AAP Drug Racket Punjab: शिरोमणि अकाली दल के लीगल सेल के प्रेसिडेंट एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने 19 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में अकाली दल के हेड ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मजीठा विधानसभा हलके में AAP के हलका इंचार्ज तलबीर सिंह गिल के चहेते PA, यूथ इंचार्ज और सरपंच लवप्रीत सिंह कोट हिरदे राम की गाड़ी से करीब 4.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद होने का मामला सिर्फ एक सरपंच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार AAP के कई बड़े नेताओं तक जुड़े हैं और हाई लेवल जांच होने पर कई बड़ी मछलियां बेनकाब हो सकती हैं।
हलका इंचार्ज का PA, यूथ इंचार्ज और सरपंच: एक शख्स तीन पद, करोड़ों का नशा कारोबार
एडवोकेट कलेर ने AAP Drug Racket Punjab का पूरा खाका पेश करते हुए बताया कि गिरफ्तार सरपंच लवप्रीत सिंह कोई मामूली व्यक्ति नहीं था। वह एक साथ मजीठा हलका इंचार्ज तलबीर सिंह गिल का पर्सनल असिस्टेंट (PA), AAP का यूथ इंचार्ज और गांव कोट हिरदे राम का सरपंच था। कलेर ने सवाल उठाया कि एक ही आदमी जो “थ्री इन वन” पद पर बैठा है, वह बिना राजनीतिक संरक्षण और सरपरस्ती के करोड़ों रुपये की हेरोइन का कारोबार कैसे चला सकता है।
उन्होंने कहा कि हलका इंचार्ज तलबीर गिल ने इस शख्स को इतना पावरफुल बना दिया था कि पूरे हलके में पुलिस हो, प्रशासन हो या कोई और विभाग, ट्रांसफर इसकी मंजूरी से ही होते थे। जब कोई व्यक्ति इतनी राजनीतिक ताकत रखता हो तो जाहिर है कि उसका ड्रग कारोबार भी उसी संरक्षण में चल रहा था।
दो हफ्ते में दो AAP सरपंचों से 22.5 किलो हेरोइन बरामद: पैटर्न साफ है
कलेर ने AAP Drug Racket Punjab का पैटर्न समझाते हुए बताया कि पहले तरनतारन के गांव कलसिया कलां के सरपंच परमजीत सिंह से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 18 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। वह सरपंच AAP सरकार की ‘ड्रग वॉर’ के तहत गठित विलेज डिफेंस कमेटी का प्रेसिडेंट था। और अब मजीठा के कोट हिरदे राम के सरपंच से 4.5 किलो से ज्यादा हेरोइन के साथ एक पिस्तौल और कारतूस भी बरामद हुए हैं।
कुछ ही दिनों के अंतराल में दो AAP सरपंचों से कुल मिलाकर करीब 22.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद होना, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये है, यह साबित करता है कि यह कोई छुटपुट घटना नहीं बल्कि एक संगठित ड्रग रैकेट है जो राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है।
तलबीर गिल से लेकर मनीष सिसोदिया तक: कलेर ने लिए बड़े नाम
एडवोकेट कलेर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP के कई बड़े नेताओं के नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार सरपंच की जिन नेताओं के साथ करीबी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, उनमें मजीठा हलका इंचार्ज तलबीर सिंह गिल, AAP के पंजाब मामलों के इंचार्ज मनीष सिसोदिया, पंजाब AAP अध्यक्ष और मंत्री अमन अरोड़ा, पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल, MLA जीवनजोत कौर, MLA शेरी कलसी और सोनिया मान के नाम शामिल हैं।
कलेर ने कहा कि ये तस्वीरें किसी आम कार्यक्रम की नहीं हैं, बल्कि ये खुद बता रही हैं कि गिरफ्तार शख्स के इन नेताओं के साथ कितने करीबी और गहरे रिश्ते थे। उन्होंने मांग की कि जांच में यह भी पता लगाया जाए कि ड्रग्स की कमाई में से किस AAP नेता को कितना हिस्सा भेजा जाता था।
तलबीर गिल की फाइनेंशियल जांच की मांग: किंगपिन होने के सबूत मिलेंगे
AAP Drug Racket Punjab मामले में कलेर ने सबसे बड़ी मांग यह रखी कि अगर हलका इंचार्ज तलबीर सिंह गिल के फाइनेंशियल सोर्स की हाई लेवल जांच की जाए तो उनके इस ड्रग रैकेट का किंगपिन होने के बड़े सबूत सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह जांच होनी चाहिए कि ड्रग्स किस राजनीतिक नेता की गाड़ी में सप्लाई हो रही थी, सरहद पार से कितनी हेरोइन मंगवाकर पंजाब में कहां-कहां सप्लाई की गई और कौन-कौन से राजनीतिक नेता इससे सीधे जुड़े हैं।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि यह कैसे संभव है कि हलका इंचार्ज की इजाजत के बिना उनका PA इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी कर रहा था। अगर PA बिना इजाजत के ऐसा कर रहा था तो यह हलका इंचार्ज की अयोग्यता है, और अगर इजाजत से कर रहा था तो यह संगठित अपराध में सीधी भागीदारी है।
NCB, CBI जांच और हाई कोर्ट की निगरानी की मांग
एडवोकेट कलेर ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री से अपील करते हुए कहा कि इस बड़े मामले की CBI जांच का आदेश दिया जाए ताकि पंजाब में AAP नेताओं की सरपरस्ती में चल रहे ड्रग रैकेट का पूरा पर्दाफाश हो सके। उन्होंने NCB से भी पंजाब में बड़े पैमाने पर छापेमारी बढ़ाने की मांग की।
इसके साथ ही कलेर ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से अपील की कि वह इस मामले में खुद सुओ मोटो संज्ञान ले और किसी सेंट्रल एजेंसी से जांच करवाए। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि एक्टिंग DGP ने इन बड़े नेताओं के मामले में आंखें बंद कर रखी हैं।
अकाली दल की चेतावनी: सड़क से लेकर कोर्ट तक ले जाएंगे मामला
कलेर ने चेतावनी दी कि अगर सरकार की तरफ से इस AAP Drug Racket Punjab मामले की हाई लेवल जांच नहीं कराई गई तो शिरोमणि अकाली दल इसे सड़क से लेकर कोर्ट तक ले जाएगा और इस बड़े ड्रग रैकेट का हर कीमत पर पर्दाफाश करेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कलेर के साथ एडवोकेट जसप्रीत बराड़ और रणबीर राणा ढिल्लो भी उपस्थित थे।
उन्होंने अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से सीधे सवाल पूछा कि क्या वे अपने नेताओं के जरिए पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ ऐसी लड़ाई लड़ रहे हैं, या वे खुद अपने लोगों को संरक्षण देकर और विरोधियों के खिलाफ झूठे बयान देकर ड्रग रैकेट चला रहे हैं। कलेर ने व्यंग्य करते हुए पूछा कि क्या यह मनीष सिसोदिया की सख्त सजा की पॉलिसी है जिसमें ड्रग तस्करों को ऐसी सजा दी जा रही है कि वे AAP के पदाधिकारी बनकर और भी बड़ा कारोबार चलाएं।
पंजाब में नशे की राजनीति: आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच कहां है
यह मामला पंजाब की राजनीति में नशे के मुद्दे की कड़वी सच्चाई को बेपर्दा करता है। एक तरफ AAP सरकार ‘युद्ध नशेयां विरुध’ अभियान के तहत हजारों गिरफ्तारियों और टनों बरामदगी के आंकड़े पेश कर रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी के अपने पदाधिकारी ही किलोग्राम में हेरोइन बेच रहे हैं। चार हफ्ते में नशा खत्म करने का वादा करके सत्ता में आई पार्टी के लिए अपने ही सरपंचों का बार-बार ड्रग्स के साथ पकड़ा जाना राजनीतिक रूप से बेहद शर्मनाक है।
पंजाब की जनता जो वास्तव में नशे की मार झेल रही है, उसके लिए यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर निराशाजनक है। जब तक नशे की तस्करी को लेकर राजनीतिक इच्छाशक्ति ईमानदार नहीं होगी और जांच एजेंसियां बिना राजनीतिक दबाव के काम नहीं करेंगी, तब तक पंजाब का नशे से मुक्त होना एक सपना ही बना रहेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- मजीठा हलका इंचार्ज तलबीर गिल के PA, यूथ इंचार्ज और सरपंच लवप्रीत सिंह की गाड़ी से 4.5 किलो हेरोइन, पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए, अकाली दल ने आरोप लगाया कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतना बड़ा कारोबार संभव नहीं है।
- दो हफ्ते में दो AAP सरपंचों से कुल करीब 22.5 किलो हेरोइन बरामद हुई है, पहले तरनतारन से सरपंच परमजीत सिंह से 18 किलो और अब मजीठा से लवप्रीत सिंह से 4.5 किलो, जो संगठित ड्रग रैकेट की ओर इशारा करता है।
- एडवोकेट कलेर ने तलबीर गिल, मनीष सिसोदिया, अमन अरोड़ा, कुलदीप धालीवाल, जीवनजोत कौर, शेरी कलसी और सोनिया मान के नाम लेते हुए आरोप लगाए कि गिरफ्तार सरपंच के इन नेताओं से गहरे रिश्ते थे और वायरल तस्वीरें इसका सबूत हैं।
- अकाली दल ने केंद्र सरकार से CBI-NCB जांच और पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट से सुओ मोटो संज्ञान की मांग की है, चेतावनी दी कि जांच न हुई तो मामले को सड़क से कोर्ट तक ले जाएंगे।








