SGPC Corruption Allegations: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के वरिष्ठ नेता और विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने बुधवार को एक बड़ा बयान देते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और शिरोमणि अकाली दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के उन खुलासों का हवाला दिया, जिसमें एसजीपीसी के आंतरिक प्रबंधन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और धार्मिक स्थलों की मर्यादा के साथ खिलवाड़ की बात कही गई है।
डॉ. निज्जर ने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह जैसी सम्मानित शख्सियत, जो संस्था के आंतरिक कामकाज से अच्छी तरह वाकिफ हैं, उनके द्वारा लगाए गए ये आरोप सिख कौम के लिए बेहद दुखदायी और दिल दहलाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि संगत में इन संस्थाओं की गिरावट को लेकर पहले से ही चर्चाएं थीं, लेकिन अब सिखों की सर्वोच्च संस्था के एक जिम्मेदार पदाधिकारी द्वारा इन सच्चाइयों को सार्वजनिक करना मामले की गंभीरता को कई गुना बढ़ा देता है।
गुरु घर की जमीनें बेचने का आरोप
विधायक निज्जर ने भ्रष्टाचार के विभिन्न पहलुओं का जिक्र करते हुए बताया कि गुरु घर की कीमती जमीनों को कौड़ियों के दाम बेचकर अपने चहेतों को नाजायज फायदे पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के प्रबंधन के तहत चल रहे ठेकों में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है, जहां पहले अपने खास लोगों को ठेके दिए जाते हैं और फिर वे आगे महंगे दामों पर सब-ठेके देकर गुरु की गोलक की लूट कर रहे हैं।
लंगर की रोटियां बेचने का शर्मनाक मामला
इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह सामने आई है कि गुरु घर के पवित्र लंगर के लिए तैयार की गई रोटियां तक बेची जा रही हैं। डॉ. निज्जर ने कहा कि यह सिख संगत की निर्मल श्रद्धा और लंगर की मर्यादा के साथ सीधा खिलवाड़ है। लंगर सिख धर्म की सबसे बड़ी पहचान है, जहां बिना किसी भेदभाव के सभी को मुफ्त भोजन कराया जाता है। ऐसे पवित्र लंगर की रोटियों को बेचने की घटना अगर सच है तो यह बेहद गंभीर मामला है।
पाठ के लिए 5-5 लाख की रिश्वत
धार्मिक कार्यों में फैली बुराई के बारे में बोलते हुए डॉ. निज्जर ने कहा कि श्री दरबार साहिब में पाठ करवाने के नाम पर श्रद्धालुओं से 5-5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के तबादलों (ट्रांसफर) में भी बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हो रहा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सिंह साहिब ज्ञानी सुलतान सिंह जी को भी एक कर्मचारी ने अमृतसर वापस आने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की बात कही थी, जो यह साबित करता है कि संस्था में ईमानदारी की जगह सिर्फ पैसे और राजनीतिक दबाव ने ले ली है।
गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप कहां गायब?
सबसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा करते हुए विधायक निज्जर ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गायब हुए पावन स्वरूपों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि महाराज जी के 328 पावन स्वरूप, हस्तलिखित स्वरूप और श्री ननकाना साहिब जी के मोर्चे से संबंधित ऐतिहासिक स्वरूप आज संगत की नजर से ओझल हैं। उन्होंने सवाल किया, “यह अनमोल विरासत कहां गई और इसे किसकी शह पर गायब किया गया?”
यह मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है क्योंकि गुरु ग्रंथ साहिब जी के पुराने और ऐतिहासिक स्वरूप सिख धर्म की अमूल्य धरोहर हैं। उनका गायब होना न केवल धार्मिक बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी बड़ी क्षति है।
सिख कौम से अपील
डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने संपूर्ण सिख कौम से जोरदार अपील की कि वे एकजुट होकर एसजीपीसी और अकाली दल को एक परिवार के कब्जे से मुक्त करवाएं और इन संस्थाओं में बड़े सुधार लाएं, ताकि सिख कौम की शान और मर्यादा को बहाल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि ये आरोप बेहद गंभीर हैं और इनकी जांच होनी चाहिए। जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु घरों की पवित्रता और सिख धर्म की मर्यादा को बनाए रखना हर सिख की जिम्मेदारी है।
क्या है पूरा मामला?
श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने हाल ही में एसजीपीसी और अकाली दल के आंतरिक प्रबंधन को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए थे। उन्होंने जमीनों की बिक्री, ठेकों में धांधली, लंगर की रोटियां बेचने, पाठ के लिए रिश्वत मांगने और गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों के गायब होने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन खुलासों के बाद आम आदमी पार्टी के नेता डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सिख कौम से एकजुट होने की अपील की है और संस्थाओं में सुधार की मांग की है।
मुख्य बातें
पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के खुलासों के बाद AAP नेता इंदरबीर सिंह निज्जर ने SGPC और अकाली दल पर हमला बोला।
गुरु घर की जमीनों की बिक्री, ठेकों में धांधली और लंगर की रोटियां बेचने के गंभीर आरोप लगे।
श्री दरबार साहिब में पाठ करवाने के लिए 5-5 लाख रिश्वत मांगने और तबादलों में पैसों के लेन-देन का आरोप।
गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों और ऐतिहासिक हस्तलिखित स्वरूपों के गायब होने पर सवाल।








