Epstein Files के खुलासे ने ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। अमेरिकी यौन अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़ी फाइलों में सामने आए नामों ने लंदन से लेकर वॉशिंगटन तक हलचल मचा दी है। अब इसकी आंच सीधे ब्रिटेन की सत्ता तक पहुंच गई है और सवाल उठ रहे हैं—क्या ब्रिटेन को फिर नया प्रधानमंत्री मिलने वाला है?
मामला तब और गंभीर हो गया जब पूर्व ब्रिटिश राजदूत Peter Mandelson के एपस्टीन से संबंधों की खबर सामने आई। चौंकाने वाली बात यह है कि उन्हें अमेरिका में यूके का राजदूत बनाने का फैसला खुद प्रधानमंत्री Keir Starmer ने किया था।
लेबर पार्टी में हड़कंप
खुलासे के बाद सत्तारूढ़ लेबर पार्टी में हड़कंप मच गया। प्रधानमंत्री के चीफ ऑफ स्टाफ मार्गन मैक्सवेनी ने जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कम्युनिकेशन डायरेक्टर टीम एलन ने भी पद छोड़ दिया।
अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या अगला इस्तीफा खुद स्टारमर का होगा? पिछले पांच साल में ब्रिटेन पांच प्रधानमंत्री देख चुका है। क्या अब छठा नाम जुड़ने वाला है?
Shabana Mahmood पर नजरें
इसी उथल-पुथल के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में नाम है Shabana Mahmood का। अगर स्टारमर पद छोड़ते हैं, तो लेबर पार्टी को नया नेता चुनना होगा और इस रेस में शबाना को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
यदि वह प्रधानमंत्री बनती हैं, तो वह ब्रिटेन की पहली मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री होंगी—जो इतिहास में दर्ज होने वाला क्षण होगा।
कौन हैं शबाना महमूद
45 वर्षीय शबाना बर्मिंघम लेडीवुड सीट से सांसद हैं। 1980 में बर्मिंघम में जन्मीं शबाना का परिवार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मीरपुर से जुड़ा है, लेकिन उनका पालन-पोषण ब्रिटेन में हुआ।
उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिंकन कॉलेज से कानून की पढ़ाई की और बाद में बैरिस्टर बनीं। 2010 में वह ब्रिटिश संसद पहुंचने वाली पहली मुस्लिम महिला सांसद बनीं।
न्याय मंत्री के रूप में उन्होंने जेल सुधार और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर काम किया। 2025 में होम सेक्रेटरी बनने के बाद उन्होंने इमिग्रेशन पर सख्त रुख अपनाया—बॉर्डर कंट्रोल मजबूत किया और स्थायी निवास के लिए योग्यता अवधि पांच से बढ़ाकर दस साल की।
रेस में और कौन
हालांकि शबाना अकेली दावेदार नहीं हैं। एंजेला रेनर, वेस स्ट्रीटिंग, एड मिलिबैंड और एंडी बर्नहम जैसे नाम भी चर्चा में हैं। सभी की अपनी राजनीतिक पकड़ और अनुभव है।
लेबर पार्टी के भीतर असंतोष और गिरती अप्रूवल रेटिंग ने नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या स्टारमर देंगे इस्तीफा?
फिलहाल स्टारमर ने इस्तीफे का कोई संकेत नहीं दिया है। लेकिन एपस्टीन फाइल्स का साया अभी खत्म नहीं हुआ है। पार्टी के भीतर की हलचल और विपक्ष के हमलों ने दबाव जरूर बढ़ा दिया है।
लंदन की सियासत में एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर जल्द नया चेहरा दिखेगा?
विश्लेषण: ब्रिटेन की राजनीति का नया मोड़
एपस्टीन फाइल्स का असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। इसका प्रभाव अब ब्रिटेन की सत्ता पर भी दिखाई दे रहा है।
अगर नेतृत्व परिवर्तन होता है तो यह लेबर पार्टी की दिशा और ब्रिटेन की विदेश नीति—दोनों पर असर डाल सकता है। शबाना महमूद का उभार ब्रिटिश राजनीति में विविधता और नए दौर की शुरुआत का संकेत भी हो सकता है।
आने वाले दिन निर्णायक होंगे। फिलहाल नजरें स्टारमर के अगले कदम और लेबर पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर टिकी हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- एपस्टीन फाइल्स के खुलासे से ब्रिटेन की राजनीति में हलचल।
- पीटर मेंडेलसन के नाम से विवाद, लेबर पार्टी में इस्तीफे।
- कीर स्टारमर पर दबाव, लेकिन अभी इस्तीफे का संकेत नहीं।
- शबाना महमूद मजबूत दावेदार; बन सकती हैं पहली मुस्लिम महिला पीएम।








