Charanpreet Singh Murder Case में पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को कैथल (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है। चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में 18 मार्च को दिनदहाड़े 31 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर चरणप्रीत सिंह उर्फ चीनी कुबाहेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के महज कुछ ही घंटों बाद AGTF ने तेजी दिखाते हुए दोनों शूटरों — राजन उर्फ पीयूष पहलवान (फिरोजपुर) और प्रीतम शाह (नवांशहर) — को कैथल में मुठभेड़ के बाद धर दबोचा।
यह गिरफ्तारी इसलिए भी अहम है क्योंकि गैंगस्टर लकी पटियाल ने दाविंदर बम्बीहा गैंग की तरफ से सोशल मीडिया पर इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी, जिसके बाद से पूरे पंजाब और चंडीगढ़ में हड़कंप मचा हुआ था।
कैसे हुई थी सेक्टर-9 में दिनदहाड़े हत्या
18 मार्च 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में स्थित बॉडी ज़ोन जिम के बाहर यह खौफनाक वारदात हुई। 31 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर चरणप्रीत सिंह उर्फ चीनी कुबाहेड़ी अपनी वर्कआउट खत्म करके जिम से बाहर निकला और अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठने ही वाला था कि बाइक पर सवार दो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ 8 से 12 राउंड गोलियां बरसा दीं।
गोलियां चरणप्रीत की छाती, पेट और बाजुओं में लगीं और वह ड्राइवर सीट पर ही ढेर हो गया। उसे पहले सेक्टर-16 के सरकारी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल (GMSH) और फिर पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह वारदात चंडीगढ़ के हाई-सिक्योरिटी इलाके में हुई, जो चंडीगढ़ प्रशासन के दफ्तरों और SSP ऑफिस के बेहद करीब है। यह 24 घंटों के अंदर चंडीगढ़ में हुई दूसरी फायरिंग की घटना थी, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
AGTF ने कैथल में मुठभेड़ के बाद दबोचे दोनों आरोपी
Charanpreet Singh Murder Case की गुत्थी सुलझाने के लिए पंजाब AGTF ने रातोंरात पूरा तंत्र सक्रिय कर दिया। इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर टीम ने दोनों संदिग्धों को हरियाणा के कैथल में ट्रैक किया। जब AGTF टीम ने घेराबंदी की तो दोनों आरोपियों ने भागने के लिए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपी — राजन उर्फ पीयूष पहलवान और प्रीतम शाह — घायल हो गए। घायल अवस्था में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, और हथियार भी बरामद कर लिए। यह बाइक वही थी जो CCTV फुटेज में हमलावरों के भागने के दौरान दिखी थी और बाद में मोहाली में छोड़ी गई थी।
कौन है राजन उर्फ पीयूष पहलवान: मलेशिया से नेपाल होते हुए भारत में घुसा
गिरफ्तार मुख्य शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान फिरोजपुर का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह कुछ समय पहले मलेशिया से नेपाल के रास्ते अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुआ था। इसका मतलब साफ है कि यह शूटर अंतरराष्ट्रीय गैंग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और उसे विदेश से बुलाकर इस हत्या को अंजाम दिलवाया गया।
दूसरा आरोपी प्रीतम शाह नवांशहर का निवासी है। दोनों आरोपियों पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये दोनों शार्पशूटर की भूमिका में थे और गैंग के इशारों पर काम कर रहे थे।
लकी पटियाल ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी, बम्बीहा गैंग का कनेक्शन
इस Charanpreet Singh Murder Case को और भी गंभीर बनाने वाली बात यह है कि हत्या के कुछ ही घंटों बाद गैंगस्टर लकी पटियाल ने दाविंदर बम्बीहा गैंग की तरफ से सोशल मीडिया पर इस वारदात की जिम्मेदारी ले ली। पटियाल ने दावा किया कि चरणप्रीत सिंह उनके विरोधी गैंग का “खबरी” था और फिरौती वसूलने में उनकी मदद करता था।
दाविंदर बम्बीहा गैंग का लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ लंबे समय से खूनी टकराव चल रहा है और पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़ में दोनों गैंग के बीच की दुश्मनी बार-बार हिंसक वारदातों की शक्ल में सामने आती रही है। चरणप्रीत की हत्या इसी गैंग वॉर का ताजा और खतरनाक अध्याय है।
चरणप्रीत सिंह को पहले भी मिल रही थीं धमकियां
जांच में यह भी सामने आया है कि चरणप्रीत सिंह खुद भी आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति था। उस पर हत्या की कोशिश और शस्त्र अधिनियम के तहत पहले से मामले दर्ज थे। साथ ही उसके गैंग नेटवर्क और ड्रग ट्रेड से जुड़े होने की भी आशंका जताई जा रही है।
सबसे अहम बात यह है कि चरणप्रीत ने कुछ समय पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे बम्बीहा गैंग के ऑपरेटिव्स से 50 लाख रुपये की फिरौती की धमकी मिली है। उसने हथियार का लाइसेंस भी मांगा था, लेकिन वह अभी लंबित था। अगर समय रहते उसकी सुरक्षा का इंतजाम हो जाता, तो शायद यह हत्या टाली जा सकती थी — यह सवाल अब कानून-व्यवस्था के ढांचे पर उंगली उठा रहा है।
गैंग कल्चर पर पंजाब-चंडीगढ़ में गहराती चिंता
यह घटना पंजाब और चंडीगढ़ में तेजी से पनप रहे गैंग कल्चर की भयावह तस्वीर पेश करती है। दिनदहाड़े, हाई-सिक्योरिटी जोन में, SSP ऑफिस के पास बाइक सवार शूटर किसी को 12 गोलियां मार दें और भाग जाएं — यह बताता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं।
हालांकि, AGTF की त्वरित कार्रवाई ने यह भी साबित किया है कि पंजाब पुलिस जब हरकत में आती है तो नतीजे देती है। दोनों शूटरों का इतनी जल्दी पकड़ा जाना और मुठभेड़ में उनका घायल होना अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है। लेकिन असली सवाल यह है कि जब तक गैंग के मास्टरमाइंड विदेश में बैठकर ऑपरेशन चलाते रहेंगे, तब तक ऐसी वारदातों पर पूरी तरह लगाम कैसे लगेगी।
जानें पूरा मामला
18 मार्च 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में बॉडी ज़ोन जिम के बाहर 31 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर चरणप्रीत सिंह उर्फ चीनी कुबाहेड़ी (मूल निवासी कुबाहेड़ी गांव, मुल्लांपुर) की बाइक सवार दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। गैंगस्टर लकी पटियाल ने दाविंदर बम्बीहा गैंग की ओर से इस हत्या की जिम्मेदारी ली। हमलावर वारदात के बाद मोहाली की तरफ भागे जहां उन्होंने फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक छोड़ दी। पंजाब AGTF ने इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर तुरंत कार्रवाई की और कैथल (हरियाणा) में मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों — राजन उर्फ पीयूष पहलवान (फिरोजपुर) और प्रीतम शाह (नवांशहर) — को गिरफ्तार कर लिया। राजन मलेशिया से नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में आया था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल बाइक, फर्जी नंबर प्लेट और हथियार बरामद किए हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- चंडीगढ़ सेक्टर-9 में 18 मार्च को प्रॉपर्टी डीलर चरणप्रीत सिंह उर्फ चीनी कुबाहेड़ी की बाइक सवार दो शूटरों ने गोली मारकर हत्या की।
- पंजाब AGTF ने कैथल (हरियाणा) में मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों राजन उर्फ पीयूष पहलवान और प्रीतम शाह को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया।
- मुख्य शूटर राजन मलेशिया से नेपाल होते हुए अवैध तरीके से भारत आया था, दोनों पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- गैंगस्टर लकी पटियाल ने दाविंदर बम्बीहा गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी ली, गैंग वॉर से जुड़ा मामला।








