Strait of Hormuz संकट के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। ईरान पर हमलों और होर्मुज में बरकरार तनाव के बीच भारतीय जहाज शिवालिक आज गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने वाला है। शिवालिक 45,000 मीट्रिक टन से ज्यादा LPG लेकर भारत आ रहा है, जिससे देश में चल रही गैस सिलेंडर की भीषण किल्लत से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान से बातचीत के बाद दो भारतीय गैस टैंकर सुरक्षित निकाले गए हैं और भारतीय कूटनीति ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।
तीन बार बदला आने का समय, शाम 5 बजे तक जेटी पर पहुंचेगा शिवालिक
Strait of Hormuz से होकर आ रहे भारतीय जहाज शिवालिक के आने का समय आज तीसरी बार बदला गया है। पहले यह जहाज सुबह 10 बजे मुंद्रा पोर्ट पहुंचने वाला था, फिर दोपहर 2 बजे का समय दिया गया और अब ताजा जानकारी के मुताबिक शिवालिक शाम करीब 4:30 बजे मुंद्रा पोर्ट के करीब पहुंचेगा और जेटी तक आने में शाम 5 बजे तक का समय लगेगा।
मुंद्रा पोर्ट से रिपोर्ट कर रहे संवाददाता बृजेश जोशी ने बताया कि शिवालिक जहाज सुबह ही भारतीय जल सीमा में प्रवेश कर चुका था और मुंद्रा पोर्ट के काफी करीब है। लेकिन समुद्री बाधाओं की वजह से जहाज के आने का समय बार-बार बदला जा रहा है। पोर्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिप के पायलट को 4:30 बजे का नया समय दिया गया है। जेटी पर पहुंचने के बाद जहाज से LPG को ऑफलोड करने का काम शुरू किया जाएगा।
45,000 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहा शिवालिक, किल्लत से मिलेगी राहत
Strait of Hormuz संकट के बीच शिवालिक जहाज 45,000 मीट्रिक टन से ज्यादा LPG लेकर भारत पहुंच रहा है। यह खेप देश में चल रही गैस सिलेंडर की भारी किल्लत को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। पिछले कई दिनों से देशभर में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, कालाबाजारी बढ़ गई है और लोग इंडक्शन चूल्हों पर शिफ्ट होने को मजबूर हुए हैं।
ऐसे में 45,000 मीट्रिक टन LPG की इतनी बड़ी खेप का भारत पहुंचना आम लोगों के लिए बड़ी राहत है। मुंद्रा पोर्ट पर ऑफलोडिंग के बाद इस LPG को देशभर की बॉटलिंग प्लांट्स में भेजा जाएगा, जहां से सिलेंडर भरकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाएंगे। हालांकि सप्लाई चेन को पूरी तरह सामान्य होने में कुछ और दिन लग सकते हैं।
नंदा देवी जहाज भी आज या कल पहुंचेगा, रूट में बदलाव की खबर
शिवालिक के अलावा एक और भारतीय जहाज नंदा देवी भी LPG लेकर भारत की ओर आ रहा है। नंदा देवी जहाज को पहले कंडला बंदरगाह पहुंचना था, लेकिन अब इसके रूट में भी बदलाव की खबरें आ रही हैं। यह जहाज आज या कल तक भारत पहुंच सकता है।
हालांकि नंदा देवी के रूट बदलाव को लेकर अभी तक भारत सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। शाम को होने वाली इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग में इसके बारे में ज्यादा जानकारी दिए जाने की उम्मीद है। दो जहाजों का एक साथ भारत पहुंचना LPG सप्लाई के लिए बहुत अहम है और इससे देशभर में गैस सिलेंडर की उपलब्धता में सुधार होगा।
विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा बयान: भारतीय कूटनीति ने काम किया
Strait of Hormuz संकट के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने बताया कि ईरान से बातचीत के बाद दो भारतीय गैस टैंकर सुरक्षित निकाले गए हैं। जयशंकर ने कहा कि भारतीय कूटनीति ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।
विदेश मंत्री ने स्पष्ट कहा, “टकराव नहीं, बातचीत से ही रास्ता निकाला जा सकता है। ईरान से बातचीत के जरिए जहाजों की आवाजाही शुरू की गई है।” यह बयान बेहद अहम है क्योंकि जिस समय पूरी दुनिया होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने जहाज नहीं भेज पा रही और अमेरिका के NATO सहयोगी भी साथ देने से मना कर रहे हैं, उस समय भारत ने कूटनीतिक रास्ते से अपने जहाज सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में क्यों है इतना संकट
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। दुनियाभर का करीब 20% तेल इसी रूट से होकर गुजरता है। ईरान ने अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, खासतौर पर अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए। इससे पूरी दुनिया की तेल और गैस सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है। ऐसे में होर्मुज बंद होने का सबसे बड़ा असर भारत की LPG सप्लाई पर पड़ा है। देशभर में गैस सिलेंडर की किल्लत, कीमतों में बढ़ोतरी और कालाबाजारी इसी संकट का नतीजा है। भारत सरकार ने कूटनीतिक चैनलों के जरिए ईरान से बातचीत करके अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफलता पाई है, जो भारतीय विदेश नीति की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
भारतीय कूटनीति की जीत: जब दुनिया अकेली पड़ी, भारत ने बातचीत से निकाला रास्ता
Strait of Hormuz संकट में भारत की भूमिका पूरी दुनिया से अलग और प्रभावशाली रही है। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO देशों, जापान, ऑस्ट्रेलिया और चीन से होर्मुज में युद्धपोत भेजने की मांग की और सबने इनकार कर दिया, वहीं भारत ने बिना किसी सैन्य टकराव के, सिर्फ कूटनीतिक बातचीत से अपने दोनों गैस टैंकर सुरक्षित निकाल लिए।
विदेश मंत्री जयशंकर का यह बयान कि “टकराव नहीं, बातचीत से रास्ता निकलता है” भारत की विदेश नीति के मूल सिद्धांत को दर्शाता है। भारत ने ईरान के साथ अपने पुराने और मजबूत कूटनीतिक संबंधों का उपयोग किया और बिना किसी हथियार के अपने नागरिकों और ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा की। यह उस समय और भी महत्वपूर्ण है जब अमेरिका जैसी महाशक्ति इस संकट में अकेली पड़ गई है।
आम आदमी के लिए क्या मायने रखती है यह खबर
Strait of Hormuz से शिवालिक और नंदा देवी जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना सीधे-सीधे आम आदमी की रसोई से जुड़ा मामला है। पिछले कई दिनों से देशभर में LPG सिलेंडर की भारी किल्लत चल रही है। लोग घंटों कतार में खड़े हैं, कालाबाजारी में सिलेंडर दोगुने दाम पर बिक रहे हैं और कई परिवार इंडक्शन चूल्हों पर शिफ्ट होने को मजबूर हुए हैं, जिससे बिजली बिल आसमान छू रहा है।
45,000 मीट्रिक टन LPG की खेप आने से सप्लाई में सुधार होगा और सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ेगी। हालांकि एक खेप से पूरे देश की जरूरत पूरी नहीं हो सकती, लेकिन यह शुरुआत जरूर है। सरकार की इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग में आगे की रणनीति और सप्लाई योजना की जानकारी दिए जाने की उम्मीद है।
मुख्य बातें (Key Points)
- भारतीय जहाज शिवालिक आज शाम 5 बजे तक मुंद्रा बंदरगाह की जेटी पर पहुंचेगा, 45,000 मीट्रिक टन से ज्यादा LPG लेकर आ रहा है।
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि ईरान से बातचीत के बाद दो भारतीय गैस टैंकर सुरक्षित निकाले गए, कहा भारतीय कूटनीति ने काम किया।
- दूसरा जहाज नंदा देवी भी आज या कल कंडला बंदरगाह पहुंच सकता है, रूट में बदलाव की खबरें, शाम को इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग में विस्तार से जानकारी मिलेगी।
- Strait of Hormuz संकट के बीच जहां दुनिया के बड़े देश जहाज भेजने से डर रहे हैं, वहां भारत ने कूटनीतिक रास्ते से अपने टैंकर सुरक्षित निकालकर बड़ी कामयाबी हासिल की।








