शुक्रवार, 6 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

Iran Army Power: ईरान की 2 खतरनाक सेनाएं, Artesh और IRGC की असली कमान किसके हाथ?

ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध में सुप्रीम लीडर की मौत के बाद दुनिया की नजर अब ईरान की उस दोहरी सैन्य ताकत पर है जो एक साथ दो मोर्चों पर लड़ रही है — जानें 'आर्टेश' और 'IRGC' में क्या फर्क है और असली कमान किसके हाथ में है।

The News Air Team by The News Air Team
मंगलवार, 3 मार्च 2026
A A
0
Iran Army Power
105
SHARES
698
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Iran Army Power को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा तेज हो गई है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध में जब अयातुल्ला अली खामेनई की मौत की खबर सामने आई तो एक सवाल ने हर जेहन को झकझोर दिया — आखिर वह कौन सी सेना है जो अब भी मोर्चे पर डटी है और बदले की आग में जल रही है? जवाब है — ईरान की न एक, बल्कि दो समानांतर सेनाएं। दोनों अलग-अलग मकसद से बनी हैं, अलग-अलग आदेश मानती हैं, लेकिन एक ही झंडे तले लड़ती हैं।


आर्टेश — ईरान की पारंपरिक राष्ट्रीय सेना

आर्टेश ईरान की वह रेगुलर मिलिट्री है जिसे दुनिया के किसी भी दूसरे देश की सेना की तरह समझा जा सकता है। इसकी भूमिका एकदम स्पष्ट है — देश की सीमाओं, आसमान और समुद्री रास्तों की रक्षा करना। इसमें अलग-अलग आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ब्रांच हैं और यह ईरान की रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करती है।

पारंपरिक सैन्य भूमिका पर केंद्रित यह सेना राजनीति से दूर रहती है। इसका काम विदेशी हमलों से मुल्क को बचाना है, न कि सियासी फैसलों में दखल देना।


आर्टेश की नींव कब और कैसे पड़ी?

ईरान की आधुनिक सेना की जड़ें 1920 के दशक में जाती हैं जब रजा शाह पहलवी सत्ता में आए। उनका सपना था कि ईरान मध्य पूर्व की सबसे बड़ी सैन्य ताकत बने। इसके लिए हजारों ईरानी सैन्य अधिकारियों को यूरोप और पश्चिमी देशों की अकादमियों में भेजा गया और विदेशी सैन्य विशेषज्ञों को ईरान बुलाया गया। यही वह दौर था जब ईरान ने अपनी आधुनिक एयरफोर्स और नेवी खड़ी की।

कोल्ड वॉर के दौरान ईरान अमेरिका का एक बड़ा रणनीतिक साझेदार बन गया। इस दौरान ईरानी सेना ने ओमान के सुल्तान की रक्षा में और दोफर क्षेत्र में वामपंथी विद्रोह को कुचलने में भी अहम भूमिका निभाई। 1970 के दशक तक ईरान मध्य पूर्व की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा था।


ईरान-इराक युद्ध ने बदल दी तस्वीर

1980 से 1988 तक चले ईरान-इराक युद्ध ने आर्टेश की असली परीक्षा ली। जहां दुनिया के कई बड़े देश सद्दाम हुसैन के साथ खड़े थे, वहीं ईरान लगभग अकेला इन सबसे लोहा ले रहा था। इस 8 साल के युद्ध ने आर्टेश को कमजोर किया और उसकी सैन्य रणनीति को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया।

1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों ने एक और बड़ा झटका दिया। पश्चिमी देशों से हथियार मिलना बंद हो गए और ईरान को रूस, चीन और उत्तर कोरिया पर निर्भर होना पड़ा। साथ ही अपना घरेलू रक्षा उद्योग खड़ा करना भी मजबूरी बन गई।


नई रणनीति — हमला नहीं, बचाव

इन सभी घटनाओं ने ईरान की सैन्य सोच को पूरी तरह बदल दिया। ईरान ने यह स्वीकार कर लिया कि वह अमेरिका या इजराइल जैसी ताकतों से सीधे पारंपरिक युद्ध में नहीं जीत सकता। इसलिए एक नया ‘डिफेंसिव डॉक्ट्रिन’ अपनाया गया — दुश्मन को डराकर हमला रोको, मिसाइल ताकत बढ़ाओ और सीधी टकराहट से बचो।

संख्या के लिहाज से ईरान की आर्टेश मध्य पूर्व की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक है, लेकिन आधुनिक हथियार सीमित हैं, सैन्य बजट पड़ोसियों से कम है और बड़े आक्रमण की क्षमता भी सीमित मानी जाती है। यानी आर्टेश का मकसद युद्ध शुरू करना नहीं, युद्ध को रोकना है।


IRGC — विचारधारा की रक्षा करने वाली दूसरी ताकत

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) एक साधारण सेना नहीं है। यह ईरान की इस्लामिक क्रांति और शासन की वैचारिक रक्षा के लिए बनाई गई एक अलग किस्म की सैन्य ताकत है। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद नई सरकार को पुरानी सेना की वफादारी पर संदेह था, इसलिए IRGC का गठन किया गया।

यह भी पढे़ं 👇

Sanjeev Arora

Punjab Electricity Rate Cut 2026-27: घरेलू उपभोक्ताओं को ₹1.55/यूनिट की राहत, EV Charging देश में सबसे सस्ती ₹5/यूनिट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
punjab-cabinet-congress-governor-address-boycott-response

Congress ने राज्यपाल अभिभाषण का बहिष्कार कर लोकतंत्र का अपमान किया: Punjab Cabinet Ministers का पलटवार

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Punjab Budget 2026-27 Cabinet Approval

Punjab Cabinet की बड़ी बैठक: CM Bhagwant Mann की अध्यक्षता में Budget 2026-27 को मिली मंजूरी, 8 मार्च को Finance Minister Harpal Cheema पेश करेंगे बजट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Bikram Singh Majithia

Majithia का AAP पर बड़ा हमला: “पंजाब में जंगल राज, मोगा सरपंच हत्या की CBI जांच हो!”

शुक्रवार, 6 मार्च 2026

धीरे-धीरे IRGC को ज्यादा फंड, ज्यादा हथियार और ज्यादा राजनीतिक शक्ति मिलती गई। यह सीधे सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करती है और रक्षा मंत्रालय से इसका कोई नाता नहीं। इसका अपना कमांड ढांचा है, अपनी ग्राउंड, नेवल और एयर ब्रांच है।


IRGC के अंदर कौन-कौन सी खास इकाइयां हैं?

IRGC की सबसे खतरनाक इकाई है कुद्स फोर्स जो विदेश में गुप्त ऑपरेशन चलाती है और दूसरे देशों में ईरान समर्थक गुटों को प्रशिक्षण व हथियार देती है। इसके अलावा बासीज एक बड़ी स्वयंसेवी मिलिशिया है जिसका इस्तेमाल देश के भीतर सुरक्षा और विरोध-प्रदर्शनों को दबाने के लिए किया जाता है।

IRGC का मिशन पारंपरिक युद्ध से कहीं आगे जाता है — यह सरकार की वैचारिक सुरक्षा, आंतरिक नियंत्रण और अपरंपरागत युद्ध तक फैला हुआ है। ईरान की अर्थव्यवस्था और राजनीति में भी इसकी गहरी जड़ें हैं।


आर्टेश और IRGC में फर्क क्या है?

आर्टेश का मकसद राष्ट्रीय रक्षा और सीमा सुरक्षा है जबकि IRGC को इस्लामिक क्रांति और शासन की रक्षा के लिए बनाया गया था। आर्टेश रक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट करती है जबकि IRGC सीधे सुप्रीम लीडर के अधीन है। आर्टेश के पास पारंपरिक आर्मी, नेवी और एयरफोर्स हैं जबकि IRGC के पास इन सबके अलावा कुद्स फोर्स और बासीज भी हैं।

आर्टेश पारंपरिक युद्ध पर ध्यान देती है तो IRGC वैचारिक, अपरंपरागत और आंतरिक सुरक्षा संभालती है। राज्य की राजनीति में आर्टेश की भूमिका सीमित है जबकि IRGC ईरान की अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों में भारी असर रखती है।

2007 में दोनों सेनाओं के बीच नौसैनिक जिम्मेदारियां भी बांटी गईं — फारस की खाड़ी की सुरक्षा IRGC नेवी को सौंपी गई जबकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री ऑपरेशन आर्टेश नेवी के हिस्से में रहे।


युद्ध की असली कमान किसके हाथ में?

यह सवाल आज सबसे अहम है। जब तक सुप्रीम लीडर थे, IRGC सीधे उनके आदेश पर चलती थी और यही ईरान की असली सैन्य धुरी थी। आर्टेश पारंपरिक मोर्चों पर डटी थी तो IRGC विदेशी ऑपरेशन, प्रॉक्सी युद्ध और आंतरिक सत्ता का केंद्र थी। सुप्रीम लीडर की मौत के बाद यह कमांड ढांचा किस तरह पुनर्गठित होगा, यह अभी भी दुनिया के रणनीतिकारों के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • ईरान के पास दो समानांतर सेनाएं हैं — आर्टेश (पारंपरिक राष्ट्रीय सेना) और IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स)।
  • आर्टेश रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करती है जबकि IRGC सीधे सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करती थी।
  • IRGC के पास कुद्स फोर्स (विदेशी ऑपरेशन) और बासीज (आंतरिक मिलिशिया) जैसी खास इकाइयां हैं।
  • 2007 में फारस की खाड़ी IRGC नेवी को और अंतरराष्ट्रीय समुद्री ऑपरेशन आर्टेश नेवी को सौंपे गए।
  • ईरान की नई रणनीति ‘हमला नहीं, बचाव’ पर आधारित है — दुश्मन को डराकर युद्ध रोकना।
Previous Post

Aadhaar Card New Rule: Google Map से मिलेगा नजदीकी आधार केंद्र, UIDAI का बड़ा फैसला

Next Post

Breaking News Today : सियासत, खेल और सिनेमा की हर हलचल पर लाइव अपडेट!

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Sanjeev Arora

Punjab Electricity Rate Cut 2026-27: घरेलू उपभोक्ताओं को ₹1.55/यूनिट की राहत, EV Charging देश में सबसे सस्ती ₹5/यूनिट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
punjab-cabinet-congress-governor-address-boycott-response

Congress ने राज्यपाल अभिभाषण का बहिष्कार कर लोकतंत्र का अपमान किया: Punjab Cabinet Ministers का पलटवार

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Punjab Budget 2026-27 Cabinet Approval

Punjab Cabinet की बड़ी बैठक: CM Bhagwant Mann की अध्यक्षता में Budget 2026-27 को मिली मंजूरी, 8 मार्च को Finance Minister Harpal Cheema पेश करेंगे बजट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Bikram Singh Majithia

Majithia का AAP पर बड़ा हमला: “पंजाब में जंगल राज, मोगा सरपंच हत्या की CBI जांच हो!”

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Amritsar Arms

अमृतसर में सीमा‑पार हथियार तस्करी का पर्दाफाश! नाबालिग समेत 6 गिरफ्तार, 5 पिस्तौल बरामद

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Rana KP Singh

Punjab Law and Order: Rana KP Singh बोले- “पंजाब को चाहिए मजबूत लीडरशिप, AAP सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बुरी तरह फेल!”

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Next Post
Breaking News

Breaking News Today : सियासत, खेल और सिनेमा की हर हलचल पर लाइव अपडेट!

Ration Card Aadhar Linking UP

राशन कार्ड खो जाएगा तो भी मिलेगा Ration Card Aadhar Linking UP

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।