Mukhyamantri Swasthya Yojana Punjab के तहत एक ऐसी खबर सामने आई है जो सरकारी योजनाओं की ताकत को नए सिरे से परिभाषित करती है। चंडीगढ़/मोगा से मिली जानकारी के मुताबिक, 19 मार्च को यह बात सामने आई कि पंजाब के मोगा जिले की 98 वर्षीय बुजुर्ग महिला मुख्तियार कौर ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत कैंसर का पूरी तरह कैशलेस इलाज करवाया है। वह इस योजना की अब तक की सबसे अधिक उम्र की लाभार्थी बनकर सामने आई हैं।
यह मामला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की जनहितैषी स्वास्थ्य नीति का एक जीता-जागता उदाहरण है, जहां एक बुजुर्ग महिला को बिना एक पैसा खर्च किए कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का उपचार मिला।
स्वास्थ्य कार्ड से हुआ पूरा इलाज, परिवार पर नहीं पड़ा कोई आर्थिक बोझ
Mukhyamantri Swasthya Yojana के तहत जारी किए गए स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से मुख्तियार कौर की कीमोथेरेपी से संबंधित पूरी विशेष चिकित्सा पूरी तरह निःशुल्क की गई। जिस उम्र में इंसान को हर पल चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत होती है, उस नाजुक दौर में इस योजना ने यह सुनिश्चित किया कि पैसों की तंगी किसी बुजुर्ग के इलाज में रुकावट न बने।
कीमोथेरेपी जैसी जटिल प्रक्रिया में आधुनिक दवाओं और सहायक थैरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। इस दौरान मरीज की लगातार निगरानी और समय-समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप बेहद जरूरी होता है। मुख्तियार कौर के मामले में अस्पताल में स्वास्थ्य कार्ड का सत्यापन होते ही बिना किसी देरी के उपचार शुरू कर दिया गया, जिससे उन्हें लगातार और व्यवस्थित देखभाल मिल सकी।
बुजुर्गों के इलाज पर परिवारों की चिंता अब होगी कम
भारत में बुजुर्गों की देखभाल एक बड़ी चुनौती है। बार-बार अस्पताल जाना, महंगी दवाइयां खरीदना और इलाज का भारी-भरकम खर्च उठाना — यह सब मिलकर किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार की कमर तोड़ देते हैं। Mukhyamantri Swasthya Yojana ठीक इसी आर्थिक बोझ को कम करने के लिए बनाई गई है।
इस योजना की खासियत यह है कि यह गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक परिवारों की पहुंच को आसान बनाती है। जब इलाज के पैसों की चिंता नहीं रहेगी, तो परिवार के लोग अपने बुजुर्ग प्रियजन के स्वास्थ्य और भलाई पर पूरा ध्यान लगा सकते हैं। मुख्तियार कौर का मामला इस बात का सबूत है कि सरकार की नीयत अगर सही हो तो योजनाएं जमीन पर असर दिखाती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया योजना का मकसद
इस योजना के असर पर बोलते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह योजना बुजुर्ग मरीजों को सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए जरूरी स्वास्थ्य सहायता दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपचार तक हर नागरिक की आसान पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और यह योजना परिवारों को इलाज के खर्चे की चिंता से निश्चिंत बनाती है।
डॉ. बलबीर सिंह के इस बयान से यह साफ है कि पंजाब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को केवल कागजी योजना नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। जब 98 साल की एक बुजुर्ग महिला को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का मुफ्त इलाज मिल सकता है, तो इसका सीधा संदेश यह है कि उम्र या आर्थिक स्थिति अब किसी के इलाज में बाधा नहीं बन सकती।
हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
Mukhyamantri Swasthya Yojana Punjab के तहत राज्य के हर परिवार को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है। इसमें कोई आय सीमा नहीं है, यानी पंजाब का हर निवासी — चाहे वह किसान हो, मजदूर हो या सरकारी कर्मचारी — इस योजना का फायदा उठा सकता है।
लाभार्थी राज्य के सूचीबद्ध सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पतालों में अपना इलाज करवा सकते हैं। इस योजना में कैंसर, हृदय रोग, किडनी ट्रांसप्लांट, ब्रेन और स्पाइन सर्जरी, मातृत्व सेवाएं, दुर्घटना और आपातकालीन उपचार समेत 2300 से अधिक चिकित्सा पैकेज शामिल हैं।
9 लाख से ज्यादा स्वास्थ्य कार्ड हो चुके हैं जारी
पंजाब सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 9 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं। लाभार्थी 900 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में 2300 से अधिक चिकित्सा पैकेजों के तहत कैशलेस इलाज करवा रहे हैं। सरकार ने राज्य के सभी निवासियों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ लेने के लिए जल्द से जल्द अपना स्वास्थ्य कार्ड बनवाएं।
अगर आपने अभी तक अपना स्वास्थ्य कार्ड नहीं बनवाया है, तो नजदीकी सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर आधार कार्ड और वोटर आईडी के साथ पंजीकरण करवा सकते हैं।
पंजाब सरकार ने दी स्वास्थ्य सेवा में नई दिशा
98 साल की उम्र में कैंसर का इलाज अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं है। लेकिन जब यह इलाज बिना एक रुपया खर्च किए हो, तो इसे एक मजबूत सरकारी नीति का नतीजा कहना गलत नहीं होगा। पंजाब सरकार ने Mukhyamantri Swasthya Yojana के जरिए एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जो देश के दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकता है।
जब किसी राज्य की सबसे उम्रदराज नागरिक को भी योजना का फायदा बिना किसी अड़चन के मिलता है, तो यह बताता है कि सिस्टम जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। मुख्तियार कौर का उदाहरण उन लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो महंगे इलाज के खर्चे से डरकर अस्पताल जाने से कतराते हैं।
जानें पूरा मामला
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने सत्ता में आने के बाद से स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बड़े कदम उठाए हैं। Mukhyamantri Swasthya Yojana इसी कड़ी में शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत पहले हर परिवार को 5 लाख रुपये तक का कवर मिलता था, जिसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। जनवरी 2026 में इस योजना को नए स्वरूप में लॉन्च किया गया और इसके लिए 2026-27 के बजट में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बिना किसी आय सीमा के पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों (करीब 3 करोड़ लोगों) को इस योजना का लाभ मिल रहा है। मोगा जिले की मुख्तियार कौर का केस इस बात का प्रमाण है कि यह योजना सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में लोगों की जिंदगी बदल रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मोगा की 98 वर्षीय बुजुर्ग महिला मुख्तियार कौर ने Mukhyamantri Swasthya Yojana के तहत कैंसर का पूरी तरह कैशलेस इलाज करवाया।
- स्वास्थ्य कार्ड के जरिए कीमोथेरेपी समेत पूरा उपचार निःशुल्क हुआ, परिवार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
- योजना के तहत हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस बीमा मिलता है, 2300+ मेडिकल पैकेज और 900+ अस्पताल सूचीबद्ध हैं।
- स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि बुजुर्गों को सम्मान के साथ इलाज देना सरकार की प्राथमिकता है।








