Leg Cramps While Sleeping : रात में सोते हुए अचानक करवट ली, पैर को जरा सा स्ट्रेच किया और बस फिर क्या, आंखों के सामने तारे नजर आने लगे। इतना तेज दर्द उठा कि नींद उड़ गई। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आप अकेले नहीं हैं। बोलचाल की भाषा में इसे “नस चढ़ना” कहते हैं, लेकिन मेडिकल भाषा में ये Leg Cramps हैं। कभी-कभार होने वाले ये क्रैम्प्स आम बात हैं, लेकिन अगर ऐसा हर आए दिन हो रहा है तो इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। सर गंगाराम हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी डॉ. रजत मोहन ने बताया कि बार-बार होने वाले Leg Cramps While Sleeping किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं और ऐसे में सही जांच और इलाज बेहद जरूरी है।
क्या होते हैं Leg Cramps और क्यों होती है इतनी तेज दर्द
Leg Cramps While Sleeping को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर क्रैम्प्स होते क्या हैं। डॉ. रजत मोहन के मुताबिक जब शरीर के किसी हिस्से की मांसपेशियां (Muscles) अचानक बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं और जोर से सिकुड़ती (Contract) हैं, तो उस हिस्से में बहुत तेज दर्द होता है। इसी को क्रैम्प्स कहते हैं।
ये क्रैम्प्स सिर्फ पैरों में ही नहीं बल्कि शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं। हालांकि Leg Cramps While Sleeping सबसे ज्यादा आम हैं और ये ज्यादातर काफ मसल्स यानी टांगों के निचले हिस्से (पिंडली) में होते हैं। रात में सोते वक्त जब शरीर आराम की अवस्था में होता है तो मांसपेशियां अचानक सिकुड़ती हैं और इतना तेज दर्द होता है कि इंसान तड़पकर उठ जाता है।
Leg Cramps के पीछे क्या-क्या कारण हो सकते हैं
डॉ. रजत मोहन ने Leg Cramps While Sleeping के कई कारण बताए हैं। इनमें कुछ सामान्य हैं तो कुछ गंभीर बीमारियों से जुड़े हैं:
इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन: शरीर में सोडियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने से क्रैम्प्स हो सकते हैं। खासकर गर्मियों में जब ज्यादा पसीना आता है तो ये इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर से निकल जाते हैं और क्रैम्प्स की समस्या बढ़ जाती है।
प्रेगनेंसी: महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान शरीर के अलग-अलग हिस्सों में क्रैम्प्स पड़ सकते हैं। यह प्रेगनेंसी में होने वाले हॉर्मोनल बदलावों और शरीर पर बढ़ते दबाव की वजह से होता है।
दवाइयों का साइड इफेक्ट: कुछ दवाइयां, खासकर डायरेटिक्स (जिनसे पेशाब ज्यादा आता है), लेने से भी Leg Cramps While Sleeping की समस्या बढ़ जाती है। ये दवाइयां शरीर से जरूरी मिनरल्स निकाल देती हैं।
नर्व कंप्रेशन: कभी-कभी शरीर में नर्व्स (नसें) किसी वजह से दबती हैं या इरिटेट हो जाती हैं, जिससे भी क्रैम्प्स पड़ सकते हैं।
किडनी की बीमारी: जिन मरीजों को किडनी की बीमारी होती है, उनमें इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ जाता है जिससे क्रैम्प्स की संभावना काफी बढ़ जाती है।
डायबिटीज: डायबिटिक मरीजों में भी Leg Cramps While Sleeping की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज: सबसे गंभीर कारणों में से एक है शरीर की आर्टरीज (धमनियों) या वेंस (नसों) में ब्लॉकेज होना। इससे खून का प्रवाह बाधित होता है और क्रैम्प्स पड़ते हैं।
मसल फटीग (थकान): पूरे दिन की भागदौड़, ज्यादा शारीरिक काम या व्यायाम से मांसपेशियां थक जाती हैं और रात में क्रैम्प्स पड़ जाते हैं। यह सबसे आम और सबसे कम गंभीर कारण है।
कब चिंता करनी चाहिए और कब नहीं
Leg Cramps While Sleeping को लेकर सबसे जरूरी सवाल यही है कि कब इसे सामान्य मानें और कब डॉक्टर के पास जाएं। डॉ. रजत मोहन ने इसे बहुत आसान तरीके से समझाया है।
अगर क्रैम्प्स दो-तीन महीने में एक बार रात के समय पैरों में होते हैं, खड़े होने या स्ट्रेच करने से ठीक हो जाते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में कोई दिक्कत नहीं देते, तो ये बिनाइन क्रैम्प्स (सामान्य क्रैम्प्स) हैं। इनका कोई गंभीर कारण नहीं होता और ये सिर्फ मसल फटीग (मांसपेशियों की थकान) की वजह से होते हैं। इनमें चिंता की कोई बात नहीं है।
लेकिन अगर Leg Cramps While Sleeping बहुत लंबे समय से लगातार और बार-बार हो रहे हैं, मांसपेशियों में कमजोरी आ रही है, हाथ लगाने पर सेंसेशन (महसूस करने की क्षमता) खराब हो रही है, तो फिर इसे गंभीरता से लेना जरूरी है क्योंकि इसके पीछे कोई बीमारी हो सकती है।
कौन सी जांच करवानी चाहिए
अगर Leg Cramps While Sleeping बार-बार हो रहे हैं तो डॉक्टर कारण जानने के लिए कई तरह की जांचें करवा सकते हैं। डॉ. रजत मोहन के मुताबिक सबसे पहले ब्लड टेस्ट किए जाते हैं जिसमें शरीर में सोडियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम की मात्रा देखी जाती है कि ये कम या ज्यादा तो नहीं हो रही।
अगर नर्व्स (नसों) में कोई समस्या होने का संदेह हो तो स्पाइन (रीढ़ की हड्डी) या शरीर के दूसरे हिस्सों का MRI करवाना पड़ सकता है। अगर डॉक्टर को लगता है कि आर्टरीज या वेंस में ब्लॉकेज है तो एंजियोग्राफी की जाती है। नर्व कंप्रेशन के लिए इलेक्ट्रोमायोग्राफी (EMG) नाम की एक खास जांच भी की जाती है।
Leg Cramps से बचने के लिए क्या करें
Leg Cramps While Sleeping से बचाव के लिए डॉ. रजत मोहन ने कुछ आसान लेकिन बेहद कारगर उपाय बताए हैं। रोज रात में सोने से पहले अपने पैरों को अच्छी तरह स्ट्रेच करें। दिनभर में खूब सारा पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। अगर क्रैम्प्स का कोई गंभीर कारण मिलता है जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी, किडनी की बीमारी या ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज, तो उसी के हिसाब से इलाज कराना चाहिए। अगर हर कुछ दिनों में क्रैम्प्स हो रहे हैं तो इसे इग्नोर बिल्कुल न करें और डॉक्टर से जरूर मिलें।
अचानक वजन बढ़ रहा है? डाइट नहीं, ये हो सकती है वजह
सेहत से जुड़ी एक और अहम बात जो हर किसी को जाननी चाहिए। अगर आपका वजन अचानक से बढ़ने लगा है और आपने अपनी डाइट या लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं किया है, तो सावधान हो जाइए। रेखा गुप्ता, फाउंडर एंड न्यूट्रिशनिस्ट, रेखा’ज डाइट क्लीनिक, वाराणसी ने बताया कि अचानक वजन बढ़ने के पीछे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
हाइपोथायरॉइडिज्म: थायरॉइड ग्लैंड जब ठीक से काम नहीं करता तो थायरोक्सिन हॉर्मोन कम बनता है। इस हॉर्मोन का काम मेटाबॉलिज्म को ठीक रखना है। इसकी कमी से वजन तेजी से बढ़ने लगता है।
PCOD (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज): महिलाओं में हॉर्मोनल असंतुलन की वजह से इंसुलिन का बैलेंस बिगड़ जाता है और वजन बढ़ने लगता है।
डायबिटीज: इंसुलिन रेजिस्टेंस होने पर शरीर की कोशिकाएं खून में मौजूद ग्लूकोज का सही इस्तेमाल नहीं कर पातीं, जिससे वजन बढ़ता है।
मेनोपॉज: कई महिलाओं में मेनोपॉज शुरू होने के बाद एक से तीन साल तक हॉर्मोनल बदलावों की वजह से वजन बढ़ता है।
स्ट्रेस: बहुत ज्यादा तनाव होने पर शरीर में कॉर्टिसोल हॉर्मोन ज्यादा बनता है, जिससे भी वजन बढ़ने लगता है।
रेखा गुप्ता की सलाह है कि अगर आपका वजन अचानक बढ़ रहा है तो इसे सिर्फ ज्यादा खाने का नतीजा मानकर नजरअंदाज न करें। किसी एक्सपर्ट से कंसल्ट करें और जांच करवाएं ताकि असली वजह पता चल सके।
ये चीजें खा रहे हैं तो हड्डियां हो रही हैं खोखली
हड्डियां शरीर का ढांचा बनाती हैं और शरीर का सारा भार उठाती हैं। अगर यह ढांचा कमजोर होगा तो जोड़ों में दर्द, हड्डियों का टूटना और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नोएडा में दिल्ली डाइट्स की फाउंडर और डाइटिशियन अमृता मिश्रा ने बताया कि कई बार हम जाने-अनजाने में कुछ ऐसी चीजें खाते-पीत�� हैं जो हमारी बोन मिनरल डेंसिटी (हड्डियों की ताकत) को नुकसान पहुंचाती हैं।
सोडा: इसमें फॉस्फोरिक एसिड होता है जो शरीर में कैल्शियम का अब्सॉर्प्शन (अवशोषण) ठीक से नहीं होने देता। यानी आप कितना भी कैल्शियम वाला खाना खाएं, सोडा पीने से शरीर उसे सोख नहीं पाता।
पैकेट वाला खाना: इसमें नमक की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। अतिरिक्त नमक की वजह से पेशाब के जरिए शरीर से कैल्शियम बाहर निकल जाता है।
कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स: ज्यादा कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स और कुछ तरह की चाय भी शरीर में कैल्शियम को अब्सॉर्ब नहीं होने देती।
शराब: यह शरीर में कैल्शियम का पूरा बैलेंस ही खराब कर देती है।
मीठा (रिफाइंड शुगर): ज्यादा मीठा खाने से भी हड्डियों की डेंसिटी पर बुरा असर पड़ता है।
हड्डियां मजबूत रखने के लिए क्या खाएं
अमृता मिश्रा ने हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कुछ आसान उपाय भी बताए हैं। सोडा की जगह हर्बल टी पिएं। ज्यादा नमक वाले खाने की बजाय टेस्ट के लिए मसालों का इस्तेमाल करें। मीठे में रिफाइंड शुगर की जगह नेचुरल शुगर जैसे शहद और स्टीविया का उपयोग करें। अपनी डाइट में अच्छी मात्रा में विटामिन डी, कैल्शियम और फॉस्फोरस वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें जैसे हरी सब्जियां और कम फैट वाले दूध से बने प्रोडक्ट्स। इसके साथ ही रोज एक्सरसाइज करना और तेज कदमों से चलना भी हड्डियों की ताकत बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Leg Cramps While Sleeping अगर बार-बार हो रहे हैं तो ये किडनी की बीमारी, डायबिटीज, ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज या इलेक्ट्रोलाइट्स के असंतुलन का संकेत हो सकते हैं, ऐसे में ब्लड टेस्ट, MRI या एंजियोग्राफी जैसी जांचें जरूरी हैं।
- अचानक वजन बढ़ना सिर्फ डाइट की वजह से नहीं, बल्कि हाइपोथायरॉइडिज्म, PCOD, डायबिटीज, मेनोपॉज या स्ट्रेस जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से भी हो सकता है।
- सोडा, ज्यादा नमक, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स और शराब हड्डियों की बोन मिनरल डेंसिटी को कम करती हैं, इनकी जगह हर्बल टी, हरी सब्जियां और कम फैट वाले दूध के प्रोडक्ट्स लें।
- बचाव के उपाय: रात में सोने से पहले पैरों को स्ट्रेच करें, खूब पानी पिएं, बैलेंस्ड डाइट लें और रोज एक्सरसाइज करें।







