LPG Crisis India का असर अब आम लोगों की रसोई से लेकर सड़क किनारे ठेला लगाने वाले छोटे कारोबारियों तक साफ दिखने लगा है। इजराइल और ईरान के बीच लगभग 13 दिनों से जारी युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल और गैस की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी के चलते पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है और सरकार ने अस्थायी तौर पर Kerosene (मिट्टी का तेल) और Coal (कोयले) जैसे वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है।
कमर्शियल सिलेंडर पूरी तरह गायब, छोटे कारोबारी बेहाल
LPG Crisis India का सबसे ज्यादा मार उन छोटे कारोबारियों पर पड़ रही है जो कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर हैं। नोएडा में ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान सामने आया कि पकोड़े, चाय, मैगी और छोले-कुलचे बेचने वाले ठेला संचालकों के पास सिलेंडर का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। कई कारोबारियों ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग बंद हो चुकी है, एजेंसी के फोन कोई नहीं उठा रहा और पर्ची भी नहीं कट रही। एक पकोड़े वाले ने कहा कि बुकिंग की है लेकिन बताया जा रहा है कि अगले महीने ही सिलेंडर मिल सकता है, इस महीने नहीं मिलेगा।
मैगी का ठेला लगाने वाले एक कारोबारी ने बताया कि उनके पास बस आज का ही स्टॉक बचा है, उसके बाद दुकान बंद करनी पड़ेगी। छोले-कुलचे बेचने वालों का भी यही हाल है। वे कोयले की अंगीठी का ऑप्शन ढूंढ रहे हैं क्योंकि उनके पास बिजली का कनेक्शन नहीं है और इंडक्शन चूल्हा चलाने का कोई रास्ता नहीं है।
ब्लैक मार्केट में सिलेंडर के दाम आसमान पर
LPG Crisis India ने ब्लैक मार्केट को और हवा दे दी है। जो कमर्शियल सिलेंडर पहले ₹900 से ₹1000 में ब्लैक में मिल जाता था, अब उसके दाम ₹2000 से ₹4000 तक पहुंच गए हैं। कई कारोबारियों ने बताया कि दुकानदार बोल रहे हैं कि सिलेंडर ₹4000 का मिलेगा। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि ब्लैक में भी अब सिलेंडर मिलना बंद हो गया है। एक चाय की रेड़ी चलाने वाले ने कहा कि जिसको जितना लेने का मन कर रहा है उतना ले रहा है, कोई तय रेट ही नहीं है।
दिल्ली जैसे शहरों में जमाखोरी के मामले भी सामने आ रहे हैं। एक व्यक्ति के घर से 141 सिलेंडर पकड़े जाने की बात सामने आई है। कारोबारियों ने कहा कि जिसको जरूरत है उसने भी छिपाकर रखे हैं और जिसे जरूरत नहीं है उसने भी स्टॉक कर लिया है, जिसकी वजह से बाजार में सिलेंडर की भारी किल्लत हो गई है।
घरेलू उपभोक्ताओं को अभी राहत, लेकिन चिंता बरकरार
LPG Crisis India में एक राहत की बात यह है कि घरेलू उपभोक्ताओं को अभी उतनी ज्यादा दिक्कत नहीं आ रही जितनी कमर्शियल यूजर्स को हो रही है। नोएडा में कई आम नागरिकों ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग से घरेलू सिलेंडर आ रहा है और होम डिलीवरी नॉर्मल चल रही है। घरेलू सिलेंडर का दाम भी अभी ₹900 के आसपास ही है। पाइपलाइन गैस कनेक्शन वाले लोगों को भी फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है।
हालांकि कुछ घरेलू उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि बुकिंग में दिक्कत आ रही है और सिलेंडर बुक ही नहीं हो पा रहा। एक व्यक्ति ने तो यहां तक कहा कि सरकार ने चूल्हे से शुरू किया था और अब वापस चूल्हे पर ला कर छोड़ दिया। 25 दिन की बुकिंग अवधि से पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम परिवारों में भी बेचैनी बढ़ रही है।
इंडक्शन चूल्हे की बिक्री बढ़ी, लेकिन दाम भी 25% उछले
LPG Crisis India के बीच लोग विकल्प तलाश रहे हैं। इंडक्शन चूल्हे की खरीदारी में तेजी आई है क्योंकि लोग गैस से इंडक्शन पर स्विच करने की सोच रहे हैं। लेकिन यहां भी मुश्किल है। इंडक्शन चूल्हे के दाम भी 25% तक बढ़ गए हैं। सड़क किनारे ठेला लगाने वालों के लिए यह विकल्प और भी बेकार है क्योंकि उनके पास बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। एक कारोबारी ने नोएडा अथॉरिटी से अपील करते हुए कहा कि अगर बिजली का कनेक्शन दे दिया जाए तो वे इंडक्शन से अपना काम चला सकते हैं और अपने बच्चों को पाल सकते हैं।
Israel-Iran War का 13वां दिन: Strait of Hormuz बंद होने से बढ़ा संकट
LPG Crisis India की असली वजह मिडिल ईस्ट में चल रही जंग है। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर सीधा हमला किया था, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमले शुरू कर दिए। यह युद्ध अब 13वें दिन में पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध लगभग 30 दिनों तक चल सकता है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद कर दिया है, जो दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा संभालता है। इसी वजह से भारत में एलपीजी आपूर्ति पर भारी दबाव बढ़ गया है।
हालांकि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान से बातचीत की है और संकेत मिले हैं कि भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोला जा सकता है, जो भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है।
सरकार ने उठाए कई बड़े कदम, प्रोडक्शन 25-28% बढ़ाने की तैयारी
LPG Crisis India से निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। कमर्शियल यूजर्स के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। सबसे अहम बात यह है कि सरकार ने एलपीजी प्रोडक्शन 25 से 28 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके अलावा अस्थायी तौर पर Kerosene और Coal जैसे वैकल्पिक ईंधनों को इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है ताकि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, लोग खाना बना सकें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक भारत में मौजूद है और उसकी कोई कमी नहीं है। दिक्कत मुख्य रूप से एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर है, जिसे जल्द से जल्द दूर करने की कोशिश की जा रही है। ब्लैक मार्केटिंग और होर्डिंग पर लगाम लगाने के लिए बुकिंग अवधि बढ़ाने का फैसला भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
कोरोना से भी बुरे हालात की आशंका: छोटे कारोबारियों की चिंता
LPG Crisis India ने छोटे कारोबारियों को सबसे ज्यादा परेशान किया है। नोएडा में एक चाय विक्रेता ने कहा कि यह हालात कोरोना काल से भी बुरे हो सकते हैं। उनका तर्क था कि कोरोना में जो पैसे वाले थे वे गरीबों को खाना खिला देते थे, लेकिन इस बार तो पैसे वाले हों या आम आदमी, किसी के पास गैस ही नहीं है। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन गैस अभी चल रही है, लेकिन अगर वह भी बंद हो गई तो हालात बहुत खराब हो जाएंगे।
मुरादाबाद से आकर नोएडा में ठेला लगाने वाले एक कारोबारी ने सरकार से अपील की कि गरीबों के लिए बिजली का कनेक्शन दिया जाए ताकि वे इंडक्शन चूल्हे से काम चला सकें। उन्होंने कहा कि अगर बिजली मिल जाए तो बच्चों का पेट भर सकते हैं, वरना दुकान बंद करके भागना पड़ेगा। यह स्थिति देश के लाखों ऐसे छोटे कारोबारियों की तस्वीर बयां करती है जिनकी रोजी-रोटी सीधे एलपीजी पर टिकी हुई है।
आम आदमी ने सरकार पर जताया भरोसा, लेकिन जमाखोरों पर भड़के
LPG Crisis India के बावजूद कई लोगों ने सरकार पर भरोसा जताया। एक व्यक्ति ने कहा कि सरकार जानबूझकर जनता को परेशान नहीं करती, जो भी निर्णय लेगी वह उचित होगा। लेकिन लोगों का गुस्सा उन जमाखोरों पर साफ दिखा जिन्होंने सिलेंडर छिपाकर रखे हैं। एक कारोबारी ने कहा कि जब दिल्ली में एक घर से 141 सिलेंडर पकड़े जा रहे हैं तो बाहर गैस कहां से आएगी। उन्होंने कहा कि लोगों ने गलत किया है, जिसको जरूरत थी उसने भी स्टॉक किया और जिसको नहीं थी उसने भी। इसी वजह से बाजार में आर्टिफिशियल कमी पैदा हो गई है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Israel-Iran War और Strait of Hormuz बंद होने से भारत में LPG Crisis गहराया, बुकिंग अवधि 21 से 25 दिन की गई।
- कमर्शियल सिलेंडर पूरी तरह गायब, ब्लैक में दाम ₹900 से बढ़कर ₹4000 तक पहुंचे; छोटे कारोबारी दुकानें बंद करने को मजबूर।
- सरकार ने अस्थायी तौर पर Kerosene और Coal के इस्तेमाल की अनुमति दी, एलपीजी प्रोडक्शन 25-28% बढ़ाने की योजना बनाई।
- घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद; विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान से बातचीत कर भारत के लिए हॉर्मुज खोलने के संकेत लिए।








