LPG Crisis India का असर अब संसद की कार्यवाही से लेकर आम आदमी की रसोई तक पहुंच चुका है। 12 मार्च 2025 को भारतीय संसद में ज़बरदस्त हंगामा देखने को मिला जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री देश के प्रधानमंत्री के रूप में काम नहीं कर पा रहे हैं।” ईरान–इसराइल जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने से पूरे भारत में तेल और गैस सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे देश भर में एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत हो गई है।
इसी बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले ने सियासी भूचाल मचा दिया, बिहार में नए सीएम की रेस गर्मा गई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने महाभियोग की तैयारी पूरी कर ली। शेयर बाजार में भी 829 अंकों की गिरावट ने निवेशकों की नींद उड़ा दी।
ईरान-इसराइल जंग: 32 लाख विस्थापित, न्यूक्लियर साइट पर हमले की पुष्टि
मिडिल ईस्ट में जंग दिन-ब-दिन और खतरनाक मोड़ लेती जा रहा है। अमेरिका और इसराइल के लगातार हमलों ने ईरान में भारी तबाही मचाई है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय (UNHCR) के अनुसार, 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से ईरान के अंदर 32 लाख लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा है और जब तक दुश्मनी जारी रहेगी, यह आंकड़ा बढ़ता ही जाएगा।
रूसी मीडिया हाउस रशिया टुडे ने तीन सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिकी B-2 बमवर्षक विमानों ने ईरान की न्यूक्लियर साइट पर हमले किए हैं। बटोर लैब ने तालेघन टू न्यूक्लियर साइट की तस्वीरें जारी की हैं जिनमें बंकर बस्टर बमों से हमले के सटीक इंपैक्ट पॉइंट साफ दिखाई दे रहे हैं। इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी डराने वाली चेतावनी जारी की है कि यह युद्ध और खतरनाक मोड़ ले सकता है।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद कलिबाफ ने चेतावनी दी है कि फारस की खाड़ी में स्थित ईरानी द्वीपों के खिलाफ अमेरिका की कोई भी आक्रामकता ईरान को संयम छोड़ने पर मजबूर कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने भी चेतावनी दी है कि यह युद्ध वैश्विक तेल आपूर्ति के इतिहास में सबसे बड़ी बाधा का कारण बन रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में हमले रोकने का प्रस्ताव पारित किया गया, लेकिन ईरान ने इसे पक्षपाती बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने साफ कहा कि आज अमेरिका के निशाने पर ईरान है, कल कोई और संप्रभु देश भी हो सकता है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेशकियां ने युद्ध विराम के लिए शर्तें रखते हुए कहा कि ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता, हर्जाना और भविष्य में हमले न करने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी जरूरी है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि पहले ही घंटे में जंग जीत ली गई, लेकिन ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। ईरान ने खुद को मजबूती से संभाला है और ताबड़तोड़ जवाबी हमले जारी हैं।
LPG Crisis India: राहुल गांधी ने ली PM मोदी की क्लास
ईरान-इसराइल जंग का सबसे सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम जनता की रसोई पर पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने के बाद पूरे देश में तेल और गैस सप्लाई रुक चुकी है। देश के कई शहरों में सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं, रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं और सड़क किनारे के विक्रेता बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
राहुल गांधी ने LPG Crisis India को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा: “अभी तो दर्द की शुरुआत हुई है। सरकार और प्रधानमंत्री को तुरंत तैयारी शुरू कर देनी चाहिए, नहीं तो करोड़ों लोगों को बहुत बड़ा नुकसान होगा।” राहुल गांधी ने सबसे तीखा सवाल यह उठाया कि “क्या अमेरिका यह तय करेगा कि भारत किससे तेल खरीदे?” उन्होंने कहा कि किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है और यह समझ से परे है कि अमेरिका तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं।
जवाब में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया कि पर्याप्त कच्चा तेल है, डीजल-पेट्रोल और गैस सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है, एलएनजी कार्गो रोजाना आ रहे हैं और पिछले पांच दिनों में एलपीजी प्रोडक्शन 28% बढ़ाया गया है। लेकिन यह बयान देश में मचे कोहराम से बिल्कुल उलट है। पीएम मोदी ने भी कैबिनेट बैठक में एलपीजी सिलेंडरों की कमी को “अफवाह” करार दे दिया। इसके बावजूद विपक्ष के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। सुबह संसद के बाहर विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया और “नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब” के नारे लगाए।
स्पीकर ओम बिरला के बदले तेवर: अविश्वास प्रस्ताव का असर
LPG Crisis India के साथ-साथ संसद के अंदर भी नाटकीय बदलाव देखने को मिले। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भले ही संख्या बल की कमी से गिर गया, लेकिन इसका सियासी और मनोवैज्ञानिक असर सदन में साफ दिखने लगा है।
जिस सख्ती और अड़ियल रवैये के लिए बिरला जाने जाते थे, अब उनके तेवरों में साफ नरमी दिख रही है। जब वे दोबारा सदन की आसंदी पर लौटे तो उनका व्यवहार बदला हुआ था। विपक्ष के माइक बंद करने और आवाज दबाने के आरोपों पर उन्होंने रक्षात्मक अंदाज में सफाई दी: “अध्यक्ष के पास कभी भी माइक ऑफ या ऑन करने का कोई जादुई बटन नहीं होता है।”
सदन में अनुदानों की अनुपूरक मांगों पर चर्चा के दौरान एनसीपी-एसपी की सांसद सुप्रिया सुले ने देश और दुनिया के संकटपूर्ण हालात का हवाला देते हुए सर्वदलीय बैठक की मांग की। डीएमके के सांसद डॉ. गणपति राजकुमार ने केंद्र पर तमिलनाडु के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मदुरै और कोयंबटूर मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी गई और रेलवे बजट में कटौती की गई, जो अन्यायपूर्ण है। राज्यसभा में कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने ग्रामीण विकास पर सरकार को घेरते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने मनरेगा लाई थी, लेकिन बीजेपी ने न केवल इसका बजट कम किया बल्कि भ्रष्टाचार भी बढ़ाया।
फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला: सुरक्षा में चूक पर सरकार घिरी
11 मार्च की देर रात जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर एक शादी समारोह के दौरान जानलेवा हमला किया गया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें समय रहते बचा लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 20 सालों से इस हमले की प्लानिंग कर रहा था।
फारूक अब्दुल्ला ने इस घटना के बाद कहा: “पहले तो मुझे लगा कि पटाखे हैं। मुझे नहीं पता इसका क्या मकसद था, क्या रंजिश थी। मैंने कभी किसी के लिए अपने दिल में नफरत नहीं रखी।” उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि शादी समारोह में सारे बड़े-बड़े लोग थे, फिर भी कोई हथियार लेकर अंदर घुस आया और किसी को खबर तक नहीं हुई। उन्होंने अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हुए जांच की मांग की और कहा कि “देश में नफरत ने जड़ें पकड़ ली हैं” और अब उन लोगों के लिए जगह बहुत कम बची है जो दोस्ती और मोहब्बत की बात करते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को संसद में उठाया और सीधे गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया। उन्होंने तो यहां तक सवाल किया कि “क्या सरकार का इरादा फारूक अब्दुल्ला को मारने का है?” खरगे ने कहा कि सरकार के हाथ में कश्मीर के लोग सुरक्षित नहीं हैं और जब तक राज्य में निर्वाचित सरकार नहीं बनेगी, लोग सुरक्षित नहीं रहेंगे। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी दुख जताते हुए कहा कि इस तरह का हमला नहीं होना चाहिए और भारत सरकार को उन्हें अधिकतम सुरक्षा देनी चाहिए।
बिहार में नए CM की रेस: निशांत या सम्राट, किसके सिर सजेगा ताज?
बिहार की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीतीश कुमार के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद जबरदस्त बवाल मचा हुआ है। खबरें आ रही हैं कि 16 मार्च को नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य चुने जाएंगे और अप्रैल में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।
जेडीयू कार्यकर्ता चाहते हैं कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाया जाए। जब निशांत कुमार पार्टी ज्वाइन करने के बाद पहली बार पटना के पार्टी कार्यालय पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने “बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो” के जमकर नारे लगाए।
लेकिन इस बीच एक फोटो ने बिहार की राजनीति में खलबली मचा दी है। फोटो में बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कंधे पर नीतीश कुमार हाथ रखे दिखाई दे रहे हैं और सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन कर रहे हैं। इस तस्वीर से कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार बिहार का अगला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बनाएंगे। चर्चा यहां तक है कि बीजेपी की ओर से नीतीश पर सम्राट चौधरी को सीएम बनाने का दबाव बनाया जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बीजेपी ने नीतीश की किस नस पर हाथ रखा है जो उन्हें यह फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
अजित पवार प्लेन क्रैश: रोहित पवार ने राहुल गांधी से मांगा समर्थन
महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार ने संसद भवन में राहुल गांधी से मुलाकात की और कहा कि प्लेन क्रैश से जुड़े मामले में न तो अब तक कोई एफआईआर लिखी गई है और न ही सीबीआई जांच की कोई जानकारी मिल पाई है।
रोहित पवार ने कहा: “मैं अपने अंकल की जान जाने की जांच कराकर रहूंगा।” सरकार का कहना है कि हादसे की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि मामला सीबीआई तक पहुंचा भी है या नहीं। राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मलिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर पूरा समर्थन और हर संभव कदम उठाने का भरोसा दिया है।
CEC ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग: विपक्ष का मास्टर स्ट्रोक
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद अब विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग की तैयारी पूरी कर ली है। इंडिया गठबंधन के कुल 180 सांसदों ने इस नोटिस पर दस्तखत कर दिए हैं: लोकसभा में 120 से ज्यादा (जरूरत 100 की) और राज्यसभा में 60 (जरूरत 50 की)।
विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सात गंभीर आरोपों की चार्जशीट तैयार की है। इनमें विपक्षी दलों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार, चुनावी धोखाधड़ी की जांच में रोड़े अटकाना और पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के जरिए बड़े पैमाने पर लोगों को वोटिंग से वंचित करने का आरोप प्रमुख हैं।
यह विवाद ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी प्रक्रिया से हटाया जा सकता है जिससे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। लोकसभा स्पीकर या राज्यसभा सभापति के पास वीटो पावर है और वे प्रस्ताव को पहली नजर में खारिज कर सकते हैं। टीएमसी के राज्यसभा नेता डेरेक ओब्रायन ने साफ कहा कि राजनीतिक और कानूनी लड़ाई संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह जारी रहेगी।
शेयर बाजार धड़ाम, सरकारी नौकरियों में खाली पड़े 93,000 पद
LPG Crisis India और ईरान-इसराइल जंग के बीच भारतीय शेयर बाजार बुरी तरह लाल निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 829 अंकों की गिरावट के साथ 76,234 पर और निफ्टी 227 अंकों की गिरावट के साथ 23,639 पर बंद हुआ। लगातार दो दिनों से गिरावट जारी है।
इसी बीच संसद में और भी कई अहम जानकारियां सामने आईं। सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) में 93,000 पद खाली हैं, जिनमें सीआरपीएफ में सबसे ज्यादा 27,000 वैकेंसी हैं। सरकार ने संसद में बताया कि पांच साल में सीएपीएफ में इस्तीफों में 86% की बढ़ोतरी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर में बड़ा बदलाव किया है: अब 8 लाख से ज्यादा आय पर इसका लाभ नहीं मिलेगा। असम के मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद का नाम हटाने पर भी बीजेपी सरकार पर सवाल उठे और सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पर मुसलमानों में फूट डालने का आरोप लगा। अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि “ठीक तरह से नहीं चल रही है सरकार।”
विपक्ष की एकजुटता ने बदला संसद का माहौल
12 मार्च की संसदीय कार्यवाही ने एक बात साफ कर दी है: भले ही सरकार के पास बहुमत हो, लेकिन विपक्ष की एकजुटता ने स्पीकर और सत्ता पक्ष दोनों को अपनी कार्यशैली पर दोबारा विचार करने पर मजबूर कर दिया है। LPG Crisis India से लेकर फारूक अब्दुल्ला पर हमला, ईरान-इसराइल जंग के भारत पर असर, CEC पर महाभियोग और बिहार के नए सीएम की चर्चा तक, हर मोर्चे पर मोदी सरकार घिरी हुई दिखी। कार्टूनिस्ट इरफान ने भी इस स्थिति पर अपनी तिरछी नजर डाली और बताया कि जब तक सत्ता पक्ष के कुछ सांसदों का “गिरवी रखा जमीर” वापस नहीं आता, तब तक विपक्ष के लिए संसद में वोटिंग पर जीत हासिल करना नामुमकिन ही रहेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- LPG Crisis India पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरा, कहा: “अमेरिका तय करेगा कि भारत किससे तेल खरीदे, यह समझ से परे है”
- ईरान-इसराइल जंग में 32 लाख विस्थापित, न्यूक्लियर साइट पर हमले की सैटेलाइट तस्वीरें आईं, IAEA ने चेतावनी दी
- फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले से सुरक्षा चूक का सवाल, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने गृह मंत्री को निशाने पर लिया
- बिहार में नए CM की रेस: निशांत कुमार और सम्राट चौधरी के बीच मुकाबला, नीतीश के हाथ रखने की फोटो वायरल
- CEC ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग: इंडिया गठबंधन के 180 सांसदों ने नोटिस पर किए दस्तखत, सात आरोपों की चार्जशीट तैयार








