Korean Game Task – गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। तीन नाबालिग बहनों ने अपनी ही बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। 12, 14 और 16 साल की इन बहनों की मौत के पीछे एक ऑनलाइन Korean Game का हाथ बताया जा रहा है, जिसमें 50 दिन में 50 टास्क दिए जाते हैं और आखिरी टास्क होता है खुद की जान देना।
3 से 4 फरवरी की दरमियानी रात करीब 2:15 बजे टीला मोड़ थाना क्षेत्र में स्थित भारत सिटी सोसाइटी के टावर B1 के फ्लैट नंबर 907 से यह दर्दनाक खबर आई। पुलिस को PCR कॉल के जरिए सूचना मिली कि तीन बच्चियों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर जान दे दी है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि तीनों बहनों के शव एक लाइन में पड़े हुए हैं। उनके सिर और मुंह से खून रिस रहा था।
मां खुद को चप्पल से पीट रही थी
जब पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि शवों के बगल में बैठी मां खुद को चप्पल से पीट रही थी। परिवार की चीख-पुकार से पूरी सोसाइटी में कोहराम मच गया। तीनों बच्चियों को तुरंत 108 एंबुलेंस के जरिए 50 सैया अस्पताल लोनी भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतक बच्चियों की पहचान निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों चेतन कुमार की बेटियां थीं, जो भारत सिटी सोसाइटी की नौवीं मंजिल पर रहते थे।
कमरे से मिला सुसाइड नोट और डायरी
पुलिस ने बच्चियों के कमरे की तलाशी ली तो कई चौंकाने वाली चीजें सामने आईं। कमरे से एक सुसाइड नोट मिला जिसमें लिखा था, “हम कोरियन गेम नहीं छोड़ सकते। मम्मी पापा सॉरी हम जा रहे हैं।” एक और कागज मिला जिसमें लिखा था, “इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है वो सब पढ़ लो क्योंकि यह सब सच है। रीड नाउ आई एम रियली सॉरी सॉरी पापा।” इसके साथ रोने वाला एक इमोजी भी बना हुआ था।
शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों बहनें एक खतरनाक ऑनलाइन Korean Game की आदी हो गई थीं। इस गेम में 50 दिन में 50 टास्क दिए जाते हैं और आखिरी टास्क होता है खुद की जान देना। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 14 साल की बीच वाली बच्ची प्राची इस गेम में लीडर थी। गेम के सारे नियम फॉलो हो रहे हैं या नहीं, यह सुनिश्चित करना उसी का काम था।
सबसे छोटी बच्ची ने मां को चूमकर कहा था – मैं जा रही हूं
आज तक से बातचीत में बच्चियों के पिता चेतन कुमार ने दिल दहला देने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जान देने से पहले सबसे छोटी बच्ची पाखी रात में मां के पास आई थी। उसने मां को चूमकर कहा था, “मैं जा रही हूं।” लेकिन परिवार के किसी भी सदस्य को अंदाजा नहीं था कि तीनों बहनें क्या करने वाली हैं। बच्चों के गेम एडिक्शन के बारे में भी उनके पेरेंट्स को बिल्कुल नहीं पता था।
पिता ने दुख भरे शब्दों में कहा, “किसी की एक औलाद चली जाती है तो जीना मुश्किल हो जाता है। हमारी तो तीन-तीन बेटियां चली गई।”
कोरोना के बाद बिगड़ी थी आर्थिक स्थिति
रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी के बाद से परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसी वजह से पिछले दो सालों से तीनों लड़कियां स्कूल भी नहीं जा रही थीं। घर पर रहकर बच्चियां मोबाइल फोन और लैपटॉप पर ज्यादातर समय बिताती थीं। इसी दौरान वे इस खतरनाक Korean Game की चपेट में आ गईं।
पड़ोसी ने बताया पूरा वाकया
भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाले पड़ोसी राहुल कुमार झा ने इंडिया टुडे से जुड़े हिमांशु मिश्रा को बताया, “रात करीब 2:00 बजे मेरे पास सिक्योरिटी इंचार्ज का कॉल आया कि सर ऐसी-ऐसी घटना हो गई है। तीन बच्चियों ने B1 97 फ्लैट से कूदकर जान दे दी। तुरंत हम लोगों ने लोकल पुलिस स्टेशन टीला मोड़ को कॉल किया और 112 पर भी कॉल किया।”
राहुल ने आगे बताया, “मौके पर एसीपी साहब, चौकी इंचार्ज और एसएओ साहब भी पहुंचे। उन्होंने प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दी। प्रथम दृष्टि में हमें यही पता चल रहा है कि कोई कोरियन गेम करके है। उसी कोरियन गेम में शायद उन लोगों को टास्क दिया गया था। यह लास्ट स्टेज का टास्क था। कुल 50 टास्क दिए जाते हैं और यह आखिरी टास्क था।”
परिवार की जटिल पारिवारिक स्थिति
इंडिया टुडे से जुड़े हिमांशु मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक बच्चियों के पिता चेतन कुमार ने दो शादियां की हैं। दोनों पत्नियां सगी बहनें हैं। पहली पत्नी से कोई बच्चा नहीं हो रहा था, इसीलिए उन्होंने पत्नी की छोटी बहन यानी अपनी साली से शादी कर ली थी। दूसरी पत्नी से तीन बच्चे हुए और इसी दौरान पहली पत्नी से भी दो बच्चे हो गए।
जिन तीन बहनों ने जान दी है, उनमें से दो बहनें निशिका और पाखी सगी बहनें हैं और वह दूसरी पत्नी की हैं, जबकि एक बेटी प्राची पहली पत्नी से है। दोनों पत्नियां और पांचों बच्चे एक साथ नौवीं मंजिल के फ्लैट में रहते थे।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले पर एसीपी अतुल कुमार का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया, “रात के करीब 2:15 पर PRB द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि थाना टीला मोड़ स्थित भारत सिटी में टावर B1 फ्लैट नंबर 907 की नौवीं मंजिल की बालकनी से तीन बच्चियों के कूदने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर जांच की गई तो तीन बच्चियां क्रमशः निशिका उम्र लगभग 16 वर्ष, प्राची उम्र लगभग 14 वर्ष, पाखी उम्र लगभग 12 वर्ष की भूतल पर गिरने के कारण मृत्यु हो गई है।”
एसीपी ने आगे कहा, “आगे की जांच चल रही है। बच्चों की क्या मनोस्थिति थी, इसकी भी जांच चल रही है।” पुलिस बच्चियों के फोन और लैपटॉप की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस गेम में शामिल थीं और उन्हें कौन से टास्क दिए गए थे।
पेरेंट्स के लिए चेतावनी
यह घटना पेरेंट्स के लिए एक बड़ी चेतावनी है। बच्चे फोन या लैपटॉप पर क्या देख रहे हैं, क्या सीख रहे हैं और किस तरह के गेम खेल रहे हैं, इस पर नजर रखना बेहद जरूरी है। खासकर ऑनलाइन गेमिंग की लत बच्चों को कहां तक ले जा सकती है, यह इस घटना से साफ हो गया है।
Korean Game जैसे खतरनाक ऑनलाइन चैलेंज दुनियाभर में कई मौतों का कारण बन चुके हैं। इन गेम्स में बच्चों को धीरे-धीरे मानसिक रूप से तोड़ा जाता है और आखिर में उन्हें आत्महत्या करने के लिए प्रेरित किया जाता है। पेरेंट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर पूरी नजर रखें और उनसे खुलकर बात करें।
मुख्य बातें (Key Points)
- गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी
- मृतक बच्चियों की उम्र 12, 14 और 16 साल थी, जो Korean Game Task की आदी थीं
- कमरे से सुसाइड नोट मिला जिसमें लिखा था “हम कोरियन गेम नहीं छोड़ सकते”
- इस गेम में 50 दिन में 50 टास्क दिए जाते हैं और आखिरी टास्क होता है खुद की जान देना
- कोरोना के बाद आर्थिक तंगी के कारण बच्चियां पिछले दो सालों से स्कूल नहीं जा रही थीं
- पुलिस ने जांच शुरू की है और बच्चियों के फोन व लैपटॉप की फोरेंसिक जांच चल रही है








