Gold-Silver Rate Today: अमेरिका से आए कमजोर रिटेल सेल्स आंकड़ों के बाद गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड एक महीने के निचले स्तर के करीब पहुंच गई है, जिससे सोना-चांदी जैसे बिना ब्याज देने वाले एसेट निवेशकों को ज्यादा आकर्षक लगने लगे हैं। स्पॉट गोल्ड करीब 1.04% बढ़कर 5,883 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया है। सिल्वर ने और भी मजबूत प्रदर्शन किया है।
विश्लेषकों का कहना है कि बॉन्ड यील्ड में गिरावट गोल्ड-सिल्वर के लिए सपोर्टिव माहौल बनाती है। कम यील्ड का मतलब है कि सुरक्षित लेकिन बिना रिटर्न वाले एसेट को रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट घट जाती है। यही वजह है कि आर्थिक सुस्ती या ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद के समय कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ जाती है।
स्पॉट गोल्ड 5,883 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा
स्पॉट गोल्ड में करीब 1.04% की तेजी दर्ज की गई और यह 5,883 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया। इस बढ़त की मुख्य वजह अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट है। जब बॉन्ड यील्ड गिरती है तो निवेशक ऐसे एसेट्स की ओर रुख करते हैं जो सुरक्षित माने जाते हैं, भले ही वे कोई ब्याज न देते हों।
सिल्वर ने सोने से भी ज्यादा मजबूत प्रदर्शन किया है। कीमती धातुओं में यह उछाल ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था के आंकड़े कमजोर आ रहे हैं और निवेशक अनिश्चितता के माहौल में सुरक्षित विकल्प तलाश रहे हैं।
अमेरिकी रिटेल सेल्स की ग्रोथ लगभग थम गई
ताजा आंकड़ों में देखा गया है कि दिसंबर में अमेरिकी रिटेल सेल्स ग्रोथ लगभग थम गई। लोगों ने गाड़ियों और बड़े खर्चों पर हाथ खींच लिया। जिससे संकेत मिल रहे हैं कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी धीमी पड़ सकती है।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि अमेरिकी उपभोक्ता खर्च में कमी आ रही है, जो अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उपभोक्ता खर्च अमेरिकी अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा हिस्सा है, और इसमें गिरावट का मतलब है कि आर्थिक विकास की गति धीमी हो सकती है।
फेड पर ब्याज दर कटौती का दबाव
बाजार अब मान रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव बढ़ सकता है। हालांकि फेड के कुछ अधिकारी फिलहाल दरों में जल्दबाजी में बदलाव के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं।
लेकिन निवेशकों की नजर आने वाले अहम डाटा पर टिकी है। जारी होने वाला नॉन-फार्म पेरोल्स डाटा और महंगाई आंकड़ा आगे की दिशा तय कर सकते हैं। ये दोनों डाटा फेडरल रिजर्व की मॉनिटरी पॉलिसी के फैसलों को प्रभावित करते हैं।
ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड एक महीने के निचले स्तर पर
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड एक महीने के निचले स्तर के करीब फिसल गई है। यह गिरावट सोना-चांदी जैसे बिना ब्याज देने वाले एसेट्स के लिए सकारात्मक है। जब बॉन्ड यील्ड गिरती है, तो निवेशकों के लिए गोल्ड और सिल्वर रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट कम हो जाती है।
विश्लेषकों के अनुसार, बॉन्ड यील्ड में गिरावट गोल्ड-सिल्वर के लिए सपोर्टिव माहौल बनाती है। कम यील्ड का मतलब है कि सुरक्षित लेकिन बिना रिटर्न वाले एसेट को रखने की कीमत घट जाती है। यही वजह है कि आर्थिक सुस्ती या ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद के समय कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ जाती है।
कम ब्याज दरों का माहौल गोल्ड-सिल्वर के लिए फायदेमंद
कम ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर गोल्ड-सिल्वर के लिए फायदेमंद माना जाता है। जब ब्याज दरें कम होती हैं तो बैंक डिपॉजिट और बॉन्ड जैसे फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स का रिटर्न घट जाता है। ऐसे में निवेशक वैकल्पिक निवेश विकल्पों की तलाश करते हैं।
सोना और चांदी ऐसे समय में सुरक्षित ठिकाने के रूप में देखे जाते हैं। इनमें कोई ब्याज तो नहीं मिलता, लेकिन इनकी कीमतें समय के साथ बढ़ती हैं और ये मुद्रास्फीति के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं।
अनिश्चित वैश्विक माहौल में सुरक्षित ठिकाना
ऐसे अनिश्चित वैश्विक माहौल में निवेशक फिर से कीमती धातुओं को सुरक्षित ठिकाने के रूप में देख रहे हैं। जब अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता होती है, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, या शेयर बाजारों में अस्थिरता आती है, तो निवेशक गोल्ड और सिल्वर में निवेश बढ़ा देते हैं।
कीमती धातुएं ऐतिहासिक रूप से वैल्यू स्टोर के रूप में काम करती आई हैं। संकट के समय में इनकी मांग बढ़ जाती है क्योंकि ये भौतिक संपत्ति हैं और किसी सरकार या संस्था की देनदारी नहीं हैं।
निवेशकों की नजर अहम डाटा पर
निवेशकों की नजर अब आने वाले अहम आर्थिक डाटा पर टिकी है। जारी होने वाला नॉन-फार्म पेरोल्स डाटा रोजगार की स्थिति बताएगा। अगर यह डाटा कमजोर आता है तो ब्याज दर कटौती की संभावना बढ़ जाएगी, जो गोल्ड-सिल्वर के लिए सकारात्मक होगा।
महंगाई के आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे। अगर महंगाई कम हो रही है तो फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें घटाने का मौका मिल सकता है। लेकिन अगर महंगाई अभी भी ऊंची है तो फेड दरें ऊंची बनाए रख सकता है, जो गोल्ड-सिल्वर के लिए नकारात्मक होगा।
बिना ब्याज वाले एसेट्स बने आकर्षक
सोना और चांदी जैसे बिना ब्याज देने वाले एसेट्स अब निवेशकों को ज्यादा आकर्षक लगने लगे हैं। इसकी मुख्य वजह है बॉन्ड यील्ड में गिरावट और आर्थिक अनिश्चितता। जब अन्य निवेश विकल्पों से रिटर्न कम हो जाता है, तो सुरक्षित एसेट्स में निवेश करने की अपील बढ़ जाती है।
गोल्ड और सिल्वर में निवेश करने का एक फायदा यह भी है कि ये पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन में मदद करते हैं। जब शेयर बाजार गिरता है तो अक्सर सोना-चांदी की कीमतें बढ़ती हैं, जिससे समग्र पोर्टफोलियो को संतुलन मिलता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- स्पॉट गोल्ड 1.04% बढ़कर 5,883 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंचा, सिल्वर ने और मजबूत प्रदर्शन दिया।
- अमेरिकी रिटेल सेल्स ग्रोथ दिसंबर में लगभग थम गई, लोगों ने गाड़ियों और बड़े खर्चों पर हाथ खींचा।
- ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड एक महीने के निचले स्तर पर, बिना ब्याज वाले एसेट्स निवेशकों को ज्यादा आकर्षक लगने लगे।
- फेडरल रिजर्व पर ब्याज दर कटौती का दबाव बढ़ा, नॉन-फार्म पेरोल्स और महंगाई डाटा से आगे की दिशा तय होगी।








