Gold-Silver Rate पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए चांदी ने बीते कई दिनों में जोरदार झटका दिया है। लगातार तेजी के बाद अचानक आई गिरावट ने बाजार की धारणा ही बदल दी है। 30 जनवरी को MCX पर 1 किलो चांदी का भाव करीब 4 लाख रुपये से फिसलकर 2.90 लाख रुपये प्रति किलो तक आ गया, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
इस गिरावट के बाद भी चांदी में कमजोरी बनी हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि चांदी अब और कितना गिरेगी और क्या दोबारा तेजी लौटेगी।
तेजी के बाद अचानक आई बड़ी गिरावट
इस साल की शुरुआत में चांदी ने तूफानी तेजी दिखाई थी। दाम तेजी से ऊपर चढ़े और निवेशकों में उत्साह बढ़ा। लेकिन इसी तेजी को देखते हुए कई कमोडिटी एक्सपर्ट पहले ही सतर्क कर रहे थे कि इतनी तेज चाल के बाद बड़ी गिरावट आ सकती है।
30 जनवरी को यही आशंका सच साबित हुई, जब एक ही दिन में चांदी का भाव 4 लाख रुपये प्रति किलो से गिरकर 2.90 लाख रुपये रह गया। इसके बाद से रोजाना गिरावट का सिलसिला जारी है।
एक्सपर्ट की चेतावनी पहले ही आ चुकी थी
कमोडिटी एक्सपर्ट Ajay Kedia ने साल की शुरुआत में ही निवेशकों को आगाह किया था। उनका कहना था कि चांदी में आई तेज उछाल टिकाऊ नहीं है और इसमें करेक्शन आ सकता है।
इसी के साथ उन्होंने सीधे चांदी खरीदने के बजाय ETF या सिल्वर म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश करने की सलाह भी दी थी, ताकि जोखिम को कम किया जा सके।
अब कितना नीचे जा सकती है चांदी
अजय केड़िया के मुताबिक चांदी के लिए पहला बड़ा सपोर्ट करीब 70 डॉलर प्रति औंस के आसपास बताया गया है, जो भारतीय बाजार में लगभग 2.26 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर के करीब बैठता है।
इसके बाद अगला मजबूत सपोर्ट 56 डॉलर प्रति औंस का बताया गया है, जो भारतीय कीमतों में करीब 1.80 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास माना जा रहा है। एक्सपर्ट का मानना है कि चांदी इससे नीचे जाने की संभावना कम है।
ऊपर जाने में कहां अटकेगी कीमत
गिरावट के साथ-साथ निवेशकों की नजर इस बात पर भी है कि चांदी दोबारा चढ़ेगी तो कहां तक जा सकती है। अजय केड़िया के मुताबिक चांदी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस 3 लाख रुपये प्रति किलो का है।
सरल शब्दों में कहा जाए तो मौजूदा हालात में चांदी का भाव 3 लाख रुपये प्रति किलो से ऊपर निकलना मुश्किल माना जा रहा है। यानी तेजी आएगी भी, तो वह सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
निवेशकों पर क्या असर
चांदी में आई इस तेज गिरावट से छोटे निवेशक सबसे ज्यादा परेशान हैं। जिन्होंने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी, वे अब नुकसान में हैं। एक्सपर्ट मानते हैं कि ऐसे समय में जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय धैर्य रखना और जोखिम को समझकर ही निवेश करना जरूरी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- MCX पर 30 जनवरी को चांदी 4 लाख से गिरकर 2.90 लाख रुपये प्रति किलो हुई
- लगातार गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी
- एक्सपर्ट के मुताबिक 2.26 लाख और 1.80 लाख रुपये के आसपास सपोर्ट
- 3 लाख रुपये प्रति किलो के ऊपर जाना फिलहाल मुश्किल








