Chandigarh Excise Policy 2026-27 को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने एक बड़ा फैसला सुनाया है जिसने शराब कारोबार से जुड़े लोगों और शौकीनों, दोनों का ध्यान खींचा है। नई एक्साइज पॉलिसी के तहत अब चंडीगढ़ के A कैटेगरी के होटलों में 24 घंटे शराब परोसने की छूट दे दी गई है। इसके साथ ही होटल के कमरों में मिनी बार लगाने की भी अनुमति मिल गई है। यह नई नीति 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी।
यह फैसला न सिर्फ चंडीगढ़ के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बूस्ट देने वाला माना जा रहा है, बल्कि इससे प्रशासन की राजस्व आमदनी में भी बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।
B और C कैटेगरी होटलों को भी मिलेगी 24 घंटे शराब परोसने की सुविधा
Chandigarh Excise Policy में सिर्फ A कैटेगरी ही नहीं, बल्कि B और C कैटेगरी के होटलों को भी 24 घंटे शराब परोसने की सुविधा मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए उन्हें 30 लाख रुपए की एनुअल लाइसेंस फीस जमा करनी होगी। इन होटलों के कमरों में मिनी बार बनाने की भी अनुमति दी गई है, जो पहले नहीं थी। यह बदलाव चंडीगढ़ में आने वाले टूरिस्ट और बिजनेस ट्रैवलर्स को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
बार का नया टाइमिंग: रात 1 बजे तक खुलेंगे, 3 बजे तक भी एक्सटेंशन
नई Chandigarh Excise Policy 2026-27 के मुताबिक अब बार सुबह 11 बजे से रात 1 बजे तक खुले रहेंगे। लेकिन एक शर्त यह है कि रात 12 बजे के बाद नया ऑर्डर नहीं लिया जा सकता। यानी 12 बजे तक ऑर्डर कर लिया तो रात 1 बजे तक शराब सर्व होती रहेगी।
अगर कोई क्लब, बार या रेस्टोरेंट रात को और देर तक शराब परोसना चाहता है, तो उसे 8 लाख रुपए की अतिरिक्त फीस देनी होगी। इस फीस के बदले में वह रात 3 बजे तक शराब परोस सकता है, लेकिन आखिरी ऑर्डर रात 2 बजे तक ही लिया जाएगा। यह सुविधा खासतौर पर नाइटलाइफ इंडस्ट्री के लिए राहत भरी खबर है।
एक्स्ट्रा बार खोलने और दूसरी लोकेशन पर शराब परोसने की भी छूट
प्रशासन ने Chandigarh Excise Policy में लाइसेंस होल्डर्स को एक और बड़ी सुविधा दी है। अब कोई भी लाइसेंसधारक अपने क्लब, रेस्टोरेंट या होटल में एक एक्स्ट्रा बार भी खोल सकता है। इसके लिए उसे मूल लाइसेंस फीस का 75% अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं, अगर कोई ��िसी दूसरी जगह पर शराब परोसना चाहता है, तो उसे 25% एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ेगी।
मोहाली से सटा पलसोरा का ठेका सबसे महंगा: रिजर्व प्राइज 11.41 करोड़
इस बार चंडीगढ़ में सबसे महंगा शराब का ठेका मोहाली से सटे गांव पलसोरा का है। एक्साइज विभाग ने इस ठेके का रिजर्व प्राइज 11.41 करोड़ रुपए तय किया है। दूसरी तरफ, सबसे सस्ता ठेका सेक्टर 41-C मार्केट का होगा, जिसका रिजर्व प्राइज 1.93 करोड़ रुपए रखा गया है।
कुल मिलाकर चंडीगढ़ एक्साइज विभाग इस बार 97 ठेकों के लाइसेंस जारी करेगा और इन सबकी कुल रिजर्व प्राइज 454 करोड़ रुपए है। पिछली बार के मुकाबले सभी ठेकों की रिजर्व प्राइज में 10 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इनमें से 40 ठेके ऐसे हैं, जिनकी रिजर्व प्राइज 5 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
शराब और बीयर 2% महंगी हुई: 500 की बोतल अब 510 रुपए में मिलेगी
Chandigarh Excise Policy 2026-27 लागू होने के बाद शराब और बीयर की कीमतों में करीब 2% की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर पहले कोई बोतल 500 रुपए में मिलती थी, तो अब वह करीब 510 रुपए में मिलेगी। वहीं, 2000 रुपए की बोतल अब करीब 2040 रुपए में मिलेगी। हालांकि, इंपोर्टेड शराब, वाइन और बीयर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि यह बढ़ोतरी महंगाई और कच्चे माल की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए की गई है। आम उपभोक्ता की जेब पर इसका असर मामूली होगा, लेकिन नियमित रूप से शराब खरीदने वालों को हर महीने कुछ सौ रुपए ज्यादा खर्च करने पड़ सकते हैं।
अब डिपार्टमेंटल स्टोर में भी बिकेगी शराब
Chandigarh Excise Policy में एक और बड़ा बदलाव यह है कि एल-10बी लाइसेंस को दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके तहत अब बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर्स में भी शराब की बिक्री की जा सकेगी। प्रशासन का तर्क है कि इससे महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य ग्राहकों को सुविधा मिलेगी, क्योंकि उन्हें अलग से शराब के ठेके पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बार-पब में एल्कोमीटर अनिवार्य: नशे में ड्राइविंग पर लगेगी लगाम
नई एक्साइज पॉलिसी में एक बेहद जरूरी कदम यह उठाया गया है कि होटल, बार, रेस्टोरेंट और पब में एल्कोमीटर की सुविधा अनिवार्य कर दी गई है। इसका मकसद साफ है: शराब पीकर वाहन चलाने की घटनाओं को रोकना। इसके अलावा शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए CCTV सर्विलेंस बढ़ाने के भी आदेश दिए गए हैं। यह कदम सड़क सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
टेवर्न के लिए सख्त नियम: पक्की दीवार और 40 सीटिंग कैपेसिटी जरूरी
Chandigarh Excise Policy 2026-27 में टेवर्न के संचालन को लेकर भी कड़े मानक तय किए गए हैं। अब टेवर्न खुले स्थान पर संचालित नहीं किए जा सकेंगे। इनके चारों ओर पक्की दीवार और कंक्रीट की छत होनी जरूरी होगी। इसके साथ ही कम से कम 8 टेबल और 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी।
हर बिक्री पर बिल अनिवार्य: उल्लंघन पर 5000 रुपए जुर्माना
नई पॉलिसी में पारदर्शिता पर भी खास जोर दिया गया है। सभी शराब विक्रेताओं के लिए हर बिक्री पर बिल जारी करना अब अनिवार्य होगा। इसके साथ ही नकद के अलावा POS मशीन के जरिए डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध करानी होगी। अगर कोई विक्रेता इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उस पर प्रति घटना 5000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
लाइसेंस फीस समय पर न देने पर ठेका सील, ब्याज भी देना होगा
प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर कोई लाइसेंसधारी समय पर लाइसेंस फीस जमा नहीं करता है, तो एक्साइज विभाग उसका ठेका सील कर सकता है। इतना ही नहीं, उसके अन्य ठेके भी रद्द किए जा सकते हैं। देरी से भुगतान करने पर 1.5% मासिक ब्याज भी वसूला जाएगा।
गौ सेस पहले की तरह जारी रहेगा
Chandigarh Excise Policy में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गौ सेस पहले की तरह ही लागू रहेगा। इसके तहत 750 मिलीलीटर देशी शराब की बोतल पर 50 पैसे, 650 मिलीलीटर बीयर पर 50 पैसे और 700 या 750 मिलीलीटर व्हिस्की की बोतल पर 1 रुपये गौ सेस लगाया जाएगा। यह राशि गौवंश की देखभाल और संरक्षण के लिए इस्तेमाल होती है।
चंडीगढ़ की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला
चंडीगढ़ प्रशासन की यह नई एक्साइज पॉलिसी सिर्फ शराब की बिक्री का मामला नहीं है, बल्कि यह शहर की पूरी हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म इंडस्ट्री को एक नई दिशा देने वाला कदम है। 24 घंटे शराब की सुविधा, मिनी बार की अनुमति और लेट नाइट सर्विस जैसे प्रावधान चंडीगढ़ को दिल्ली और गोवा जैसे शहरों की बराबरी में लाने की कोशिश के तौर पर देखे जा रहे हैं। वहीं, एल्कोमीटर की अनिवार्यता, डिजिटल पेमेंट और बिल जारी करने जैसे नियम यह बताते हैं कि प्रशासन सुविधा के साथ-साथ जिम्मेदारी और पारदर्शिता को भी बराबर तवज्जो दे रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पॉलिसी का जमीनी असर कितना प्रभावी साबित होता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- चंडीगढ़ के A कैटेगरी होटलों में अब 24 घंटे शराब मिलेगी, B और C कैटेगरी होटलों को 30 लाख रुपए एनुअल फीस देनी होगी।
- बार रात 1 बजे तक खुलेंगे, 8 लाख रुपए अतिरिक्त फीस देकर रात 3 बजे तक शराब परोसी जा सकेगी।
- शराब और बीयर की कीमतों में करीब 2% की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन इंपोर्टेड शराब की कीमतें यथावत रहेंगी।
- 97 ठेकों की कुल रिजर्व प्राइज 454 करोड़ रुपए है, जिसमें पलसोरा का ठेका 11.41 करोड़ के साथ सबसे महंगा है।








