानुमान: Heat Wave से राहत
IMD ने स्पष्ट किया है कि देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर आंधी-तूफान की गतिविधि और पश्चिमी विक्षोभ के लगातार आने के कारण अगले एक सप्ताह के दौरान दिन का तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों में तापमान 2 से 3°C गिरेगा और उसके बाद 6 दिनों में 5 से 7°C की क्रमिक वृद्धि होगी। उत्तर प्रदेश में अगले 2 दिनों में 6 से 8°C तक गिरावट और फिर 5 दिनों में 4 से 6°C की वृद्धि की संभावना है।
पूर्वी भारत में 2 से 3°C की गिरावट और फिर 3 से 5°C की वृद्धि होगी। गुजरात में अगले 4 दिनों में 3 से 5°C और महाराष्ट्र में 2 से 4°C की वृद्धि होने की संभावना है। देश के बाकी हिस्सों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।
मछुआरों के लिए चेतावनी: बंगाल की खाड़ी में न जाएं
IMD ने मछुआरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि 20 मार्च से 22 मार्च तक उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के आसपास और उससे दूर के क्षेत्रों में बंगाल की खाड़ी में न जाएं। हालांकि, अरब सागर के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह
IMD ने खेती-किसानी और पशुपालन से जुड़ी अहम सलाह भी जारी की है, जो सीधे तौर पर करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण है:
ओलावृष्टि से बचाव: उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करें।
भारी बारिश से बचाव: हिमाचल प्रदेश में गेहूं और सब्जियों की फसल में जल निकासी सुनिश्चित करें। उत्तराखंड में गेहूं, जौ, सरसों, मसूर की फसलों में उचित जल निकासी करें और पकी हुई रेपसीड, सरसों और सब्जी मटर की कटाई के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें।
तेज हवाओं से बचाव: बागवानी फसलों, सब्जियों और फलों के नए पौधों को तेज हवाओं से गिरने से बचाने के लिए सहारा दें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या तिरपाल से ढक दें।
पशुपालन: भारी बारिश और ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड में रखें, संतुलित आहार दें और चारे-पशुआहार को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित जगह रखें।
आम लोगों के लिए IMD की अहम सलाह
IMD ने आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि के मद्देनजर आम लोगों के लिए कई जरूरी सुझाव दिए हैं:
- मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और यात्रा करने से बचें।
- पेड़ों के नीचे शरण न लें और कंक्रीट के फर्श पर न लेटें।
- बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें।
- तुरंत पानी से बाहर निकल जाएं और बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।
- निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है, इसलिए सतर्क रहें।
क्यों बढ़ रही है मार्च में ऐसी चरम मौसमी घटनाएं
पश्चिमी विक्षोभ का लगातार आना और उसके साथ निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण का बनना इस बार मार्च महीने को असामान्य रूप से अस्थिर बना रहा है। आमतौर पर मार्च के अंत तक उत्तर भारत में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार लगातार पश्चिमी विक्षोभ के आने से तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। IMD ने 26 मार्च से एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना जताई है, जिसका मतलब है कि अगले हफ्ते भी मौसम अस्थिर रहने के पूरे आसार हैं। ऐसी स्थिति में गेहूं, सरसों और बागवानी फसलों की कटाई का सीजन होने के कारण किसानों को सबसे ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD ने 10 से ज्यादा राज्यों में ओलावृष्टि, 60 से 80 किमी प्रति घंटे की आंधी, गरज-बिजली और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
- 21 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश की संभावना है; सौराष्ट्र के बोटाद में 81 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाएं दर्ज हुईं।
- दिल्ली में तापमान 5-7°C गिरा, अधिकतम 19-21°C तक रहने का अनुमान; अगले एक हफ्ते Heat Wave का कोई खतरा नहीं।
- झारखंड के डाल्टनगंज में 38.2°C अधिकतम और पंजाब के गुरदासपुर में 10.0°C सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।
- किसानों को ओलावृष्टि से फसल बचाने के लिए हेल नेट लगाने और जल निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।








