Punjab Investors Summit 2026 Sports Session: प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन (PPIS) 2026 के दूसरे दिन शनिवार, 14 मार्च को मोहाली में खेल और चमड़े के सामान (Sports and Leather Goods) पर एक केंद्रित सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता पंजाब के रक्षा सेवाएं कल्याण, स्वतंत्रता सेनानी और बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने की। सत्र में देश के शीर्ष खेल सामान उद्योगपतियों ने पंजाब को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल सामान निर्माण का अगला बड़ा केंद्र बनाने के लिए अपने विचार और सुझाव रखे।
जालंधर: ‘Sports Capital of India’ को मिलेगी नई ताकत
मंत्री मोहिंदर भगत ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब खेल सामान निर्माण में लंबे समय से अग्रणी रहा है। विशेष रूप से जालंधर शहर विश्व स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरण तैयार करने के लिए जाना जाता है। जालंधर में बने खेल सामान दुनिया के कई देशों में निर्यात होते हैं और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भी इस्तेमाल किए जाते हैं।
भगत ने कहा कि सही नीति सहयोग, आधुनिक तकनीक और अधिक निवेश के साथ पंजाब के पास अंतरराष्ट्रीय खेल सामान और चमड़े के उत्पादों के बाजार में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की बड़ी संभावना है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करके वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल सामान का इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Nivia, Spartan और Belco जैसे बड़े ब्रांड्स ने रखे विचार
सत्र की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भारत के शीर्ष खेल सामान उद्योगपतियों ने एक साथ मंच साझा किया। फ्रीविल स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (Nivia) के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश खरबंदा, सावी इंटरनेशनल के डायरेक्टर मुकुल वर्मा, स्पार्टन स्पोर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अमित शर्मा और बेलको स्पोर्ट्स के सीईओ मुकेश के. बासन ने सत्र में भाग लिया।
इन सभी कंपनियों का मुख्यालय या प्रमुख विनिर्माण इकाइयां पंजाब में ही हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि राज्य में खेल सामान उद्योग कितना मजबूत और गहरा है। Nivia जैसा ब्रांड आज भारतीय क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों में घर-घर में जाना जाता है और इसकी जड़ें जालंधर की इसी औद्योगिक विरासत में हैं।
Supply Chain मजबूत करने और नई तकनीक अपनाने पर जोर
चर्चा के दौरान उद्योग विशेषज्ञों ने कई अहम सुझाव दिए। उन्होंने सप्लाई चेन को मजबूत करने, उन्नत निर्माण तकनीकों को अपनाने और नए वैश्विक बाजारों की खोज करने के महत्व पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना था कि पंजाब के खेल सामान उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता तभी और मजबूत होगी जब:
- निर्माण प्रक्रिया में ऑटोमेशन और आधुनिक मशीनरी का उपयोग बढ़ाया जाए
- कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला में बिचौलियों को कम किया जाए
- अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों (ISO, FIFA, ICC Standards) को अपनाया जाए
- यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका जैसे नए बाजारों में प्रवेश किया जाए
सत्र का संचालन KPMG के पार्टनर प्रशांत संथाकुमारन ने किया। विशेष मुख्य सचिव, खेल और युवा सेवाएं, सरवजीत सिंह भी सत्र में उपस्थित रहे।
चमड़े के सामान में भी बड़ी संभावना: पंजाब का अगला बड़ा सेक्टर
खेल सामान के साथ-साथ इस सत्र में चमड़े के उत्पादों (Leather Goods) पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पंजाब में चमड़ा उद्योग की भी एक पुरानी परंपरा रही है। जालंधर और लुधियाना में कई चमड़ा निर्माण इकाइयां हैं जो जूते, बैग, बेल्ट और अन्य चमड़े के उत्पाद बनाती हैं। अगर इस सेक्टर को सही नीतिगत सहायता और निवेश मिले, तो पंजाब चमड़े के निर्यात में भी एक बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।
पंजाब का Sports Goods उद्योग: कितना बड़ा है यह बाजार
भारत का खेल सामान उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। देश में खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता, IPL और ISL जैसी लीगों की लोकप्रियता और सरकार की ‘Fit India’ मुहिम ने इस उद्योग को नई ऊंचाइयां दी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं और अब निवेश सम्मेलन के जरिए खेल सामान उद्योग को भी मजबूती देने की कोशिश की जा रही है। अगर पंजाब का यह पारंपरिक उद्योग आधुनिक तकनीक और निवेश से लैस हो जाए, तो चीन जैसे देशों को टक्कर देना असंभव नहीं है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Investors Summit 2026 में खेल और चमड़े के सामान पर विशेष सत्र में मंत्री मोहिंदर भगत ने जालंधर की खेल सामान विरासत को और मजबूत करने का दृष्टिकोण रखा।
- Nivia, Spartan Sports, Belco Sports और Savi International के शीर्ष अधिकारियों ने सत्र में भाग लिया।
- उद्योग विशेषज्ञों ने Supply Chain मजबूत करने, उन्नत तकनीक अपनाने और नए वैश्विक बाजारों की खोज पर जोर दिया।
- पंजाब सरकार वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल सामान इकोसिस्टम तैयार करने को प्रतिबद्ध है।








