Jewar Airport Inauguration को लेकर अब तारीख साफ हो गई है। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के जेवर क्षेत्र में तेजी से बन रहा Noida International Airport अब अपने संचालन के बेहद करीब पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि इस विशाल परियोजना के पहले चरण का निर्माण कार्य 10 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल इस एयरपोर्ट से न सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है।
एक रनवे से शुरू होगा संचालन, रोजाना 150 उड़ानों का अनुमान
Jewar Airport के पहले चरण में एक रनवे के साथ संचालन शुरू किया जाएगा। इस एकल रनवे से ही प्रतिदिन करीब 150 उड़ानों के संचालन का अनुमान लगाया जा रहा है। सालाना आधार पर देखें तो Noida International Airport की शुरुआती यात्री क्षमता 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की रहेगी। यह संख्या अपने आप में बेहद बड़ी है और देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स को टक्कर देने वाली है।
आम यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है क्योंकि अब तक दिल्ली-एनसीआर के लोगों को हवाई सफर के लिए केवल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निर्भर रहना पड़ता था, जहां पहले से ही भीड़ और दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
यात्री संख्या 1 करोड़ पार होते ही बनेगा दूसरा रनवे
Jewar Airport Inauguration के बाद जब यात्रियों की संख्या 1 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगी, तभी दूसरे रनवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह बात इसलिए अहम है क्योंकि दो रनवे के साथ यह एयरपोर्ट करीब 7 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि Noida International Airport भविष्य में देश के सबसे बड़े और व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार हो सकता है।
3,300 एकड़ में फैला है पहला चरण, कुल 6,700 एकड़ भूमि अधिग्रहित
Jewar Airport के पहले चरण को लगभग 3,300 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इस हिस्से का लोकार्पण जल्द ही किया जाएगा। पूरी परियोजना के लिए कुल 6,700 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। इसके अलावा शेष 5,100 एकड़ भूमि का अधिग्रहण अगले तीन महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। इससे एयरपोर्ट के भविष्य के विस्तार का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
भूमि पर 5,000 करोड़ और निर्माण पर 7,000 करोड़ रुपये का खर्च
इतनी बड़ी परियोजना पर खर्च भी उतना ही विशाल है। Noida International Airport के लिए भूमि खरीद पर लगभग ₹5,000 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। वहीं निर्माण कार्य पर करीब ₹7,000 करोड़ की लागत आ रही है। कुल मिलाकर यह लगभग ₹12,000 करोड़ से ज्यादा की परियोजना बनकर उभर रही है, जो इसे देश की सबसे महंगी और आधुनिक एयरपोर्ट परियोजनाओं में से एक बनाती है।
दिल्ली के IGI Airport पर घटेगा दबाव
Jewar Airport के शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगातार बढ़ते दबाव में काफी हद तक कमी आएगी। फिलहाल IGI Airport देश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है और वहां क्षमता से अधिक यात्री यातायात होता है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और पश्चिमी यूपी के लाखों लोगों को अब दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
एनसीआर के लिए गेम चेंजर साबित होगा जेवर एयरपोर्ट
अगर बड़ी तस्वीर में देखें तो Jewar Airport Inauguration सिर्फ एक एयरपोर्ट का उद्घाटन नहीं है, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र के आर्थिक विकास का एक नया अध्याय है। इस एयरपोर्ट के आसपास पहले से ही रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और कमर्शियल गतिविधियों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार इस परियोजना को राज्य के औद्योगिक विकास की रीढ़ मानकर चल रही है। दो रनवे के साथ 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता इस बात का स्पष्ट संकेत है कि Noida International Airport को लंबी अवधि में देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित करने की योजना है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Jewar Airport का पहला चरण 10 नवंबर तक पूरा होगा, एक रनवे से शुरू होंगी रोजाना150 उड़ानें।
- शुरुआती सालाना यात्री क्षमता 1.2 करोड़ होगी, दो रनवे के साथ यह बढ़कर 7 करोड़ हो जाएगी।
- कुल 6,700 एकड़ भूमि अधिग्रहित, शेष 5,100 एकड़ का अधिग्रहण 3 महीने में पूरा होगा।
- भूमि पर ₹5,000 करोड़ और निर्माण पर ₹7,000 करोड़ खर्च हो रहे हैं।
- दिल्ली के IGI Airport पर दबाव कम होगा, एनसीआर के लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।








