Amritsar Arms Smuggling Module: पंजाब पुलिस ने 19 मार्च 2026 को अमृतसर में सरहद पार से चल रहे एक बड़े हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए एक नाबालिग समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सात आधुनिक पिस्तौल बरामद की गई हैं। पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) गौरव यादव ने चंडीगढ़ में यह जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी पुर्तगाल में बैठे एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे, जो ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से गैरकानूनी हथियारों की तस्करी में इनकी मदद कर रहा था।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर चल रही मुहिम का नतीजा
यह बड़ी कामयाबी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित सूबा बनाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के तहत हासिल हुई है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर इस पूरे Amritsar Arms Smuggling Module को तहस-नहस कर दिया। DGP गौरव यादव ने बताया कि इस मामले में आरोपी सरहद पार से ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप हासिल करते थे और फिर उन्हें आगे अपराधिक तत्वों को सप्लाई करते थे। यह मॉड्यूल काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसके तार विदेश तक जुड़े हुए थे।
पांच Glock पिस्तौल और दो .30 बोर पिस्तौल बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल सात आधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं, जिनमें पांच 9mm Glock पिस्तौल और दो .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं। Glock पिस्तौल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल होने वाला अत्याधुनिक हथियार है और इसका भारत-पाकिस्तान सरहद के रास्ते तस्करी होकर आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इतनी बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियारों का बरामद होना इस बात का संकेत है कि यह मॉड्यूल बड़े पैमाने पर काम कर रहा था।
कौन हैं गिरफ्तार छह आरोपी: एक नाबालिग भी शामिल
पुलिस कमिश्नर (CP) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान का खुलासा किया। अमृतसर के पिंड बुर्ज के गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (27), बटाला के सुंदर नगर के मनीष कुमार उर्फ जैरी (24), अमृतसर के पिंड चूचकवाल के सरूप सिंह उर्फ रूप (27), अमृतसर के पिंड फतेहपुर राजपूता के चमकौर सिंह (20) और तरनतारन के भिखीविंड के वंश शर्मा (23) को गिरफ्तार किया गया है। इनके अलावा एक नाबालिग भी इस मॉड्यूल में शामिल पाया गया है, जो इस पूरे मामले को और भी चिंताजनक बनाता है कि तस्कर नेटवर्क किस तरह कम उम्र के लड़कों को अपराध की दुनिया में खींच रहे हैं।
ऐसे हुआ पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश: कड़ी दर कड़ी खुलती गई
CP गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि खुफिया इत्तलाह पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने सबसे पहले गुरप्रीत उर्फ गोपी को एक नाबालिग के साथ गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो 9mm Glock पिस्तौल बरामद हुईं। इसके बाद पूछगिछ में जो खुलासे हुए, उनके आधार पर मनीष उर्फ जैरी, सरूप उर्फ रूप और चमकौर सिंह को भी धर दबोचा गया। इनके कब्जे से तीन और 9mm Glock पिस्तौल बरामद हुईं।
कड़ी आगे और जुड़ती गई जब चमकौर सिंह ने पूछगिछ में वंश शर्मा का नाम उगला। इसके बाद वंश शर्मा को भी दो .30 बोर पिस्तौलों समेत गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह पुलिस ने एक-एक कड़ी जोड़ते हुए पूरे Amritsar Arms Smuggling Module को बेनकाब कर दिया।
मुख्य आरोपी मनीष उर्फ जैरी पर पुलिस अधिकारियों पर गोलीबारी का मामला
इस मामले का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि मुख्य आरोपियों में से एक मनीष कुमार उर्फ जैरी पिछले साल बटाला में पुलिस अधिकारियों पर हुई गोलीबारी की वारदात में भी शामिल था और तब से फरार चल रहा था। यानी यह कोई मामूली तस्कर नहीं बल्कि हिस्ट्रीशीटर किस्म का अपराधी है जो पुलिस पर हमला करने से भी नहीं हिचकता।
इसी तरह सरूप सिंह उर्फ रूप का भी लंबा अपराधिक रिकॉर्ड है। उस पर NDPS Act (नशीले पदार्थ कानून) और चोरी के कई मामले पहले से दर्ज हैं। इन दोनों खतरनाक अपराधियों का एक ही मॉड्यूल में सक्रिय होना यह दिखाता है कि हथियार तस्करी, नशा तस्करी और संगठित अपराध के बीच कितने गहरे रिश्ते हैं।
पुर्तगाल कनेक्शन: विदेश से हो रहा था पूरा ऑपरेशन कंट्रोल
DGP गौरव यादव ने जो जानकारी दी उसमें सबसे चौंकाने वाला तथ्य पुर्तगाल कनेक्शन है। पुर्तगाल में बैठा एक विदेशी हैंडलर इस पूरे ऑपरेशन को कंट्रोल कर रहा था। वह ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियारों की खेप भारतीय सरहद के अंदर भिजवाता था और अमृतसर में बैठे ये आरोपी उन खेपों को रिसीव करके आगे अपराधिक तत्वों तक पहुंचाते थे।
यह मामला इस बात को उजागर करता है कि अंतरराष्ट्रीय अपराधी नेटवर्क किस तरह टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके भारत की सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं। ड्रोन तकनीक का हथियार तस्करी में बढ़ता इस्तेमाल सीमा सुरक्षा बलों के लिए नई और गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। पंजाब पुलिस ने पूरे नेटवर्क के खात्मे के लिए आगे-पीछे के सभी संपर्क स्थापित करने के लिए गहन जांच जारी रखी है।
असलहा एक्ट की गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
इस सिलसिले में अमृतसर के पुलिस स्टेशन छावनी में असलहा एक्ट की धारा 25(6), 25(7)(1) और 25(8) के तहत FIR नंबर 42 दिनांक 11 मार्च 2026 को दर्ज की गई है। ये धाराएं गैरकानूनी हथियारों के निर्माण, बिक्री और रखने से संबंधित गंभीर अपराधों के लिए लगाई जाती हैं और इनमें सजा काफी कड़ी होती है। आम नागरिकों के लिए यह राहत की बात है कि पुलिस ने बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियारों को अपराधियों के हाथों में पहुंचने से पहले ही जब्त कर लिया, जिससे संभावित हिंसक वारदातों को रोका जा सका है।
पंजाब सरहद पर ड्रोन से तस्करी: बढ़ती चुनौती
पिछले कुछ सालों में भारत-पाकिस्तान सरहद पर ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले तेजी से बढ़े हैं। पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सरहद तस्करों के लिए हमेशा से संवेदनशील रही है और अब ड्रोन टेक्नोलॉजी ने इस खतरे को कई गुना बढ़ा दिया है। हालांकि, पंजाब पुलिस और BSF की सतर्कता के चलते ऐसे कई मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन विदेश में बैठे हैंडलर तक पहुंचना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस मामले में भी पुर्तगाल में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग की जरूरत होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमृतसर पुलिस ने सरहद पार से चल रहे हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए नाबालिग समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से पांच 9mm Glock पिस्तौल तथा दो .30 बोर पिस्तौल बरामद कीं।
- आरोपी पुर्तगाल में बैठे एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे, जो ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी करवाता था और इन आरोपियों को खेप आगे अपराधियों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था।
- मुख्य आरोपी मनीष उर्फ जैरी बटाला में पुलिस अधिकारियों पर गोलीबारी का फरार आरोपी था, जबकि सरूप उर्फ रूप पर NDPS Act और चोरी के कई मामले पहले से दर्ज हैं।
- असलहा एक्ट की धारा 25(6), 25(7)(1) और 25(8) के तहत FIR दर्ज की गई है और पूरे नेटवर्क का खात्मा करने के लिए गहन जांच जारी है।








