Din Bhar Ki Khabar में आज 11 मार्च 2026 का दिन ऐसा रहा जिसने देश और दुनिया के हर मोर्चे पर हलचल मचा दी। एक तरफ मिडिल ईस्ट में ईरान ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ अपना अब तक का सबसे भीषण ऑपरेशन शुरू कर दिया। दूसरी तरफ भारत में संसद में जबरदस्त हंगामा रहा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, सावरकर मानहानि केस में राहुल गांधी को बड़ी राहत, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की तैयारी और NCERT विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: हर खबर ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। शेयर बाजार में भी भारी गिरावट आई और सेंसेक्स 1,342 अंक टूटकर बंद हुआ।
ईरान का अब तक का सबसे खतरनाक ऑपरेशन: हॉर्मुज स्ट्रेट बना जंग का केंद्र
Din Bhar Ki Khabar की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर मिडिल ईस्ट से आई। ईरान ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ अपना अब तक का सबसे तीव्र और व्यापक अभियान शुरू करने का ऐलान कर दिया है। ईरानी सेना ने साफ कर दिया है कि वे इजराइल और अमेरिका से बदला लेकर रहेंगे।
ईरानी सेना के प्रवक्ता अबुल फजल शेखरची ने क्षेत्र के देशों और लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे उन जगहों की पहचान करें जो अमेरिकी-ज़ायोनिस्ट ताकतों के छिपने के ठिकाने हैं, ताकि ईरान आम लोगों को नुकसान पहुंचाने से बच सके और अपने हमलों की सटीकता बढ़ा सके।
ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान समुद्री माइंस बिछा रहा है जो इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए बेहद खतरनाक साबित होंगी। दुबई एयरपोर्ट के पास दो ड्रोन गिरने की खबर आई है। दोहा में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद कतर ने हाई सिक्योरिटी खतरे की चेतावनी जारी कर दी है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्ध के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह नहीं ठहराता तो वैश्विक व्यवस्था और दुनिया की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
इसी बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुस्तफा खामनेई के घायल होने की अफवाहों को ईरान ने खारिज करते हुए कहा कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। तेहरान में शहीद कमांडरों के अंतिम संस्कार में भारी भीड़ जुटी, जो अमेरिका और इजराइल के तख्ता पलट के सपनों को करारा जवाब है।
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन ने जंग रोकने की अपील करते हुए कहा कि इसे रोकना होगा इससे पहले कि पूरा इलाका आग की लपटों में घिर जाए। संयुक्त राष्ट्र ने भी दुनिया को चेताया है।
रूसी तेल और LPG संकट पर मोदी सरकार चौतरफा घिरी
Din Bhar Ki Khabar में घरेलू मोर्चे पर सबसे बड़ा मुद्दा रहा रूसी तेल की खरीद और LPG सिलेंडर की किल्लत। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेवेट का वह बयान विवाद का केंद्र बन गया जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की इजाजत दी है और भारतीयों को “गुड एक्टर्स” कहकर संबोधित किया।
कांग्रेस ने इस बयान का वीडियो साझा करते हुए इसे भारत की गरिमा और संप्रभुता का घोर अपमान बताया। पार्टी ने तीखे सवाल दागते हुए पूछा कि भारत के फैसले आखिर बाहर से निर्देशित क्यों हो रहे हैं? प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए।
दूसरी तरफ LPG सिलेंडर की भारी किल्लत ने मामले को और गर्म कर दिया। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लाम्बा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ मंत्री दावा कर रहे हैं कि भंडार भरे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ पूरा देश किल्लत की चपेट में है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा: “LPG का मुद्दा पूरी तरह सरकार की विफल नीतियों का नतीजा है। बेरोजगारी बढ़ रही है, अब LPG की स्थिति देखिए, जनता कितना बर्दाश्त करेगी।”
राज्यसभा में सांसद कपिल सिब्बल ने भी कहा कि ईरान-इजराइल युद्ध का असर गैस की कीमतों पर पड़ेगा और सरकार ने समय रहते दूरदर्शिता नहीं दिखाई।
स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: राहुल गांधी ने उठाए तीखे सवाल
Din Bhar Ki Khabar में संसद में सबसे बड़ी बहस लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्पीकर सदन में विपक्षी सांसदों को बोलने से रोकते हैं और पक्षपात करते हैं।
राहुल गांधी ने इस प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा: “यह सदन भारत की जनता की अभिव्यक्ति है। यह किसी एक दल का प्रतिनिधित्व नहीं करता। हर बार जब हम बोलने के लिए खड़े होते हैं तो हमें रोक दिया जाता है। भारत के इतिहास में पहली बार नेता विपक्ष को सदन में बोलने नहीं दिया गया।”
राहुल ने यह भी कहा कि पिछली बार जब उन्होंने प्रधानमंत्री के किए गए समझौते के बारे में मूलभूत सवाल उठाया था, तब भी उन्हें कई बार बोलने से रोका गया।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जब सदन का संरक्षक ही सत्ता पक्ष के मुखिया की तरह काम करने लगे तो यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से ओम बिरला ठीक हो सकते हैं, लेकिन उनके हाथ पूरी तरह बंधे हुए हैं। जब भी कोई मुद्दा आता है तो गृह मंत्री अमित शाह बीच में कूदकर सुझाव देने लगते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने बिरला के बचाव में कहा कि स्पीकर की नियुक्ति में दोनों दलों के नेता साथ थे और स्पीकर सभी दलों के होते हैं।
सावरकर मानहानि केस में राहुल गांधी को बड़ी राहत: BJP के मंसूबे फेल
Din Bhar Ki Khabar में कानूनी मोर्चे पर राहुल गांधी के लिए बड़ी खुशखबरी आई। सावरकर मानहानि मामले में नासिक की अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ चल रही पूरी कार्यवाही को आधिकारिक रूप से समाप्त करने का आदेश दे दिया।
यह मामला नवंबर 2022 का है जब राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र के वाशिम और अकोला जिलों में थे। 17 नवंबर 2022 को अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल ने सावरकर से जुड़े कुछ ऐतिहासिक दस्तावेज दिखाए थे। उन्होंने दावा किया कि सावरकर ने अंग्रेजों को माफीनामा लिखा था और वे उनसे पेंशन भी लेते थे।
इसी बयान पर नासिक के सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र भूतड़ा ने मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाया था। जुलाई 2025 में राहुल गांधी को जमानत मिली थी, लेकिन अब अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले का अंतिम निपटारा कर दिया है। कांग्रेस ने इसे अपनी बड़ी कानूनी और राजनीतिक जीत बताया है। पार्टी का कहना था कि यह केस राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था।
बीजेपी के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि सावरकर के मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरने की उनकी रणनीति पर अदालत ने पानी फेर दिया है।
CEC ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग की तैयारी: 100 से ज्यादा सांसदों के हस्ताक्षर
Din Bhr Ki Khabar में एक और बड़ी खबर यह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर संकट गहरा गया है। विपक्ष ने उन्हें पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी कर ली है।
TMC के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान को कांग्रेस, सपा और आम आदमी पार्टी का समर्थन मिल गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे के दफ्तर में INDIA गठबंधन की बैठक बुलाई गई जिसमें CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अब तक इस प्रस्ताव पर 100 से ज्यादा सांसदों के हस्ताक्षर हो चुके हैं।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग बीजेपी की कठपुतली बन गया है। चाहे EVM का मुद्दा हो या अन्य विवाद, विपक्ष की शिकायतों पर चुनाव आयोग की चुप्पी ने कई सवाल खड़े किए हैं। ज्ञानेश कुमार को गृह मंत्री अमित शाह का करीबी भी बताया जाता है क्योंकि वे CEC बनने से पहले यूनियन कोऑपरेटिव सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए थे, जो मंत्रालय गृह मंत्री के अधीन आता है।
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा खत्म होते ही TMC यह प्रस्ताव सदन के पटल पर रख देगी।
शंकराचार्य का लखनऊ में धर्म युद्ध: योगी सरकार और BJP पर ताबड़तोड़ हमले
Din Bhar Ki Khabar में उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर यह है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ रक्षा की मांग को लेकर अपना धर्म युद्ध तेज कर दिया है। उन्होंने लखनऊ कूच का ऐलान किया था और अब वे लखनऊ पहुंच गए हैं।
शंकराचार्य ने कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन में आयोजित कार्यक्रम में गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध का शंखनाद किया। उन्होंने बीजेपी को “भाजपा” (भ्रष्ट जनविरोधी पार्टी) करार दिया और तीखे हमले किए।
दरअसल शंकराचार्य ने 30 जनवरी को योगी सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था और कहा था कि गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करें वरना आंदोलन करेंगे। 7 मार्च को वाराणसी से यात्रा शुरू करके अब वे लखनऊ पहुंचे हैं।
लखनऊ प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति दी थी, जिनमें किसी का नाम न लेने की शर्त भी थी। इस पर शंकराचार्य भड़क गए और पूछा कि आखिर किसका नाम पुलिस छिपाना चाहती है, उसने ऐसा क्या किया है?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कार्यक्रम में पहुंचकर शंकराचार्य का समर्थन किया। यह विवाद माघ मेले से शुरू हुआ था जब शंकराचार्य को संगम स्नान से प्रशासन ने रोक दिया था। UP चुनाव से पहले का यह घटनाक्रम सरकार की टेंशन बढ़ा रहा है।
NCERT विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: तीन एक्सपर्ट्स को नौकरी से निकालने का आदेश
Din Bhar Ki Khabar में सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की आठवीं क्लास की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार वाले चैप्टर को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने केंद्र सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस चैप्टर को तैयार करने में शामिल तीनों व्यक्तियों: प्रोफेसर मिशेल डेनिनो, दिवाकर और आलोक प्रसन्ना कुमार से सरकार अपने सभी संबंध तुरंत खत्म करे।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अब से किसी भी सरकारी संगठन में इन तीनों को कोई काम नहीं दिया जाएगा और भविष्य में पब्लिक फंड से कोई भुगतान भी नहीं होगा।
कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा: “इन लोगों को या तो भारतीय न्यायपालिका की पर्याप्त जानकारी नहीं है या इन्होंने जानबूझकर तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया है। इनका मकसद कक्षा 8 के मासूम छात्रों के मन में न्यायपालिका की नकारात्मक छवि बनाना था।”
कोर्ट ने भविष्य के लिए नियम तय करते हुए कहा कि जो भी नया चैप्टर लिखा जाएगा उसे डोमेन एक्सपर्ट्स की कमेटी से मंजूरी लेनी होगी। इस कमेटी में एक पूर्व सीनियर जज, एक मशहूर शिक्षाविद और एक वरिष्ठ वकील शामिल होंगे। मंजूरी से पहले नया चैप्टर प्रकाशित नहीं किया जा सकेगा।
CJI ने सोशल मीडिया पर गैर-जिम्मेदाराना बयानों पर भी चेतावनी दी और कहा कि विदेश में बैठे लोग भी कानून के दायरे में आएंगे।
पंजाब में मावा धिया सत्कार योजना: महिलाओं को मिलेगी आर्थिक मदद
पंजाब में भगवंत मान सरकार ने बजट में “मावा धिया सत्कार योजना” का ऐलान किया है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद दी जाएगी। चुनाव से पहले यह AAP सरकार का बड़ा दांव माना जा रहा है।
शारदा चिट फंड घोटाले पर कोलकाता हाई कोर्ट सख्त
कोलकाता हाई कोर्ट ने शारदा चिट फंड घोटाले पर सख्त रुख अपनाते हुए श्यामल सेन कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। इससे पीड़ितों में उम्मीद जगी है कि अब उन्हें न्याय मिलेगा।
महाराष्ट्र लाडकी बहन योजना: 90 लाख महिलाएं सूची से बाहर
महाराष्ट्र की लाडकी बहन योजना पर गहरा संकट आ गया है। 90 लाख महिलाओं को लाभार्थी सूची से बाहर कर दिया गया है। विपक्ष ने इसे विश्वासघात और चुनावी छलावा बताया है।
शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 1,342 अंक टूटा
Din Bhar Ki Khabar में आर्थिक मोर्चे पर भी बुरी खबर रही। मिडिल ईस्ट जंग और वैश्विक अनिश्चितता के बीच शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1,342 अंकों की गिरावट के साथ 76,863 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 394 अंकों की गिरावट के साथ 23,866 पर बंद हुआ। निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।
दिल्ली में पूर्व सैनिकों का जमावड़ा: सरकार पर सौतेला बर्ताव का आरोप
दिल्ली में पूर्व सैनिकों का बड़ा जमावड़ा हुआ। कांग्रेस नेता सचिन पायलट की मौजूदगी में कर्नल रोहित चौधरी ने सरकार पर पूर्व सैनिकों के साथ सौतेला बर्ताव करने का आरोप लगाया।
एक ही दिन में मोदी सरकार को चौतरफा घेरे का क्या है मतलब?
Din Bhar Ki Khabar का पूरा घटनाक्रम देखें तो 11 मार्च 2026 मोदी सरकार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण दिन रहा। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर मिडिल ईस्ट जंग ने तेल संकट खड़ा कर दिया और अमेरिका के “गुड एक्टर्स” बयान ने कूटनीतिक विवाद पैदा किया। घरेलू मोर्चे पर LPG किल्लत, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, CEC पर महाभियोग की तैयारी और शंकराचार्य का धर्म युद्ध: हर तरफ से सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
सावरकर केस में राहुल गांधी को राहत मिलने से कांग्रेस का मनोबल बढ़ा है। NCERT विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती ने सरकार की शिक्षा नीति पर भी सवाल खड़े किए हैं। शेयर बाजार में भारी गिरावट ने आम निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों पर और भी तीखा टकराव देखने को मिल सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
ईरान ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ अब तक का सबसे भीषण ऑपरेशन शुरू किया, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में माइंस बिछाईं, दुबई-दोहा में हमलों की खबर।
राहुल गांधी को सावरकर मानहानि केस में नासिक कोर्ट से बड़ी राहत, स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में जबरदस्त बहस, CEC ज्ञानेश कुमार पर 100+ सांसदों ने महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए।
NCERT विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने तीन एक्सपर्ट्स को सरकारी काम से हटाने का आदेश दिया, भविष्य में नया चैप्टर डोमेन एक्सपर्ट्स कमेटी की मंजूरी से ही छपेगा।
सेंसेक्स 1,342 अंक गिरकर 76,863 पर बंद, LPG संकट और रूसी तेल विवाद पर विपक्ष ने मोदी सरकार को चौतरफा घेरा, शंकराचार्य ने लखनऊ पहुंचकर योगी-BJP के खिलाफ धर्म युद्ध तेज किया।








