UP Weather Alert IMD : उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 30 से अधिक जिलों के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। 1 फरवरी से जारी बारिश का सिलसिला अब और खतरनाक रूप लेने की ओर बढ़ रहा है, जिससे प्रदेश में हालात बिगड़ने लगे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 4 फरवरी तक कई जिलों में छिटपुट बारिश के साथ-साथ मेघगर्जन और वज्रपात की प्रबल संभावना है। इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
30 से अधिक जिलों में वज्रपात का खतरा
भारतीय मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के 30 से ज्यादा जिलों में 2 फरवरी से ही मेघगर्जन के साथ वज्रपात की आशंका है। यह चेतावनी 4 फरवरी तक प्रभावी रहेगी।
जिन जिलों में गरज-चमक के साथ भारी वज्रपात हो सकता है, उनमें सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर और अमरोहा शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
10 जिलों में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा
मौसम विभाग ने बताया है कि 10 जिलों में झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इन हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है।
अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं का असर देखा जा सकता है। ऐसे में कच्चे मकानों, पेड़-पौधों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
महाराजगंज और सीमावर्ती इलाकों में कड़ाके की ठंड
जहां एक ओर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और वज्रपात का खतरा मंडरा रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के कुछ सीमावर्ती जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों में ज्यादा ठंड पड़ेगी। ये क्षेत्र नेपाल सीमा के करीब हैं, जहां ठंडी हवाओं का प्रवाह अधिक रहता है।
पश्चिमी विक्षोभ है मौसम बदलाव की वजह
मौसम वैज्ञानिकों ने इस अचानक मौसम परिवर्तन के पीछे का कारण स्पष्ट किया है। उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर मध्य क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह सब हो रहा है।
बीती रात से ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश शुरू हो गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के मध्यवर्ती और पूर्वी हिस्सों में भी पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 4 फरवरी तक जारी रह सकता है।
हवा में बदलाव से कोहरे में आई कमी
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवा की दिशा और गति में भी परिवर्तन हो रहा है। वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ने से कोहरे की घनी परत में कमी आई है।
यह बदलाव उन लोगों के लिए राहत की खबर है जो पिछले कई हफ्तों से घने कोहरे के कारण यातायात और दैनिक गतिविधियों में परेशानी झेल रहे थे। हालांकि, अब बारिश और वज्रपात ने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
दिन के तापमान में हुई बढ़ोतरी
प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी लखनऊ का तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रहा।
यह तापमान फरवरी के महीने के लिए सामान्य से अधिक है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी पश्चिमी विक्षोभ से आ रही गर्म हवाओं के कारण हो रही है।
न्यूनतम तापमान में भी होगी 3 से 6 डिग्री की बढ़त
मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
यह बदलाव रात के समय ठंड से कुछ राहत दिला सकता है। हालांकि, 4 फरवरी से बारिश का दौर थमने के बाद तापमान में फिर से थोड़ी गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश और ठंडी हवाओं का प्रकोप
उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर का भी यही हाल है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ठंडी हवाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं और अब तो हवा के साथ-साथ बारिश भी हो रही है।
इस मौसम की मार से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे ठंड की तीव्रता और बढ़ गई है।
दिल्ली में बारिश का दौर जारी रहेगा
मौसम विभाग का कहना है कि राजधानी दिल्ली में भी आने वाले समय में बारिश का दौर जारी रहेगा। हालांकि, फरवरी के मध्य तक थोड़ी ठंड से राहत मिल सकती है।
दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। यह स्थिति आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।
लोगों को परेशानियों का सामना
इस बदलते मौसम के कारण लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह-शाम की ठंड के साथ-साथ अचानक बारिश होने से दैनिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं।
किसानों को भी चिंता है क्योंकि रबी की फसल के लिए यह मौसम नुकसानदेह हो सकता है। वज्रपात से फसलों को सीधा नुकसान पहुंचने की आशंका है। खुले में काम करने वाले मजदूरों और दिहाड़ी श्रमिकों की कमाई भी प्रभावित हो रही है।
सड़कों पर यातायात व्यवस्था पर असर
बारिश और कोहरे के कारण सड़कों पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। गीली सड़कों पर वाहनों की गति धीमी हो जाती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहनों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वाले लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली की आपूर्ति में व्यवधान की आशंका
तेज हवाओं और वज्रपात के कारण कई इलाकों में बिजली के तारों और खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे बिजली की आपूर्ति में व्यवधान आने की आशंका है।
ग्रामीण इलाकों में यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है, जहां बिजली की व्यवस्था पहले से ही कमजोर है। बिजली विभाग को आपातकालीन तैयारियों में जुट जाना चाहिए।
कृषि क्षेत्र पर असर
रबी की फसल के लिए यह मौसम चिंताजनक है। गेहूं, जौ, चना और सरसों जैसी फसलें इस समय महत्वपूर्ण अवस्था में हैं। अचानक बारिश और वज्रपात से फसलों को नुकसान हो सकता है।
किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। खुले में रखे अनाज को ढक दें और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां
मौसम में अचानक बदलाव से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ने की आशंका है।
बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गर्म कपड़े पहनें और बारिश में भीगने से बचें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लें।
मौसम विभाग की सलाह
भारतीय मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले में न निकलें, खासकर जब आसमान में बादल गरज रहे हों। पेड़ों के नीचे खड़े न हों और ऊंची इमारतों या धातु की संरचनाओं से दूर रहें।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और फसलों की देखभाल करें। आम लोगों को भी घर के अंदर रहने और जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की तैयारियां
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दल तैयार रखे गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मौसम से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए तैयार रहें। अस्पतालों में जरूरी दवाओं और उपकरणों का स्टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है।
फरवरी मध्य तक मिल सकती है राहत
मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसमी उथल-पुथल अस्थायी है। फरवरी के मध्य तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है और ठंड से कुछ राहत मिल सकती है।
हालांकि, तब तक लोगों को सावधानी बरतनी होगी और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना होगा। अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण हैं और सभी को सतर्क रहना चाहिए।
जानें पूरा मामला
देश में मौसम लगातार करवट ले रहा है। कभी धूप खिल रही है तो कभी बारिश हो रही है। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक मौसम का यही मिजाज बना हुआ है। 1 फरवरी से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे उत्तर प्रदेश में अब हालात बिगड़ने लगे हैं। इसी को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 30 जिलों के लिए भयंकर मौसम चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह मौसम परिवर्तन हो रहा है और 4 फरवरी तक यह स्थिति बनी रह सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
• भारतीय मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में 4 फरवरी तक मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है
• 10 जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है
• उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह मौसम परिवर्तन हो रहा है और 4 फरवरी तक जारी रह सकता है
• अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभावित है, लेकिन बारिश थमने के बाद फिर गिरावट आ सकती है








