शुक्रवार, 13 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Iran Israel War: 12वें दिन बैकफुट पर अमेरिका-इजराइल, ईरान के पलटवार ने बदले समीकरण

Iran Israel War: 12वें दिन बैकफुट पर अमेरिका-इजराइल, ईरान के पलटवार ने बदले समीकरण

मिडिल ईस्ट में जंग के 12वें दिन ईरान के ताबड़तोड़ हमलों ने अमेरिका और इजराइल को पीछे हटने पर मजबूर किया, सऊदी अरब ने साथ देने से किया साफ इनकार, वहीं चीन की भारत सीमा पर बड़ी साजिश भी आई सामने।

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 11 मार्च 2026
A A
0
Iran Israel War
104
SHARES
693
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Iran Israel War में 12वां दिन पूरी दुनिया के समीकरण बदलने वाला साबित हो रहा है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई इस जंग ने अब ऐसा मोड़ ले लिया है जिसकी अमेरिका और इजराइल ने कल्पना भी नहीं की होगी। ईरान के आक्रामक पलटवार ने न सिर्फ इजराइल को बैकफुट पर धकेल दिया है, बल्कि दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका को भी युद्ध विराम की बात करने पर मजबूर कर दिया है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी जारी की है कि अगर यह जंग नहीं रुकी तो वैश्विक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।

इजराइल ने पहली बार माना: ईरान से अंतहीन लड़ाई नहीं चाहते

Iran Israel War में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने खुलकर कहा कि इजराइल ईरान के साथ कभी न खत्म होने वाली लड़ाई नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि लड़ाई को कब खत्म करना है, इस पर वे अमेरिका के साथ कोऑर्डिनेट करेंगे।

यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि जंग शुरू होने के बाद से इजराइल लगातार ईरान को करारी मात देने के दावे कर रहा था। लेकिन अब जब ईरान के हमलों ने असली नुकसान पहुंचाना शुरू किया तो इजराइल के सुर बदल गए। Iran Israel War में इजराइल की ओर से युद्ध विराम के ये पहले स्पष्ट संकेत हैं।

2339 लोग अस्पताल में भर्ती, 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत

Iran Israel War में अब तक हुए नुकसान के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरानी हमलों से 191 लोग घायल हुए हैं। 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से अब तक कुल 2339 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है, जिनमें से 95 अभी भी अस्पताल में हैं। घायलों में इजराइली सैनिक और आम नागरिक दोनों शामिल हैं।

वहीं अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने भी स्वीकार किया कि इस युद्ध में अब तक 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं और 7 सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि ये केवल आधिकारिक आंकड़े हैं और हकीकत में यह संख्या कहीं ज्यादा भी हो सकती है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान बिछा रहा समुद्री माइंस

Iran Israel War में ईरान ने अपनी रणनीति और भी आक्रामक कर दी है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बीते कुछ दिनों में कई दर्जन समुद्री माइंस बिछा दी हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि ईरान के पास अभी भी अपनी छोटी नावों और माइन बिछाने वाले जहाजों का करीब 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है। इसलिए वह चाहे तो इस जलमार्ग में सैकड़ों माइंस बिछा सकता है।

ईरान ने साफ कर दिया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से अमेरिका और इजराइल के जहाजों की आवाजाही नहीं हो सकती। इस कदम ने वैश्विक तेल सप्लाई को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेल की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं और अगर ईरान इस मार्ग पर सख्ती और बढ़ाता है तो वैश्विक व्यापार पूरी तरह ठप हो सकता है।

आम लोगों के लिए इसका मतलब यह है कि दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल, गैस और खाने-पीने की चीजों के दाम और बढ़ सकते हैं। भारत समेत तमाम देश जो मिडिल ईस्ट से तेल आयात करते हैं, उन सभी पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: खाने की कीमतें और रहने का खर्च बढ़ेगा

संयुक्त राष्ट्र ने Iran Israel War को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। उसने कहा कि अगर वेस्ट एशिया संघर्ष के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होता है तो खाने की चीजों की कीमतें और रहने का खर्च काफी बढ़ जाएगा। साथ ही ग्लोबल ट्रेड और डेवलपमेंट पर बड़े खतरे का सामना करना पड़ सकता है। यह चेतावनी इसलिए गंभीर है क्योंकि दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल व्यापार इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है।

ट्रंप का दावा: ईरान की 10 नौकाएं नष्ट कीं, ईरान का जवाब: डरते नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि बीते कुछ घंटों में उन्होंने माइन बिछाने वाली ईरान की 10 निष्क्रिय नौकाओं और जहाजों को निशाना बनाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया है और ऐसे हमले आगे भी जारी रहेंगे।

लेकिन ईरान ने इन धमकियों की परवाह करने से साफ इनकार कर दिया। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने ट्रंप को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी लोग ट्रंप से डरते नहीं हैं और उन्होंने तो यहां तक चेतावनी दे डाली कि “सावधान रहो, कहीं तुम खुद ही निशाना न बन जाओ।”

वहीं व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेवेट ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइल उत्पादन व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण कर देता है तो सैन्य अभियान खत्म हो जाएगा। लेकिन ईरान के रवैये से साफ है कि सरेंडर का तो सवाल ही नहीं उठता।

रूस ने ईरान के साथ की बात: पुतिन ने शांति पर दिया जोर

Iran Israel War के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान से बात की। पुतिन ने इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि फिलहाल यह जंग थमती नजर नहीं आ रही।

सऊदी अरब ने अमेरिका को दिया करारा जवाब: रियाद किसी का गुलाम नहीं

Iran Israel War का एक और बड़ा असर अमेरिका और सऊदी अरब के रिश्तों पर पड़ रहा है। अमेरिका चाहता था कि सऊदी अरब ईरान के खिलाफ इस जंग में उसका साथ दे, लेकिन रियाद ने इससे साफ इनकार कर दिया। इस पर अमेरिकी सेनेटर लिंडसे ग्राहम ने खुलेआम सऊदी की वफादारी पर सवाल उठाए।

यह भी पढे़ं 👇

SC On Period Leave

SC On Period Leave: पीरियड्स लीव अनिवार्य की तो महिलाओं को नौकरी नहीं मिलेगी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Ladli Behna Yojana 34th Installment

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1.25 करोड़ बहनों के खाते में पहुंचे ₹1836 करोड़, CM यादव ने किया ट्रांसफर

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Kerala Lottery Result Today

Kerala Lottery Result Today: Suvarna Keralam SK 44 का ₹1 करोड़ का जैकपॉट लगा, देखें विनर लिस्ट

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Chinese Grand Prix 2026

Chinese Grand Prix 2026: George Russell ने जीता Sprint Qualifying का पोल, Mercedes का 1-2 लॉकआउट

शुक्रवार, 13 मार्च 2026

ग्राहम ने कहा: “अगर सऊदी ईरान के खिलाफ युद्ध में भाग लेने के लिए तैयार नहीं है तो अमेरिका को उसके साथ डिफेंस डील क्यों करनी चाहिए? जब यह युद्ध खाड़ी देशों के दरवाजे तक पहुंच चुका है तो केवल पर्दे के पीछे रहकर सऊदी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।”

लेकिन ग्राहम की यह धमकी उल्टी पड़ गई। संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के मिशन के अताशे सऊद बिन सलमान अल दोसारी ने करारा जवाब दिया: “कोई भी साझेदारी आपसी जिम्मेदारी और सम्मान के आधार पर होती है। रियाद कोई किसी का गुलाम नहीं है। सऊदी अरब अपने हितों को सर्वोपरि रखता है और जब भी सैन्य कारवाई का फैसला होगा, वो रियाद का अपना फैसला होगा, किसी और के इशारे पर नहीं।”

सोशल मीडिया पर सऊदी जनता का अमेरिका से गुस्सा

सोशल मीडिया पर भी सऊदी जनता का अमेरिका के खिलाफ गुस्सा साफ दिख रहा है। लोगों ने पोस्ट के जरिए अमेरिका को आईना दिखाया है। उनका कहना है कि यह युद्ध अमेरिका और इजराइल ने शुरू किया है, फिर इसका खामियाजा खाड़ी देश क्यों भुगतें?

सोशल मीडिया पर 2019 के आरामको हमलों का भी जिक्र देखा जा रहा है, जब यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों ने सऊदी की तेल सप्लाई को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया था। उस वक्त वाशिंगटन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। अब सऊदी की जनता सवाल कर रही है कि जब अमेरिका ने तब हमारी मदद नहीं की, तो अब हम क्यों उनकी जंग लड़ें?

रूस ने भरी उड़ान: अमेरिका-सऊदी के बीच की खाई भरने को तैयार

Iran Israel War ने जो सबसे बड़ा भू-राजनीतिक बदलाव किया है, वह है रूस का खाड़ी में बढ़ता प्रभाव। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ कहा कि मॉस्को अमेरिका और सऊदी के बीच बने इस खालीपन को भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

लावरोव ने कहा: “सऊदी अरब रूस का रणनीतिक साझेदार और विश्वसनीय मित्र है। अमेरिका और इजराइल का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों को युद्ध में घसीटना है ताकि सऊदी और ईरान के बीच हाल ही में सामान्य हुए संबंधों को दोबारा बिगाड़ा जा सके।”

रूस और सऊदी अरब दोनों एक सुर में तत्काल युद्ध विराम और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की मांग कर रहे हैं। यह घटनाक्रम बताता है कि Iran Israel War ने अमेरिका की वैश्विक साख को कितना बड़ा नुकसान पहुंचाया है।

क्या ट्रंप ने खुद ही मोल ले लिया बड़ा नुकसान?

Iran Israel War को लेकर अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से जंग शुरू करके खुद ही बड़ा नुकसान मोल ले लिया? एक तरफ ईरान पहले ही कह चुका है कि वो हार नहीं मानने वाला। दूसरी तरफ सऊदी अरब ने भी अमेरिका से दूरी बना ली है। और तीसरी तरफ रूस सऊदी के करीब आकर अमेरिका की रणनीतिक स्थिति को और कमजोर कर रहा है। ऐसे में ट्रंप को इस जंग में दोहरा झटका लगने की आशंका बढ़ती जा रही है।

चीन की भारत के खिलाफ बड़ी साजिश: LAC पर बिछाएगा सड़कों का जाल

Iran Israel War के अलावा एक और बड़ी खबर चीन की तरफ से आई है जो भारत की सुरक्षा को सीधे प्रभावित करती है। चीन अपनी 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत से लगे सीमावर्ती इलाकों में सड़कों का जाल बिछाने की तैयारी कर रहा है। इसका प्रस्ताव तैयार हो चुका है और इसे नेशनल पीपल्स कांग्रेस (चीनी संसद) की मंजूरी के लिए पेश किया गया है।

सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने इस योजना को पहले ही मंजूरी दे दी है। अब जब चीनी संसद का सत्र चल रहा है तो वहां से भी इसे पास करवाने की तैयारी है। एक बार मंजूरी मिल गई तो यह प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ सकता है।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने इस योजना की मसौदा रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि एक परियोजना में शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र में बीहड़ तियानशान पहाड़ों के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने वाले 394 किलोमीटर लंबे राजमार्ग का निर्माण शामिल है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह मार्ग विवादित अक्साई चीन क्षेत्र से होकर गुजरने वाली एक रणनीतिक सड़क के समानांतर होगा, जिसका निर्माण 1962 के भारत-चीन सीमा युद्ध के बाद सैन्य आवागमन में सुधार के लिए किया गया था।

भारत की सुरक्षा को सीधा खतरा: 1962 जैसी स्थिति की आशंका?

चीन के इस कदम से भारत की सुरक्षा को सीधा खतरा पैदा हो सकता है। इस मजबूत रोड नेटवर्क के जरिए चीन को अपनी सेना और सैन्य उपकरणों को तेजी से LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पर तैनात करने में मदद मिलेगी। यह वही क्षेत्र है जिसे लेकर 1962 में दोनों देशों के बीच जंग छिड़ी थी और सीमा पर आज भी तनाव बरकरार है।

यह कोई पहली बार नहीं है जब चीन LAC के पास ऐसी गतिविधि कर रहा हो। बीते साल उसने तिब्बत-शिनजियांग रेल लाइन बनाने की घोषणा की थी जो अक्साई चीन और LAC के पास से गुजरेगी। भारत इन गतिविधियों को लेकर पहले से सतर्क है और वह भी बॉर्डर इलाकों में अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बना रहा है। लेकिन चीन के इस नए प्रस्ताव से दोनों देशों में तनाव और बढ़ना तय है।

रूस-यूक्रेन युद्ध में भी तेज हुए हमले: माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक प्लांट पर दागी मिसाइलें

Iran Israel War के साथ-साथ रूस-यूक्रेन युद्ध भी थमने का नाम नहीं ले रहा। पिछले 4 साल से चल रहे इस युद्ध की रफ्तार कम नहीं हो रही। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस के ब्रायंस्क में एक माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक प्लांट पर जबरदस्त क्रूज मिसाइल से हमला किया है। इस हमले में 6 लोगों की मौत हो गई और 37 से ज्यादा लोग घायल हुए।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि इस प्लांट पर स्टॉर्म शैडो (SCALP-EG) मिसाइल से अटैक किया गया, जिसे रूसी डिफेंस सिस्टम इंटरसेप्ट करने में नाकाम रहा। इस प्लांट पर 8 से 10 धमाके किए गए। यूक्रेन ने जिस प्लांट को निशाना बनाया, वहां मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन जैसे सैन्य उपकरणों का उत्पादन होता है।

डोनबास में रूस की बढ़त: यूक्रेन का कब्जा 25% से घटकर 15-17% हुआ

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने दावा किया कि रूसी सेना ने यूक्रेन के पूर्वी डोनबास क्षेत्र में बड़ी बढ़त बना ली है। पुतिन के अनुसार 6 महीने पहले डोनबास के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से पर यूक्रेन का कब्जा था, लेकिन अब यह केवल 15 से 17 प्रतिशत तक सीमित रह गया है।

हालांकि यूक्रेन के दावे अलग हैं। यूक्रेनी सेना के मेजर जनरल अलेक्सांडर कमारेंको ने बताया कि सैनिकों की कमी के बावजूद उनकी सेना ने दक्षिण-पूर्वी निप्रोपत्रोस्क औद्योगिक क्षेत्र के लगभग पूरे इलाके को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे रूसी सैनिकों को 400 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र से बाहर खदेड़ दिया गया है।

जिस तरह अमेरिका Iran Israel War में उलझा हुआ है, उसके बाद यूक्रेन कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्धविराम के लिए चल रही वार्ता को फिलहाल स्थगित कर दिया है। ऐसे में अगर रूस की आक्रामकता बढ़ी तो यूक्रेन के लिए जंग के मैदान में टिके रहना और मुश्किल हो जाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर का असर: मुरीद एयरबेस की मरम्मत में फेल पाकिस्तान

इसी बीच भारत के ऑपरेशन सिंदूर का असर भी सामने आया है। भारत के हमलों में पाकिस्तान के मुरीद एयरबेस को पहुंचे नुकसान की मरम्मत में पाकिस्तान नाकाम रहा है। कमांड सेंटर को जमींदोज कर दिया गया था।

वहीं अफगान इंटेलिजेंस एनालिस्ट अजमल सोहेल ने दावा किया है कि पाकिस्तान अपने दोस्त चीन को भी धोखा दे रहा है। उनका आरोप है कि अफगानिस्तान में चीनी प्रोजेक्ट्स पर हमले पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI करवा रही है।

गाजा में फिलस्तीनी महिलाओं पर जुल्म: एमनेस्टी ने जताई चिंता

Iran Israel War के साथ-साथ गाजा में भी इजराइली हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि गाजा में फिलस्तीनी महिलाओं को सुरक्षित रूप से जीने और जन्म देने की भी मोहलत नहीं मिल रही। वैश्विक मानवाधिकार समूह ने इजराइली हमलों पर सवाल उठाए हैं।

बांग्लादेश को अमेरिकी ट्रेड डील से 1300 करोड़ टका का नुकसान

अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी का असर बांग्लादेश पर भी पड़ रहा है। CBD (सेंट्रल बैंक ऑफ बांग्लादेश) के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका की ट्रेड डील से बांग्लादेश को 1300 करोड़ टका का नुकसान होगा। बांग्लादेश सरकार को अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत की सलाह दी गई है।

यूरेनस: सौरमंडल का बर्फीला दानव जो लुढ़कता हुआ करता है सूर्य की परिक्रमा

Iran Israel War और भू-राजनीतिक तनावों से इतर विज्ञान की दुनिया में भी एक दिलचस्प खबर है। मार्च 1977 में वैज्ञानिकों ने यूरेनस ग्रह के चारों तरफ 13 छल्लों (रिंग्स) की खोज की थी। यह ग्रह अपनी धुरी पर 98 डिग्री तक झुका हुआ है, यानी यह सीधा खड़ा होने के बजाय किसी गेंद की तरह लुढ़कते हुए सूरज के चक्कर लगाता है।

यूरेनस को “आइस जायंट” कहा जाता है क्योंकि यह सौरमंडल का तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है। इसकी सतह पानी, मीथेन और अमोनिया के बर्फीले मिश्रण से बनी है। मीथेन गैस की वजह से यह नीला और हरा दिखता है। यहां का तापमान -224 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है और हवाएं 900 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं। यहां 21 साल तक सिर्फ दिन रहता है और फिर अगले 21 साल तक सिर्फ रात। इसके 28 चंद्रमाओं के नाम शेक्सपियर और अलेक्जेंडर पोप की कहानियों के पात्रों पर रखे गए हैं।


मुख्य बातें (Key Points)
  • Iran Israel War के 12वें दिन ईरान के आक्रामक पलटवार ने अमेरिका और इजराइल को बैकफुट पर धकेल दिया, इजराइल ने पहली बार युद्ध विराम के संकेत दिए।
  • ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री माइंस बिछा रहा है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई और व्यापार गंभीर खतरे में है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी कि इससे खाने की कीमतें और रहने का खर्च बढ़ेगा।
  • सऊदी अरब ने अमेरिका की जंग में साथ देने से साफ इनकार कर दिया, रूस ने इस मौके का फायदा उठाते हुए सऊदी के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत करने की पेशकश की।
  • चीन अपनी 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत की LAC सीमा के पास 394 किमी लंबा राजमार्ग बनाने की तैयारी कर रहा है, जो भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. Iran Israel War में अब तक कितना नुकसान हुआ है?

28 फरवरी 2026 को शुरू हुई इस जंग में अब तक इजराइल में 2339 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है। ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में माइंस बिछा रहा है जिससे वैश्विक तेल सप्लाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।

2. सऊदी अरब ने अमेरिका का साथ क्यों नहीं दिया?

सऊदी अरब का कहना है कि यह युद्ध अमेरिका और इजराइल ने शुरू किया है। रियाद ने स्पष्ट किया कि वह किसी का गुलाम नहीं है और अपने फैसले खुद लेगा। सऊदी जनता ने 2019 आरामको हमलों का हवाला देते हुए कहा कि जब उन पर हमला हुआ तब अमेरिका ने मदद नहीं की थी।

3. चीन LAC पर कौन सी सड़क बना रहा है और इससे भारत को क्या खतरा है?

चीन शिनजियांग में तियानशान पहाड़ों के दोनों हिस्सों को जोड़ने वाला 394 किमी लंबा राजमार्ग बनाने की तैयारी कर रहा है। यह सड़क अक्साई चीन क्षेत्र से गुजरने वाली रणनीतिक सड़क के समानांतर होगी। इससे चीन को सेना और सैन्य उपकरण तेजी से LAC पर पहुंचाने में मदद मिलेगी, जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा है।

Previous Post

Punjab Assembly में बड़ा हंगामा: Harpal Cheema ने Sukhpal Khaira को दी खुली चुनौती

Next Post

Trump Iran War Defeat: 10 दिन में ही अमेरिका के पांव उखड़े, ईरान ने अकेले पलट दी बाजी

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

SC On Period Leave

SC On Period Leave: पीरियड्स लीव अनिवार्य की तो महिलाओं को नौकरी नहीं मिलेगी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Ladli Behna Yojana 34th Installment

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1.25 करोड़ बहनों के खाते में पहुंचे ₹1836 करोड़, CM यादव ने किया ट्रांसफर

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Kerala Lottery Result Today

Kerala Lottery Result Today: Suvarna Keralam SK 44 का ₹1 करोड़ का जैकपॉट लगा, देखें विनर लिस्ट

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Chinese Grand Prix 2026

Chinese Grand Prix 2026: George Russell ने जीता Sprint Qualifying का पोल, Mercedes का 1-2 लॉकआउट

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Malayalam OTT Releases This Week

Malayalam OTT Releases This Week: Pennu Case से Made in Korea तक, 5 नई फिल्में हुईं रिलीज

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
GPAT 2026 Answer Key

GPAT 2026 Answer Key: आंसर की जारी, ऐसे करें डाउनलोड और आपत्ति दर्ज

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Next Post
Trump Iran War Defeat

Trump Iran War Defeat: 10 दिन में ही अमेरिका के पांव उखड़े, ईरान ने अकेले पलट दी बाजी

Parliament Budget Session

Parliament Budget Session: राहुल गांधी का बड़ा हमला, LPG संकट से हाहाकार, 20 बड़ी खबरें

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।