Pakistan Afghanistan War में एक बेहद खतरनाक मोड़ आ गया है। ईरान–अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव खुली जंग में बदल गया है। पाकिस्तान की वायु सेना ने गुरुवार की देर रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कई शहरों पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के कई शहरों पर एक के बाद एक घातक ड्रोन हमले कर दिए हैं। तालिबान ने पाकिस्तान के कोहाट सैनिक किले को ड्रोन से निशाना बनाया है और पेशावर में पुलिस केंद्रों पर भी हमले किए गए हैं।
पाकिस्तान ने पहले किए थे काबुल-कंधार पर एयर स्ट्राइक
Pakistan Afghanistan War की इस ताजा कड़ी की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तानी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में बीती रात हवाई हमले किए। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तानी लड़ाकू जेट्स ने कंधार हवाई अड्डे, पख्तिया प्रांत में सैन्य ठिकानों और काबुल की कई जगहों पर बमबारी की। पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों में चरमपंथियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि इन एयर स्ट्राइक का मुख्य मकसद अफगान तालिबान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े अहम ठिकानों को टारगेट करना था। कंधार शहर में जिस ठिकाने को निशाना बनाया गया, उसे तालिबान के अलबद्र कोर का मुख्यालय माना जा रहा था और बताया जा रहा है कि हमले के वक्त वहां तालिबान के वरिष्ठ कमांडर भी मौजूद थे। इस हमले में कुछ लोगों की जान भी गई।
तालिबान ने दी थी खुली चेतावनी, फिर किया पलटवार
पाकिस्तान के इन एयर स्ट्राइक के बाद अफगान तालिबान ने पाकिस्तानी सेना पर आम नागरिकों को मारने का गंभीर आरोप लगाया। तालिबान ने साफ चेतावनी दी कि इन हमलों का जवाब अफगानिस्तान जरूर देगा। बल्ख प्रांत के तालिबान गवर्नर के प्रवक्ता हाजी जाहिद ने पाकिस्तान के खिलाफ खुली धमकी जारी करते हुए इस्लामाबाद, कराची और क्वेटा को संभावित लक्ष्यों के रूप में नामित किया।
यह धमकी कोई खोखली बात नहीं थी क्योंकि हाजी यूसुफ वफा को तालिबान के सर्वोच्च नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा का करीबी माना जाता है और उत्तरी अफगानिस्तान में उन्हें एक बेहद प्रभावशाली हस्ती के तौर पर देखा जाता है। और चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद तालिबान ने अपना वादा पूरा कर दिया।
कोहाट सैनिक किले पर तालिबान का भीषण ड्रोन हमला
Pakistan Afghanistan War में सबसे बड़ा पलटवार तब देखने को मिला जब अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के कोहाट में स्थित सैनिक किले पर ड्रोन हमले किए। सूत्रों के दावे के मुताबिक इस हमले में किले के अंदर मौजूद सैन्य आवास, हथियारों और गोला-बारूद के भंडार को सीधे निशाना बनाया गया। इतना ही नहीं, किले का युद्ध कमांड सेंटर और किले के कमांडर का दफ्तर भी इस हमले की जद में आया।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि किले से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित कमांड सेंटर को भी अत्यंत सटीक तरीके से निशाना बनाया गया, जो यह दर्शाता है कि तालिबान ने इस हमले की पूरी प्लानिंग के साथ तैयारी की थी। ड्रोन से इतने सटीक निशाने पर हमला करना तालिबान की बढ़ती सैन्य क्षमता का संकेत है, जो पाकिस्तान के लिए चिंता का बड़ा विषय बन गया है।
पेशावर में पुलिस केंद्रों पर भी बरसे ड्रोन
कोहाट के सैनिक किले के अलावा सुरक्षा सूत्रों के दावे के अनुसार पेशावर में भी पाकिस्तानी पुलिस केंद्रों पर ड्रोन हमले किए गए। यह हमले पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रहार हैं। तालिबान ने सिर्फ सेना को ही नहीं बल्कि पुलिस प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाकर यह संदेश दिया है कि वह पाकिस्तान के किसी भी सुरक्षा ढांचे को निशाना बना सकता है।
इन हमलों में कई लोगों के जख्मी होने की खबरें सामने आ रही हैं, हालांकि कितने लोग घायल हुए और कितने लोगों की जान गई, इसकी फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान या अफगानिस्तान की सरकार, दोनों में से किसी की ओर से भी अभी तक इस ताजा कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
इस्लामाबाद, कराची और क्वेटा पर भी मंडरा रहा खतरा
Pakistan Afghanistan War में तालिबान की धमकियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। तालिबान के अधिकारियों ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद, आर्थिक राजधानी कराची और बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा पर भी हमले की धमकी दी है। इनमें से कुछ शहरों पर हमले भी किए जा चुके हैं। रिपोर्ट्स बता रही हैं कि क्वेटा और कराची सहित कई शहरों में तालिबान ने एक के बाद एक हमले किए हैं, जिससे पूरे पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है।
आम पाकिस्तानी नागरिकों के लिए यह स्थिति बेहद डरावनी है। एक तरफ उनका देश ईरान-अमेरिका युद्ध के साये में है, तो दूसरी तरफ अफगानिस्तान से आ रहे ड्रोन हमलों ने शहरों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
जनरल असीम मुनीर की सेना पर सीधा प्रहार
इन ड्रोन हमलों को पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के नेतृत्व वाली सेना पर सीधे प्रहार के तौर पर देखा जा रहा है। तालिबान ने न सिर्फ सैनिक किले बल्कि कमांड सेंटर और कमांडर के दफ्तर को भी निशाना बनाया, जो यह दर्शाता है कि तालिबान का मकसद पाकिस्तान की सैन्य कमान को सीधे चोट पहुंचाना था। यह Pakistan Afghanistan War का एक ऐसा मोड़ है जहां से दोनों देशों के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है और खुले टकराव की स्थिति बन गई है।
दो पड़ोसी देशों के बीच पूर्ण युद्ध की आशंका
Pakistan Afghanistan War का यह ताजा अध्याय बेहद खतरनाक संकेत दे रहा है। पहले पाकिस्तान ने एयर स्ट्राइक की, फिर तालिबान ने ड्रोन हमलों से जवाब दिया। अब सवाल यह है कि पाकिस्तान इन ड्रोन हमलों का क्या जवाब देगा। जिस तरह से दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं, उससे यह साफ है कि स्थिति एक पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ रही है। ईरान-अमेरिका युद्ध पहले से ही इस पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर चुका है और अब पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच यह सैन्य टकराव दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए एक नया और गंभीर खतरा बनकर उभरा है। दोनों ही देशों की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जमीनी हालात बता रहे हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति और भी विस्फोटक हो सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पाकिस्तानी वायु सेना ने अफगानिस्तान केकाबुल, कंधार और पख्तिया प्रांत में एयर स्ट्राइक की, अलबद्र कोर के मुख्यालय और TTP के ठिकाने निशाने पर थे।
- जवाब में अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के कोहाट सैनिक किले, पेशावर पुलिस केंद्रों और कई शहरों पर घातक ड्रोन हमले किए।
- कोहाट किले में सैन्य आवास, हथियार भंडार, कमांड सेंटर और कमांडर का दफ्तर निशाना बनाया गया।
- तालिबान ने इस्लामाबाद, कराची और क्वेटा पर भी हमले की धमकी दी, कई शहरों पर हमले भी हुए।
- दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, हताहतों की पुष्टि अभी बाकी है।








