Amit Shah Punjab Visit से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने गुरुवार, 12 मार्च को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पंजाब की अर्थव्यवस्था, किसानों, बाढ़ राहत, उद्योगों और नशा तस्करी से जुड़े छह अहम सवाल भेजे हैं। अरोड़ा ने कहा कि शाह साहब 14 मार्च को मोगा में ‘बदलाव रैली’ करने आ रहे हैं, लेकिन वे ‘जुमलों’ की बजाय इन सवालों के जवाब लेकर आएं।
‘2027 नजदीक आते ही सब आने लगे पंजाब, गुमराह करने की कोशिश’
पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि जैसे-जैसे 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, सभी राजनीतिक दलों के नेता पंजाब आकर पंजाबियों को गुमराह करके अपनी सियासी रोटियां सेंकने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों राहुल गांधी यहां आकर गए, मनरेगा की बात थी, लेकिन गरीब मजदूरों की बात कितनी हुई यह सबके सामने है।
अरोड़ा ने कहा कि अब इसी तरह देश के गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को पंजाब आ रहे हैं और अपनी आदत के मुताबिक, जैसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह साहब जुमले सुनाकर देश के लोगों को गुमराह करते रहे हैं, शायद उसी तरह के जुमले छोड़कर चले जाएंगे। फिर भी अरोड़ा ने उम्मीद जताई कि वे पंजाब के हित की कोई ठोस बात करके जाएं।
पहला सवाल: 8,300 करोड़ का RDF-MDF फंड कब मिलेगा पंजाब को?
अमन अरोड़ा का पहला सवाल पंजाब के किसानों से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान दिन-रात मेहनत करके अपने खून-पसीने की कमाई से फसलें उगाकर मंडियों में लाते हैं। रूरल डेवलपमेंट फंड (RDF) और मार्केट डेवलपमेंट फंड (MDF) का 8,300 करोड़ रुपया पिछले करीब चार सालों से केंद्र सरकार ने पंजाब को जारी नहीं किया है।
अरोड़ा ने बताया कि यह रकम ग्रामीण बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास, सड़कों और मंडियों के निर्माण पर खर्च होनी थी। पंजाब के गांवों की तरक्की इस पैसे के बिना रुकी पड़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 14 मार्च की मोगा रैली में अमित शाह यह ऐलान करके जाएं कि केंद्र सरकार यह 8,300 करोड़ रुपया तुरंत पंजाब को जारी कर रही है।
दूसरा सवाल: GST मुआवजा खत्म होने से पंजाब को 55-60 हजार करोड़ का नुकसान, भरपाई कैसे होगी?
Amit Shah Punjab Visit के दौरान अरोड़ा का दूसरा बड़ा सवाल GST मुआवजे को लेकर था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2017 में जीएसटी व्यवस्था शुरू की और पंजाब को पांच साल तक जीएसटी मुआवजा दिया, लेकिन 2022 में वह भी खत्म कर दिया गया। इसके कारण पंजाब को करीब 55 से 60 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो चुका है।
अरोड़ा ने कहा कि पंजाब पूरे देश का ‘फूड बाउल’ है, फिर भी उसके साथ यह सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने इस नुकसान की भरपाई के बारे में कोई फैसला किया है तो बताकर जाएं, वरना कम से कम यह वादा करके जाएं कि 2027 के चुनावी दंगल में कदम रखने से पहले इस घाटे की भरपाई कर दी जाएगी।
तीसरा सवाल: मोदी ने मुंह से बोले 1,600 करोड़, 16 रुपये भी नहीं पहुंचे पंजाब
अमन अरोड़ा का तीसरा सवाल बाढ़ राहत से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि पंजाब ने अब तक की सबसे भयानक बाढ़ का सामना किया। प्रधानमंत्री मोदी यहां आए, हवाई दौरा किया और अपने मुंह से 1,600 करोड़ रुपये का ऐलान कर गए।
अरोड़ा ने अफसोस जताते हुए कहा कि उस 1,600 करोड़ में से 16 रुपये भी अभी तक पंजाब को नहीं पहुंचे हैं। यह बात सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा कि प्रधानमंत्री के मुंह से निकला वादा भी खोखला साबित हुआ। उन्होंने कहा कि शाह साहब आने से पहले या तो यह 1,600 करोड़ जारी करवाकर आएं, नहीं तो आकर वादा करें कि कब तक ये पैसे आ जाएंगे। पंजाब के बाढ़ पीड़ित अभी भी इंतजार कर रहे हैं।
चौथा सवाल: भारत-अमेरिका व्यापार संधि से किसानों को खतरा क्यों?
अरोड़ा ने चौथे सवाल में केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पहले तीन काले कृषि कानूनों के जरिए पंजाब की किसानी को खत्म करने की कोशिश की गई, जिसका पंजाब के किसानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया और सरकार को पीछे हटना पड़ा। अब उसी को एक ‘रिफाइंड रूप’ में तथाकथित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जरिए लागू करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस डील के जरिए केंद्र सरकार अमेरिका के आगे घुटने टेककर ऐसी शर्तें मान रही है, जिनसे पूरे देश के किसानों, छोटे व्यापारियों और खासतौर पर पंजाब के किसानों का भारी नुकसान होगा। अरोड़ा ने सवाल किया कि इस एकतरफा डील में भाजपा का क्या हित है और क्या मजबूरियां हैं, यह जरूर बताकर जाएं।
पांचवां सवाल: नशा तस्करी की जंग में केंद्र का सहयोग कहां है?
अमन अरोड़ा का पांचवां सवाल पंजाब में नशे की समस्या से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि पंजाब ने पिछले एक साल से नशों के खिलाफ जंग छेड़ रखी है, लेकिन यह जंग अकेला पंजाब नहीं जीत सकता। एक तरफ 543 किलोमीटर का अंतरराष्ट्रीय सीमा है और दूसरी तरफ भाजपा शासित पड़ोसी राज्य हैं, चाहे राजस्थान हो या हरियाणा।
अरोड़ा ने कहा कि कई बार देखने में आया है कि गुजरात की बंदरगाहों के रास्ते भी नशे पंजाब में आते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और तीन करोड़ पंजाबियों की इस जंग में केंद्र सरकार कैसे हिस्सा डाल रही है, यह बताकर जाएं, पंजाब सुनने की प्रतीक्षा करेगा। नशे का यह संकट लाखों परिवारों की जिंदगी बर्बाद कर रहा है और इसके लिए केंद्र और राज्य दोनों को मिलकर काम करना जरूरी है।
छठा सवाल: पंजाब के उद्योगों को बचाने के लिए विशेष पैकेज कब?
अरोड़ा का आखिरी सवाल पंजाब के उद्योगों से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी पहाड़ी राज्यों को करीब दो दशकों तक उद्योग के लिए प्रोत्साहन दिए गए, जिसके कारण पंजाब के उद्योग को भारी नुकसान हुआ।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सीमा बंद होने के कारण दूसरे देशों के साथ व्यापार भी प्रभावित हुआ है। अरोड़ा ने सवाल किया कि इस स्थिति में पंजाब के उद्योग और व्यापारियों को बचाने के लिए केंद्र सरकार कोई विशेष औद्योगिक पैकेज देने जा रही है या नहीं। Amit Shah Punjab Visit के दौरान इसका जवाब मिलना चाहिए।
‘जख्म कुरेदकर नहीं, मलहम लगाकर जाइए शाह साहब’
अमन अरोड़ा ने अंत में भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि शाह साहब, पंजाब आपका स्वागत करता है, लेकिन इन सवालों के जवाब जरूर देकर जाना। सिर्फ बातें सुनाकर, झूठे वादे करके या जुमलेबाजी करके लौटकर न जाना।
उन्होंने कहा कि पंजाब के जख्म पहले से ही कई मसलों पर हरे हैं, कभी चंडीगढ़ की बात आती है, कभी पंजाब के पानियों की बात आती है, जिन पर भाजपा और केंद्र सरकार बार-बार चोट करती रही है। अरोड़ा ने कहा कि हमारे जख्म पहले ही बहुत हरे हैं, उन्हें और कुरेदकर न जाइए, बल्कि मलहम लगाकर जाइए। यह बयान पंजाब की राजनीतिक गर्माहट को और तेज कर सकता है, खासकर जब अमित शाह दो दिन बाद मोगा में भाजपा की ‘बदलाव रैली’ करने आ रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- आप पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने Amit Shah Punjab Visit से पहले छह अहम सवाल रखे, कहा: जुमलों की बजाय जवाब लेकर आएं।
- पंजाब का 8,300 करोड़ RDF-MDF फंड चार साल से रुका है, GST मुआवजा खत्म होने से 55-60 हजार करोड़ का नुकसान हुआ।
- मोदी द्वारा घोषित 1,600 करोड़ की बाढ़ राहत राशि में से 16 रुपये भी पंजाब को नहीं मिले: अरोड़ा।
- भारत-अमेरिका व्यापार संधि, नशा तस्करी और उद्योगों के लिए विशेष पैकेज पर भी केंद्र से जवाब मांगा।








