Punjab Revenue Minister Meeting : पंजाब की मान सरकार ने एक बार फिर अपने कर्मचारियों और विभिन्न वर्गों की आवाज़ सुनने का सिलसिला जारी रखा है। राजस्व एवं आवास निर्माण व शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आज चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में कई यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ लंबी बैठकें कीं और उनकी हर जायज़ मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया।
इन बैठकों में रेवेन्यू पटवार यूनियन, कानूनगो यूनियन, साझा मुलाज़म मंच पुड्डा और ऑल इंडिया अतिवाद पीड़ित एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। कैबिनेट मंत्री ने न केवल उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना की भी बात की।
मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व में सबके कल्याण की प्रतिबद्धता
कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बयान उस समय आया है जब राज्य में विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर सरकार से संवाद की मांग कर रहे थे।
राजस्व मंत्री ने विभिन्न एसोसिएशनों और यूनियनों द्वारा रखी गई हर मांग को बेहद गंभीरता से सुना। उनका यह रवैया दर्शाता है कि सरकार अपने कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं कर रही है।
प्राथमिकता के आधार पर होगा समाधान
बैठक के दौरान मंत्री मुंडियां ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि जो मांगें विभागीय स्तर पर हल हो सकती हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाएगा। यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है जो लंबे समय से अपनी छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान चाहते थे।
वहीं जो मांगें मुख्यमंत्री या वित्त विभाग के स्तर पर हल होनी हैं, उन्हें पूरा करने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के साथ विशेष बैठक की जाएगी। इस तरह की व्यवस्था से यह साफ होता है कि सरकार समस्याओं को टालने की बजाय उनका स्थायी समाधान ढूंढने पर जोर दे रही है।
अच्छे प्रदर्शन वाले पटवारी-कानूनगो होंगे सम्मानित
राजस्व मंत्री ने पटवारी और कानूनगो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान एक नई पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अपनी ड्यूटी निभाते हुए अच्छा प्रदर्शन करने वाले पटवारियों और कानूनगोओं को सरकार द्वारा सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा।
यह पहल उन ईमानदार कर्मचारियों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगी जो रोजाना जमीनी स्तर पर जाकर लोगों की सेवा करते हैं। पटवारी और कानूनगो राजस्व विभाग की रीढ़ माने जाते हैं क्योंकि जमीन से जुड़े अधिकतर काम इन्हीं के माध्यम से होते हैं।
लगन और ईमानदारी से काम करने की अपील
कैबिनेट मंत्री ने सभी कर्मचारियों से खुलकर अपील की कि वे अपना काम पूरी लगन, ईमानदारी और जिम्मेदारी से करें। उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाते हैं, तो इससे न केवल सरकारी तंत्र मजबूत होता है बल्कि आम जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलती हैं।
यह अपील ऐसे समय में की गई है जब कई जगहों पर राजस्व विभाग के कामकाज में देरी और भ्रष्टाचार की शिकायतें आती रहती हैं। मंत्री का यह संदेश साफ है कि सरकार ईमानदार कर्मचारियों का सम्मान करेगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना का मामला
साझा मुलाज़म मंच, पुड्डा मोहाली के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए कैबिनेट मंत्री ने एक महत्वपूर्ण आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को पेंशन स्कीम का लाभ देने के मामले को जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
यह मुद्दा कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बेहद संवेदनशील है। जिन लोगों ने अपनी पूरी जिंदगी सरकारी सेवा में लगा दी, उनकी बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए पेंशन योजना जरूरी है। मंत्री मुंडियां ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का वादा करके इन कर्मचारियों को राहत दी है।
आतंकवाद पीड़ित परिवारों की सहायता सरकार की प्राथमिकता
ऑल इंडिया अतिवाद पीड़ित एसोसिएशन के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई मांगों के बारे में कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बेहद संवेदनशील रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से प्रभावित परिवारों की सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास पंजाब सरकार की प्राथमिकता है।
पंजाब ने आतंकवाद का कड़वा दौर देखा है। 1980 और 1990 के दशक में हजारों परिवार आतंकवाद की भेंट चढ़ गए। इन परिवारों का दर्द आज भी बरकरार है और वे सरकार से न्याय व सहायता की मांग करते रहते हैं।
संबंधित विभागों के साथ समन्वय का भरोसा
मंत्री मुंडियां ने आतंकवाद पीड़ित एसोसिएशन को भरोसा दिलाया कि उनकी जायज़ मांगों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन परिवारों के समाधान के लिए हर संभव और उचित कदम उठाए जाएंगे।
यह आश्वासन उन परिवारों के लिए एक किरण की तरह है जो दशकों से न्याय के इंतजार में हैं। कई बार ऐसे परिवारों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। मंत्री का यह कहना कि विभागों के बीच समन्वय बनाया जाएगा, एक सकारात्मक संकेत है।
मीटिंग में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त आयुक्त (राजस्व) अनुराग वर्मा और आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव विकास गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इन अधिकारियों की मौजूदगी से यह साफ होता है कि सरकार इन मुद्दों को गंभीरता से ले रही है।
जब मंत्री स्तर पर ऐसी बैठकें होती हैं और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहते हैं, तो निर्णयों को जमीन पर उतारना आसान हो जाता है। अधिकारियों की प्रत्यक्ष जानकारी से मुद्दों को बेहतर तरीके से समझा और हल किया जा सकता है।
मैराथन बैठकों का महत्व
पंजाब भवन में आयोजित ये मैराथन बैठकें सरकार की संवाद की नीति को दर्शाती हैं। मैराथन बैठक का मतलब है कि मंत्री ने पर्याप्त समय निकालकर हर यूनियन की बात सुनी और उन पर विचार किया। यह दिखावे की बैठकें नहीं थीं बल्कि गंभीर चर्चा के मंच थे।
जब सरकार अपने कर्मचारियों और विभिन्न वर्गों के साथ खुला संवाद रखती है, तो समस्याओं का समाधान आसान हो जाता है। बंद दरवाजों की नीति से असंतोष बढ़ता है, जबकि संवाद से भरोसा पैदा होता है।
चार प्रमुख यूनियनों के मुद्दे
इस बार जो चार यूनियनें बैठक में शामिल हुईं, वे सभी अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं। रेवेन्यू पटवार यूनियन राजस्व विभाग के फील्ड कर्मचारियों की आवाज़ है। कानूनगो यूनियन भी इसी विभाग की एक महत्वपूर्ण इकाई है।
साझा मुलाज़म मंच पुड्डा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अधिकारों के ल्िए लड़ता है। और ऑल इंडिया अतिवाद पीड़ित एसोसिएशन उन परिवारों का प्रतिनिधित्व करती है जिन्होंने आतंकवाद में अपने प्रियजनों को खोया है। इन सभी वर्गों की समस्याओं पर एक साथ चर्चा करना सरकार की व्यापक सोच को दर्शाता है।
विभागीय स्तर पर तत्काल समाधान
कैबिनेट मंत्री ने जो सबसे महत्वपूर्ण बात कही, वह यह थी कि विभागीय स्तर पर हल होने वाली समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि छोटी-छोटी समस्याएं भी लालफीताशाही में फंसकर महीनों और सालों तक लटकी रहती हैं।
जब मंत्री स्तर पर यह निर्देश मिलता है कि विभागीय मामलों को तुरंत निपटाया जाए, तो अधिकारियों पर जवाबदेही तय हो जाती है। यह व्यवस्था कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आएगी।
उच्च स्तरीय बैठकों की योजना
जो मांगें मुख्यमंत्री या वित्त विभाग के स्तर पर हल होनी हैं, उनके लिए उच्च स्तरीय बैठकों की योजना बनाई गई है। यह दर्शाता है कि मंत्री केवल आश्वासन नहीं दे रहे, बल्कि एक स्पष्ट रोडमैप तैयार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के साथ बैठक का मतलब है कि बड़े वित्तीय निहितार्थ वाले मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा। कई बार कर्मचारी संगठनों की मांगें इसलिए अटकी रहती हैं क्योंकि उनमें बजट का सवाल होता है। अब इस मोर्चे पर भी प्रगति की उम्मीद है।
जनता के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला
आम लोगों के नजरिए से देखें तो यह फैसला बेहद अहम है। जब राजस्व विभाग के कर्मचारी संतुष्ट होंगे और अच्छे प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा, तो जमीन-जायदाद से जुड़े काम तेजी से होंगे।
पटवारी और कानूनगो के दफ्तरों में आम आदमी को जाना पड़ता है। अगर ये कर्मचारी खुश और प्रेरित होंगे, तो भ्रष्टाचार कम होगा और काम समय पर होगा। यही सुशासन का असली मतलब है।
पंजाब सरकार का कर्मचारी-केंद्रित दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने शुरू से ही कर्मचारियों के कल्याण पर जोर दिया है। कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां की यह पहल उसी दिशा में एक और कदम है।
जब सरकार अपने कर्मचारियों को साथ लेकर चलती है, तो प्रशासनिक मशीनरी सुचारू रूप से काम करती है। हड़तालें और धरने कम होते हैं, और विकास कार्यों में तेजी आती है।
जानें पूरा मामला
पंजाब में विभिन्न कर्मचारी यूनियनें लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के पास जा रही थीं। पटवारी और कानूनगो वेतन वृद्धि, पदोन्नति और काम की स्थितियों में सुधार की मांग कर रहे थे। सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन योजना के दायरे में आने की मांग कर रहे थे। आतंकवाद पीड़ित परिवार मुआवजे, पुनर्वास और सुरक्षा की मांग कर रहे थे। राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने इन सभी वर्गों को एक साथ बुलाकर उनकी बात सुनी और समाधान का आश्वासन दिया। यह खबर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब द्वारा जारी की गई।
मुख्य बातें (Key Points)
• राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने चंडीगढ़ के पंजाब भवन में रेवेन्यू पटवार यूनियन, कानूनगो यूनियन, साझा मुलाज़म मंच पुड्डा और ऑल इंडिया अतिवाद पीड़ित एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ मैराथन बैठकें कीं
• विभागीय स्तर पर हल होने वाली मांगों को प्राथमिकता से जल्द निपटाने और बाकी मुद्दों पर मुख्यमंत्री तथा वित्त मंत्री के साथ बैठक करने का आश्वासन दिया गया
• अच्छे प्रदर्शन करने वाले पटवारियों और कानूनगोओं को सरकार द्वारा सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा
• सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन स्कीम देने और आतंकवाद पीड़ित परिवारों की सहायता के मामले को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर गंभीरता से उठाया जाएगा








