Bhagwant Mann Health News ने एक बार फिर पंजाब की सियासत में हलचल मचा दी है। मोगा में नशा विरोधी रैली में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें शाम साढ़े सात बजे मोहाली के फोर्टिस अस्पातल में भर्ती कराया गया। गौरतलब है कि कल भी उनकी तबीयत खराब होने के कारण उन्हें इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और आज दोपहर बाद ही उन्हें डिस्चार्ज किया गया था।
डिस्चार्ज होने के तुरंत बाद सीएम मान हेलिकॉप्टर से मोगा पहुंचे और विलेज डिफेंस कमेटियों के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत की। रैली में उन्होंने अपनी तबीयत को लेकर विरोधियों को करारा जवाब देते हुए कहा कि वह कहीं नहीं जाएंगे, बल्कि भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल की जड़ों में बैठेंगे।
मोगा रैली में सीएम मान का बड़ा बयान
मोगा की रैली में सीएम भगवंत सिंह मान ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब के खिलाड़ी मशहूर होते थे, लेकिन इन पार्टियों ने पंजाब को ‘टीके’ वाला बना दिया। बिना नाम लिए उन्होंने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘लोगों का कातिल’ बताया।
वहीं आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर बताएं कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस की सरकारों के समय पंजाब में नशा बढ़ा। उन्होंने कहा कि पहली बार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है और लोगों से अपील की कि वे दूसरी पार्टियों को वोट न दें।
विपक्ष ने उठाए सवाल
इस रैली को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत चीमा ने कहा कि राजनीतिक रैली को सरकारी प्रोग्राम बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रैली में DGP और चीफ सेक्रेटरी का संबोधन कराया गया, जो कि ब्यूरोक्रेसी का सियासीकरण है। उन्होंने गवर्नर और चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की।
वहीं कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि कार्यकारी DGP और चीफ सेक्रेटरी का खुलेआम राजनीतिक पार्टी से नजदीकी या सपोर्ट दर्शाना न केवल अनुचित है, बल्कि सेवा आचरण नियमों और संवैधानिक मर्यादा का स्पष्ट व गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यह मामला अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढांचे की आत्मा पर वार करने के बराबर है।
‘जानें पूरा मामला’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की कल अचानक तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आज दोपहर बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया, जिसके बाद वे सीधे हेलिकॉप्टर से मोगा पहुंचे, जहां आप पार्टी का नशा विरोधी रैली का आयोजन था। इस रैली में उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। रैली खत्म होने के बाद शाम साढ़े सात बजे वे दोबारा अस्पताल में भर्ती हो गए। इस बीच, विपक्ष ने रैली में सरकारी अधिकारियों के शामिल होने और संबोधित करने पर सवाल उठाते हुए गवर्नर और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।
मुख्य बातें (Key Points)
सीएम भगवंत मान मोगा रैली के बाद फिर अस्पताल में भर्ती, शाम साढ़े सात बजे फोर्टिस पहुंचे।
कल भी हुए थे भर्ती, आज दोपहर डिस्चार्ज होने के बाद मोगा रैली में हुए शामिल।
रैली में सीएम मान ने कहा- ‘कहीं नहीं जाऊंगा, भाजपा-कांग्रेस-अकाली दल की जड़ों में बैठूंगा।’
अकाली दल और कांग्रेस ने रैली में DGP और चीफ सेक्रेटरी के संबोधन पर उठाए सवाल, गवर्नर से हस्तक्षेप की मांग।
केजरीवाल ने लोगों से दूसरी पार्टियों को वोट न देने की अपील की।








