LPG Cylinder OTP Rule को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है जो देश भर के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। अब गैस सिलेंडर लेने के लिए OTP बताना अनिवार्य हो गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि 80 प्रतिशत डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) की व्यवस्था अब अनिवार्य रूप से लागू करनी होगी। इसका मतलब यह है कि अगर 80 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने OTP के आधार पर सिलेंडर नहीं लिया, तो पेट्रोलियम कंपनियों के रिकॉर्ड में उनके वितरण की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी। सिलेंडर की पहले से चल रही कमी के बीच DAC की इस सख्ती से उपभोक्ताओं में भारी खलबली मच गई है।
क्या है DAC यानी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड?
LPG Cylinder OTP Rule को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि DAC क्या है। पेट्रोलियम कंपनियों ने करीब 5 साल पहले DAC यानी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड की व्यवस्था बनाई थी। इसके तहत जब कोई उपभोक्ता गैस सिलेंडर की बुकिंग करता है, तो उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर चार अंकों का एक कोड (OTP) आता है।
जब डिलीवरी बॉय (हॉकर) सिलेंडर लेकर उपभोक्ता के घर पहुंचता है, तो उपभोक्ता को यह चार अंकों का कोड हॉकर को बताना होता है। हॉकर इस कोड को अपने सिस्टम में दर्ज करता है और उसके बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी मानी जाती है। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई थी ताकि सिलेंडर की चोरी, ब्लैक मार्केटिंग और फर्जी डिलीवरी पर रोक लगाई जा सके।
पहले क्यों नहीं था अनिवार्य? अब क्यों हुई सख्ती?
LPG Cylinder OTP Rule पहले अनिवार्य इसलिए नहीं किया गया था क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की कमी के कारण OTP मिलने में भारी दिक्कत होती थी। कई गांवों में सिग्नल ही नहीं आता, ऐसे में उपभोक्ताओं को OTP नहीं मिल पाता था और उन्हें सिलेंडर लेने में परेशानी होती थी। इसी वजह से सरकार ने DAC को अनिवार्य नहीं किया था और बिना OTP के भी सिलेंडर की डिलीवरी हो जाती थी।
लेकिन अब हालात बदल गए हैं। LPG की कमी और ब्लैक मार्केटिंग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने सख्ती बरतने का फैसला किया है। अब कंपनियों ने 80 प्रतिशत तक DAC को अनिवार्य कर दिया है। यानी हर 10 में से कम से कम 8 सिलेंडर की डिलीवरी OTP के जरिए ही होनी चाहिए।
बिना OTP सिलेंडर दिया तो एजेंसी की सप्लाई रुकेगी
LPG Cylinder OTP Rule के तहत अगर कोई एजेंसी संचालक बिना DAC के सिलेंडर का वितरण करता है, तो उसकी मुसीबत बढ़ जाएगी। ऐसे में वह सिलेंडर एजेंसी संचालक के गोदाम में उपलब्ध दिखेगा, क्योंकि तेल कंपनियों के सिस्टम में उसकी डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी।
इसका नतीजा यह होगा कि एजेंसी संचालक को तब तक नए सिलेंडर की आपूर्ति नहीं दी जाएगी जब तक उनका स्टॉक 20 प्रतिशत से कम न हो जाए। यानी अगर एजेंसी के गोदाम में सिस्टम के हिसाब से सिलेंडर दिख रहे हैं (भले ही वो बिना OTP बांटे जा चुके हों), तो कंपनी नई सप्लाई रोक देगी। इससे एजेंसी संचालक और उनके उपभोक्ता दोनों को भारी परेशानी होगी।
25 दिन से पहले नहीं होगी दूसरे सिलेंडर की बुकिंग
LPG Cylinder OTP Rule के साथ-साथ तेल कंपनियों ने एक और नियम भी सख्ती से लागू कर दिया है। अब एक सिलेंडर लेने के बाद अगले सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बाद ही हो सकती है। जिन उपभोक्ताओं ने कुछ दिन पहले ही सिलेंडर लिया है, उनकी नई बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिससे वे काफी परेशान हैं।
मौजूदा LPG संकट के बीच यह नियम लोगों की चिंता और बढ़ा रहा है। कई लोग एजेंसियों के शोरूम पर पहुंचकर बुकिंग का दबाव बना रहे हैं, लेकिन एजेंसी संचालक कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि सिस्टम 25 दिन से पहले बुकिंग की इजाजत ही नहीं देता।
बिना बुकिंग सिलेंडर लेने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत
LPG Cylinder OTP Rule का सबसे ज्यादा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है जिन्हें अब तक बिना बुकिंग के भी सिलेंडर मिल जाता था। पहले कई लोग एजेंसी में जाकर या डिलीवरी बॉय से सीधे सिलेंडर ले लेते थे, बिना ऑनलाइन या फोन से बुकिंग किए। लेकिन अब DAC अनिवार्य होने से बिना बुकिंग सिलेंडर देना संभव नहीं रहा।
ऐसे उपभोक्ता अब भी बिना बुकिंग सिलेंडर की मांग कर रहे हैं और जब एजेंसी संचालक उन्हें पहले बुकिंग कराने का अनुरोध करते हैं, तो उनकी नाराजगी बढ़ रही है। यह स्थिति एजेंसी संचालकों और उपभोक्ताओं दोनों के बीच तनाव पैदा कर रही है।
ग्रामीण कनेक्शन, शहरी निवास: इन लोगों की बढ़ी मुश्किल
LPG Cylinder OTP Rule से एक और वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई ऐसे लोग हैं जिनका गैस कनेक्शन ग्रामीण क्षेत्र के पते पर है, लेकिन वे रोजगार या अन्य कारणों से शहर में रहते हैं। ऐसे लोग अपने परिचितों और संबंधों के आधार पर शहर में सिलेंडर लेते आ रहे थे।
अब DAC अनिवार्य होने से इन लोगों की मुसीबत कई गुना बढ़ गई है। OTP उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आता है और डिलीवरी उनके पंजीकृत पते पर ही मान्य होती है। ऐसे में शहर में बैठकर ग्रामीण कनेक्शन का सिलेंडर लेना अब लगभग असंभव हो गया है। इन उपभोक्ताओं को या तो अपना पता बदलवाना होगा या फिर अपने गांव के पते पर ही सिलेंडर लेना होगा।
उपभोक्ताओं को अब क्या करना चाहिए?
LPG Cylinder OTP Rule लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके गैस कनेक्शन से जुड़ा मोबाइल नंबर सही और चालू है। अगर नंबर बदल गया है तो तुरंत अपनी एजेंसी में जाकर उसे अपडेट करवाएं। सिलेंडर की बुकिंग हमेशा ऑनलाइन, ऐप या फोन के जरिए करें। बिना बुकिंग सिलेंडर लेने की कोशिश न करें क्योंकि अब यह संभव नहीं रहेगा। डिलीवरी के समय अपना फोन पास रखें ताकि OTP तुरंत देख सकें और हॉकर को बता सकें।
यह नियम भले ही शुरुआत में परेशानी दे रहा हो, लेकिन लंबे समय में यह सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग रोकने, फर्जी डिलीवरी पर लगाम लगाने और सब्सिडी की चोरी रोकने में कारगर साबित होगा। जिस दौर में देश LPG संकट से जूझ रहा है, उसमें हर सिलेंडर सही व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- LPG Cylinder OTP Rule के तहत पेट्रोलियम मंत्रालय ने 80% DAC (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) अनिवार्य कर दिया, बिना OTP सिलेंडर डिलीवरी नहीं होगी।
- बिना DAC सिलेंडर देने पर एजेंसी की सप्लाई रुक सकती है, स्टॉक 20% से कम होने पर ही नई आपूर्ति मिलेगी।
- एक सिलेंडर लेने के बाद अगले की बुकिंग 25 दिन बाद ही होगी, बिना बुकिंग सिलेंडर लेना अब संभव नहीं।
- ग्रामीण पते पर कनेक्शन रखकर शहर में सिलेंडर लेने वालों की मुश्किल बढ़ी, मोबाइल नंबर अपडेट रखना अब सबसे जरूरी।








