Silver Rule Change को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है जो चांदी बाजार में हलचल मचा सकता है। चांदी की कीमतों में पिछले कई हफ्तों से तेज उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने सस्ते हीरों से जड़ी चांदी की ज्वेलरी के आयात (Import) पर पाबंदी लगा दी है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी करके इन वस्तुओं की इंपोर्ट पॉलिसी को “फ्री” से बदलकर “रिस्ट्रिक्टेड” कर दिया है। यह Silver Rule Change तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार इस कदम का मुख्य उद्देश्य आसियान (ASEAN) देशों से चांदी के आयात को कम करना है। इसी बीच ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमत ₹9,000 गिरकर करीब ₹2.56 लाख प्रति किलोग्राम रह गई है, जबकि MCX पर चांदी का भाव 0.99% बढ़कर ₹2,59,071 प्रति किलो पर पहुंच गया है।
DGFT ने जारी किया नोटिफिकेशन: “फ्री” से “रिस्ट्रिक्टेड” हुई इंपोर्ट पॉलिसी
Silver Rule Change के तहत DGFT ने जो नोटिफिकेशन जारी किया है, उसके अनुसार सस्ते हीरों से जड़ी चांदी की ज्वेलरी का आयात अब “फ्री” कैटेगरी में नहीं रहेगा। इसे “रिस्ट्रिक्टेड” कैटेगरी में डाल दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी व्यापारी या कंपनी बिना सरकार की अनुमति के इन वस्तुओं का आयात नहीं कर सकती।
पहले ये वस्तुएं “फ्री” कैटेगरी में थीं, यानी कोई भी बिना किसी विशेष लाइसेंस या अनुमति के इन्हें आयात कर सकता था। लेकिन अब “रिस्ट्रिक्टेड” होने से इसके लिए सरकार की पूर्व अनुमति जरूरी होगी। DGFT ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले के तहत संबंधित वस्तुओं के आयात पर नियंत्रण रहेगा।
यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। यानी कम से कम अगले करीब साढ़े तीन महीने तक यह पाबंदी जारी रहेगी।
ASEAN देशों से चांदी का आयात कम करना है असली मकसद
Silver Rule Change के पीछे की वजह भी सामने आई है। एक उद्योग विशेषज्ञ के अनुसार इस कदम का मुख्य उद्देश्य आसियान (ASEAN) देशों से चांदी के आयात को कम करना है। ASEAN देशों में थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं।
भारत का इन देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) है, जिसके तहत कई वस्तुओं पर कम या शून्य शुल्क लगता है। कुछ व्यापारी इस FTA का फायदा उठाकर सस्ते हीरों से जड़ी चांदी की ज्वेलरी के रूप में बड़ी मात्रा में चांदी का आयात कर रहे थे, जिससे घरेलू उद्योग को नुकसान हो रहा था।
सरकार का यह कदम घरेलू चांदी उद्योग को संरक्षण देने और अनुचित आयात पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। “सस्ते हीरों से जड़ी चांदी की ज्वेलरी” शब्द से साफ है कि कुछ व्यापारी चांदी के आयात शुल्क से बचने के लिए इसे ज्वेलरी के रूप में दिखाकर सस्ते में आयात कर रहे थे।
चांदी बाजार में भारी उतार-चढ़ाव: ₹9,000 की गिरावट
Silver Rule Change के बीच चांदी बाजार में पिछले कई दिनों से तेज उतार-चढ़ाव जारी है। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमत ₹9,000 गिरकर करीब ₹2.56 लाख प्रति किलोग्राम रह गई।
एक ही दिन में चांदी में ₹9,000 की गिरावट बाजार में भारी बिकवाली का संकेत है। मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-अमेरिका युद्ध और Strait of Hormuz संकट के बीच सर्राफा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो रहा है।
वहीं MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर चांदी का भाव 0.99% बढ़कर ₹2,59,071 प्रति किलो पर पहुंच गया है। MCX पर तेजी और फिजिकल बाजार में गिरावट दो अलग-अलग ट्रेंड दिखा रही है, जो बाजार में मिलेजुले संकेतों को दर्शाता है।
आम आदमी पर क्या होगा असर
Silver Rule Change का सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसका आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा। अगर आप चांदी के गहने खरीदने की सोच रहे हैं तो इस नियम बदलाव के बाद सस्ते आयातित चांदी के गहनों की उपलब्धता कम हो सकती है। ASEAN देशों से आने वाली सस्ती चांदी की ज्वेलरी पर रोक लगने से बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं।
हालांकि घरेलू ज्वेलर्स और चांदी उद्योग के लिए यह राहत की खबर है। उन्हें विदेशी सस्ती ज्वेलरी से प्रतिस्पर्धा नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उनका कारोबार बढ़ सकता है और रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं।
निवेशकों के लिए चांदी में मौजूदा उतार-चढ़ाव का मतलब है कि बाजार अभी अस्थिर है और कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले बाजार के रुझान को ध्यान से समझना जरूरी है। ₹9,000 की एक दिन की गिरावट बताती है कि चांदी में जोखिम काफी ज्यादा है।
30 जून 2026 तक लागू: आगे क्या होगा
Silver Rule Change फिलहाल 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद सरकार इस नियम की समीक्षा करेगी और तय करेगी कि इसे आगे बढ़ाना है या वापस लेना है। अगर ASEAN देशों से चांदी का अनुचित आयात कम हो जाता है तो सरकार इस पाबंदी को हटा सकती है। लेकिन अगर स्थिति नहीं सुधरती तो यह पाबंदी आगे भी जारी रह सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का तेज दौर जारी रह सकता है। वैश्विक अनिश्चितता, मिडिल ईस्ट का युद्ध, डॉलर की चाल और अब सरकार का यह नया नियम, ये सब मिलकर चांदी बाजार को प्रभावित कर रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- सरकार ने Silver Rule Change के तहत सस्ते हीरों से जड़ी चांदी की ज्वेलरी के आयात पर पाबंदी लगाई, DGFT ने इंपोर्ट पॉलिसी “फ्री” से “रिस्ट्रिक्टेड” की, तुरंत प्रभाव से लागू।
- नियम 30 जून 2026 तक प्रभावी, मकसद ASEAN देशों से चांदी के अनुचित आयात को रोकना, घरेलू उद्योग को संरक्षण देना।
- चांदी की कीमत में ₹9,000 की गिरावट, दिल्ली में ₹2.56 लाख/किलो पर पहुंची, MCX पर 0.99% बढ़कर ₹2,59,071/किलो।
- आने वाले दिनों में चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका, वैश्विक अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट युद्ध का असर बाजार पर।








