Kathgarh Lift Irrigation Scheme Punjab: चंडीगढ़/काठगढ़ (एस.बी.एस. नगर), 19 मार्च। पंजाब का कंडी क्षेत्र वह इलाका है जहां के किसान पीढ़ियों से वर्षा के भरोसे खेती करते आए थे। ऊंचाई के कारण नहरी पानी यहाँ कभी नहीं पहुंच पाया था। लेकिन गुरुवार को यह तस्वीर बदल गई। पंजाब के जल संसाधन एवं भूमि व जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने एस.बी.एस. नगर के काठगढ़ में 214 करोड़ रुपये की काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना का उद्घाटन किया। इसके साथ ही कंडी के ऊंचे इलाकों तक पहली बार नहरी पानी पहुंचाने का ऐतिहासिक काम पूरा हुआ।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार की इस पहल से 33 गांवों की 11,500 एकड़ भूमि को नहरी सिंचाई मिलेगी। कृषि उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय में सुधार होगा और वर्षों से उपेक्षित रहा यह इलाका अब खेती के नए अवसरों की ओर बढ़ेगा।
काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना: कंडी की बदलती तकदीर
मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि यह परियोजना बिस्त-दोआब नहर से जुड़ी है, जिसकी जल वहन क्षमता 67 क्यूसेक है। पंपों के माध्यम से पानी को ऊपर उठाकर अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में विस्तृत पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पहुंचाया जाएगा। पंप हाउस के लिए विभाग की अपनी मौजूदा भूमि का उपयोग किया गया, जिससे अलग से भूमि अधिग्रहण की जरूरत ही नहीं पड़ी।
कंडी क्षेत्र में भूजल स्तर के गिरने और ट्यूबवेलों के बंद होने से किसान पूरी तरह वर्षा पर निर्भर हो गए थे। अर्ध-पहाड़ी भूगोल के कारण पारंपरिक नहर प्रणाली यहाँ कभी सफल नहीं रही। इससे फसली विविधता सीमित रही और जमीन की कीमतें भी कम रहीं। काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना इन सभी समस्याओं का एक साथ समाधान करती है।
तीन चरणों में पूरी होगी यह ऐतिहासिक परियोजना
214 करोड़ रुपये की यह परियोजना तीन चरणों में लागू की जा रही है। पहला चरण 67 करोड़ रुपये की लागत से फरवरी 2026 में पूरा हो चुका है, जिसके तहत 13 गांवों की 4,000 एकड़ जमीन को सिंचाई सुविधा मिल गई है।
दूसरा चरण 107 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें 14 गांवों की 5,500 एकड़ भूमि शामिल की जाएगी। तीसरा और अंतिम चरण 40 करोड़ रुपये में 6 गांवों की 2,000 एकड़ जमीन तक सिंचाई पहुंचाएगा। बिजली के खर्च को कम करने के लिए 650 किलोवाट का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है।
IIT रुड़की और IIT रोपड़ की भागीदारी: आधुनिक तकनीक का कमाल
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे डिजाइन करने के लिए आधुनिक सैटेलाइट और ड्रोन सर्वेक्षण किए गए। IIT रुड़की और IIT रोपड़ में विभाग के तकनीकी कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद इस जटिल परियोजना को केवल छह महीनों के भीतर युद्ध स्तर पर लागू कर दिया गया।
जो काम पिछली सरकारें दशकों तक नहीं कर सकीं, वह मान सरकार ने तकनीकी नवाचार और राजनीतिक इच्छाशक्ति के बल पर महज छह महीने में कर दिखाया। यह उपलब्धि कंडी क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई शुरुआत है।
कंडी नहर का कायाकल्प: 40 साल बाद पानी पहुंचा अंतिम छोर तक
मंत्री ने बताया कि कंडी नहर तलवाड़ा से बलाचौर तक जाती है, जिसकी कुल लंबाई 129.035 किलोमीटर और जल वहन क्षमता 463 क्यूसेक है। 1980 में इसकी शुरुआत हुई थी, लेकिन पहले पानी कभी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता था।
मान सरकार ने 1,500 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइनों की मरम्मत की, 300 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई और 120 किलोमीटर नहरों व खालों की री-लाइनिंग कराई। इससे तीन दशकों के बाद पहली बार 12 ब्लॉकों की 1,28,740 एकड़ भूमि को लाभ मिला। इस परियोजना से पहले बलाचौर क्षेत्र में 72 गांवों की 28,205 एकड़ भूमि पर सिंचाई सुविधा थी, जो अब बढ़कर 105 गांवों की 39,705 एकड़ तक हो जाएगी।
6,700 करोड़ का निवेश: पानी का उपयोग 22% से बढ़कर 78% हुआ
मंत्री गोयल ने बताया कि मान सरकार ने राज्य के सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए अब तक 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसका असर जमीन पर साफ दिखाई देता है। पहले जहाँ केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था, वह अब बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है।
नहरों की मजबूती से न केवल खेतों तक पानी पहुंचा, बल्कि भूजल स्तर में सुधार हुआ है, बिजली की खपत घटी है और मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ी है। यह एक बहुआयामी लाभ है जो पंजाब के किसानों को वर्षों तक फायदा देता रहेगा।
कंडी का यह बदलाव किसान की जिंदगी में क्या लाएगा?
काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना सिर्फ पाइप और पंप की कहानी नहीं है। यह उन हजारों किसान परिवारों के लिए जीवन बदलने वाला कदम है जो पीढ़ियों से आसमान की तरफ ताकते हुए खेती करते आए थे। जब नहरी पानी खेत तक पहुंचता है तो महंगे ट्यूबवेल की जरूरत खत्म होती है, बिजली का बिल घटता है और किसान विविध फसलें उगाने की स्थिति में आ जाता है।
कंडी जैसे क्षेत्र में जमीन की कीमत कम इसलिए थी क्योंकि सिंचाई नहीं थी। अब जब पानी पहुंचेगा तो जमीन की मूल्य वृद्धि होगी और किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। एक परियोजना जो कृषि, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तीनों पर एक साथ सकारात्मक असर डाले, वही असली विकास कहलाता है।
मुफ्त इलाज और 600 यूनिट बिजली: बाकी गारंटियां भी पूरी
मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने इस मौके पर आम आदमी पार्टी सरकार की अन्य कल्याणकारी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार 10 लाख रुपये तक के बीमा कवर के साथ मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है तथा हर घर को 600 यूनिट मुफ्त बिजली मिल रही है। जनता से किए गए सभी वादे बिना किसी भेदभाव के पूरे किए जा रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में बंगा से विधायक डॉ. सुखविंदर सुख्खी, बलाचौर से विधायक संतोष कटारिया, डिप्टी कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख और अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर बलबीर राज सिंह समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्य बातें (Key Points)
- जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने 19 मार्च को SBS नगर के काठगढ़ में 214 करोड़ रुपये की काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना का उद्घाटन किया, जिससे पहली बार कंडी क्षेत्र के ऊंचे इलाकों तक नहरी पानी पहुंचाया गया।
- योजना तीन चरणों में है: पहला (₹67 करोड़, 13 गांव-4,000 एकड़, फरवरी 2026 में पूर्ण), दूसरा (₹107 करोड़, 14 गांव-5,500 एकड़, सितंबर 2026 तक) और तीसरा (₹40 करोड़, 6 गांव-2,000 एकड़); 650 KW सोलर प्लांट भी स्थापित।
- IIT रुड़की और IIT रोपड़ में प्रशिक्षित कर्मचारियों और सैटेलाइट-ड्रोन सर्वेक्षण की मदद से यह परियोजना 6 महीने में युद्ध स्तर पर पूरी की गई; भूमि अधिग्रहण की भी जरूरत नहीं पड़ी।
- मान सरकार ने सिंचाई ढांचे पर 6,700 करोड़ खर्च किए; नहरी पानी उपयोग 22% से बढ़कर 78%; कंडी नहर से तीन दशक बाद 12 ब्लॉकों की 1,28,740 एकड़ भूमि को लाभ मिला।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








