Sanju Samson 97 Not Out: क्रिकेट में रिकॉर्ड बनते हैं, तोड़े जाते हैं। लेकिन कुछ पारियां सिर्फ रनों से नहीं, भावनाओं से भी याद रहती हैं। संजू सैमसन की वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई 97 नाबाद रनों की पारी ऐसी ही एक पारी है। यह पारी न सिर्फ टीम इंडिया को सेमीफाइनल में ले गई, बल्कि उन सभी सवालों का जवाब भी दे गई जो महीनों से उनके चयन को लेकर उठ रहे थे।
T20 World Cup इतिहास में चेजिंग के दौरान भारत की तरफ से यह अब तक की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी बन गई है। इससे पहले यह रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम था जिन्होंने 82 नाबाद रन बनाए थे। संजू ने वह रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
‘वो बयान जिसने सबको चुभा दिया था’
बात तब की है जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर एट में टीम इंडिया हार गई थी। पत्रकारों ने कप्तान सूर्यकुमार यादव से पूछा: जब अभिषेक शर्मा जीरो बना रहे हैं, तिलक वर्मा रन नहीं बना रहे, तो संजू सैमसन बाहर क्यों हैं?
सूर्या का जवाब था: “क्या मैं तिलक वर्मा को बाहर करूं? क्या मैं अभिषेक शर्मा को बाहर करूं? मैं किसे बाहर करूं? और संजू को कैसे मौका दे दूं?” यह जवाब मजाक की तरह था। क्रिकेट जगत में हलचल मच गई। संजू के समर्थकों को यह बात दिल पर लगी।
‘संजू बाहर क्यों थे: पूरी कहानी’
संजू सैमसन का बाहर होना अचानक नहीं था। न्यूजीलैंड के पूरे सीरीज में उनका बल्ला नहीं चला था। उसके बाद ईशान किशन शानदार फॉर्म में आ गए और पाकिस्तान के खिलाफ रन भी बनाए। बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान ने बाजी मार ली।
लेकिन रिंकू सिंह के पिता के निधन के बाद टीम का कॉम्बिनेशन बदला। तिलक वर्मा को मिडिल ऑर्डर में भेजा गया, ईशान को तीसरे नंबर पर और संजू सैमसन को ओपनिंग दी गई। यह वही मौका था जिसका संजू इंतजार कर रहे थे।
’50 गेंद, 97 रन, 12 चौके, 4 छक्के: Sanju का तूफान’
वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला करो या मरो था। जीत पर सेमीफाइनल, हार पर बाहर। एक-एक विकेट गिर रहा था: सूर्या गए, हार्दिक गए, तिलक गए। लेकिन एक छोर पर संजू डटे रहे।
कोई लप्पेबाजी नहीं, कोई स्लॉगिंग नहीं। सिर्फ ग्राउंडेड, टेक्निकली साउंड क्रिकेट। 50 गेंदों में 97 नाबाद रन, 12 चौके और 4 छक्के। अंत में एक चौके से मैच फिनिश किया। गौतम गंभीर बीच में कह रहे थे: “हां भाई, थोड़ा आराम से मैच फिनिश करो।” और संजू ने वैसा ही किया।
‘MS Dhoni, Virat, Rohit से सीखा: संजू का Man of the Match बयान’
मैन ऑफ द मैच मिलने के बाद संजू ने जो कहा वह उनकी परिपक्वता का सबूत था। उन्होंने कहा कि वे एमएस धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों से लगातार सीखते रहे हैं कि मैच को कैसे बनाया और फिनिश किया जाता है।
गौतम गंभीर ने भी खुलकर तारीफ की: “वो तकनीकी रूप से काफी मजबूत है। हम जानते थे उसका पोटेंशियल क्या है। जिस दिन उसका दिन होगा, वह टीम को अकेले जीता सकता है।”
‘बल्ले ने बोला: सूर की हंसी का सबसे बड़ा जवाब’
कहते हैं जब बल्ला बोलता है तो जुबान से बोलने की जरूरत नहीं पड़ती। संजू ने यही किया। सूर्या की उसी कप्तानी वाली टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाकर उन्होंने वह जवाब दिया जो शब्दों से कभी नहीं दिया जा सकता था। अब 5 मार्च को वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में इंग्लैंड से सेमीफाइनल मुकाबला होगा। सारी नजरें अब संजू के साथ उन खिलाड़ियों पर भी होंगी जिनका बल्ला इस टूर्नामेंट में खामोश रहा है।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
T20 World Cup में टीम इंडिया के लिए वेस्टइंडीज मैच करो या मरो वाला था। संजू सैमसन पहले टीम से बाहर थे। रिंकू सिंह के जाने और टीम कॉम्बिनेशन बदलने के बाद उन्हें ओपनिंग मिली। उन्होंने 97 नाबाद रन बनाकर टीम को जिताया और T20 WC में चेजिंग का भारतीय रिकॉर्ड तोड़ दिया।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Sanju Samson ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंदों में 97 नाबाद रन बनाए: 12 चौके, 4 छक्के।
- T20 World Cup में चेजिंग के दौरान भारत की तरफ से यह अब तक की सबसे बड़ी पारी, Virat Kohli का 82* का रिकॉर्ड टूटा।
- Suryakumar Yadav ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजू के चयन पर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की थी।
- पारी के बाद Gautam Gambhir ने भी खुलकर संजू की तारीफ की।
- Team India अब 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से सेमीफाइनल खेलेगी।








