PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PM Awas Yojana Rural) के तहत बड़ी कार्रवाई की जा रही है। योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचे, इसके लिए संदिग्ध आवेदकों का डाटा सत्यापन पूरा कर लिया गया है। अब शासन स्तर पर इन अपात्रों के नाम सूची से हटाए जाएंगे। इसके बाद ही पात्रता सूची को फाइनल किया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि पीएम आवास योजना की अगली किस्त (PM Awas Yojana ki Kist) कब तक जारी की जाएगी।
कितने आवेदन हुए संदिग्ध?
योजना के तहत जिले में कुल 1.48 लाख (लगभग 148,000) आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 86,000 आवेदक पहले चरण में ही पात्र पाए गए और उनके आवेदन स्वीकार कर लिए गए। लेकिन बाकी बचे 61,578 आवेदकों का डाटा संदिग्ध पाया गया। इन सभी संदिग्ध आवेदकों का दोबारा सत्यापन कराया गया। अब यह सत्यापन पूरा हो चुका है और इसकी ऑनलाइन रिपोर्ट भी संबंधित विभाग को भेज दी गई है। अब शासन स्तर पर इन सत्यापित रिपोर्ट के आधार पर अपात्रों को सूची से बाहर किया जाएगा।
कब आएगी पीएम आवास योजना की अगली किस्त?
पीएम आवास योजना की किस्त को लेकर लाखों लाभार्थियों के मन में सवाल है कि आखिर अगली किस्त कब आएगी? सूत्रों के मुताबिक, जब तक संदिग्ध आवेदकों की सूची को फाइनल नहीं कर लिया जाता और पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार नहीं हो जाती, तब तक किस्त जारी करने की प्रक्रिया में देरी हो सकती है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ही अगली किस्त जारी करने का निर्देश जारी किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च के अंत तक या अप्रैल की शुरुआत में अगली किस्त जारी हो सकती है।
कितनी मिल रही है आर्थिक सहायता?
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्र लाभार्थियों को पक्का मकान बनाने के लिए 1,20,000 रुपये (₹1.20 लाख) की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि किश्तों में लाभार्थी के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। इसके अलावा, मकान निर्माण के लिए समय-समय पर अलग-अलग किश्तें जारी की जाती हैं।
कौन-कौन हैं पीएम आवास योजना के पात्र?
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत निम्नलिखित श्रेणियों के लोग पात्र माने जाते हैं:
आश्रय विहीन परिवार: जिनके पास रहने के लिए अपना खुद का मकान नहीं है।
कच्चे मकान में रहने वाले: जो लोग कच्चे या जर्जर मकानों (झील श्रेणी) में रह रहे हैं।
बेसहारा और भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले: जिनका कोई सहारा नहीं है और वे भीख मांगकर अपना गुजर-बसर करते हैं।
जनजातीय समूह: अनुसूचित जनजाति के परिवार जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
बंधुआ मजदूर: जिन्हें वैधानिक रूप से मुक्त कराया गया है।
मॉडल आवास का निर्माण, क्या है मकसद?
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले के 15 ब्लॉक में मॉडल आवास का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक छह से अधिक ब्लॉक में ये मॉडल आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। मॉडल आवास निर्माण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को योजना के तहत बनने वाले मकानों के डिजाइन और गुणवत्ता के बारे में जानकारी देना है। इससे लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि वे अपने मकान किस तरह से बना सकते हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, इससे योजना का प्रचार-प्रसार भी हो रहा है।
कितने विकास खंड और ग्राम पंचायतों में हुआ सर्वे?
इस योजना के तहत कुल 16 विकास खंडों और 10,192 ग्राम पंचायतों में सर्वे किया गया। इस सर्वे में 1,48,000 आवेदकों का डाटा एकत्र किया गया था। अब इसी डाटा के आधार पर पात्र और अपात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
मुख्य बातें (Key Points)
पीएम आवास योजना के तहत 61,578 संदिग्ध आवेदकों का सत्यापन पूरा, अब अपात्र हटेंगे।
कुल 1.48 लाख आवेदनों में से 86,000 आवेदक पहले चरण में पात्र पाए गए थे।
पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए ₹1.20 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है।
अगली किस्त पात्र सूची फाइनल होने के बाद मार्च-अप्रैल में जारी हो सकती है।
जिले के 15 ब्लॉक में मॉडल आवास बनाए जा रहे हैं, 6 ब्लॉक में बनकर तैयार।








