Punjab Police Anti-Gangster Operation: पंजाब की धरती को अपराधियों और नशा तस्करों से मुक्त कराने के लिए चल रही निर्णायक जंग अब अपने चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के सख्त निर्देशों के बाद पंजाब पुलिस ने शनिवार (7 फरवरी) को राज्य भर में एक ऐसा ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाया, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया है। ‘गैंगस्टरों पर वार’ मुहिम के 19वें दिन पुलिस ने एक साथ 584 ठिकानों पर धावा बोलकर 180 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
584 ठिकानों पर एक साथ रेड
पुलिस महानिदेशक (DGP) Gaurav Yadav की अगुवाई में शुरू हुई इस मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जिला पुलिस की टीमों ने तालमेल के साथ काम किया। पुलिस के पास गैंगस्टरों के साथियों और उनके ठिकानों की पुख्ता जानकारी थी।
शनिवार को पुलिस ने मैप किए गए 584 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 180 लोगों को दो हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, पुलिस ने 112 लोगों के खिलाफ एहतियाती (Preventive) कार्रवाई की है, जबकि 266 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। इस ऑपरेशन की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने 11 घोषित भगोड़े अपराधियों (PO) को भी दबोच लिया है।
हेल्पलाइन नंबर जारी: गुप्त रहेगी पहचान
पुलिस ने आम जनता से भी इस जंग में साथ देने की अपील की है। विभाग ने एक विशेष एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर—93946-93946 जारी किया है।
अगर आपके पास किसी भी गैंगस्टर या अपराधी के बारे में कोई जानकारी है, तो आप इस नंबर पर बेझिझक कॉल कर सकते हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
नशे के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
सिर्फ गैंगस्टर ही नहीं, नशा तस्करों पर भी पुलिस का कहर टूटा है। ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ (War Against Drugs) मुहिम के 343वें दिन पुलिस ने 95 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
इन तस्करों के पास से 12.3 किलो हेरोइन, 160 किलो चूरा पोस्त, 321 नशीली गोलियां/कैप्सूल और ड्रग मनी बरामद की गई है। पुलिस ने सिर्फ डंडा ही नहीं चलाया, बल्कि मानवीय पहलू दिखाते हुए 29 लोगों को नशा छोड़ने और इलाज करवाने के लिए भी राजी किया है।
हजारों अपराधी सलाखों के पीछे
आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि पंजाब पुलिस किस रफ्तार से काम कर रही है। ‘गैंगस्टरों पर वार’ मुहिम शुरू होने से अब तक कुल 5,290 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं, नशे के खिलाफ चल रही जंग के 343 दिनों में अब तक रिकॉर्ड 48,096 नशा तस्कर पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
आम जनता पर असर (Human Impact)
पुलिस की इस तरह की ताबड़तोड़ कार्रवाई से आम आदमी के मन में सुरक्षा का भाव पैदा होता है। जब गली-मोहल्लों से नशा तस्कर और गुंडे हटाए जाते हैं, तो परिवार, खासकर महिलाएं और बच्चे, खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। यह मुहिम पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को सुधारने में अहम भूमिका निभा रही है।
‘जानें पूरा मामला’
पंजाब सरकार ने राज्य को अपराध मुक्त बनाने के लिए दो बड़ी मुहिमें चलाई हुई हैं—’गैंगस्टरों पर वार’ और ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’। 20 जनवरी 2026 को डीजीपी गौरव यादव ने गैंगस्टरों के खिलाफ निर्णायक युद्ध की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य संगठित अपराध की कमर तोड़ना है। वहीं, नशा विरोधी अभियान पिछले एक साल से चल रहा है, जिसका मकसद पंजाब की जवानी को नशे के दलदल से बाहर निकालना है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
छापेमारी: 584 ठिकानों पर रेड, 180 संदिग्ध गिरफ्तार।
नशा बरामदगी: 12.3 किलो हेरोइन और 160 किलो चूरा पोस्त जब्त।
कुल गिरफ्तारियां: अब तक 5,290 गैंगस्टर और 48,096 नशा तस्कर अरेस्ट।
हेल्पलाइन: सूचना देने के लिए 93946-93946 नंबर जारी।
एक्शन: 112 लोगों पर प्रिवेंटिव एक्शन, 11 भगोड़े गिरफ्तार।








